नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राहुल है।
राहुल ने खुद को पेश किया और बताया कि कैसे उसने अपनी पत्नी सोनाली की सहेली खुशसर को पहले चोदा था। अब वह नई योजना बना रहा था।
सोनाली और राहुल की शादी को कई साल हो चुके थे और दोनों की सेक्स लाइफ बहुत एक्टिव थी।
सोनाली की सहेली खुशसर के साथ राहुल का रिश्ता पहले से ही था।
राहुल को मुंबई का बिजनेस टूर मिला। सोनाली ने उसके सूटकेस में कपड़े और जरूरी चीजें पैक कीं।
शाम छह बजे काम खत्म होने के बाद राहुल बार में जाकर ड्रिंक और खाना खाया
। तभी सोनाली का फोन आया। वह बहुत हॉर्नी थी और कह रही थी कि बिना चुदाई के रात कैसे कटेगी।
राहुल ने सुझाव दिया कि वह खुशसर को बुला ले और दोनों एक-दूसरे को उंगली डालकर मजे कर लें।
मुंबई में राहुल के दोस्त ने रात के लिए एक लड़की का इंतजाम कर दिया।
अगली सुबह राहुल नाशिक लौट आया और दोपहर तक ससुराल पहुंच गया। घर में सिर्फ सोनाली और उसकी बड़ी बहन कविता थीं।
कविता पांच फुट की थी और उसके स्तन छत्तीस इंच के थे।
लंच के बाद राहुल सोनाली को बेडरूम में ले गया। उसने सोनाली के कपड़े उतारे, उसके स्तनों को चूसा, फिर सोनाली ने उसके आठ इंच के लंड को मुंह में लिया।
उसके बाद राहुल ने सोनाली की टांगें ऊपर उठाकर जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।
दरवाजे के बाहर से कविता की आवाज आई कि वह बाजार जा रही है। सोनाली ने कहा कि वह आराम से घूम आए।
लेकिन कविता दरवाजे के पास रुक गई और झांकने लगी। वह एक हाथ से अपने स्तनों को दबा रही थी और दूसरे हाथ से अपनी चूत रगड़ रही थी।
राहुल ने सोनाली को और जोर से चोदना शुरू कर दिया। सोनाली जोर-जोर से चीख रही थी। राहुल ने खुलकर कहा कि वह कविता को भी चोदना चाहता है।
सोनाली ने कहा कि वह कविता को मना लेगी और रात को खुशसर को भी बुला लेंगे। चारों की ग्रुप सेक्स पार्टी हो जाएगी।
राहुल ने सोनाली की चूत से लंड निकाला और अपना सारा वीर्य सोनाली के मुंह में डाल दिया।
फिर उसने दरवाजे की तरफ अपना लंड हिलाया ताकि कविता अच्छे से देख ले। कविता चुपचाप चली गई।
रात के खाने में राहुल कविता के बगल में बैठा। उसने टेबल के नीचे कविता की जांघों को सहलाना शुरू कर दिया।
कविता चुपचाप विरोध कर रही थी लेकिन हाथ नहीं हटा पा रही थी। राहुल ने सोनाली से कहा कि वह रात की सेक्स प्लानिंग फाइनल कर ले।
खाने के बाद कविता का बेटा सो गया। सोनाली किचन में चली गई। राहुल ने कविता को पकड़ लिया और उसे गहरा किस किया। कविता ने भी जोश से जवाब दिया।
राहुल ने नाटक किया कि वह किसी रिश्तेदार के घर जा रहा है। असल में वह रात की तैयारी कर रहा था।
सोनाली कविता को समझा चुकी थी कि खुशसर और राहुल दोनों के साथ चुदाई करनी है।
रात के बारह बजे खुशसर आ गई। चारों लोग बेडरूम में इकट्ठा हुए। राहुल ने पहले सोनाली को नंगा किया।
फिर कविता के कपड़े उतारे। कविता के बड़े स्तन देखकर राहुल का लंड और सख्त हो गया। खुशसर ने राहुल के लंड को चूसा।
राहुल ने कविता को बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा। कविता चीख रही थी।
सोनाली और खुशसर एक-दूसरे की चूत चाट रही थीं। राहुल ने कविता की चूत में अपना लंड डाला और जोर-जोर से चोदने लगा।
कविता के स्तन हिल रहे थे। राहुल ने उन्हें जोर से दबाया। सोनाली ने कविता के मुंह में अपना स्तन डाला। खुशसर राहुल के पीछे बैठकर उसके अंडकोष चाट रही थी।
राहुल ने कविता को कुत्ते की तरह घुमाया और उसकी गांड में उंगली डाली।
फिर उसने कविता की गांड में लंड डालने की कोशिश की। कविता चीख रही थी लेकिन मना नहीं कर रही थी।
सोनाली ने खुशसर को लेटाया और उसकी चूत चाटी। राहुल ने सोनाली की चूत में लंड डाला और तेजी से चोदने लगा।
खुशसर कविता के स्तन चूस रही थी।
राहुल ने तीनों महिलाओं को अलग-अलग पोजीशन में चोदा। पहले सोनाली को, फिर कविता को, फिर खुशसर को। तीनों की चूतें लंड से गीली हो चुकी थीं।
राहुल ने कविता के स्तनों पर वीर्य गिराया। सोनाली ने उसे चाट लिया। खुशसर ने राहुल के लंड को साफ किया। चारों थककर बिस्तर पर गिर पड़े।
सुबह होने तक तीनों महिलाओं ने राहुल के लंड को कई बार मुंह में लिया। राहुल ने हर एक की चूत और गांड मारी।
अगली सुबह खुशसर चली गई। कविता ने राहुल से वादा किया कि वह अक्सर आएगा और तीनों को चोदेगा।
राहुल ने सोनाली को बताया कि अब वह नियमित रूप से कविता और खुशसर दोनों को चोदेगा। सोनाली खुश थी कि उसका पति इतना मर्द है।
कविता ने भी राहुल को बताया कि वह रात में सोते समय अपने पति की जगह राहुल को याद करती रहेगी।
इस तरह राहुल की योजना पूरी हो गई। अब वह तीनों महिलाओं को अपनी मर्जी से चोद सकता था।
ग्रुप सेक्स की यह रात उनके रिश्ते को और मजबूत बना गई। तीनों महिलाएं अब खुलकर राहुल के साथ सेक्स करती थीं।
राहुल ने सोचा कि आगे और भी नई लड़कियां लानी हैं। लेकिन पहले इन तीनों को अच्छे से चोदना जरूरी था।
सोनाली, कविता और खुशसर अब राहुल की सेक्स स्लेव बन चुकी थीं। वह उन्हें जब चाहे जहां चाहे चोद सकता था।
कहानी का अंत यहीं नहीं होता। आगे और भी मजे आने वाले हैं।