नमस्ते दोस्तों, मैं अंकित हूं। पुणे के एक कॉलेज में पढ़ता हूं। आज मैं आपको अपनी जिंदगी की एक ऐसी असली घटना के बारे में बताने जा रहा हूं जो मेरी स्कूल वाली दोस्त काजल के साथ हुई।
काजल, वो नाम सुनते ही मेरे दिमाग में स्कूल के दिनों की यादें ताजा हो जाती हैं। वो लड़की जो पूरे स्कूल में सबसे खूबसूरत और घमंडी थी। हर लड़का उसकी तरफ देखता था, लेकिन वो किसी को भी नजरअंदाज कर देती थी।
मैं भी उनमें से एक था, लेकिन कभी हिम्मत नहीं जुटा पाया कि उससे कुछ कहूं। अब सोचता हूं तो लगता है कि शायद वो मौका चूक गया था। लेकिन किस्मत ने मुझे एक ऐसा मौका दिया जो मैं कभी भूल नहीं सकता। ये कहानी थोड़ी लंबी है, लेकिन विस्तार से सुनिएगा, क्योंकि इसमें हर पल का मजा है।
स्कूल में काजल आठवीं क्लास से ही क्लास की क्वीन थी। लंबे काले बाल, गोरी चिट्टी त्वचा, बड़ी-बड़ी आंखें और वो मुस्कान जो किसी को भी दीवाना बना दे। वो हमेशा शॉर्ट स्कर्ट पहनती, जिससे उसके पतले पैर दिखते और लड़के घूरते रहते। लेकिन काजल का घमंड देखते ही बनता था।
अगर कोई लड़का पास आने की कोशिश करता तो वो ऐसे तिरस्कार करती जैसे वो किसी की औकात ही न हो। मैं अंकित, एक औसत छात्र था। अच्छे नंबर लाता, लेकिन स्पोर्ट्स में कमजोर। काजल कभी-कभी क्लास में मेरी तरफ देखती, लेकिन शायद इसलिए क्योंकि मैं उसके पड़ोस में बैठता था।
एक बार तो मैंने हिम्मत करके उससे बात करने की कोशिश की। ‘हाय काजल, आज का होमवर्क मिला?’ मैंने पूछा। वो मुस्कुराई और बोली, ‘हां अंकित, लेकिन तू खुद कर ले। मैं किसी का होमवर्क नहीं देती।’
बस इतना ही। उसके बाद मैं चुप हो गया। लेकिन मन ही मन सोचता रहता कि एक दिन इसे सबक सिखाऊंगा।
स्कूल खत्म होने के बाद हम सब अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गए। काजल ने कहीं और कॉलेज चुना, लेकिन किस्मत का खेल देखिए, वो भी पुणे आ गई। मैं तो पहले से ही यहां पढ़ रहा था।
कभी-कभी सोशल मीडिया पर उसकी पोस्ट देखता। वो अभी भी वैसी ही लग रही थी, बस अब थोड़ी और मैच्योर। फोटोज में वो पार्टी करती, दोस्तों के साथ घूमती। लेकिन मुझे पता चला कि वो किसी पार्लर में काम करती है।
मेरा एक दोस्त, राहुल, जो स्पा और मसाज का शौकीन था, उसने मुझे बताया। ‘अंकित, पुणे में एक नया स्पा खुला है। वहां की मसाजिस्ट्स कमाल की हैं। चल ना एक बार।
राहुल ने कहा। मैं हिचकिचाया, लेकिन मन में कुछ खुराफाती विचार आ गए। क्या पता काजल वहां हो। मैंने हामी भर ली।
अगले दिन हम स्पा पहुंचे। ये एक लग्जरी पार्लर था, जहां मेन और विमेन दोनों के लिए सर्विसेज थीं। अंदर घुसते ही सुगंधित तेलों की खुशबू फैली हुई थी। सॉफ्ट म्यूजिक बज रहा था। रिसेप्शन पर एक लड़की ने पूछा, ‘सर, क्या सर्विस चाहिए?’ मैंने कहा, ‘फुल बॉडी मसाज।’
