सेक्सी मामी को प्यार से चोदा

(Sexy Mami Ko Pyar Se Choda)

अभय अपनी मामी को कैसे पटाता है और दोनों के बीच छुपकर रोजाना जोश भरी सेक्स शुरू होता है, यह पूरी देसी सेक्स कहानी नीचे विस्तार से लिखी गई है।

नमस्ते, मेरा नाम अभय है। मैं मुंबई में रहता हूँ। मेरी उम्र 20 साल है। जिम में नियमित कसरत करने से मेरा शरीर काफी फिट और आकर्षक है। मेरी हाइट 5 फुट 9 इंच है। औसत भारतीय लिंग का आकार मेरा है। अब तक कोई भी लड़की मुझे ठुकरा नहीं पाई।

मेरी मामी बेहद खूबसूरत है। उसकी फिगर 34-30-38 है। उसकी त्वचा दूधिया सफेद है। वह सरल स्वभाव की है। उसका मुस्कुराहट देखकर कोई भी मोहित हो जाए। उसकी शादी मेरे मामा से एक साल पहले हुई थी। शादी के समय मैंने उसे पहली बार देखा था और तुरंत आकर्षित हो गया था।

शादी के बाद मामी हमारे पास ही रहने लगी। कुछ दिनों में ही मामा और मामी के बीच झगड़े शुरू हो गए। मामा अक्सर उसे मारता था। मुझे यह देखकर बहुत दया और गुस्सा आता था, लेकिन शुरू में मैं चुप रहता था।

जब मैं २० साल का हुआ तो मैं मामी के पास अक्सर जाने लगा। जब मामा ऑफिस चले जाते तो मैं उनके घर जाता। हम दोनों में दोस्ती हो गई। वह मुझे अपनी सारी परेशानियाँ बताती। कई बार मेरे सामने रोती। धीरे-धीरे दोनों के बीच आकर्षण बढ़ने लगा।

एक दिन मैंने उसे अपना प्यार जताया और कहा कि अगर वह मामा का विरोध करे तो मैं उसका साथ दूँगा। मामी गुस्से में आ गई और बोली कि यह सब गलत है। उसने दो दिन तक मुझसे बात नहीं की।

दो दिन बाद मामा ने उसे बहुत मारा। मामी बहुत रो रही थी। मैं उसके पास गया। उसने मुझे गले लगाकर रोना शुरू कर दिया। मैंने उसे सांत्वना दी और फिर अपना प्यार दोहराया। इस बार मामी ने स्वीकार किया कि उसे भी मुझसे लगाव है, लेकिन वह डरती है कि अगर बात बाहर निकली तो उसे घर से निकाल दिया जाएगा और बदनामी होगी।

मैंने उसे वादा किया कि मैं कभी उसका साथ नहीं छोड़ूँगा और हमेशा उसकी देखभाल करूँगा। उसके बाद हम फोन पर गुप्त बातें करने लगे। मामी ने बताया कि मामा के साथ सेक्स में उसे कोई मजा नहीं आता, लेकिन उसने ज्यादा डिटेल नहीं बताई। सिर्फ इतना कहा कि समय आने पर सब पता चल जाएगा।

एक दिन जब मामा ऑफिस गए हुए थे तो मामी ने मुझे चाय पीने के लिए बुलाया। मैं उनके घर पहुँचा। चाय पीते समय मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। टीवी पर एक किसिंग सीन चल रहा था। मैंने उसे गले लगाकर चूम लिया। मामी ने बिना किसी विरोध के जवाब दिया।

मैंने उसे उठाकर बेडरूम में ले गया। दोनों के बीच जोरदार लिप किसिंग शुरू हो गई। मैंने उसके कपड़ों के ऊपर से ही उसके स्तन दबाए। वह उत्तेजित हो गई। उसकी साँसें तेज हो गईं।

मैंने उसकी कुर्ता उतारी। ब्रा का हुक खोला। उसके निप्पल चूसने लगा। कभी काटता, कभी चूसता। मामी जोर-जोर से चीखने लगी और बोली कि और जोर से चूसो। मैंने उसके पूरे शरीर को चाटा। सलवार और पैंटी उतार दी। उसके योनि पर मुंह लगाकर चाटने लगा। मामी ने मेरा सिर पकड़कर और अंदर दबाया।

