बीवी की हॉट सहेली को चोदा

(Biwi Ki Hot Saheli Ko Choda)

मैं मनाव हूँ। मेरी जिंदगी बिल्कुल साधारण सी लगती थी, लेकिन अंदर से मैं हमेशा कुछ उत्तेजना की तलाश में रहता था। मैं एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हूँ। सुबह नौ बजे ऑफिस जाता हूँ, शाम सात बजे घर लौटता। मेरी बीवी रिया घर संभालती है, वो एक होममेकर है। हमारी शादी को तीन साल हो चुके थे। शुरुआत में सब कुछ परफेक्ट था, खासकर हमारी सेक्स लाइफ। लेकिन अब रिया थकान का बहाना बनाती रहती। मेरा लंड हमेशा अधूरा रह जाता, और मैं बेचैन हो जाता।

रिया की बेस्ट फ्रेंड नेहा के बारे में बात करूँ तो, वो तो मेरे सपनों की रानी थी। नेहा का फिगर देखकर कोई भी पागल हो जाए। लंबे काले बाल, गोरी चमकदार त्वचा, और वो भरे-भरे स्तन जो किसी भी टॉप में बाहर झाँकते रहते। कमर पतली, लेकिन गांड इतनी मोटी और गोल कि देखते ही लंड खड़ा हो जाए। नेहा एक मॉडलिंग एजेंसी में काम करती थी, इसलिए हमेशा टाइट और सेक्सी कपड़े पहनती।

मैं अक्सर कल्पना करता कि अगर नेहा मेरे नीचे होती, उसके स्तनों को दबाता, उसकी चूत में लंड घुसेड़ता, तो क्या मजा आता। नेहा रिया की सहेली होने के कारण हमारे घर अक्सर आती-जाती। हर बार वो मुझे चिढ़ाती, कभी आँख मारती, कभी जानबूझकर झुककर अपना क्लिवेज दिखाती। मैं सह लेता, लेकिन अंदर से जलता रहता।

एक शाम की बात है। रिया ने नेहा को डिनर पर बुलाया था। मैं ऑफिस से थका-हारा लौटा। लिविंग रूम में घुसा तो नेहा सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी। रिया किचन में व्यस्त थी। नेहा ने मुझे देखा और मुस्कुराई, ‘हाय भैया, आज देर हो गई? थक गए होंगे ना?’

उसकी आवाज में शहद घुला था, लेकिन आँखों में शरारत साफ झलक रही। नेहा ने एक छोटी सी टाइट ड्रेस पहनी थी, जो उसके जांघों तक ही आ रही। वो पैर फैलाकर बैठी थी, और मुझे उसकी काली पैंटी की झलक मिल गई। मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा। लंड में हलचल महसूस हुई। मैं उसके बगल में सोफे पर बैठ गया।

‘हाँ नेहा, आज मीटिंग लंबी चली,’ मैंने कहा, लेकिन मेरी नजरें उसके स्तनों पर टिकी थीं। नेहा ने जानबूझकर झुककर कुछ उठाया, और उसका गहरा क्लिवेज साफ दिखा। उसके निप्पल्स ब्रा के ऊपर से उभरे हुए लग रहे। ‘भैया, आप तो इतने फिट लगते हो।

जिम जाते हो क्या?’ नेहा ने पूछा, और अचानक अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया। मैं चौंक गया, लेकिन हटाने की हिम्मत नहीं हुई। उसका स्पर्श गर्म था, और मेरा लंड और सख्त हो गया। तभी रिया की आवाज आई, ‘मनाव, नेहा, डिनर तैयार है!’ नेहा ने हाथ हटा लिया, लेकिन उसकी मुस्कान कह रही थी कि ये तो शुरुआत है।

डिनर टेबल पर सब नॉर्मल चल रहा था। रिया और नेहा अपनी गपशप में मग्न थीं, मैं चुपचाप खा रहा था। लेकिन मेरा दिमाग नेहा के हाथ की गर्मी में खोया हुआ था। डिनर के बाद रिया ने कहा, ‘नेहा, आज रुक जाओ ना। कल सुबह साथ शॉपिंग करेंगे।’ नेहा ने हामी भर ली।

मैं अंदर से खुश हो गया, लेकिन चेहरा निष्पक्ष रखा। रात को बेडरूम में रिया ने मुझे एक हल्का सा किस दिया, लेकिन सेक्स का मन नहीं था। वो जल्दी सो गई। मैं बेचैन होकर लेटा रहा, नेहा के बारे में सोचते हुए मेरा लंड तनता रहा।

रात के करीब दो बजे मेरी नींद खुली। प्यास लगी थी। मैं चुपचाप बाहर पानी पीने चला गया। लिविंग रूम में लाइट जल रही थी। नेहा सोफे पर लेटी मोबाइल स्क्रॉल कर रही थी। उसने एक पतला सा नाइट गाउन पहना था, जो पारदर्शी लग रहा। अंदर ब्रा-पैंटी भी नहीं पहनी लगती।

