मस्त चाची की चुदाई

(Mast Chachi Ki Chudai)

कार्तिक की उम्र उन्नीस साल की थी और उसकी चाची शालिनी की उम्र चौबीस साल की थी। शालिनी बेहद खूबसूरत औरत थी। उसका शरीर देखते ही किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो जाता। उसके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल-गोल गोलियाँ देखकर कार्तिक का मन बार-बार उसके शरीर की ओर खिंचता था।

शालिनी की शादी को तीन साल हो चुके थे, लेकिन उसके पति ज्यादातर समय बाहर रहते थे। घर में अक्सर कार्तिक और शालिनी अकेले रह जाते। कार्तिक को शालिनी की हसीन जिंदगी देखकर जलन होती थी और साथ ही उसकी तरफ आकर्षण भी।

एक शाम की बात है। कार्तिक चाची के कमरे में गया। शालिनी बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसने पतला सा नाइट सूट पहना हुआ था। कार्तिक ने देखा कि उसके स्तनों की आकृति साफ दिख रही थी।

“चाची, आप अकेली हो?” कार्तिक ने पूछा।

“हाँ बेटा, तेरे चाचा बाहर गए हैं।” शालिनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।

कार्तिक बिस्तर के पास जाकर बैठ गया। उसकी नजर बार-बार शालिनी के स्तनों पर जाती थी। शालिनी को यह महसूस हो रहा था, लेकिन वह कुछ नहीं बोली।

“चाची, आप बहुत सुंदर हो।” कार्तिक ने अचानक कहा।

शालिनी हंस पड़ी। “अरे बेटा, तू क्या बातें कर रहा है?”

“सच में चाची, आपकी उम्र तो मेरी से ज्यादा नहीं है, फिर भी आप इतनी जवां लगती हो।” कार्तिक ने उसका हाथ पकड़ लिया।

शालिनी ने हाथ छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन कार्तिक ने उसे मजबूती से पकड़े रखा। “कार्तिक, यह गलत है। मैं तेरी चाची हूँ।”

“चाची, मुझे आपकी परवाह नहीं। मैं आपको चाहता हूँ।” कार्तिक ने शालिनी को अपनी ओर खींचा और उसके होंठों पर अपना मुंह रख दिया।

शालिनी ने विरोध किया, लेकिन कार्तिक का जोश बढ़ता जा रहा था। उसने शालिनी के स्तनों को हाथों से दबाना शुरू कर दिया। शालिनी की सांस तेज हो गई।

“कार्तिक… रुक जा…” शालिनी की आवाज काँप रही थी।

लेकिन कार्तिक ने नहीं रुका। उसने शालिनी का नाइट सूट उतारना शुरू कर दिया। शालिनी का ऊपरी शरीर नंगा हो गया। उसके स्तन सामने थे, बड़े और कड़े।

कार्तिक ने एक स्तन को मुंह में लिया और चूसने लगा। शालिनी के मुंह से निकलने लगी सिसकारियाँ। “आह… कार्तिक…”

कार्तिक ने दूसरे स्तन को भी चूसा। फिर उसने शालिनी की पतलून भी उतार दी। शालिनी की जांघें और उसकी चूत सामने थी।

“चाची, आपकी चूत कितनी सुंदर है।” कार्तिक ने शालिनी की जांघों को फैलाया और उसकी चूत को चाटने लगा।

शालिनी का शरीर काँपने लगा। “कार्तिक… यह गलत है… लेकिन… आह…”

कार्तिक ने अपनी जीभ से शालिनी की चूत को चाटा। उसकी चूत गीली हो रही थी। कार्तिक ने अपनी उंगली अंदर डाली और हिलाने लगा।

“चाची, आपकी चूत बहुत टाइट है।” कार्तिक ने कहा।

शालिनी अब विरोध नहीं कर रही थी। उसका शरीर कार्तिक के स्पर्श का जवाब दे रहा था।

कार्तिक ने अपनी पैंट उतारी। उसका लंड खड़ा था, मोटा और लंबा। शालिनी ने उसे देखा और डर गई।

