समुद्र तट पर माँ के साथ ग्रुप सेक्स

(Beach Par Maa Ke Sath Group Sex)

सरोज और उसकी माँ की यह छुट्टी समुद्र तट पर एक अनोखी याद बन गई। सरोज एक 18 साल का लड़का था जो अपनी माँ के साथ इस छुट्टी पर आया था। उसकी माँ रीता 38 साल की एक आकर्षक औरत थीं जिनका शरीर अब भी जवानी की तरह कसा हुआ और मोहक था।

लंबे काले बाल, गोरी त्वचा, और एक ऐसा फिगर जो किसी को भी अपनी ओर खींच ले। वे दोनों मुंबई से गोवा के एक शानदार रिसॉर्ट में आए थे। समुद्र की लहरें, रेत का स्पर्श, और सूरज की गर्माहट सब कुछ परफेक्ट लग रहा था। लेकिन सरोज को क्या पता था कि यह छुट्टी उसके जीवन का सबसे चौंकाने वाला अनुभव साबित होगी।

पहले दिन, वे समुद्र तट पर घूमने निकले। रीता ने एक सेक्सी रेड बिकिनी पहनी थी जो उसके कर्व्स को पूरी तरह उभार रही थी। ऊपर से एक पारदर्शी शॉल लपेटी हुई थी लेकिन वो भी उसके शरीर की खूबसूरती को छिपा नहीं पा रही थी।

सरोज थोड़ा शर्मीला था और माँ के साथ अकेले घूमने में खुश था। वे रेत पर टहल रहे थे जब अचानक एक ग्रुप ऑफ बॉयज नजर आया। ये चार-पांच लड़के थे, सब 20-22 साल के, मजबूत कद-काठी वाले, शायद लोकल या टूरिस्ट। वे बीच पर वॉलीबॉल खेल रहे थे और उनकी हंसी-मजाक दूर से ही सुनाई दे रही थी।

रीता ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘सरोज, देखो कितने एनर्जेटिक लड़के हैं। चलो, हम भी थोड़ा मजे करें।’ सरोज ने हिचकिचाते हुए कहा, ‘माँ, हम तो बस घूमने आए हैं।’ लेकिन रीता पहले ही आगे बढ़ चुकी थीं।

वे लड़कों के पास पहुंचीं और बोलीं, ‘हैलो बॉयज, क्या मैं भी आपके साथ थोड़ा खेल सकती हूं?’ लड़कों ने एक-दूसरे को देखा और मुस्कुरा दिए। एक लंबे लड़के ने कहा, ‘बिल्कुल आंटी, आपका स्वागत है। हमारा नाम राज है। ये हैं विक्रम, अजय, और सुनील।’ रीता ने हंसते हुए कहा, ‘मुझे रीता कहो, आंटी मत। मैं अभी जवान हूं।’

खेल शुरू हुआ। रीता बीच वॉलीबॉल में शामिल हो गईं। उनकी बिकिनी में उछल-कूद के दौरान उनका शरीर हिल रहा था, ब्रेस्ट्स उभर रहे थे, और लड़के बार-बार उन्हें छूने या देखने के बहाने आकर्षित हो रहे थे।

सरोज किनारे पर बैठा सब देख रहा था। उसे थोड़ा अजीब लग रहा था लेकिन माँ खुश थीं तो वो चुप रहा। खेल के दौरान राज ने गलती से रीता को छुआ और कहा, ‘सॉरी आंटी, लेकिन आपका बॉडी तो कमाल का है।’ रीता ने आंख मारते हुए कहा, ‘कोई बात नहीं राज, छू लो अगर और मजा आए।’ लड़के हंस पड़े।

धीरे-धीरे खेल खत्म हुआ लेकिन बातें जारी रहीं। वे सब रेत पर बैठ गए। सुनील ने कहा, ‘रीता जी, आप अकेली आई हैं क्या?’ रीता ने सरोज की ओर इशारा किया, ‘नहीं, मेरा बेटा सरोज है वो।’ लेकिन लड़के रीता पर ही फोकस्ड थे।

विक्रम ने बोला, ‘आपका फिगर देखकर लगता है आप जिम जाती होंगी।’ रीता ने शरमाते हुए कहा, ‘हां, थोड़ा बहुत तो रखती हूं।’ बातें बढ़ीं और जल्द ही फ्लर्टिंग शुरू हो गई।

