मैं अंकित कुमार हूँ, उम्र 25 साल, मध्य प्रदेश से। कद 5’7″, शरीर कसा हुआ और मांसल। लंड 7 इंच लंबा, 2.5 इंच मोटा। दो साल पहले की बात है।
मेरे दोस्त सोहन की 21 साल की बहन पूजा। उसका फिगर 34-28-36। सोहन के पापा प्रॉपर्टी डीलर हैं, इसलिए ज्यादातर घर में सिर्फ उसकी मम्मी ही रहती थीं।
मैं सोहन के साथ एक ही कंपनी में काम करता था। इसलिए अक्सर उसके घर जाता था। हर बार पूजा को देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था।
वो गुलाबी सूट पहनकर घूमती, उसके बड़े-बड़े स्तन और गोल-गोल कूल्हे मुझे पागल कर देते।
लेकिन वो मेरे दोस्त की बहन थी, इसलिए कभी कुछ करने की हिम्मत नहीं हुई।
एक दिन सोहन ने फोन किया। बोला कि वो शादी में गया है और कुछ काम के लिए मुझे उसके घर आना है।
मैं तुरंत तैयार होकर निकल पड़ा। घर पहुँचा तो पूजा ने दरवाजा खोला। वो गुलाबी सूट में थी।
उसका सूट थोड़ा सा गीला था, जिससे उसके स्तन की आकृति साफ दिख रही थी। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने खुद को संभाला और काम पूरा किया।
मौसम खराब हो रहा था। बारिश शुरू हो गई। पूजा की मम्मी ने जोर देकर कहा कि रात यहीं रुक जाऊँ।
सोहन की मम्मी ने खाना बनाया। खाने के बाद सब हॉल में सो गए। बिजली नहीं थी, इसलिए अंधेरा था।
रात को मुझे प्यास लगी। मैं उठा और मोबाइल की टॉर्च जलाकर पानी पीने गया। देखा कि पूजा की मम्मी अपनी जगह पर नहीं थीं।
थोड़ी देर बाद मम्मी-पापा के कमरे से आवाजें आने लगीं। पूजा की मम्मी चीख-चीखकर बोल रही थीं, “आह… कितने दिन बाद आए हो… और जोर से… मेरा प्यार…”
उनकी चुदाई की आवाजें सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने लंड निकालकर हस्तमैथुन शुरू कर दिया। लेकिन मन शांत नहीं हुआ।
मैं पूजा के पास गया। वो सो रही थी।
मैंने धीरे से उसके स्तन पर हाथ रखा। वो नरम और भारी थे। फिर उसके होंठ छुए।
फिर उसके सलवार के ऊपर से उसकी चूत पर हाथ फेरा। वो कुछ भी नहीं बोली।
मुझे हिम्मत हुई। मैंने उसके सलवार का नाड़ा ढीला किया और उसे नीचे खींच लिया।
उसके साथ उसकी पैंटी भी उतर गई। उसकी चूत पूरी तरह साफ शेव की हुई थी। गुलाबी और तंग।
पूजा अचानक जाग गई। बोली, “कौन है?” मैंने कहा, “मैं हूँ, अंकित।” वो घबरा गई। बोली, “मम्मी को बता दूँगी।”
मैंने उसके हाथ पकड़ लिए और कहा, “मैं तुमसे प्यार करता हूँ। किसी को पता नहीं चलेगा।”
मैंने उसके जांघों को सहलाया। फिर उसके स्तनों को दबाया। वो बोली, “ये गलत है।
लेकिन उसकी आवाज में विरोध कम था। मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। पहले तो वो विरोध कर रही थी, लेकिन फिर वो भी चूमने लगी।
मैंने उसका ब्रा उतारा। उसके स्तन बाहर निकल आए। मैंने उन्हें चूसा और दबाया।
वो दर्द और मजे से चीखने लगी। मैंने कहा, “मेरा लंड चूसो।” वो मना कर गई। मैंने जोर नहीं किया।
मैंने उसके पैर फैलाए। लंड उसकी चूत पर रखा। बहुत तंग थी। मैंने उसकी चूत पर थूक लगाया और जोर से धक्का मारा।
लंड आधा अंदर घुस गया। पूजा चीख पड़ी। मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर चीख दबाई और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
वो रोने लगी। बोली, “दर्द हो रहा है… रुक जाओ… फाड़ दोगे…” मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। 20-25 मिनट बाद उसकी चीखें moans में बदल गईं।
वो बोली, “आह… ऊह… मर गई… मम्मी…”
मिशनरी पोजीशन में 20-25 मिनट चोदने के बाद वो झड़ गई। फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदा।
जब मेरा निकलने वाला था तो उसने कहा, “स्तनों पर निकालो।” मैंने उसके स्तनों पर पूरा वीर्य छोड़ दिया।
वो साफ करके फिर सो गई। उसके बाद जब भी मौका मिलता, हम चोदते।