राहुल गुजरात से वापस लौट रहा था। एसी फर्स्ट क्लास के केबिन में वह थका हुआ लेटा था। यात्रा लंबी थी और वह चार घंटे तक गहरी नींद में सोया रहा। घड़ी में रात का एक बज चुका था। वह उठा, लैपटॉप खोला और कुछ काम शुरू कर दिया। तभी केबिन के दरवाजे पर दस्तक हुई।
दरवाजा खोलने पर दो मुस्लिम भाभियाँ खड़ी थीं। दोनों गाउन पहने हुए थीं। एक का नाम मरियम था, दूसरी इनाया। उन्होंने कहा कि उनके केबिन की लाइट नहीं जल रही। राहुल उनके साथ गया। मुख्य स्विच बंद था। उसने स्विच ऑन किया। स्विच ऑन करते ही उसकी नजर एक सीट पर पड़ी डिल्डो पर गई। दोनों भाभियाँ मुस्कुराईं।
“बैठ जाइए, थोड़ी बातें कर लेते हैं,” मरियम ने कहा। राहुल बैठ गया। वे मुंबई जा रही थीं, वह नागपुर। बातें शुरू हुईं। मरियम ने उसके जांघ पर हाथ रखा। इनाया ने उसके पैर सहलाने शुरू किए।
राहुल ने भी मरियम की कमर छू ली। कुछ ही देर में मरियम ने उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। जोरदार किस। इनाया भी पास आ गई और उसके गोद में बैठ गई।
“हमने जानबूझकर लाइट बंद की थी ताकि तुम आओ,” इनाया ने फुसफुसाया। राहुल ने बताया कि वह प्लेबॉय है और थ्रीसम का अनुभव रखता है। मरियम ने अपना गाउन उतारा। नीचे काला ब्रा और पैंटी। इनाया ने भी गाउन उतारा। सफेद ब्रा और गुलाबी पैंटी।
राहुल ने मरियम के स्तन चूसने शुरू किए। इनाया ने उसके अंडरवीयर नीचे खींचे और उसका सात इंच का लंड हाथ में लिया। वह रगड़ने लगी, फिर मुंह में ले लिया। राहुल ने मरियम को अपने मुंह पर बैठा दिया। वह उसकी चूत चाटने लगा। इनाया उसके लंड को चूस रही थी। पंद्रह मिनट बाद मरियम चीखते हुए झड़ गई। उसकी चूत से पानी निकल आया।
फिर राहुल ने इनाया को लिटाया। उसकी चूत चाटी, उंगलियां डालीं। मरियम फिर उसके लंड को चूसने लगी। थोड़ी देर बाद राहुल ने इनाया की चूत में अपना लंड घुसा दिया। मिशनरी पोजीशन में जोर-जोर से चोदने लगा। बीस मिनट तक धक्के मारे। इनाया चीख-चीखकर झड़ गई।
आराम करने के बाद उसने मरियम को चोदा। दोनों ने व्हिस्की पी। फिर राहुल ने इनाया की गांड मारी। उसकी मोटी गांड की तारीफ की। मरियम की भी गांड ली। पूरी रात वे तीनों सेक्स करते रहे। राहुल ने दोनों को दो-दो बार चोदा और दोनों की गांड भी मारी।
ट्रेन आगे बढ़ती रही। केबिन में उनकी सांसें, चीखें और चुदाई की आवाजें गूंजती रहीं। मरियम और इनाया दोनों थक गईं लेकिन और मांगने लगीं। राहुल ने उन्हें एक के बाद एक चोदा। उनकी चूतें लाल हो गईं। लंड उन पर चिपक गया।
सुबह होने से पहले तीनों फिर से एक साथ लिपट गए। मरियम ने राहुल के लंड को चूसा जबकि इनाया उसके मुंह पर बैठी। फिर पोजीशन बदली। इनाया नीचे लेटी, राहुल उसके ऊपर चढ़ा। मरियम उसके पीछे बैठकर उसके अंडकोष चाटने लगी। हर धक्के के साथ इनाया की चूत से चिकनाहट की आवाज आ रही थी।
राहुल ने मरियम को कुत्ते वाली पोजीशन में डाला। उसकी गांड को थपथपाते हुए लंड अंदर बाहर करता रहा। मरियम चीख रही थी। इनाया उसके स्तन चूस रही थी। तीनों की बॉडी पसीने से तर हो चुकी थी। केबिन में सेक्स की गंध फैल गई थी।