थोड़ी देर बाद मामी ने मेरा लिंग मुंह में लिया। शुरू में हिचकिचाई लेकिन फिर जोश से चूसने लगी। मैं बहुत मजे ले रहा था। उसके बाद फिर उसके स्तन चूसने लगा।

मामी ने मुझे गिड़गिड़ाकर कहा कि अब मुझे अंदर डालो। मैंने उसकी टाँगें फैलाईं। आधा लिंग अंदर डाला। मामी को दर्द हुआ और वह चीख पड़ी। मैं रुक गया और उसे चूमकर शांत किया। धीरे-धीरे पूरा लिंग अंदर घुसा। शुरू में दर्द था लेकिन फिर उसे मजा आने लगा। हम दोनों जोर-जोर से सेक्स करने लगे। मामी बार-बार आह-आह कर रही थी।

मैंने उसे डॉगी स्टाइल में करवट दी। लंबे समय तक चोदा। मामी को दो बार चरमसुख मिला। फिर मैं भी झड़ गया।

थोड़ी देर आराम करने के बाद मामी ने सिर्फ कुर्ता पहनकर चाय बनाई। चाय पीते ही हम फिर से सेक्स करने लगे।

मामी ने पूछा कि क्या मैं कभी उसका साथ छोड़ दूँगा। मैंने फिर से वादा किया कि मैं हमेशा उसके साथ रहूँगा। मामी ने कहा कि उसे मुझ पर पूरा भरोसा है और वह मुझे प्यार करती है।

उस दिन के बाद हम रोज गुप्त रूप से सेक्स करने लगे। मामा के ऑफिस जाने के बाद मैं उसके घर पहुँच जाता। दोनों के बीच जोश भरा प्यार और सेक्स का सिलसिला शुरू हो गया।

एक दिन मामी ने बताया कि मामा के साथ सेक्स में उसे कभी संतुष्टि नहीं मिलती। वह हमेशा जल्दी झड़ जाता है। मेरे साथ सेक्स में उसे पूरा आनंद मिलता है। वह मेरे लिंग को बार-बार चूसती और कहती कि तू मेरा असली पति है।

मैं उसे दीवार से टिकाकर खड़ा करके चोदता। मामी की टाँगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट जातीं। हम दोनों जोर-जोर से एक-दूसरे को चूमते। उसका दूधिया शरीर पसीने से चमकने लगता।

कभी-कभी मामी मुझे बेड पर लिटाकर ऊपर चढ़ जाती। वह खुद मेरे लिंग को अपनी योनि में डालकर ऊपर-नीचे होने लगती। उसके स्तन मेरे मुंह के सामने झूलते। मैं उन्हें चूसता रहता। मामी जोर-जोर से चीखती और कहती कि और जोर से चोदो अभय।

एक शाम मामा जल्दी घर आ गए। हम दोनों बाथरूम में छुप गए। मामी ने मुझे चुपचाप चूमते हुए कहा कि आज रात मामा के सो जाने के बाद मैं उसके पास आना। मैंने वादा किया।

रात को जब मामा सो गए तो मामी ने मुझे बुलाया। हम दोनों रसोई में चुपके से सेक्स करने लगे। मामी ने मेरे लिंग को हाथ में लेकर सहलाया। फिर मुंह में लेकर चूसा। मैंने उसे काउंटर पर बैठाकर उसकी योनि चाटी। मामी का पूरा शरीर काँपने लगा।

उसके बाद मैंने उसे पीछे से पकड़कर जोर-जोर से चोदा। मामी का एक हाथ मुंह पर रखा था ताकि आवाज न निकले। हम दोनों बहुत तेजी से झड़ गए।

अगले दिन मामा ऑफिस गए तो मामी ने मुझे पूरे दिन के लिए बुलाया। हम दोनों नंगे होकर घर में घूमते। मामी मुझे हर जगह चूमती। किचन में, सोफे पर, बाथरूम में, हर जगह हम सेक्स करते।

मामी ने एक दिन कहा कि वह मेरे बच्चे की माँ बनना चाहती है। मैंने कहा कि जब समय आएगा हम सोचेंगे। लेकिन अभी हम दोनों का प्यार और सेक्स ही काफी है।