“कार्तिक, यह बहुत बड़ा है।” शालिनी ने कहा।

“चाची, मैं आपको आराम से चोदूंगा।” कार्तिक ने शालिनी की जांघों को फैलाया और अपना लंड उसकी चूत पर रखा।

धीरे-धीरे कार्तिक ने अपना लंड शालिनी की चूत में घुसाना शुरू किया। शालिनी चीख पड़ी। “आह… दर्द हो रहा है…”

कार्तिक ने धीरे-धीरे धक्के मारे। शालिनी की चूत में उसका लंड आधा घुस चुका था। कार्तिक ने और जोर लगाया। पूरा लंड अंदर चला गया।

“चाची, आपकी चूत में मेरा लंड कितना मजा दे रहा है।” कार्तिक ने शालिनी को चूमते हुए कहा।

शालिनी की आँखों से आँसू निकल रहे थे, लेकिन उसके शरीर में भी सुख का अहसास हो रहा था।

कार्तिक ने तेजी से धक्के मारना शुरू कर दिया। शालिनी की चूत से आवाजें आने लगीं। “छप… छप… छप…”

“आह… कार्तिक… और जोर से…” शालिनी ने खुद को समर्पित कर दिया।

कार्तिक ने शालिनी को उल्टा कर दिया। अब उसकी गांड ऊपर थी। कार्तिक ने शालिनी की गांड को थपथपाया और अपना लंड उसकी चूत में फिर से घुसा दिया।

“चाची, आपकी गांड कितनी सुंदर है।” कार्तिक ने शालिनी की गांड को दबाते हुए कहा।

शालिनी का शरीर आगे-पीछे हो रहा था। कार्तिक के हर धक्के से उसकी चूत में सनसनाहट हो रही थी।

“कार्तिक… मैं झड़ने वाली हूँ…” शालिनी ने कहा।

कार्तिक ने और तेजी से धक्के मारे। शालिनी का शरीर काँप उठा और उसकी चूत से पानी निकलने लगा।

“चाची, आप झड़ गईं।” कार्तिक ने कहा।

लेकिन कार्तिक का लंड अभी भी खड़ा था। उसने शालिनी को सीधा किया और उसके स्तनों को चूसते हुए धक्के मारना जारी रखा।

“चाची, मैं भी झड़ने वाला हूँ।” कार्तिक ने कहा।

“अंदर ही झड़ जा…” शालिनी ने कहा।

कार्तिक ने जोर से धक्का मारा और अपनी चूत शालिनी की चूत में छोड़ दी। गर्म-गर्म वीर्य शालिनी की चूत में भर गया।

दोनों थककर बिस्तर पर गिर पड़े।

“चाची, यह हमारा राज रहेगा।” कार्तिक ने शालिनी को चूमते हुए कहा।

शालिनी ने सिर हिलाकर हाँ कहा।

उस रात के बाद कार्तिक और शालिनी के बीच कई मुलाकातें हुईं। हर बार कार्तिक शालिनी को चोदता और शालिनी उसकी गुलाम बनती जाती।

एक दिन कार्तिक ने शालिनी को रसोई में पकड़ लिया। शालिनी खाना बना रही थी।

“चाची, मुझे आपकी जरूरत है।” कार्तिक ने शालिनी को पीछे से पकड़ लिया।

“कार्तिक, अभी नहीं। कोई आ सकता है।” शालिनी ने विरोध किया।

लेकिन कार्तिक ने उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसकी चूत में उंगली डाल दी। शालिनी की सांस रुक गई।

“चाची, आप गीली हो गईं।” कार्तिक ने कहा।

शालिनी ने पीछे मुड़कर कार्तिक को चूमा। कार्तिक ने शालिनी को मेज पर लिटा दिया और उसकी चूत चाटने लगा।

“आह… कार्तिक…” शालिनी की सिसकारियाँ रसोई में गूंज रही थीं।

कार्तिक ने अपना लंड निकाला और शालिनी की चूत में घुसा दिया। शालिनी की जांघें मेज के किनारे लटक रही थीं।

