अस्पताल में सुंदर लड़की को पेला

(Hospital Mein Sundar Ladki Ko Pela)

मेरा नाम कार्तिक है। मैं इंदौर के एक बड़े अस्पताल में डॉक्टर हूं। यह अस्पताल हमेशा मरीजों की भीड़ से भरा रहता है। रोजाना नई-नई चेहरे आते हैं, लेकिन एक दिन ऐसा आया जब एक लड़की ने मेरी जिंदगी बदल दी।

उसका नाम था सपना। सपना एक युवा, मासूम दिखने वाली लड़की थी, जो अपने एक रिश्तेदार के साथ आई थी। उसका रिश्तेदार लंबे समय से बीमार था, इसलिए वह रोजाना अस्पताल आती।

पहली बार जब मैंने सपना को देखा, तो मेरी नजर उसकी खूबसूरती पर ठहर गई। सपना की उम्र करीब 22-23 साल की थी। उसकी कमर पतली थी, गांड गोल और आकर्षक, और चूचियां इतनी सेक्सी कि कोई भी देखकर मदहोश हो जाए।

उसकी स्किन सॉफ्ट और चमकदार थी, जैसे कोई मॉडल हो। उसके बाल लंबे और काले थे, जो कंधों पर लहराते थे। जब वह चलती, तो उसकी गांड हिलती, और मैं कल्पना करने लगता किअगर मैं उसे छू लूं तो कैसा लगेगा।

सपना की मुस्कान इतनी मीठी थी कि दिल में एक अजीब सी हलचल हो जाती। वह हमेशा सलवार सूट पहनती, जो उसके फिगर को और हाइलाइट करता।

उस दिन जब वह पहली बार आई, तो मैंने उसे चेकअप रूम में देखा। वह अपने रिश्तेदार को सहारा दे रही थी। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “नमस्ते, क्या समस्या है?” सपना ने शर्माते हुए जवाब दिया, “सर, मेरे चाचा को सीने में दर्द हो रहा है। कृपया चेक करें।

उसकी आवाज इतनी सॉफ्ट थी कि मेरे कान ठंडक महसूस करने लगे। मैंने चाचा जी को चेक किया और दवाइयां लिखीं। जाते समय सपना ने धन्यवाद कहा, “थैंक यू सर।” मैंने कहा, “कोई बात नहीं। रोज आना, मैं देख लूंगा।”

अगले दिन वह फिर आई। इस बार मैंने जानबूझकर ज्यादा समय लिया। हमारी नजरें मिलीं, और वह शरमाकर मुस्कुराई। मैंने सोचा, यह लड़की कितनी प्यारी है। धीरे-धीरे हम रोज मिलने लगे।

हर बार वह ‘ओके सर’ कहकर जाती, और मैं उसकी उस आवाज को याद करता। मेरी आंखों में उसके लिए लस्ट जागने लगा। रात को सोते समय सपना का चेहरा आता, और मैं कल्पना करता कि मैं उसे किस कर रहा हूं। कभी-कभी सपने में भी वह आ जाती, और मैं बिना छुए ही झड़ जाता।

अस्पताल में मेरे कई साथी डॉक्टर भी सपना को नोटिस करने लगे। वह थोड़ी शरारती थी, हंसती-खेलती बातें करती। एक डॉक्टर ने उसे चाय पर बुलाया, लेकिन सपना ने मना कर दिया।

वह आसानी से किसी के जाल में नहीं फंसती। मैं खुद को कंट्रोल करता। लेकिन हर मुलाकात के बाद मैं बाथरूम में जाता और मुठ मारता। कल्पना करता कि मैं सपना के गाल चूम रहा हूं, उसके होंठ चूस रहा हूं। उसकी चूचियां दबा रहा हूं।

एक हफ्ते बाद मुझे पता चला कि सपना का रिश्तेदार ठीक हो रहा है, और कल वह जा रही है। मैंने सोचा, अब मौका है। चेकअप के दौरान मैंने कहा, “सपना, अगर कोई दवा का सवाल हो तो फोन पर पूछ लेना। नंबर दे दो।” वह मुस्कुराई और बोली, “जी सर, क्यों नहीं।” उसने अपना नंबर दिया और बोली, “थैंक यू सर, आप बहुत अच्छे हैं।” मैं खुश हो गया।

