दोस्तों, नमस्ते! मेरा नाम राहुल है। मैं जौनपुर जिले के सोंगर गांव का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 19 साल है और मैं एकदम जवान हूं। गांव का जीवन तो आप सब जानते ही हैं, लेकिन मेरी जिंदगी में एक ऐसी आदत है जो मुझे हर दिन नई उत्तेजना देती है।
लॉकडाउन के दौरान मैं पॉर्न वीडियो का दीवाना हो गया था। रोजाना दो-तीन बार तो मुठ मारना आम बात हो गई थी। कभी-कभी तो मैं अपनी भाभी के बारे में सोचकर ही झड़ जाता था।
हां, वही भाभी जो पड़ोस में रहती है, जिसकी कमर इतनी पतली है और चूचियां इतनी मोटी कि देखते ही लंड खड़ा हो जाता है।
लेकिन आज की कहानी मेरी भाभी की नहीं, बल्कि एक अनजान भाभी की है, जो अरहर के खेत में मिली और जिसने मेरी जिंदगी बदल दी।
मेरा लंड आठ इंच लंबा और मोटा है। लॉकडाउन में इतना मुठ मारने से शायद यही फायदा हुआ। मैं सोचता था कि ज्यादा मुठ मारने से लंड बड़ा हो जाता है। खैर, अब कहानी पर आते हैं। आज का दिन बहुत गर्म था।
सूरज ऊपर चढ़ा हुआ था और पारा 40 डिग्री के आसपास था। मैं घर पर फ्री फायर खेल रहा था। मोबाइल में गेम चल रहा था और मैं दुश्मनों को मार रहा था। तभी मेरे पिताजी ने चिल्लाकर कहा, राहुल, उठो! भैंस के लिए चारी काट लाओ।
खेत में जाओ, घास काटो। मैंने मन ही मन गाली दी, लेकिन क्या करूं, पिताजी का आदेश है। मैंने साइकिल उठाई और घर से एक किलोमीटर दूर अरहर के खेत की ओर चल पड़ा।
रास्ता कच्चा था, धूल उड़ रही थी। साइकिल की चेन खटखटा रही थी। मैं पसीने से तर था। लुंगी पहने हुए था, ऊपर बनियन। लंड थोड़ा सा उभरा हुआ था क्योंकि सुबह ही एक पॉर्न क्लिप देखी थी। खेत पहुंचा तो देखा अरहर की फसल हरी-भरी है।
पौधे ऊंचे हैं, छह-सात फुट के। बीच में घास भी फैली हुई है। मैंने कटार निकाली और घास काटने लगा। काम करते-करते थकान हो रही थी, लेकिन तभी मेरी नजर पौधों की ओर गई। कुछ हलचल सी हुई।
लगा जैसे कोई चोर है। मैं सतर्क हो गया। चुपचाप कटार हाथ में लेकर आगे बढ़ा। धीरे-धीरे अरहर के पौधों के बीच से गुजरा। बीच में एक खाली जगह थी, जैसे कोई सर्कुलर क्लियरिंग।
वहां पहुंचते ही मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं। एक भाभी बैठी हुई थी। देसी स्टाइल में साड़ी पहनी हुई, लेकिन साड़ी ऊपर चढ़ी हुई थी। टांगें फैलाई हुईं, और हाथ अपनी चूत पर। वह उंगली डाल रही थी अपनी रसीली चूत में।
मुंह से आवाजें आ रही थीं, आह… सी… आह… सी…। पल्लू खिसक गया था, ब्लाउज में चूचियां तनी हुईं। वह किसी पॉर्न स्टार जैसी लग रही थी। भाभी की उम्र 28-30 के बीच होगी। गोरी चिट, मोटी गांड, और चूचियां 36 साइज की कम से कम।
मैंने झाड़ी के पीछे छिपकर देखना शुरू कर दिया। मेरा लंड पैंट में खड़ा हो गया। दो मिनट तक मैंने देखा। वह कितनी मजे ले रही थी।
फिर वह और बेशर्म हो गई। ब्लाउज के बटन खोल दिए। चूचियां बाहर आ गईं। एक हाथ से चूत रगड़ रही थी, दूसरे से चूचियां मसल रही थी। निप्पल्स कड़े हो चुके थे। मैं और उत्तेजित हो गया। धीरे से पीछे से गया।
सूखे पत्ते सरसराए, लेकिन वह इतनी लस्ट में थी कि नोटिस नहीं किया। मैंने अचानक उसके चूचियों को पीछे से पकड़ लिया। वह उछल पड़ी। चिल्लाई, कौन है तू?
मैंने हंसते हुए कहा, मैं वही हूं जो तुझे सबसे ज्यादा चाहिए। मेरी पैंट में लंड रगड़ रहा था। उसने बुल्ज देखा और मुस्कुराई। बोली, बबुआ, तू तो बच्चा है। मेरी मुनिया की आग बुझा पाएगा? तेरे भैया का लंड तो छोटा है, लेकिन तू क्या कर लेगा?
मैंने चैलेंज लिया। बोला, ट्राई तो कर। वह मना करने लगी, लेकिन मैंने पैंट और अंडरवियर उतार दिए। मेरा आठ इंच का मोटा लंड बाहर आ गया। वह चौंक गई। बोली, अरे वाह, ये तो असली है। भैया का तो आधा भी नहीं। ठीक है, आ जा।
मैंने झपट्टा मारा। उसके फैलाए कपड़ों पर लिटा दिया। पॉर्न से सीखा हुआ सब इस्तेमाल किया। पहले उसके चूचियों के बीच लंड दबाया। टिट फक करने लगा। उसने चूचियां दबाईं और मुझे स्वर्ग का आनंद दिया।
लंड चूचियों में फिसल रहा था। फिर मैं उसके ऊपर लेट गया। होंठ चूमने लगा। जैसे आइसक्रीम चाट रहा हूं। उसके होंठ गीले हो गए। हमने फ्रेंच किस किया। वह मेरी जीभ चूस रही थी जैसे लंड। मैंने उसकी चूत में उंगली डाली। वह पागल हो गई। टांगें फैला दीं।
कुछ मिनट बाद वह बोली, चोद दे हरामी, मार जाऊंगी। मैंने चूत पर लंड का सिरा रगड़ा। लेबिया खोले लेकिन अंदर नहीं डाला। वह तड़पने लगी। गालियां देने लगी। आखिरकार तीन धक्कों में पूरा लंड अंदर कर दिया। दर्द और मजा दोनों हो रहा था। उसकी चूत भट्टी जैसी गर्म। रस बह रहा था।
वह बोली, कितना भरा हुआ लग रहा है। तू मेरा राजा है। चोद अपनी रंडी को। मैंने स्पीड बढ़ाई। पॉर्न स्टार की तरह पेला। लंड सिलाई मशीन की तरह चूत फाड़ रहा था। आह… चोद… और जोर से…।
मैंने चूचियां चूसीं। वह मेरे सिर को दबा रही थी। टांगें मेरी गांड पर लपेट लीं। 20 मिनट की पेलाई। थप्पड़ की आवाजें खेत में गूंज रही थीं।
क्लाइमैक्स आने वाला था। मैंने पूछा, कहां डालूं? बोली, चूचियों पर। मैंने बाहर निकाला और चूचियों पर झड़ दिया। वह तीन बार झड़ी, स्क्वर्ट किया। हम दोनों पसीने से तर।
दोस्तों, यह मेरी स्टोरी। मजा आया? ईमेल करो।