उन्होंने एक बार फिर व्हिस्की पी। राहुल ने दोनों भाभियों को एक साथ चाटा। उनकी चूतें एक के बाद एक झड़ती रहीं। फिर उसने इनाया की गांड में उंगली डाली और लंड अंदर घुसाया। इनाया दर्द से चीखी लेकिन जल्दी ही मजे लेने लगी। मरियम उसके मुंह में अपना स्तन ठूंस रही थी।
रात बीतने के साथ उनकी चुदाई और तेज होती गई। राहुल ने मरियम को दीवार से टिकाकर चोदा। उसका लंड पूरी तरह अंदर जाता और बाहर आता। मरियम के स्तन उछल रहे थे। इनाया नीचे बैठकर दोनों को देख रही थी और अपनी चूत रगड़ रही थी।
सुबह के चार बजे तक तीनों थक चुके थे। राहुल ने अंतिम बार दोनों को चोदा। मरियम और इनाया दोनों के चेहरे पर संतुष्टि थी। उन्होंने राहुल को गले लगाया। ट्रेन अभी भी चल रही थी। केबिन में उनकी सांसें धीमी हो चुकी थीं।
राहुल ने सोचा कि यह यात्रा यादगार बन गई। दो मुस्लिम भाभियों ने उसे पूरी रात मजे दिए। उनकी चूतें, गांडें और मुंह सब कुछ उसने लिया। दोनों भाभियाँ भी खुश थीं। वे मुंबई पहुंचने तक और सेक्स की योजना बना रही थीं।
ट्रेन के केबिन में लाइटें मंद थीं। तीनों नंगे लेटे थे। मरियम ने राहुल का लंड हाथ में लिया और धीरे-धीरे सहला रही थी। इनाया उसके सीने पर सिर रखकर सो रही थी। राहुल ने मरियम की जांघ पर हाथ फेरा। वह फिर से तैयार हो रहा था।
मरियम ने उसके कान में फुसफुसाया, “अभी और चोदो।” राहुल ने उसे पीछे से पकड़ा। उसका लंड मरियम की चूत में घुसा। धीरे-धीरे धक्के शुरू किए। इनाया उठकर देखने लगी। फिर वह भी शामिल हो गई। तीनों फिर से सेक्स में लग गए।
पूरी रात उन्होंने अलग-अलग पोजीशन आजमाईं। राहुल ने मरियम को ऊपर बैठाकर चोदा। इनाया उसके पीछे बैठकर उसके अंडकोष चाटती रही। मरियम जोर-जोर से चीख रही थी। उसकी चूत से पानी निकल रहा था।
इनाया ने राहुल को लिटाया। वह उसके लंड पर बैठ गई। ऊपर-नीचे होने लगी। मरियम उसके मुंह पर बैठ गई। राहुल उसकी चूत चाट रहा था। तीनों की सांसें तेज हो गई थीं।
राहुल ने इनाया को लिटाया। उसकी गांड में लंड डाला। इनाया चीखी। मरियम ने उसके मुंह पर हाथ रखा। राहुल धीरे-धीरे गांड मारने लगा। इनाया का दर्द मजे में बदल गया।
सुबह होने से पहले तीनों फिर से थक गए। राहुल ने दोनों भाभियों को आखिरी बार चोदा। मरियम और इनाया दोनों झड़ चुकी थीं। उनके शरीर पसीने से लथपथ थे। राहुल ने भी अंत में झड़कर दोनों पर अपना पानी छोड़ा।
ट्रेन आगे बढ़ती रही। केबिन में अब शांति थी। तीनों नंगे लेटे थे। मरियम ने राहुल को चूमा। इनाया ने उसके लंड को हाथ से सहलाया। वे मुंबई पहुंचने तक और मजे लेने की बात कर रहे थे।
यह रात राहुल के लिए अविस्मरणीय थी। दो मुस्लिम भाभियों ने उसे पूरी तरह संतुष्ट किया। उनकी चूतें, गांडें और मुंह सब कुछ उसने लिया। दोनों भाभियाँ भी खुश थीं। वे कह रही थीं कि अगली यात्रा में भी वह उनके साथ रहे।
राहुल ने लैपटॉप बंद किया। तीनों फिर से गले मिले। सेक्स की गंध केबिन में फैली हुई थी। ट्रेन की आवाज के साथ उनकी सांसें मिल रही थीं। यह चुदाई चलती ट्रेन में पूरी रात चली।