एक लड़की सालों से मेरी दोस्त रही लेकिन हमने कभी सेक्स नहीं किया था. एक बार दोस्तों की पार्टी में हमने थोड़ी पी ली. उसके बाद क्या हुआ?
राहुल की कहानी शुरू होती है जब वह और नीता दोनों दिल्ली के कॉलेज में पढ़ते थे।
राहुल साँवला रंग का लड़का था, जबकि नीता गोरी, चिकनी और थोड़ी मोटी थी। उसकी कद-काठी बिल्कुल परफेक्ट 32-34 फिगर की थी।
उसके होंठ और गाल इतने नरम थे कि छूने पर हाथ फिसल जाते। दोनों एक-दूसरे के बेस्ट फ्रेंड थे।
क्लास, कैंटीन, ग्राउंड—हर जगह साथ रहते। लोग उन्हें कपल समझते थे, पर वे सिर्फ दोस्त थे।
कॉलेज खत्म होने के बाद दोनों अपने-अपने शहर लौट गए। राहुल को लखनऊ में जॉब मिल गई, जिसमें खाना और रहने की सुविधा भी थी।
उसने नीता को बताया, तो वह भी बाद में वहीं आ गई। नई जगह पर दोनों फिर पुरानी दोस्ती में डूब गए। शाम को ऑफिस के बाद कमरे में ही रहते।
एक शाम कंपनी के दोस्त ने अपने फ्लैट पर पार्टी का इंतजाम किया। पहली बार दोनों ने शराब पीने का प्लान बनाया। शनिवार की रात थी।
लड़के-लड़कियाँ सब आए। लड़कियों ने खाना बनाया, लड़कों ने बीयर लाई। राहुल और नीता ने थोड़ी-सी पी, बाकी सब ज्यादा पीकर बेहोश हो गए।
दोनों टेरेस पर चले गए। अंधेरी रात, हल्का चक्कर आ रहा था।
नीता ने राहुल को कसकर गले लगाया और बोली, “राहुल, कभी मुझे छोड़ना मत।” राहुल ने कहा, “बिल्कुल यार।”
नीता ने उसके गाल पर फिर होंठों पर किस किया। “राहुल, मुझे तू चाहिए,” कहते हुए वह जोर से चूमने लगी।
राहुल का लंड खड़ा हो गया। उसने नीता की गांड दबाई, महसूस किया कि शरीर कितना परफेक्ट है।
उसने उसकी गर्दन चूमनी शुरू की, फिर स्तन दबाने लगा। नीता की चूत गीली हो चुकी थी, पैंटी और लोअर दोनों तर हो चुके थे।
वे नीचे एक कमरे में गए। सब सो चुके थे। दरवाजा बंद किया, कपड़े उतारे।
राहुल ने नीता को बिस्तर पर धकेला। उसकी गुलाबी चूत और स्तन देखकर उसका लंड सलाम करने लगा।
वह ऊपर चढ़ा, निप्पल चूसने लगा, फिर नीचे जाकर चूत चाटने लगा।
नीता कराह उठी, “राहुल, जल्दी कर।” उसने राहुल को ऊपर खींचा और उसके लंड को अपनी चूत के मुंह पर रखा।
राहुल ने आधा लंड अंदर डाला। नीता चीख पड़ी, “निकाल बाहर!” लेकिन राहुल कंट्रोल खो बैठा।
उसने जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड उसकी कुंवारी चूत में घुस गया। नीता चीखी, आँसू बहने लगे।
राहुल उसके ऊपर लेटा, होंठ चूसता रहा, स्तन दबाता रहा। फिर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
दर्द अभी भी था, पर नीता भी जवाब देने लगी। थोड़ी देर में राहुल तेजी से चोदने लगा। कमरा नीता की “आह-ऊह-आह” से गूँज रहा था।
वह बोली, “और तेज, और जोर से!” दस मिनट बाद राहुल झड़ गया। दोनों नंगे लेटे रहे।
आधे घंटे बाद फिर किसिंग शुरू हुई। दोनों फिर गरम हो गए। राहुल ने लंड नीता के मुँह में डाला।
पहले हिचकिचाई, फिर चूसने लगी। रात चार बजे तक कई बार चोदा। सुबह सबके साथ मिल गए।
अगले दिन मैसेज में लिखा, “कॉलेज वाली मोहब्बत का नतीजा।” नीता को चलने में तकलीफ थी, राहुल ने दवा लाकर दी।
जब भी मौका मिलता, दोनों चोदते। बाद में होटल में भी गर्लफ्रेंड बनकर चोदा। अ
ब दोनों अलग-अलग शहरों में, अलग कंपनियों में काम करते हैं। जिंदगी अलग हो गई, बातें कम हो गईं। सिर्फ यादें बची हैं।
राहुल को नीता बहुत याद आती है।
तो दोस्तो, ये थी मेरी बेस्ट फ्रेंड के साथ सेक्स कहानी जो कि रियल है।