हॉस्पिटल मे हुई मेरी पहली चुदाई

(Hospital Main Hui Meri Pahli Chudai)

रिया की उम्र 21 साल थी जब उसके साथ वो घटना घटी जो आज तक उसे याद आती है। गोरी-चिट्टी त्वचा, 34-30-34 का कसावट भरा बदन, और जिंदगी में पहली बार किसी पुरुष ने उसे छुआ था।

वो खुद को फ्रीलांसर बताती है, लेकिन तीन साल पहले वो सिर्फ एक आम लड़की थी जो स्कूटर पर कॉलेज जाती थी।

उस रात की शुरुआत एक साधारण दुर्घटना से हुई थी। स्कूटर चलाते हुए एक लड़के ने उसे टक्कर मार दी। संतुलन बिगड़ने से वो सड़क पर गिर पड़ी और उसका दाहिना पैर बुरी तरह मुड़ गया।

दर्द इतना तेज था कि वो चीख भी नहीं पाई। लोग इकट्ठा हो गए, किसी ने पुलिस को फोन किया और एम्बुलेंस बुला ली।

अस्पताल में डॉक्टर ने एक्स-रे देखकर बताया कि पैर में फ्रैक्चर है। प्लास्टर चढ़ा दिया गया और दो दिन आराम करने की सलाह दी गई।

कमरे में सिर्फ एक बेड, पर्दे, और खिड़की के बाहर अंधेरा। रात के दस बजे नर्स ने दवा दी और चली गई।

रिया अकेली थी। टीवी पर एक फिल्म चल रही थी जिसमें सेक्स सीन आ रहे थे। लड़की चीख रही थी और पुरुष उसके ऊपर चढ़ा हुआ था। रिया की साँसें तेज हो गईं।

तीन साल से वो पोर्न देखकर हस्तमैथुन करती थी, लेकिन कभी किसी से चुदवाई नहीं थी।

बॉयफ्रेंड के साथ सिर्फ किसिंग और चूमना-चाटना हुआ था।

उसने पजामा के अंदर हाथ डाला। पैंटी गीली हो चुकी थी। दो उंगलियाँ अंदर डालकर वो धीरे-धीरे घुमाने लगी।

क्लिटोरिस को दबा-दबाकर रगड़ने लगी। आँखें बंद करके कल्पना करने लगी कि कोई मर्द उसके ऊपर है।

दरवाजा बिना खटखटाए खुला। डॉक्टर अंदर आ गए। उम्र करीब चालीस, कद लंबा, शरीर तंदुरुस्त। उन्होंने पर्दे के पीछे से रिया को देखा।

वो चुपचाप खड़े होकर देखते रहे। रिया की उंगलियाँ तेजी से चल रही थीं। डॉक्टर ने आगे बढ़कर बेड के पास आकर खड़े हो गए।

उन्होंने रिया के स्तन पर हाथ रखा। रिया चौंक गई, लेकिन हटाया नहीं। डॉक्टर ने निप्पल को अंगूठे और तर्जनी से दबाया।

फिर हाथ नीचे सरकाकर पैंटी के अंदर डाल दिया। दो उंगलियाँ सीधे उसकी गीली चूत में घुसा दीं। रिया की कमर उछल गई।

डॉक्टर ने पजामा और पैंटी दोनों उतार दिए। रिया का नंगा निचला शरीर सामने था। डॉक्टर ने उसके दोनों पैरों को थोड़ा खोला और मुंह नीचे ले गए। जीभ सीधे चूत पर रखकर चाटने लगे।

रिया की साँसें फूल गईं। डॉक्टर ने क्लिटोरिस को चूस लिया और दो उंगलियाँ अंदर-बाहर करने लगे। रिया का पहला ऑर्गेज्म डॉक्टर के मुंह में फूट पड़ा।

चूत से निकला पानी डॉक्टर ने चाट लिया।

डॉक्टर ने अपनी पैंट उतारी। उनके लंड का मोटा सिरा बाहर निकला। रिया ने पहली बार किसी असली लंड को छुआ।

हाथ में लिया तो गर्म और सख्त लगा। डॉक्टर ने रिया का हाथ पकड़कर अपनी लंड पर घुमाया।

फिर रिया ने खुद आगे बढ़कर लंड को मुंह में लिया।

जीभ से लंड के नीचे की नस को चाटते हुए वो चूसने लगी। डॉक्टर ने रिया के बालों में हाथ डालकर सिर को आगे-पीछे किया।

रिया का मुंह भर गया। लार लंड से टपकने लगी।

डॉक्टर ने रिया को लिटाया। लंड को चूत के मुंह पर रगड़ने लगे। रिया की चूत और ज्यादा गीली हो गई। डॉक्टर ने एक जोरदार ठोका मारा।

लंड का आधा हिस्सा अंदर घुस गया। रिया चीख पड़ी। दर्द इतना तेज था कि उसकी आँखों से आँसू निकल आए।

डॉक्टर रुके नहीं। पूरे लंड को एक ही धक्के में अंदर डाल दिया। रिया का शरीर अकड़ गया।

डॉक्टर ने उसके स्तनों को मुंह में लेकर लंड चूसना शुरू किया। निप्पल को दाँतों से हल्का काटा।

धीरे-धीरे दर्द कम होने लगा। रिया ने खुद अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी।

डॉक्टर ने रफ्तार बढ़ा दी। लंड पूरी ताकत से अंदर-बाहर होने लगा।

कमरे में गीली आवाजें गूँजने लगीं—चप-चप, चप-चप। रिया के मुँह से निकलने लगीं—आह, उह, हाँ, और जोर से।

डॉक्टर ने रिया की टाँगें अपने कंधों पर रख लीं। इस एंगल से लंड और गहराई तक पहुँचने लगा।

रिया का दूसरा ऑर्गेज्म आ गया। चूत की दीवारें सिकुड़ने लगीं और डॉक्टर के लंड को निचोड़ने लगीं।

डॉक्टर ने आखिरी जोरदार धक्के मारे और रिया की चूत के अंदर झड़ गए। गर्म-गर्म वीर्य की धार रिया के गर्भाशय तक पहुँच गई।

डॉक्टर ने लंड को बाहर निकाला तो चूत से वीर्य और चूत का रस दोनों निकलकर चादर पर फैल गए।

डॉक्टर ने रिया को बताया कि वो पेशाब कर ले और अगली सुबह आई-पिल दे देंगे।

फिर उन्होंने कपड़े पहने और चले गए।

अगली सुबह रिया को डिस्चार्ज कर दिया गया। वो घर लौटी, लेकिन उस रात की याद उसके साथ हमेशा रही।