उन्होंने मेनू दिखाया। मैंने एक प्राइवेट रूम चुना। अब मसाजिस्ट चुनने का टाइम था। फोटोज दिखाईं, और वहां काजल की फोटो थी। लाल साड़ी में, मुस्कुराती हुई। मेरा दिल धड़क गया। ‘
इसे ही चुन लो।’ मैंने इशारा किया। राहुल ने आंख मारकर कहा, ‘गुड चॉइस ब्रो।’ वो अलग रूम में चला गया, और मैं इंतजार करने लगा।
कुछ मिनट बाद दरवाजा खुला। काजल अंदर आई। सफेद यूनिफॉर्म में, बाल बंधे हुए। वो मुझे देखते ही सन्न रह गई। ‘अंकित? तू यहां?’ उसकी आवाज कांप रही थी। मैं मुस्कुराया, ‘हां काजल, कैसी हो? लंबे समय बाद मिले।
वो घबरा गई। ‘ये क्या अंकित? तूने मुझे क्यों चुना? मैं… मैं यहां काम करती हूं, लेकिन…’ मैंने दरवाजा बंद कर दिया और बोला, ‘काम तो करना पड़ेगा ना। मैंने पैसे दिए हैं।’ काजल ने पीछे हटते हुए कहा, ‘अंकित प्लीज, ये स्कूल का टाइम नहीं है।
अगर किसी को पता चला कि मैं यहां काम करती हूं, तो मेरी इज्जत…’ मैंने हंसते हुए कहा, ‘तो क्या? स्कूल में तो तू रानी थी। अब पार्लर में मसाजिस्ट? वाह!’ काजल की आंखें नम हो गईं। ‘अंकित, प्लीज मत बताना किसी को। मैं मजबूरी में कर रही हूं। फैमिली प्रॉब्लम्स हैं।’
मैंने सोचा, ये मौका है। ‘ठीक है, लेकिन एक शर्त पर।’ काजल ने पूछा, ‘क्या शर्त?’ मैंने करीब आते हुए कहा, ‘तू मेरी हो जाएगी। जब चाहूं, तब चोदूंगा। फ्री में। वरना सबको बता दूंगा कि तू यहां क्या-क्या करती है।’ काजल का चेहरा सफेद पड़ गया। ‘
अंकित, ये क्या बात कर रहा है? मैं तेरी दोस्त हूं।’ मैंने हंसकर कहा, ‘दोस्त? स्कूल में तो तूने मुझे नजरअंदाज किया। अब वक्त आ गया है हिसाब बराबर करने का।’ वो रोने लगी, लेकिन मजबूरी थी। ‘ठीक है अंकित, लेकिन सिर्फ आज।’ मैंने सिर हिलाया, ‘नहीं, जब तक मैं न कहूं। अब शुरू कर।’
काजल ने कांपते हाथों से मसाज तेल निकाला। मैंने अपनी शर्ट उतार दी। ‘पूरा उतार।’ मैंने ऑर्डर दिया। वो झुक गई और मेरी पैंट खोलने लगी। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था। काजल ने देखा तो चौंक गई। ‘अंकित, ये… इतना बड़ा?’ मैंने हंसकर कहा, ‘हां, अब चूस।
वो घुटनों पर बैठ गई। उसके होंठ मेरे लंड के पास आए। पहले हिचकिचाई, लेकिन फिर मुंह खोलकर चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड की टिप पर घूम रही थी। मैंने उसके बाल पकड़ लिए और जोर से अंदर धकेल दिया। ‘
आह… काजल, अच्छा लगा रहा है। स्कूल में सोचा था कभी ऐसा होगा?’ वो गड़गड़ाई, लेकिन चूसती रही। लार टपक रही थी उसके मुंह से। मैंने 10 मिनट तक चुसवाया, फिर खींच लिया। ‘अब लेट जा।’
काजल बेड पर लेट गई। मैंने उसकी यूनिफॉर्म खोली। अंदर ब्लैक ब्रा और पैंटी। उसके स्तन बड़े और गोल थे। मैंने ब्रा खींची और चूसने लगा। काजल सिहर उठी। ‘अंकित… प्लीज धीरे।’ लेकिन मैंने काट लिया।
निप्पल्स सख्त हो गए। फिर पैंटी उतारी। उसकी चूत साफ शेव्ड थी, गीली हो चुकी। मैंने उंगली डाली। ‘आह!’ काजल चीखी। ‘दर्द हो रहा है अंकित।’ मैंने कहा, ‘चुप। ये तो शुरुआत है।
