किरायेदार आंटी की चुदाई

(Kirayedaar Aunty Ki Chudai)

कार्तिक यादव, 23 साल का, 5 फुट 7 इंच लंबा लड़का, अपनी पढ़ाई पूरी करके घर बैठा था। मामा का मकान खाली था, इसलिए उन्होंने उसे किराये पर दे दिया।

नई किरायेदार 35-36 साल की आंटी थीं—5 फुट 4 इंच, गोरी, 34-32-34 की कातिल जांघें और मोटे स्तन। पति शहर से बाहर नौकरी करते थे, इसलिए आंटी अकेली रहती थीं।

आंटी जल्दी ही कार्तिक के परिवार से घुल-मिल गईं। एक त्योहार की रात को उन्होंने कार्तिक की माँ से कहा, “बहन, आज रात कार्तिक को मेरे पास सोने दो, अकेले डर लगता है।

माँ ने मना नहीं किया। कार्तिक तैयार हो गया।

रात को जब कार्तिक खिड़की से झाँका, तो आँखें फटी की फटी रह गईं। आंटी बिस्तर पर लेटी थीं, साड़ी और पेटीकोट कमर तक चढ़ा रखा था।

पैंटी एक तरफ खिसकाई हुई थी और एक हाथ से अपनी चूत रगड़ रही थीं। दूसरे हाथ से फोन पर पति से बात कर रही थीं।

कार्तिक ने दस्तक दी। आंटी झट से हाथ हटाकर साड़ी नीचे खींच लीं और फोन पर बोलीं, “कार्तिक आ गया है, अब सो जाऊँगी।

फोन काटकर उन्होंने दरवाजा खोला। कार्तिक अंदर आया तो देखा—आंटी अपनी चूत के रस से सने उँगली को चूस रही थीं। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “खट्टी जैली है बेटा।”

दोनों बगल में चारपाई बिछाकर लेट गए। कार्तिक आँखें बंद किए लेटा रहा, लेकिन देख रहा था। गर्मी बढ़ने लगी।

आंटी ने साड़ी उतार दी और सिर्फ सामने से बँधी हुई ढीली नाइटी पहन ली—नीचे कुछ नहीं।

कार्तिक ने हाथ बढ़ाकर उनके नंगे स्तनों को सहलाया। आंटी ने खुद नाइटी की गाँठ खोल दी। दोनों स्तन बाहर निकल आए।

कार्तिक ने तुरंत मुँह लगाकर भूरी-भूरी निप्पल चूसनी शुरू कर दी। आंटी सिसकारियाँ लेने लगीं और कार्तिक का सिर अपनी छाती में दबाने लगीं।

दस मिनट तक कार्तिक ने उनकी चूचियाँ चूसीं, काटा और चाटा।

आंटी ने कार्तिक की अंडरवीयर खींच ली। उनका 6.5 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा लंड देखकर आँखें चमक उठीं। उन्होंने तुरंत मुँह में ले लिया।

जोर-जोर से चूसने लगीं, जीभ से लंड के नीचे की नसों को सहलाती हुईं। दस मिनट तक गला तक लेती रहीं, लार टपकती रही। कार्तिक का लंड पत्थर सा सख्त हो गया।

कार्तिक ने आंटी को पूरी तरह नंगा कर दिया। उन्होंने उनके पैरों की उँगलियों से शुरू करके जीभ से चाटते हुए ऊपर तक पहुँचे।

आखिरकार आंटी की चूत पर मुँह लगा दिया। जीभ अंदर डालकर चाटने लगे। आंटी चीखने लगीं, “अरे बेटा, ये खट्टी जैली और भी गाढ़ी हो रही है!

कार्तिक ने उनकी चूत को चूसते हुए कहा, “आंटी, आपकी चूत का स्वाद बहुत मीठा है।”

आंटी ने कबूल किया, “मैंने खिड़की में शीशे में तुम्हें देख लिया था। इसलिए ही तो तुम्हें बुलाया था। अब चुप मत रहो, चोदो मुझे।”

कार्तिक ने 69 की पोजीशन में आंटी को लिटा दिया। आंटी लंड चूस रही थीं और कार्तिक उनकी चूत चाट रहा था।

फिर कार्तिक ने एक ही झटके में पूरा लंड आंटी की चूत में घुसा दिया। आंटी चीख पड़ीं। कार्तिक ने उनका मुँह हाथ से दबा लिया और जोर-जोर से धक्के मारने लगे।

आंटी की टाँगें कार्तिक के कंधों पर रख दीं। लंड और भी गहराई तक पहुँचने लगा। पंद्रह-बीस मिनट तक लगातार चोदते रहे।

आंटी बार-बार झड़ रही थीं। आखिरकार कार्तिक ने लंड बाहर निकाला और आंटी के पेट पर गरम-गरम वीर्य की फुहार छोड़ी।

थोड़ी देर आराम करने के बाद दोनों फिर चुदाई शुरू कर दी। पूरी रात चार बार चोदा। हर बार नई पोजीशन—कुत्ते वाली, घोड़ी वाली, मिशनरी, साइड वाली।

आंटी हर बार चीख-चीखकर चुदवाती रहीं। सुबह तक दोनों नंगे लिपटे सो गए।

अगले दिन से रोज रात को यही सिलसिला चला। आंटी कार्तिक को बुलातीं, “आज रात भी आ जाना बेटा, चूत फिर खट्टी हो रही है।

कार्तिक जाता और पूरी रात धकापेल चुदाई करता। आंटी की चूत कार्तिक के लंड की आदि हो गई थी।

कई महीनों तक यह चुदाई चलती रही। आंटी हर बार नई-नई बातें करतीं—”बेटा, आज मेरी गांड भी मार लेना,” या “मेरे मुँह में डालकर चोदो।

कार्तिक भी हर बार नई स्टाइल आजमाता। आंटी की चूत, गांड, मुँह—हर जगह अपना लंड घुसाता।

आखिरकार आंटी के पति का ट्रांसफर हो गया। उन्हें शहर छोड़ना पड़ा। विदा लेते समय आंटी ने कार्तिक से कहा, “बेटा, तेरे लंड के बिना कैसे रहूँगी?” कार्तिक ने कहा, “आंटी, आपकी चूत भी मुझे बहुत याद आएगी।”

आंटी चली गईं। कार्तिक अब नई चूत की तलाश में है। लेकिन आंटी की यादें और उनकी चूत का स्वाद आज भी उसके लंड को खड़ा कर देता है।