चाँदनी में उसके शरीर की आकृतियाँ साफ दिख रही थीं। मैं रुक गया, पानी का गिलास हाथ में लिए। ‘नेहा, नींद नहीं आ रही?’ मैंने फुसफुसाते हुए पूछा। नेहा ने मुस्कुराकर सिर हिलाया, ‘हाँ भैया, कुछ सोच रही हूँ। आप आ जाओ ना, थोड़ी बात करेंगे।’

मैं उसके बगल में बैठ गया। नेहा ने अपना सिर मेरे कंधे पर टिका दिया। उसकी साँसें मेरी गर्दन पर गर्म लग रही थीं। ‘भैया, रिया कितनी लकी है। आप इतने केयरिंग और हैंडसम हो,’ नेहा ने धीरे से कहा। मेरा दिल तेज धड़क रहा था। लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था, पैंट में दबा हुआ।

‘तुम भी तो बहुत अच्छी हो नेहा, इतनी खूबसूरत,’ मैंने जवाब दिया। नेहा ने ऊपर देखा, और अचानक मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। किस गहरा था, उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस आई। मैं स्तब्ध था, लेकिन पीछे नहीं हटा। बल्कि मैंने उसके कंधों को पकड़ लिया। नेहा का हाथ मेरी शर्ट के अंदर सरक गया, मेरी छाती सहलाने लगा। उसके नाखून हल्के से खरोंच रहे थे।

‘नेहा, ये क्या कर रही हो? रिया ऊपर सो रही है,’ मैंने फुसफुसाया, लेकिन आवाज में डर कम और उत्तेजना ज्यादा थी। नेहा ने मेरे कान में फूँक मारी, ‘शश्श… चुप भैया। रिया को कुछ पता नहीं चलेगा। मैं तुम्हें बहुत दिनों से चाहती हूँ। तुम्हारा ये स्ट्रॉन्ग शरीर देखकर पागल हो जाती हूँ।’ कहते हुए उसका हाथ मेरी पैंट पर पहुँच गया।

लंड को बाहर से दबाया। मैं सिहर उठा। नेहा ने पैंट का हुक खोल दिया, जिपर नीचे किया, और लंड को बाहर निकाल लिया। ‘वाह भैया, कितना मोटा और लंबा लंड है। रिया को तो रोज मजा आता होगा,’ नेहा ने कहा, और बिना देर किए मुंह में भर लिया।

उसके गर्म मुंह की गर्मी से मेरी साँस रुक गई। नेहा चूस रही थी, जीभ से लंड की नोक चाट रही। मैंने उसके बाल पकड़ लिए, और धीरे-धीरे मुंह में धक्का देने लगा। ‘आह नेहा, साली रंडी, कितनी शानदार ब्लोजॉब देती हो। ऐसे चूसो, हाँ,’ मैं फुसफुसाया। नेहा की आँखें ऊपर उठीं, शरारती मुस्कान के साथ।

वो और गहराई से ले रही थी, गले तक। लार टपक रही थी। मैं काबू खो रहा था। कुछ मिनट बाद नेहा उठी, और नाइट गाउन उतार फेंका। नंगा शरीर चाँदनी रात में चमक रहा। उसके बड़े-बड़े स्तन, गुलाबी निप्पल्स सख्त हो चुके। पेट सपाट, और चूत पर हल्के-हल्के बाल, लेकिन गीली चमक साफ दिख रही।

‘चोदो मुझे भैया, अब सहन नहीं होता,’ नेहा ने कराहते हुए कहा। मैंने उसे सोफे पर धकेल दिया, पीठ के बल लिटाया। उसकी टाँगें फैला दीं। चूत गीली थी, रस बह रहा। मैंने लंड को चूत पर रगड़ा, नोक से क्लिट को छुआ। नेहा सिसकारियाँ भर रही, ‘डालो ना, अंदर… प्लीज।’ मैंने एक जोरदार झटके में लंड पूरा अंदर घुसेड़ दिया।

नेहा की चीख निकल गई, लेकिन मैंने तुरंत अपना हाथ उसके मुँह पर रख दिया। ‘चुप रह रंडी, आवाज मत निकाल,’ मैंने धमकाया। चूत टाइट थी, लंड को जकड़ रही जैसे।

मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। अंदर-बाहर, चपचप की आवाज आ रही। नेहा की चूत गर्म और नरम, परफेक्ट फिट। ‘हाँ भैया, चोदो जोर से। रिया की तरह मत रुको, मुझे फाड़ दो,’ नेहा फुसफुसा रही। मैंने स्पीड बढ़ा दी। लंड तेजी से चूत में जा रहा, बाहर आ रहा।