“चाची, आपकी चूत कितनी गर्म है।” कार्तिक ने धक्के मारते हुए कहा।

शालिनी ने मेज को पकड़ रखा था। कार्तिक के हर धक्के से मेज हिल रही थी।

“कार्तिक… जोर से…” शालिनी ने कहा।

कार्तिक ने शालिनी की टांगें अपने कंधों पर रखीं और गहरे धक्के मारे। शालिनी की चूत में कार्तिक का लंड पूरी तरह घुस रहा था।

“चाची, मैं झड़ने वाला हूँ।” कार्तिक ने कहा।

“मेरे मुंह में…” शालिनी ने कहा।

कार्तिक ने अपना लंड निकाला और शालिनी के मुंह में डाल दिया। शालिनी ने कार्तिक के लंड को चूसना शुरू कर दिया।

“चाची, आप अच्छा चूसती हो।” कार्तिक ने शालिनी के बाल पकड़कर कहा।

शालिनी ने कार्तिक के लंड को गले तक लिया। कार्तिक का वीर्य शालिनी के मुंह में निकल गया। शालिनी ने सब कुछ निगल लिया।

“चाची, आप बहुत अच्छी हो।” कार्तिक ने शालिनी को उठाकर चूम लिया।

शालिनी मुस्कुराई। “बेटा, तू भी बहुत अच्छा है।”

उनके रिश्ते में अब कोई रोक-टोक नहीं थी। कार्तिक जब भी मौका मिलता, शालिनी को चोदता। शालिनी भी अब पूरी तरह से कार्तिक की गुलाम बन चुकी थी।

एक रात कार्तिक ने शालिनी को अपनी गोद में उठाकर बिस्तर पर लिटाया।

“चाची, आज मैं आपको पूरी रात चोदूंगा।” कार्तिक ने कहा।

शालिनी ने अपनी टांगें फैलाईं। “आजा बेटा, मुझे अपनी बना ले।”

कार्तिक ने शालिनी की चूत में अपना लंड घुसाया और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। शालिनी के स्तन उछल रहे थे।

“चाची, आपके स्तन कितने सुंदर हैं।” कार्तिक ने एक स्तन को मुंह में लिया।

शालिनी ने कार्तिक के सिर को अपने स्तनों पर दबाया। “चूस बेटा, चूस ले।”

कार्तिक ने शालिनी के दोनों स्तनों को चूसा। फिर उसने शालिनी को उल्टा किया और उसकी गांड चाटने लगा।

“आह… कार्तिक…” शालिनी की सिसकारियाँ और तेज हो गईं।

कार्तिक ने शालिनी की गांड में उंगली डाली। शालिनी का शरीर काँप उठा।

“चाची, आपकी गांड भी बहुत टाइट है।” कार्तिक ने कहा।

शालिनी ने पीछे मुड़कर कार्तिक को देखा। “बेटा, मेरी गांड में भी डाल दे।”

कार्तिक ने शालिनी की गांड में अपना लंड घुसाना शुरू किया। शालिनी चीख पड़ी। “आह… दर्द हो रहा है…”

कार्तिक ने धीरे-धीरे धक्के मारे। शालिनी की गांड में उसका लंड घुसता गया।

“चाची, आपकी गांड में मेरा लंड कितना मजा दे रहा है।” कार्तिक ने कहा।

शालिनी का शरीर आगे-पीछे हो रहा था। कार्तिक के धक्कों से शालिनी की गांड लाल हो गई थी।

“कार्तिक… और जोर से…” शालिनी ने कहा।

कार्तिक ने शालिनी की गांड में तेजी से धक्के मारे। शालिनी का शरीर काँप उठा और उसकी चूत से पानी निकलने लगा।

“चाची, आप झड़ गईं।” कार्तिक ने कहा।

कार्तिक ने भी शालिनी की गांड में अपना वीर्य छोड़ा। दोनों थककर गिर पड़े।

“चाची, आप मेरी हो गईं।” कार्तिक ने शालिनी को चूमते हुए कहा।

शालिनी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ बेटा, मैं तेरी हूँ।”

उनके इस गुप्त रिश्ते में अब कोई बाधा नहीं थी। कार्तिक और शालिनी जब भी मौका मिलता, एक-दूसरे के शरीर का मजा लेते।

शालिनी अब पूरी तरह से कार्तिक की गुलाम बन चुकी थी। वह कार्तिक के हर आदेश का पालन करती।