प्यासी चाची की चुत में भतीजे का लंड

(Pyasi Chachi Ki Chut Main Bhatije Ka Land)

राहुल 21 साल का लंबा-तगड़ा लड़का था। उसकी चाची कविता 31 साल की थी और उनके पति विदेश में नौकरी करते थे। राहुल अक्सर चाची के घर आता-जाता था।

एक दोपहर राहुल चाची के घर गया। दरवाजा खुला था। वह अंदर आया और सीधे कविता की बेडरूम में चला गया।

वहाँ उसने देखा कि कविता बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसकी साड़ी कमर तक चढ़ी हुई थी और वह अपनी चूत रगड़ रही थी।

उसकी उंगलियाँ उसकी गीली चूत के अंदर बाहर हो रही थीं। राहुल को देखते ही कविता घबरा गई।

“राहुल! तू यहाँ?” कविता ने घबराकर पूछा।

राहुल ने दरवाजा बंद कर दिया। “चाची, मैंने सब देख लिया।” वह बिस्तर के पास आया और कविता की जांघों को छूने लगा।

कविता ने विरोध नहीं किया। राहुल ने अपनी पैंट उतारी और उसका लंड निकाला जो पहले से ही खड़ा हो चुका था।

कविता ने राहुल का लंड हाथ में लिया और उसे चूसने लगी। राहुल ने कविता की साड़ी पूरी उतार दी।

कविता की बड़ी-बड़ी छातियाँ बाहर निकल आईं। राहुल ने कविता की चूचियों को चूसा और काटा।

“चाची, तुम्हारी चूत बहुत गीली है,” राहुल ने कहा।

“हाँ बेटा, चाची को बहुत प्यास लगी है,” कविता ने जवाब दिया।

राहुल ने कविता की टाँगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। कविता चीख पड़ी। राहुल जोर-जोर से चाची की चूत में धक्के मारने लगा। कविता की चूत से चिकनाहट की आवाजें आ रही थीं।

राहुल ने कविता को घुमाया और उसके मुँह में अपना लंड डाला। कविता राहुल के लंड को चूस रही थी। राहुल ने कविता की गांड पर थप्पड़ मारा।

“चाची, अब मैं तुम्हारी गांड मारूँगा,” राहुल ने कहा।

कविता ने मुँह से लंड निकाला। “हाँ बेटा, चाची की गांड भी फाड़ दो।”

राहुल ने कविता की गांड में अपनी उँगली डाली। फिर उसने अपना लंड कविता की गांड में घुसाने की कोशिश की।

कविता दर्द से चीख रही थी लेकिन राहुल ने जोर लगाया और उसका लंड कविता की गांड में घुस गया। राहुल कविता की गांड मारने लगा।

कविता राहुल से बार-बार चुद रही थी। राहुल ने कविता को कई बार चोदा। कविता की चूत और गांड दोनों राहुल के लंड से भर जाती थीं।

राहुल ने कविता की चूत में झड़कर अपना वीर्य निकाला। कविता का शरीर काँप रहा था। दोनों थककर बिस्तर पर गिर पड़े।

राहुल और कविता के बीच यह रिश्ता कई महीनों तक चला। राहुल अक्सर चाची के घर आता और दोनों गुपचुप तरीके से सेक्स करते। कविता राहुल के लंड की आदी हो गई थी।

एक रात राहुल चाची के घर आया। कविता ने राहुल को देखते ही उसके कपड़े उतार दिए। राहुल ने कविता को दीवार से टिका कर उसकी चूत में लंड घुसा दिया। कविता राहुल की गर्दन में मुँह छुपाकर चीख रही थी।

राहुल ने कविता को उठाकर बिस्तर पर लिटाया। उसने कविता की टाँगें अपने कंधों पर रखीं और जोर-जोर से चोदने लगा। कविता की चूत से पानी निकल रहा था।

“चाची, तुम्हारी चूत कितनी टाइट है,” राहुल ने कहा।

“हाँ बेटा, चाची की चूत सिर्फ तेरे लंड के लिए बनी है,” कविता ने जवाब दिया।

राहुल ने कविता को कुत्ते की तरह घुमाया और पीछे से उसकी चूत मारने लगा। कविता की गांड हिल रही थी। राहुल ने कविता की गांड पर थप्पड़ मारे।

राहुल ने अपना लंड निकाला और कविता की गांड में डाल दिया। कविता दर्द से चीखी लेकिन राहुल ने नहीं रुका। वह कविता की गांड मारता रहा।

कविता ने राहुल से कहा, “बेटा, चाची को और जोर से चोद।”

राहुल ने कविता को और जोर से चोदा। दोनों का पसीना एक-दूसरे के शरीर पर गिर रहा था। राहुल ने कविता की चूत में फिर से झड़कर अपना वीर्य निकाला।

कविता राहुल के लंड को चूसकर साफ कर रही थी। राहुल ने कविता की छातियों को दबाया। दोनों फिर से सेक्स करने लगे।

राहुल और कविता के बीच यह गुप्त रिश्ता लंबे समय तक चला। दोनों को एक-दूसरे का शरीर बहुत पसंद आया था।

एक दिन कविता ने राहुल को फोन किया। “बेटा, चाची अकेली है। आ जा।”

राहुल तुरंत चाची के घर पहुँच गया। कविता ने दरवाजा खोला। वह पूरी तरह नंगी थी। राहुल ने कविता को उठाकर बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा।

कविता राहुल के सिर को दबा रही थी। “हाँ बेटा, चाची की चूत चाट।”

राहुल ने कविता की चूत चाटी और उसकी चूत के अंदर जीभ डाली। कविता का शरीर काँप रहा था।

राहुल ने अपना लंड कविता की चूत में डाला और जोर-जोर से चोदने लगा। कविता की चूत से चिकनाहट की आवाजें आ रही थीं।

राहुल ने कविता को घुमाया और उसकी गांड मारने लगा। कविता राहुल से बार-बार चुद रही थी।

राहुल ने कविता की चूत में झड़कर अपना वीर्य निकाला। कविता ने राहुल के लंड को चूसकर साफ किया।

दोनों थककर बिस्तर पर गिर पड़े। राहुल ने कविता को गले लगाया।

“चाची, तुम बहुत अच्छी हो,” राहुल ने कहा।

“हाँ बेटा, चाची भी तुझे बहुत प्यार करती है,” कविता ने जवाब दिया।

राहुल और कविता का यह रिश्ता कई सालों तक चला। दोनों को एक-दूसरे का साथ बहुत अच्छा लगा।