अजय ने कहा, ‘रीता, आपकी स्किन इतनी सॉफ्ट लग रही है, छूना चाहूं तो?’ रीता ने हंसकर कहा, ‘ट्राई करो ना।’ अजय ने हल्के से उनका हाथ छुआ और फिर कंधा। रीता ने कोई विरोध नहीं किया।

सरोज को लगा कि कुछ गलत हो रहा है लेकिन वो उठ न सका। लड़के और करीब आ गए। राज ने रीता की कमर पर हाथ रखा और कहा, ‘यहां थोड़ा सनस्क्रीन लगाना चाहिए, जल न जाए।’ रीता ने बोला, ‘हां, लगाओ ना।’ राज ने क्रीम निकाली और रीता की पीठ पर मलने लगा।

उसके हाथ धीरे-धीरे नीचे सरक गए, बिकिनी के नीचे तक। रीता सांस ले रही थीं, आनंद ले रही थीं। बाकी लड़के देख रहे थे। विक्रम ने कहा, ‘मैं भी मदद करूं?’ रीता ने हामी भरी। अब दो लड़के उनकी पीठ और जांघों पर हाथ फेर रहे थे। सरोज का दिल धड़क रहा था।

फिर अचानक राज ने रीता को किस करने की कोशिश की। रीता ने पहले हिचकिचाई लेकिन फिर लिप्स पर लिपट गईं। बाकी लड़के उत्साहित हो गए। सुनील ने रीता की बिकिनी का स्ट्रैप खींचा और बोला, ‘ये तो बहुत टाइट है, ढीला कर दें।’ रीता ने कहा, ‘हां, करो।

जल्द ही रीता का टॉप उतर गया और उसके बड़े ब्रेस्ट्स बाहर आ गए। लड़के उन्हें छूने लगे, चूसने लगे। रीता कराह रही थीं, ‘आह… राज… अच्छा लग रहा है।’ सरोज छिपकर देख रहा था, शॉक में था।

लड़के रीता को रेत पर लिटा दिया। उनकी बिकिनी बॉटम भी उतार दी। अब रीता नंगी थीं। राज ने अपना लंड बाहर निकाला, जो कड़ा हो चुका था। ‘रीता, इसे चूसो ना।’ रीता ने मुस्कुराकर पकड़ा और मुंह में ले लिया।

चूसने लगीं, जीभ से चाटने लगीं। विक्रम ने पीछे से उनकी चूत में उंगली डाल दी। रीता चिल्लाईं, ‘ओह… विक्रम… और डालो।’ अजय और सुनील उनके ब्रेस्ट्स को मसल रहे थे। सरोज देखता रहा कैसे माँ एक-एक करके सबके लंड चूस रही थीं।

राज ने पहले रीता को डॉगी स्टाइल में चोदा। उसका लंड रीता की चूत में घुसा और तेजी से पिस्टन चलाने लगा। रीता चीख रही थीं, ‘हां राज… जोर से चोदो… आह… मेरा मतलब है मजा आ रहा है।

बाकी लड़के वेट कर रहे थे। विक्रम ने अपना लंड रीता के मुंह में ठूंस दिया। अब रीता दो लंड्स हैंडल कर रही थीं। सुनील ने उनके गांड में उंगली डाली। रीता बोलीं, ‘सुनील, गांड भी चोदना है?’ सुनील ने हां कहा और अपना लंड गलत तरीके से घुसेड़ दिया। रीता दर्द और सुख में तड़प रही थीं।

चारों लड़कों ने बारी-बारी से रीता को चोदा। एक चूत में, एक मुंह में, एक गांड में, और एक ब्रेस्ट्स पर रगड़ रहा था। रीता का शरीर पसीने और रेत से सना था। वे बोलीं, ‘लड़कों, सबको मजा दो… आओ सब मिलकर।

वे गैंगबैंग में लग गए। राज ने चूत में झड़ दिया, गर्म वीर्य रीता के अंदर भर गया। विक्रम ने मुंह में। रीता ने निगल लिया। अजय ने गांड में, सुनील ने ब्रेस्ट्स पर। रीता हंस रही थीं, ‘वाह… कितना मजा आया।’ सरोज चुपके से भाग गया, उसके मन में उथल-पुथल मची हुई थी।

