हॉट साली सेक्स कहानी मेरी अविवाहित साली की चूत चुदाई की है. मैंने अपने ससुराल में रात भर साली के साथ सेक्स किया. सर्दियों की रात में मेरा बहुत बढ़िया जुगाड़ चला.
रात के दस बजे के आसपास सबने रोटी-दाल खाकर चूल्हे की आग बुझा दी। अंकित अपनी चारपाई पर लेट चुका था।
पत्नी नौ महीने की गर्भवती होने के कारण अलग कमरे में सो रही थी। पास ही फर्श पर रूबिया भी लेटी हुई थी।
सिर दर्द की शिकायत करके वह अंकित के पास आ गई।
“जीजा जी, सिर दबा दो ना,” रूबिया ने आँखें मूँदते हुए कहा।
अंकित ने उसका सिर अपनी गोद में ले लिया और धीरे-धीरे माथे से लेकर कानों तक उँगलियाँ चलाने लगा।
कुछ देर में ही रूबिया की साँसें भारी हो गईं। अंकित को महसूस हुआ कि उसका लंड खड़ा हो चुका है और रूबिया की पीठ उससे छू रही है।
रूबिया ने कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुरा दी।
आधी रात के बाद रूबिया चुपके से अंकित की चादर के अंदर घुस गई। उसने अपनी नरम गांड अंकित के खड़े लंड पर दबा दी।
अंकित समझ गया कि अब कोई रोक-टोक नहीं रही। उसने रूबिया की कमीज के अंदर हाथ डालकर उसकी भारी-भरी छातियाँ दबानी शुरू कर दीं।
रूबिया की निप्पल्स कड़ी हो चुकी थीं। अंकित ने उसके गले पर होंठ रखे और धीरे-धीरे चूसने लगा।
रूबिया की साँसें तेज़ हो गईं। “जीजा जी… और जोर से दबाओ,” वह फुसफुसाई।
अंकित ने उसकी सलवार की नाड़ी खोल दी। अंदर हाथ डालते ही उसकी उँगलियाँ रूबिया की गीली चूत पर फिसल गईं।
रूबिया पहले से ही बह रही थी। अंकित ने उसकी चड्डी उतारकर फेंक दी और अपना लंड बाहर निकाल लिया।
छह इंच लंबा और तीन इंच मोटा लंड रूबिया की चूत के मुँह पर रगड़ने लगा।
“जीजा जी, अब और मत सताओ… अपना लंड मेरी चूत में घुसा दो,” रूबिया ने आँखें बंद करके कहा।
अंकित ने पूछा, “डाल दूँ?”
रूबिया ने सिर हिलाकर हाँ कर दिया। अंकित ने अपना लंड आधा अंदर डाला।
रूबिया के मुँह से एक तेज़ सिसकारी निकली, लेकिन अंकित ने तुरंत उसके होंठों पर अपना मुँह रख दिया। फिर एक जोरदार धक्का और पूरा लंड रूबिया की चूत में समा गया।
रूबिया ने अंकित के कान में फुसफुसाया, “मैं कुंवारी नहीं हूँ… दो बार पहले भी चुद चुकी हूँ।”
अंकित को यह सुनकर और जोश आ गया। वह मिशनरी पोजीशन में रूबिया के ऊपर चढ़ गया और जोर-जोर से चोदने लगा।
हर धक्के के साथ रूबिया की चूत से चिक-चिक की आवाज़ आ रही थी। दस मिनट बाद रूबिया का शरीर काँपने लगा।
उसकी चूत से पानी की तरह निकलने लगा और अंकित के लंड पर छलक पड़ा।
अंकित ने रूबिया को करवट दिलाई और पीछे से चोदना शुरू कर दिया। उसकी एक टाँग ऊपर उठाकर वह और गहराई तक पहुँच रहा था।
रूबिया की सिसकारियाँ अब जोर-जोर से निकल रही थीं। अंकित ने उसके बाल खींचे और गले पर काट लिया।
बीस मिनट बाद अंकित ने अपना लंड बाहर निकाला और रूबिया की मोटी गांड पर झड़ गया। गरम-गरम वीर्य रूबिया की पीठ और गांड पर फैल गया।
थोड़ी देर आराम करने के बाद दोनों फिर से चुदाई शुरू कर दी। इस बार अंकित ने रूबिया को घुटनों के बल बिठाया और पीछे से जोर-जोर से ठोकने लगा।
रूबिया की चूत फिर से गीली हो चुकी थी। अंकित ने उसकी छातियाँ दबाते हुए पूरे लंड को अंदर-बाहर किया।
सुबह होने से पहले दोनों अलग हो गए। अगले दिन भी अंकित रूबिया को चोदता रहा। रात को उन्होंने तीन बार सेक्स किया।
हर बार रूबिया अंकित से और जोर से चुदवाती रही।
अंकित ने रूबिया की चूत में भी झड़ने की कोशिश की, लेकिन रूबिया ने मना कर दिया।
आखिरी रात को अंकित ने रूबिया को दीवार से टिका कर चोदा। रूबिया की टाँगें अंकित की कमर में लिपटी हुई थीं। अंकित का लंड रूबिया की चूत में तेज़ी से आता-जाता रहा।
रूबिया ने अंकित के कान में कहा, “जीजा जी, तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… मेरी चूत फट रही है।”
अंकित ने जवाब दिया, “तुम्हारी चूत भी बहुत टाइट है… मेरा लंड अंदर फँस रहा है।”
दोनों की साँसें एक-दूसरे से टकरा रही थीं। अंकित ने रूबिया की जीभ चूस ली और जोर से चोदता रहा। रूबिया का शरीर बार-बार झटके खा रहा था।
आखिरकार अंकित ने रूबिया की गांड पर फिर से झड़कर उसे चूम लिया। रूबिया ने अंकित के लंड को हाथ से पकड़कर साफ किया।
अगली सुबह अंकित को जाना था। रूबिया ने आँसू रोकते हुए कहा, “जीजा जी, अगली बार फिर आना… और मुझे चोदना।”
अंकित ने वादा किया कि वह जल्दी आएगा।