मुकेश पटेल गांधीनगर की नई फ्लैट में शिफ्ट हो चुका था। दो साल पहले की बात है। उसकी बीवी प्रिया अक्सर कहती थी कि उसका पति बिस्तर में कमाल का है। एक शाम लॉकडाउन में स्मिता भाभी (32) उनके घर आई थीं।
स्मिता की कद-काठी 38-32-36 जैसी थी, गोरी-चिट्टी और बड़े-बड़े स्तन। उनके पति रमेश महीने में सिर्फ एक बार सेक्स करते थे और कभी फोरप्ले नहीं करते थे।
मुकेश ने स्मिता को नहाते हुए देख लिया था। उसने जानबूझकर दरवाजा खुला छोड़ा था। स्मिता ने उसका खड़ा लंड देखकर घूरती रहीं, फिर माफी मांगकर चली गईं। अगले दिन मुकेश ने पानी का गिलास स्मिता पर गिरा दिया। स्मिता भीग गईं।
मुकेश उन्हें बाथरूम तक ले गया। वहाँ उसने स्मिता को दीवार से लगाकर जोर से चूम लिया।
“ये गलत है, मैं तेरी बीवी की सहेली हूँ और तेरी से बड़ी हूँ,” स्मिता ने विरोध किया। लेकिन मुकेश ने उनकी कुर्ती और लहँगा उतार दिया। स्मिता सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गईं। मुकेश ने उनके बड़े मुलायम स्तनों को चूसना शुरू कर दिया।
स्मिता की साँसें तेज हो गईं। मुकेश ने उनकी चूत पर पैंटी के ऊपर से रगड़ना शुरू किया।
“रमेश कभी मुझे चूमते भी नहीं, कभी चाटते भी नहीं। सिर्फ मिशनरी में जल्दी झड़ जाते हैं,” स्मिता ने कबूल किया। मुकेश ने उनकी पैंटी उतारी और सीधे उनकी गीली चूत चाटने लगा। स्मिता पहली बार चरम सुख महसूस कर रही थीं। “
आह्ह… और चाटो… मत रुको,” वे चीख रही थीं। मुकेश ने उनकी चूत की हर तह चाटी, जीभ अंदर डाली। स्मिता का पहला ऑर्गेज्म हुआ। वे काँप रही थीं।
स्मिता ने मुकेश को नीचे धकेला और उसका लंड मुँह में लिया। दस मिनट तक चूसा। मुकेश का गरम-गरम वीर्य स्मिता के गले में उतर गया। स्मिता ने सब निगल लिया।
जब स्मिता जाने लगीं तो मुकेश गुस्से में आ गया। उसने स्मिता को बिस्तर पर पटका और एक ही झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। स्मिता चीख पड़ीं, “आह्ह… फट गई मेरी चूत… निकालो… बर्बाद कर दिया।” मुकेश ने उनकी बात नहीं मानी। वह जोर-जोर से धक्के मारने लगा।
दर्द धीरे-धीरे मज़े में बदलने लगा। स्मिता की चीखें अब चीखों से moans में बदल गईं। “हाँ… और जोर से… तेरी बीवी को कभी इतना मज़ा नहीं मिलता,” वे बड़बड़ा रही थीं। मुकेश ने मिशनरी पोजीशन में उन्हें चोदा। स्मिता को लगातार तीन ऑर्गेज्म हुए।
वे मुकेश के लंड की तारीफ कर रही थीं, “इतना मोटा और लंबा… रमेश का तो छोटा सा है।”
मुकेश ने डॉगी स्टाइल की कोशिश की लेकिन स्मिता ने मना कर दिया क्योंकि बीवी जल्दी आ सकती थी। दोनों ने कपड़े पहने। स्मिता ने वादा किया कि शाम को फिर आएंगी।
मुकेश ने पूछा, “कमेंट करो अगर पसंद आया तो।” स्मिता मुस्कुराईं और चली गईं।