कई बार मामी मुझे बांधकर सेक्स करने को कहती। मैं उसके हाथ-पैर बाँध देता। फिर उसके शरीर को चाटता। वह चीख-चीखकर मेरा नाम लेती।

एक बार मामा तीन दिन के लिए बाहर गए। हम दोनों पूरे तीन दिन नंगे रहकर सेक्स करते रहे। मामी ने मुझे कई बार ब्लोजॉब दिया। मैंने उसे कई बार ओरल सेक्स दिया। दोनों की थकान मिटने का नाम ही नहीं लेती थी।

मामी की ३४-३०-३८ फिगर मुझे हमेशा पागल बनाती। उसके स्तन बड़े और मुलायम। निप्पल गुलाबी। योनि तंग और गीली। जब मैं अंदर जाता तो मामी का शरीर काँप उठता।

हम दोनों ने कई पोजीशन आजमाई। मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, स्पूनिंग सब कुछ। हर बार नया मजा आता। मामी कहती कि तू मेरा असली मर्द है।

एक दिन मामी ने मुझे बताया कि वह मामा से शादी के बाद से ही असंतुष्ट थी। मामा का लिंग छोटा था और वह जल्दी झड़ जाता था। मेरे साथ सेक्स में उसे असली आनंद मिलता है।

हम दोनों का प्यार दिन-ब-दिन बढ़ता गया। मामी कहती कि अगर मामा को पता चला तो वह मुझे मार डालेगा। मैं कहता कि मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूँगा।

कई बार हम दोनों रात को छत पर भी सेक्स करते। चाँदनी में मामी का शरीर चमकता। मैं उसे पीछे से पकड़कर चोदता। मामी का एक हाथ मेरे बालों में फँसा रहता।

मामी ने एक दिन कहा कि वह मेरे लिंग की दीवानी हो गई है। वह दिन में भी मेरे बारे में सोचती रहती। जब मामा ऑफिस जाते तो वह मुझे फोन करके बुलाती।

हम दोनों का सेक्स अब रोजाना का हिस्सा बन गया था। मामी मुझे हर बार नई-नई पोजीशन सिखाती। एक दिन उसने मुझे ६९ पोजीशन में सेक्स करने को कहा। दोनों एक-दूसरे को चाटते रहे।

मामी का शरीर हमेशा तैयार रहता। जब भी मैं उसके पास जाता वह नंगे होकर दरवाजा खोलती। फिर हम दोनों जोर-जोर से चूमते और सेक्स शुरू हो जाता।

एक शाम मामा ने मामी को फिर मारा। मामी रो-रोकर मेरे पास आई। मैंने उसे गले लगाया। फिर हम दोनों बेड पर चले गए। मैंने उसे धीरे-धीरे चूमते हुए सेक्स किया। मामी ने कहा कि तू ही मेरा असली पति है।

हम दोनों का यह गुप्त रिश्ता अब कई महीने पुराना हो चुका था। मामी कहती कि वह मेरे बिना जी नहीं सकती। मैं भी उसे हर पल चाहता।

कई बार मामी मुझे सुबह-सुबह बुलाती। मामा ऑफिस जाने के बाद हम दोनों नहाते समय सेक्स करते। पानी के नीचे भी हम जोश से चोदते।

मामी की योनि हमेशा गीली रहती। जब मैं अंदर जाता तो वह जोर-जोर से चीखती। मैं उसके स्तन दबाता। वह मेरे बाल खींचती।

एक दिन मामी ने कहा कि वह मेरे बच्चे को जन्म देना चाहती है। मैंने कहा कि हम सोचेंगे। लेकिन अभी हम दोनों का प्यार और सेक्स ही काफी है।

हम दोनों का सेक्स अब और भी जोश भरा हो गया था। मामी हर बार नई-नई बातें करती। एक दिन उसने मुझे अपनी गांड में लिंग डालने को कहा। शुरू में दर्द हुआ लेकिन फिर मजा आने लगा।

मामी ने कहा कि तू मेरा सब कुछ है। मैं तेरे बिना नहीं रह सकती। मैंने वादा किया कि मैं हमेशा उसके साथ रहूँगा।

इस तरह अभय और उसकी मामी का गुप्त प्यार और सेक्स का सिलसिला जारी रहा। दोनों हर दिन नए-नए तरीकों से एक-दूसरे को संतुष्ट करते।