उसके स्तन उछल-उछलकर मेरे सीने से टकरा रहे। मैंने एक स्तन पकड़ा, मुंह में लिया, जोर से चूसा। निप्पल को दाँतों से काटा। नेहा का हाथ मेरी पीठ पर, नाखून गाड़ रही। ‘आह… हाँ, चूसो मेरे चुचे भैया। अपनी बीवी की सहेली को चोद रहे हो, कितना गंदा लग रहा है ना? लेकिन मजा तो आ रहा है,’ नेहा बोली, आँखें बंद करके।

मैंने पोजीशन बदली। नेहा को घुमाया, डॉगी स्टाइल में कर दिया। उसकी मोटी गांड ऊपर उठी, गोल-गोल हिल रही। मैंने गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा। लाल निशान पड़ गया। नेहा चीखी, लेकिन दर्द में आनंद। फिर लंड चूत में फिर से घुसेड़ा। अब पीछे से धक्के मार रहा, हाथों से कमर पकड़ी। गांड हिल रही, थप्पड़ों की आवाज गूंज रही।

नेहा का रस सोफे पर टपक रहा, गीला पैच बन गया। मैंने उंगली से उसकी गांड के छेद को छुआ, फिर अंदर डाल दी। नेहा काँप गई, ‘नहीं भैया, वो तो वर्जिन है… आह!’ लेकिन मैं नहीं रुका। उंगली अंदर-बाहर करने लगा, चूत में लंड के साथ। नेहा पागल हो गई, शरीर काँप रहा।

करीब बीस मिनट तक चुदाई चली। नेहा दो बार झड़ी, चूत सिकुड़-खिंच रही, मेरा लंड दब रहा। मैं भी कगार पर था। ‘अंदर ही झड़ जाऊँगा रंडी, तेरी चूत भर दूँगा,’ मैंने कहा। नेहा ने सिर हिलाया, ‘हाँ भैया, भर दो अपना माल।’ आखिरी धक्कों के साथ मैंने वीर्य उंडेल दिया।

गर्म गर्म स्पर्म चूत में भर गया, बाहर टपकने लगा। हम दोनों हाँफ रहे थे, पसीने से तर। नेहा ने मुझे खींचा, होंठ चूमे। ‘कितना कमाल का मजा आया भैया। कल फिर करेंगे, प्रॉमिस?’ मैंने सिर हिलाया, लेकिन अंदर डर भी था। रिया को पता चल गया तो?

सुबह रिया और नेहा शॉपिंग के लिए निकल गईं। मैं घर पर अकेला था। रात की यादें ताजा हो रही थीं। नेहा की चूत का स्वाद, उसके कराहने की आवाजें। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने खुद को संभाला, लेकिन शाम होते ही नेहा लौट आई। रिया थकी हुई ऊपर सो गई।

नेहा मेरे पास लिविंग रूम में आई, आँखों में वही शरारत। ‘भैया, रिया सो गई। चलो बेडरूम में, आज और मजा लेंगे,’ वो फुसफुसाई। मैं हिचकिचाया, लेकिन लालच में चला गया। बेडरूम में घुसते ही नेहा ने अपने कपड़े उतार फेंके। आज वो रेड ब्रा-पैंटी में थी, जो उसके शरीर को और हॉट बना रही।

मैंने उसे बेड पर पटक दिया। ‘साली हरामी, तेरी चूत का स्वाद भूल नहीं रहा। आज फिर चखूँगा,’ मैंने कहा, और पैंटी खींचकर उतार दी। चूत गीली थी, रस चमक रहा। मैंने मुंह लगा दिया, जीभ से चाटा। क्लिट को चूसा, होंठों से काटा। नेहा कराहने लगी, ‘आह भैया… हाँ, चाटो मेरी चूत।

जीभ अंदर डालो।’ मैंने दो उंगलियाँ अंदर घुसाईं, जोर-जोर से रगड़ने लगा। नेहा का शरीर उछल रहा, टाँगें मेरे कंधों पर। फिर मैं नंगा हो गया। लंड सीधा खड़ा, नसें फूली हुईं। नेहा ने उसे पकड़ा, मुंह में लिया। इस बार गहराई से चूसा, गले तक। मेरे पैर काँप गए, ‘बस नेहा, अब चोदता हूँ तुझे साली।’

मैंने नेहा को मिशनरी में लिटाया। उसकी टाँगें मेरे कंधों पर रखीं, लंड चूत में घुसेड़ा। नेहा चीखी आनंद से, ‘आह… पूरा अंदर!’ मैं जोरदार धक्के मारने लगा। बेड हिल रहा था, चरमराहट आ रही। ‘हाँ रंडी, ले मेरा लंड। आज तेरी गांड भी चोदूँगा,’ मैंने कहा।