कहानी यहीं खत्म नहीं होती। स्मिता अब हर शाम मुकेश के पास आती हैं। मुकेश उन्हें अलग-अलग पोजीशन में चोदता है। एक दिन स्मिता ने खुद मुकेश से कहा, “मुझे तेरी रंडी बना लो।” मुकेश ने उन्हें बाथरूम में घुसाकर दीवार से टिका कर पीछे से चोदा। स्मिता का पानी निकल आया।
अगले हफ्ते मुकेश ने स्मिता को बेड पर लिटाकर उनकी चूत चाटी, फिर लंड घुसाया। स्मिता चीख-चीख कर बोल रही थीं, “मेरी चूत अब सिर्फ तेरे लंड के लिए है।” मुकेश ने उन्हें घंटों तक चोदा। स्मिता को कई बार झड़ना पड़ा।
एक शाम स्मिता ने मुकेश का लंड हाथ में लेकर कहा, “रमेश कभी मेरा मुंह नहीं भर पाता। तू तो पूरा भर देता है।” मुकेश ने स्मिता को घुटनों के बल बिठाया और मुंह में झाड़ दिया। स्मिता ने सब पी लिया।
मुकेश अब स्मिता को हर जगह चोदता है—किचन में, बालकनी में, यहाँ तक कि अपनी बीवी के बिस्तर पर भी। स्मिता अब बिना पैंटी के आती हैं ताकि मुकेश तुरंत उनकी चूत में लंड डाल सके।
स्मिता की चूत अब मुकेश के लंड की आदि हो चुकी है। वे रमेश के साथ सेक्स करने से इनकार कर देती हैं। रमेश को शक होता है लेकिन कुछ समझ नहीं पाता।
मुकेश स्मिता को “मेरी रंडी” कहकर बुलाता है। स्मिता को ये नाम सुनकर और ज्यादा गीली हो जाती हैं। मुकेश उन्हें चोदते-चोदते पूछता है, “कौन है तेरी चूत का मालिक?” स्मिता चीखती हैं, “तू… तू मेरा मालिक है।”
एक रात मुकेश ने स्मिता को पूरी रात चोदा। सुबह स्मिता थकी हुई लेकिन खुश होकर चली गईं। मुकेश ने उन्हें अलविदा किस दिया।
स्मिता अब मुकेश की आदी बन चुकी हैं। वे हर दिन नई-नई पोजीशन सीखती हैं। मुकेश उन्हें 69 पोजीशन में चोदता है। स्मिता का मुंह मुकेश के लंड पर और मुकेश की जीभ स्मिता की चूत पर। दोनों एक साथ झड़ते हैं।
मुकेश स्मिता की गांड भी चाटता है। स्मिता पहले शर्मा जाती थीं लेकिन अब खुद गांड उठाकर देती हैं। मुकेश उनकी गांड में उंगली डालता है। स्मिता चीखती हैं, “आह्ह… गांड में मत डाल… चूत में डाल।” लेकिन मुकेश उनकी बात नहीं मानता। वह उनकी गांड चाटता है और फिर लंड घुसाने की कोशिश करता है।
स्मिता डर जाती हैं, “गांड फट जाएगी।” मुकेश उन्हें समझाता है, “धीरे-धीरे डालूंगा।” स्मिता मान जाती हैं। मुकेश धीरे-धीरे उनकी गांड में लंड घुसाता है। स्मिता दर्द से चीखती हैं लेकिन मुकेश रुकता नहीं। आखिरकार पूरा लंड अंदर चला जाता है। स्मिता अब मुकेश की गांड भी चुदवा चुकी हैं।
मुकेश स्मिता को हर जगह चोदता है। एक दिन स्मिता ने कहा, “मुझे तेरे दोस्तों से भी चुदवाओ।” मुकेश ने दो दोस्त बुलाए। स्मिता ने तीनों लंड एक साथ चूसे। फिर तीनों ने बारी-बारी से स्मिता को चोदा। स्मिता को पहली बार गैंगबैंग का मजा मिला।
स्मिता अब मुकेश की पूरी तरह गुलाम बन चुकी हैं। वे मुकेश के हर आदेश मानती हैं। मुकेश उन्हें नंगी घुमाता है, उनकी चूत चाटता है, लंड चूसवाता है, और घंटों चोदता है।
कहानी का अंत नहीं होता। स्मिता और मुकेश की चुदाई जारी रहती है। हर दिन नया मजा, नई पोजीशन, नया रोमांच।