यह कहानी महाराष्ट्र के एक युवक विक्रम की है, जो 20 वर्ष का है और अपने गांव में छुट्टियां बिताने आया है।
विक्रम का कद लगभग 5 फीट 8 इंच है, रंग सामान्य गोरा है, और उसकी लंबाई 6 इंच है।
वह अपने मोहल्ले में काफी लोकप्रिय है, सभी से हंस-बोलकर मिलता-जुलता रहता है।
कहानी में उसकी मुलाकात उसकी हमउम्र लड़की रिया से होती है, जो उसके साथ दिन भर घूमती-फिरती है।
जब घर के सभी लोग खेतों पर चले जाते हैं, तो विक्रम और रिया अकेले रह जाते हैं।
एक दिन, घर के बाहर झूले पर बैठकर वे दोनों टीवी देख रहे थे। अचानक, विक्रम का हाथ गलती से रिया के स्तन को छू गया। रिया चौंककर पीछे हट गई और बोली, “अरे विक्रम, क्या कर रहे हो? ये तो गलत हो गया!”
विक्रम शरारत से मुस्कुराया और बोला, “अरे रिया, सॉरी यार, ये तो बस गलती से हो गया। लेकिन सुनो, मैं तुम्हें एक जादू दिखाता हूं। देखो, ये जादू इतना कमाल का है कि तुम्हारी सारी थकान भाग जाएगी। बस, थोड़ा विश्वास रखो।”
रिया उत्सुक होकर बोली, “जादू? कैसा जादू? बताओ ना, मैं देखना चाहती हूं। लेकिन वादा करो, कुछ गलत नहीं होगा।”
विक्रम ने हंसते हुए कहा, “बिल्कुल, कुछ गलत नहीं। देखो, ये जादू मेरे पास एक खास चीज से होता है।” फिर उसने अपनी पैंट का zip खोला और अपना लंड बाहर निकाल लिया। रिया की आंखें फैल गईं, लेकिन वह चुपचाप देखती रही। विक्रम बोला, “अब तुम इसे थोड़ा हिलाओ, बस दो-चार बार। देखना, ये जादू कैसे काम करता है।”
रिया शरमाते हुए बोली, “ये क्या पागलपन है विक्रम? मैं कैसे करूंगा ये? लोग देख लेंगे तो?”
विक्रम ने आश्वासन दिया, “कोई नहीं देखेगा, सब खेत पर गए हैं। बस ट्राई करो ना, मजा आएगा। देखो, ये कितना सॉफ्ट और गर्म है। हिलाओ तो पता चलेगा जादू।”
रिया ने हिचकिचाते हुए अपना हाथ बढ़ाया और धीरे-धीरे हिलाने लगी। विक्रम की सांसें तेज हो गईं। वह बोला, “हां रिया, बिल्कुल सही। अब थोड़ा तेज करो। वाह, क्या फीलिंग है! तुम्हारा हाथ कितना नरम है।”
रिया मुस्कुराई और बोली, “सच में? लग रहा है ये और सख्त हो रहा है। ये जादू तो कमाल का है। लेकिन अब क्या?”
विक्रम ने कहा, “अभी तो शुरुआत है। चलो, मैं तुम्हें कुछ और दिखाता हूं।” उसने अपना फोन निकाला और एक पोर्न वीडियो प्ले किया। स्क्रीन पर एक लड़का-लड़की आपस में चूमभाष रहे थे। रिया की आंखें चिपक गईं। वह बोली, “वाह विक्रम, ये क्या है? ये लोग तो बिना शर्म के सब कर रहे हैं। लड़की को कितना मजा आ रहा लगता है।”
विक्रम ने जवाब दिया, “हां रिया, ये असली मजा है। देखो, लड़का उसकी चूत चाट रहा है। तुम भी ट्राई करना चाहोगी?”