शाम को वे होटल लौटे। रीता ने कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुराईं। सरोज ने पूछा, ‘माँ, बीच पर क्या हो रहा था?’ रीता ने कहा, ‘बेटा, कुछ नहीं, बस मजे किए। तू चिंता मत कर।

रात को डिनर के लिए रीता ने एक सेक्सी ऑरेंज नाइटी पहनी। वो पारदर्शी थी, अंदर कुछ नहीं पहना था। बाल खुले, परफ्यूम लगाया। सरोज के पिता घर पर थे, ये सिर्फ माँ-बेटे की ट्रिप थी। डिनर हॉल में वे बैठे। रीता का शरीर नाइटी में चमक रहा था। आसपास के मर्द घूर रहे थे।

सरोज ने देखा, बीच वाले लड़के भी वहां थे। वे एक टेबल पर बैठे रीता को देख रहे थे। राज ने फुसफुसाया, ‘देखो, वो हॉट आंटी फिर आ गई। कल बीच पर तो कमाल कर दिया था।’

विक्रम बोला, ‘हां, आज रात उसके कमरे में जाऊंगा।’ सरोज सुन रहा था, गुस्सा आया लेकिन बोला नहीं। डिनर के दौरान एक वेटर ने रीता को वाइन सर्व की और कहा, ‘मैम, आप बहुत ब्यूटीफुल लग रही हैं।’ रीता ने धन्यवाद कहा और आंख मारी।

डिनर खत्म हुआ। रीता बोलीं, ‘सरोज, तू सो जा। मैं थोड़ा घूम आती हूं।’ सरोज के कमरे में लेटा वो सोच रहा था। रात के 11 बजे, उसे प्यास लगी तो माँ के कमरे की ओर गया। दरवाजा थोड़ा खुला था। अंदर का नजारा देखकर वो स्तब्ध रह गया।

रीता बेड पर नंगी लेटी थीं। उनके चारों ओर वही बीच वाले चार लड़के खड़े थे। सबके पैंट नीचे, लंड बाहर। राज का लंड सबसे बड़ा, काला और मोटा। विक्रम का लंबा, अजय का मोटा, सुनील का मुस्लिम लड़का था, उसका लंड परदा डाले हुए सा।

रीता ने मुस्कुराकर कहा, ‘आओ लड़कों, कल बीच पर अधूरा रह गया। आज पूरा मजा लो।’ राज ने कहा, ‘रीता, आप तो कमाल हो। हम सब आपके दीवाने हो गए।’ रीता ने राज का लंड पकड़ा और सहलाने लगीं। ‘ये कितना सख्त है। चूसूंगी?’ राज ने हां कहा।

रीता ने मुंह में लिया, चूसने लगीं। जीभ से टिप चाटी, गले तक लिया। विक्रम ने कहा, ‘मुझे भी।’ रीता ने एक हाथ से विक्रम का पकड़ा, रगड़ने लगीं। अजय ने उनके ब्रेस्ट्स दबाए, ‘रीता जी, ये निप्पल्स कितने हार्ड हैं।’ रीता बोलीं, ‘चूस लो अजय।’

सुनील ने कहा, ‘मैं पीछे से।’ वो रीता की चूत पर हाथ फेरा। रीता गीली हो चुकी थीं। ‘सुनील, डाल दे अपना लंड।’ सुनील ने घुसेड़ दिया। तेजी से चोदने लगा। रीता कराह रही थीं, ‘आह… सुनील… जोर से… मुस्लिम लंड का मजा अलग है।

सुनील हंस पड़ा, ‘हां रीता, मैं तुम्हें पूरा संतुष्ट करूंगा।’ अब रीता दो लंड्स ले रही थीं, मुंह में राज का, चूत में सुनील का। विक्रम और अजय उनके शरीर पर हाथ मार रहे थे।

फिर पोजीशन चेंज। रीता को मिशनरी में लिटाया। राज ने चूत में डाला। ‘रीता, तेरी चूत कितनी टाइट है।’ रीता बोलीं, ‘चोदो राज, फाड़ दो।’ राज जोर-जोर से धक्के मार रहा था। विक्रम ने उनका मुंह लिया। अजय ने एक ब्रेस्ट चूसा, दूसरा मसला।

