नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम कार्तिक है। उम्र २८ साल, अभी तक शादी नहीं हुई। मैं हिमाचल प्रदेश में रहता हूँ।
जिंदगी में असली सेक्स कभी नहीं किया, बस इंटरनेट पर हिंदी सेक्स स्टोरी पढ़कर ही मन बहलाता रहा।
मेरे पड़ोसी दोस्त की शादी हुई। मैं दिल्ली में एग्जाम की वजह से शादी में नहीं जा सका। जब वापस आया तो दोस्त ने मुझे अपने घर बुलाया।
पहली बार उसकी नई बीवी किरण को देखा। क्या खूबसूरत औरत थी! गोरा रंग, भरे हुए स्तन, पतली कमर और गोल-गोल नितंब।
आवाज भी बेहद सेक्सी थी। वह मुझे बार-बार देख रही थी।
कुछ दिन बाद किरण हमारे घर कपड़े धोने आई। झुककर कपड़े मसल रही थी। उसकी ब्लाउज की चेन ढीली हो गई थी। दोनों स्तन बाहर झाँक रहे थे।
मैं देखता ही रह गया। किरण ने भी मुझे देखा, फिर जानबूझकर और झुक गई। स्तन और साफ दिखने लगे। ४४० वोल्ट का करंट मेरे शरीर में दौड़ गया।
ऐसे कई बार किरण ने मुझे अपने स्तन दिखाए। कभी आपत्ति नहीं की। एक दिन वह टीवी ठीक करवाने आई।
मैंने तार जोड़ दिया। बातें हुईं। उसने मेरा नंबर लिया। रात को व्हाट्सएप पर चैट शुरू हुई। पहले नॉन-वेज जोक्स, फिर सीधे सेक्स की बातें।
किरण ने बताया कि उसका पति बहुत कम चोदता है और जल्दी झड़ जाता है। हम एक महीने तक फोन सेक्स करते रहे।
मिलने की योजना बनाते रहे, पर मौका नहीं मिला।
अचानक पति दिल्ली गया। मैंने उसे बस स्टैंड तक छोड़ा। जैसे ही बस चली, मैं सीधे किरण के घर पहुँचा।
दरवाजा खुलते ही हम दोनों एक-दूसरे से चिपक गए। खड़े-खड़े जोरदार किस। मैंने उसे सोफे पर खींच लिया। दस मिनट तक मुंह से मुंह चूसते रहे।
मैंने उसका ब्लाउज और ब्रा उतार दी। भारी स्तन उछलकर बाहर आ गए। मैंने दोनों हाथों से दबाए, मुँह में लेकर चूसा।
किरण आहें भरने लगी, “आआह्ह… आआह्ह…”
सारी उतार दी। पैंटी गीली थी। उतारकर मैंने उसकी चूत चाटी। पहली बार किसी औरत की चूत का स्वाद लिया।
किरण बोली, “मेरा पति कभी ऐसा नहीं करता।”
उसने मेरी पैंट उतारी। मेरा मोटा और लंबा लंड देखकर चौंक गई। बोली, “तेरा लंड मेरे पति से भी मोटा है।”
हाथ से मसलने लगी, फिर मुँह में लेकर चूसने लगी।
मैंने उसे लिटाया। फिर से चूत चाटी। पैर फैलाए। किरण ने खुद अपनी चूत के होठ खोल दिए। मैंने लंड घिसा, चिढ़ाया।
वह बोली, “अब डाल दो, और मत सताओ।”
एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर घुसा। किरण चीख पड़ी, “आआह्ह… उफ़्फ़… जोर से चोदो!”
धीरे-धीरे चोदने लगा। वह बोली, “और जोर से, चूत फाड़ दो!” मैंने रफ्तार बढ़ा दी। सोफे पर जोर-जोर से धक्के मारने लगा।
१५-२० मिनट बाद डॉगी स्टाइल में कर दिया। किरण अपनी गांड हिला-हिलाकर चुद रही थी।
उसकी चूत से पानी निकल रहा था। वह झड़ गई।
मैंने फिर पीछे से एक ही झटके में लंड घुसा दिया। दोनों पसीने से तर हो चुके थे।
मैं उसके स्तन मसल रहा था। किरण फिर चीखी और झड़ गई।
अंत में मैंने पूछा, “कहाँ झड़ूँ?” उसने कहा, “अंदर, मेरी चूत में।”
मैंने जोर से धक्का मारा और गर्म-गर्म वीर्य उसकी चूत में भर दिया।
थोड़ी देर आराम किया। किरण ने फिर मेरा लंड मुँह में लिया। मुझे बाथरूम ले गई। साबुन लगाकर लंड धोया।
मैंने पूछा, “मजा आया?” उसने कहा, “बहुत।” फिर बोली, “अभी भी खड़ा है?” मैंने कहा, “अभी भूख नहीं लगी।”
बाथरूम में शावर के नीचे वह फिर घुटनों पर बैठ गई। लंड चूसने लगी।
मैंने उसके पैर फैलाए और खड़े-खड़े उसकी चूत चाटी। किरण झड़ गई। उसका पानी नमकीन था। हम दोनों जोर से चूमने लगे।
किरण बोली, “तुम बहुत अच्छे हो।” मैंने कहा, “तुम भी कमाल की हो।”
हमने तय किया कि अब हर बार बाथरूम में ही चोदेंगे।