रिया शरमाई, लेकिन उत्सुकता से बोली, “ट्राई कैसे? बताओ ना, सब कुछ सिखाओ। मैंने कभी ऐसा नहीं देखा।”
दोनों ने वीडियो के अनुसार काम शुरू किया। विक्रम ने रिया को झूले पर लिटाया और उसकी स्कर्ट ऊपर की। उसकी चूत पर हाथ फेरा। रिया सिहर उठी और बोली, “विक्रम, धीरे… ये अजीब सा लग रहा है, लेकिन अच्छा भी।”
विक्रम ने कहा, “रिलैक्स रिया, मैं धीरे-धीरे करूंगा। देखो, अब मैं चाटूंगा।” वह झुककर रिया की चूत चाटने लगा। रिया की चीख निकल गई, “आह विक्रम! ये तो गजब का है। जारी रखो, मत रुको।”
विक्रम बोला, “तुम्हारी चूत कितनी स्वादिष्ट है रिया। गीली हो गई हो। अब उंगली डालता हूं।” उसने धीरे से उंगली अंदर डाली। रिया तड़प उठी, “ओह… दर्द हो रहा है थोड़ा, लेकिन मजा भी। और डालो।”
फिर दोनों 69 पोजीशन में आ गए। रिया ने विक्रम का लंड मुंह में लिया और चूसने लगी। विक्रम बोला, “हां रिया, ऐसे ही चूसो। तुम्हारा मुंह कितना गर्म है। मैं तुम्हारी चूत चाटता रहूंगा।” रिया बड़बड़ाई, “विक्रम, तुम्हारा लंड इतना मोटा… चूसना मुश्किल हो रहा, लेकिन ट्राई कर रही हूं। आह, तुम्हारी जीभ कमाल कर रही।”
कुछ देर बाद, विक्रम ने बोतल से तेल निकाला और रिया की चूत पर डाला। वह बोला, “अब असली मजा आएगा रिया। मैं अपना लंड डालूंगा। डरना मत, धीरे करूंगा।”
रिया घबराई, “विक्रम, पहली बार है… दर्द न हो। प्लीज स्लो।”
विक्रम ने धीरे से लंड अंदर डाला। रिया चीखी, “आह! दर्द हो रहा है विक्रम। रुको थोड़ा।” विक्रम रुका और बोला, “सॉरी रिया, अब ठीक है? थोड़ा और ट्राई करते हैं।” धीरे-धीरे रिया को मजा आने लगा। वह बोली, “अब अच्छा लग रहा है। चलाओ तेज।”
दोनों ने जोर-जोर से चुदाई की। विक्रम बोला, “रिया, तुम्हारी चूत कितनी टाइट है। मैं झड़ने वाला हूं।” रिया चिल्लाई, “मैं भी… आह!”
फिर विक्रम ने रिया को ऊपर के कमरे में ले जाकर उसके सारे कपड़े उतार दिए। नंगी रिया को देखकर वह बोला, “तुम कितनी हसीन हो रिया। अब फिर से शुरू करते हैं।” रिया हंसकर बोली, “हां विक्रम, मुझे भी चाहिए। तेल डालो फिर।”
विक्रम ने तेल डाला और लंड अंदर ठोंका। रिया की चीखें गूंजीं, “ओह विक्रम! तेज करो। चूत फाड़ दो।” विक्रम ने चूत चाटी और बोला, “तुम्हारा रस कितना मीठा है। अब झड़ते हैं साथ।” दोनों एक साथ झड़ गए।
बाद में, चाची ने विक्रम के मुंह पर चूत का रस देखा। विक्रम बोला, “चाची, ये तो पानी है, खेलते हुए लग गया।” चाची शक करने लगी, लेकिन चुप हो गई।
अगले दिन, वे किले के खंडहर में गए। विक्रम बोला, “रिया, यहां कोई नहीं आएगा। आज खुलकर मजा करेंगे।” रिया सहमति में बोली, “हां, लेकिन सावधानी से। तेल लाए हो ना?”
विक्रम ने हंसकर कहा, “बिल्कुल। आओ, पहले चूमते हैं।” वे गले मिले और किस करने लगे। विक्रम ने रिया के कपड़े उतारे और बोला, “तुम्हारी बॉडी परफेक्ट है। चूत देखो, कितनी गीली।” रिया बोली, “विक्रम, मुझे छूओ। उंगली डालो।”
विक्रम ने उंगली डाली और चूत चाटी। रिया सिसकारी भरने लगी, “आह… जारी रखो। अब लंड दो।” विक्रम ने तेल डाला और लंड अंदर किया। रिया दर्द से चीखी, “धीरे… लेकिन मजा आ रहा। तेज करो।”
दोनों ने जमकर चुदाई की। विक्रम बोला, “रिया, मैं बाहर झड़ूंगा।” वह बाहर निकालकर झड़ गया। रिया बोली, “अगली बार अंदर ही। अब घर चलें।”
वे जल्दी कपड़े पहनकर लौटे। चाची ने विक्रम के मुंह पर रस देखा, लेकिन वह टाल गया। दोनों की दोस्ती अब गहरी हो चुकी थी, और वे हर मौके पर मिलते।