नेहा डरी, लेकिन बोली, ‘ट्राई करो भैया, लेकिन धीरे।’ चुदाई के बीच मैंने लंड बाहर निकाला, नेहा की गांड पर रगड़ा। थोड़ा अपना थूक लगाया, फिर धीरे से नोक अंदर डाली। नेहा दर्द से चीखी, ‘आह… धीरे भैया!’ मैंने आधा लंड घुसाया, फिर धीमे धक्के मारने लगा। गांड टाइट थी, लेकिन धीरे-धीरे खुलने लगी।

मैं गांड चोद रहा था, एक हाथ से चूत सहला रहा। नेहा पागल हो गई, ‘चोदो दोनों छेद भैया… मैं तुम्हारी रंडी हूँ!’ मैंने लंड चूत में वापस डाला, फिर गांड में, अल्टरनेट करके चोदा। नेहा तीसरी बार झड़ी, शरीर काँपकर शांत हो गया। मैंने गांड में ही झड़ दिया, वीर्य भर दिया। हम थककर लेट गए। नेहा बोली, ‘रिया को कभी मत बताना। ये हमारा राज रहेगा।’ मैंने हामी भरी, लेकिन सोच रहा था कि ये कैसे चलेगा।

अगले कुछ दिन नेहा रोज आती। कभी किचन में, मैं उसे काउंटर पर झुकाकर चोदता। उसकी चीखें दबाकर। कभी बाथरूम में, शावर के नीचे लंड चूत में। नेहा की चूत हमेशा गीली मिलती, वो मेरे लिए तरसती। एक दिन रिया दोस्त की पार्टी में बाहर गई। घर अकेला था, नेहा आई।

हम पूरे घर में घूम-घूमकर चुदाई करने लगे। लिविंग रूम में सोफे पर डॉगी में चोदा, नेहा की गांड थप्पड़ों से लाल। ‘जोर से चोदो मनाव, फाड़ दो मेरी चूत!’ नेहा चिल्लाई। मैंने उसके बाल खींचे, जोर-जोर से धक्के मारे। फिर बेडरूम में उसे बांध दिया, हाथ-पैर बेड पोस्ट से। घंटों चोदा, चूत-गांड दोनों। नेहा झड़ी बार-बार, मेरा वीर्य उसके शरीर पर, चेहरे पर।

धीरे-धीरे नेहा की आदत पड़ गई। वो मैसेज करती, ‘आज कब चोदोगे भैया?’ मैं भी उत्साहित। लेकिन एक दिन रिया को शक हुआ। नेहा के आने का पैटर्न बदल गया था। रिया ने मुझसे पूछा, ‘नेहा इतनी बार क्यों आती है मनाव?’ मैंने बहाना बनाया, ‘दोस्त है ना।’ लेकिन रिया ने नेहा से बात की। नेहा घबरा गई, झूठ बोला।

फिर एक रात तीनों घर पर थे। रिया नीचे सो गई। नेहा और मैं ऊपर बेडरूम में। मैं नेहा को चोद रहा था, डॉगी में। लंड चूत में तेज धक्के। नेहा कराह रही, ‘हाँ भैया, चोदो!’ तभी दरवाजा खुला। रिया खड़ी थी, आँखें फैलीं। हम दोनों नंगे, मेरा लंड नेहा की चूत में। रिया चीखी, ‘ये क्या कर रहे हो तुम दोनों!’ मैं घबरा गया, लंड सिकुड़ गया। नेहा रोने लगी। रिया सब सुन चुकी थी।

रिया गुस्से से तिलमिला रही थी, लेकिन फिर शांत हुई। ‘तुम दोनों हरामी हो। लेकिन… मैं भी शामिल हो जाऊँगी। अब ये राज रहेगा, लेकिन साथ में,’ रिया ने कहा। हम हैरान। रिया ने कपड़े उतारे। उसका शरीर भी अच्छा था, स्तन मध्यम, चूत साफ शेव्ड। रिया ने मेरा लंड पकड़ा, चूसा। नेहा ने रिया के स्तनों को चाटा, निप्पल्स चूसे।

तीनों बेड पर लेटे। मैंने रिया को मिशनरी में चोदा, नेहा ने रिया की चूत चाटी। फिर नेहा को चोदा, रिया ने मेरी गेंदें चाटी। थ्रीसम चला रात भर। मैं दोनों चूतों में झड़ा, वे एक-दूसरे को चाटती रहीं। सुबह तक थक गए। रिया बोली, ‘अब नेहा हमारी पार्टनर है। रोज ऐसा करेंगे।’ नेहा मुस्कुराई। मैं खुश था।

उम्मीद है आपको ये कहानी बहुत पसंद आई होगी। दुबारा मिलते है ऐसे चुदाई की कहानी के साथ।