सुनील ने गांड में उंगली डाली। रीता चिल्लाईं, ‘सबको जगह दो… आह… कमाल है।’ वे घंटों चले। एक-एक करके सबने चोदा। राज ने चूत में झाड़ा, रीता ने वीर्य अंदर रखा। विक्रम ने मुंह में, रीता ने निगला। ‘स्वादिष्ट है विक्रम।’ अजय ने गांड में। सुनील ने ब्रेस्ट्स पर स्प्रे किया।

फिर वे ग्रुप में लगे। रीता को सैंडविच बनाया। राज आगे चूत में, सुनील पीछे गांड में। विक्रम और अजय मुंह और हाथों में। रीता तड़प रही थीं, ‘हां… सब मिलकर चोदो… मैं तुम्हारी रंडी हूं आज।’ लड़के हंस रहे थे, ‘रीता, तू तो प्रो है।

वे विभिन्न पोजीशंस ट्राई करते रहे। काउगर्ल, रिवर्स काउगर्ल, साइड बाय साइड। रीता का शरीर वीर्य से चिपचिपा हो गया। वे बोलीं, ‘और लाओ लड़कों, थक न जाओ।’ सुनील ने कहा, ‘रीता, तू कितनी एनर्जी वाली है। हम सब थक गए लेकिन तू अभी भी चाहती है।’

रात के 2 बजे तक चली यह मस्ती। आखिर में रीता थककर बाथरूम चली गईं। लड़के चुपके से निकल गए। सरोज अपने कमरे में लौट आया, उसके मन में सवालों का तूफान था। वो सोच रहा था, माँ इतनी बदचलन कैसे हो गईं? लेकिन कहीं न कहीं उसे भी एक्साइटमेंट हो रहा था।

सुबह हुई। रीता फ्रेश होकर सरोज के कमरे में आईं। उन्होंने कहा, ‘बेटा, कल रात अच्छी नींद आई?’ सरोज ने हां कहा लेकिन आंखें मिलाईं नहीं। रीता ने नाश्ता बनाया और बोलीं, ‘आज फिर बीच चलें?’ सरोज ने सोचा, शायद यही तो माँ का नया रूप है।

दिन भर सरोज सोचता रहा। रीता की आंखों में एक चमक थी, जैसे वो अपनी सेक्सुअल डिजायर्स को पूरा कर रही हों। दोपहर को वे फिर बीच गए। रीता ने एक ब्लू बिकिनी पहनी। लड़के फिर मिले।

राज ने कहा, ‘रीता, कल रात का मजा याद है?’ रीता ने हंसकर कहा, ‘हां, लेकिन आज और लड़के लाओ।’ सरोज दूर बैठा देखता रहा। लड़के बढ़ गए, अब छह हो गए। एक नया लड़का था, नाम था राहुल।

वे रीता को घेर लिया। छेड़छाड़ शुरू। राहुल ने कहा, ‘रीता आंटी, आपकी चूत कल कितनी गर्म थी।’ रीता बोलीं, ‘आज और गर्म होगी। आओ।’ वे रेत के पीछे चले गए। रीता नंगी हो गईं। सबके लंड बाहर। रीता ने एक-एक करके चूसे।

ये लो राज, ये विक्रम, ये नया वाला।’ राहुल का लंड चूसते हुए बोलीं, ‘राहुल, तेरा तो बहुत बड़ा है।’ फिर चुदाई शुरू। दो लंड्स चूत और गांड में, दो मुंह और हाथों में। बाकी ब्रेस्ट्स पर। रीता चीख रही थीं, ‘हां… गैंगबैंग करो… सबका वीर्य लो।’

वे घंटों चले। वीर्य हर जगह। रीता का शरीर सफेद हो गया। सरोज छिपा देख रहा था, अब उसे आदत सी हो रही थी। शाम को होटल लौटे। रीता ने कहा, ‘सरोज, तू भी मजा ले सकता है अगर चाहे।

सरोज शॉक हो गया। रात को फिर वही सीन। लेकिन इस बार सरोज ने दरवाजा से झांका। रीता अब सात लड़कों के साथ थीं। एक ब्लैक गाय था भी। रीता बोलीं, ‘ब्लैक लंड ट्राई करूंगी।’ वो चूसा, चोदा गया।

कहानी ऐसे ही चलती रही। हर दिन नई एडवेंचर। रीता की बदचलनी बढ़ती गई। सरोज समझ गया कि माँ एक सच्ची क्वीन ऑफ सेक्स है। छुट्टी खत्म हुई लेकिन यादें बनी रहीं।