दो उंगलियां डालकर अंदर-बाहर करने लगा। काजल का शरीर कांप रहा था। वो मोअन कर रही थी, ‘ओह… अंकित… बस कर।’ लेकिन मैं रुका नहीं। तीसरी उंगली डाली, चूत फैल गई।
अब मैंने अपना लंड उसके मुंह पर रगड़ा। ‘फिर चूस।’ काजल ने आंखें बंद करके चूसना शुरू किया। इस बार और गहराई से। मैंने उसके सिर को पकड़कर पेला। गले तक चला गया लंड। वो खांस रही थी, लेकिन जारी रखा। ‘अच्छी लड़की। अब तैयार हो।’ मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया। गांड ऊपर। चूत पर लंड रखा और एक झटके में अंदर।
‘आआआह!’ काजल चिल्लाई। ‘बहुत बड़ा है अंकित, फट जाएगी।’ मैंने कमर पकड़कर धक्के मारने लगा। चूत टाइट थी, लेकिन गीली। हर धक्के के साथ आवाज आ रही थी, ‘पच… पच…’ काजल रो रही थी, लेकिन धीरे-धीरे मोअन में बदल गया। ‘ओह अंकित… हां…’
मैंने स्पीड बढ़ाई। उसके स्तन झूल रहे थे। हाथ से पकड़कर मसला। 15 मिनट तक चोदा, फिर पोजीशन बदली। मिशनरी में। उसके पैर फैलाए और गहराई से अंदर। काजल की आंखें बंद, होंठ काट रही। ‘अंकित… मुझे अच्छा लग रहा है।
स्कूल में तुझे पसंद करती थी। क्यों न कहा तूने?’ मैंने हंसकर कहा, ‘अब कह रहा हूं। तू मेरी हो।’ चूत से रस निकल रहा था। आखिरकार मैं झड़ गया। गर्म वीर्य अंदर भर दिया। काजल भी कांपकर ऑर्गेज्म में पहुंच गई। ‘आह… अंकित!’
हम दोनों पसीने से तर थे। काजल लेटी रही। मैंने पानी पिया। ‘कैसा लगा?’ मैंने पूछा। वो शरमाई, ‘पहली बार इतना इंटेंस। लेकिन अंकित, ये सिर्फ फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स है ना?’ मैंने कहा, ‘हां, बस इतना ही।
लेकिन जब चाहूं, तब बुलाऊंगा।’ काजल ने सिर हिलाया। फिर वो उठी और मसाज देने लगी। उसके हाथ मेरी पीठ पर। लेकिन मैंने फिर उकसाया। ‘अभी और चाहिए।’ काजल हंसी, ‘अंकित, तू तो थकता नहीं।’
अब मैंने एनल की बात की। ‘गांड मारूंगा।’ काजल डर गई। ‘नहीं अंकित, वो तो दर्द होगा। कभी नहीं किया।’ मैंने कहा, ‘करना पड़ेगा। तेल लगा।’ वो रोई, लेकिन तैयार हुई। डॉगी में गांड ऊपर।
मैंने तेल लगाया और धीरे से टिप डाली। ‘आह! दर्द!’ काजल चीखी। मैं रुका, फिर धकेला। गांड टाइट, लेकिन अंदर चला गया। धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई। काजल दर्द से तड़प रही थी, लेकिन मैंने जारी रखा।
अच्छा लगेगा अब।’ 10 मिनट बाद वो आदत डल गई। ‘ओह अंकित… हल्का सा अच्छा।’ मैंने जोर से पेला और अंदर झड़ गया।
फिर हम शावर में गए। गर्म पानी के नीचे। काजल ने साबुन लगाया। मैंने उसके शरीर पर हाथ फेरा। फिर वॉल पर सटाकर चोदा। पैर उठाकर। चूत फिर गीली।
अंकित… यहां?’ वो बोली। ‘हां, चुप।’ धक्के मारे। पानी की आवाज के साथ। दोनों ऑर्गेज्म हुए। बाहर आकर काजल ने मसाज पूरी की। ‘अंकित, तूने मुझे बदल दिया।
ये कहानी अभी अधूरी है। अगले भाग में बताऊंगा कैसे काजल मेरी जिंदगी का हिस्सा बनी।