उस रात मैंने व्हाट्सएप पर मैसेज किया, “हाय सपना, कैसी हो?” उसने तुरंत रिप्लाई किया, “हाय सर, मैं ठीक हूं। आप?” हमारी चैट शुरू हो गई। पहले तो सामान्य बातें, फिर जोक्स।

सुबह गुड मॉर्निंग, रात गुड नाइट। एक हफ्ते बाद फोन पर बात करने लगे। सपना की आवाज सुनकर मेरा दिल धड़कता। वह प्यार से बात करती, “सर, आज आपकी याद आई।” मैं कहता, “मुझे भी तुम्हारी।”

एक दिन फोन पर मैंने मजाक में कहा, “सपना, मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं।” वह हंस पड़ी, “अरे सर, मजाक मत कीजिए।” लेकिन मैंने सीरियस होकर कहा, “नहीं सपना, सच में।

तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारी आवाज, सब कुछ पसंद है।” वह चुप हो गई, फिर बोली, “सर, पहले भी लोग ऐसा कहते थे, लेकिन धोखा दिया।” मैंने कहा, “मैं अलग हूं सपना। मैं कभी धोखा नहीं दूंगा। तुम्हें खुश रखूंगा।” वह बोली, “ठीक है सर, देखते हैं।”

हमारी बातें खुलने लगीं। एक दिन मैंने कहा, “सपना, मिलते हैं ना?” वह बोली, “नहीं सर, अभी नहीं।” लेकिन मैंने जिद की, “प्लीज, सिर्फ चाय पीने।” आखिरकार वह मान गई। हम पहली बार मिले।

मैं बाइक पर उसे ले गया एक सुनसान जगह पर। वहां मैंने कहा, “सपना, मैं सच में तुमसे प्यार करता हूं।” फिर उसे गले लगा लिया। सपना शरमाई, लेकिन गले लगी। मैंने उसके होंठ चूमे। पहले हल्के से, फिर जोर से। मेरी जीभ उसके मुंह में डाली, और वह चूसने लगी। हमारा किस इतना पैशनेट था कि सांसें तेज हो गईं।

मेरा हाथ उसके कपड़ों के ऊपर से चूचियों पर गया। मैंने उन्हें दबाया, निप्पल्स पिंच किए। सपना सिसकारी लेने लगी, “आह सर, क्या कर रहे हो।” मैंने कहा, “तुम्हें प्यार कर रहा हूं।” वह बोली, “बस अभी इतना ही, अगली बार।” हम और किस किए, फिर अलग हुए।

मिलने के बाद फोन पर वह चिढ़ाती, “सर, कल आपने कितना किस किया।” मैं हंसता, “अगली बार और।” एक महीना बीत गया। एक दिन सपना बोली, “सर, मुझे भोपाल जाना है एग्जाम के लिए। बाइक पर चलोगे?” मैं खुश हो गया। मैंने होटल बुक किया। दोपहर को हम होटल पहुंचे। एग्जाम शाम 4 बजे था।

होटल रूम में जैसे ही दरवाजा बंद हुआ, मैंने सपना को किस करना शुरू कर दिया। मेरे हाथ उसके टी-शर्ट के नीचे गए। मैंने टी-शर्ट उतारी, फिर ब्रा। सपना की चूचियां बाहर आ गईं।

वे सॉफ्ट, वेलवेट जैसी थीं, फर्म और गोल। निप्पल्स गुलाबी। मैंने एक चूची मुंह में ली, चूसी। दूसरी को दबाया। निप्पल्स काटे, खींचे। सपना कांपने लगी, “ओह सर, कितना अच्छा लग रहा है। आह्ह।”

मैंने कहा, “सपना, तुम्हारी चूचियां कितनी सेक्सी हैं।” वह बोली, “सर, और चूसो।” मैंने जोर से चूसा। फिर उसके जींस उतारे। पैंटी गीली थी। मैंने सूंघी, उसकी चूत की खुशबू मदहोश करने वाली। पैंटी उतारी, चूत चाटने लगा। सपना ने मेरा सिर दबाया, “आह सर, चाटो, लिक करो।” मैंने चूत चाटी, काटी, उंगली डाली। वह चिल्लाई, “हाय, कितना मजा आ रहा है।”

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला। सपना की चूत पर रगड़ा। वह बोली, “सर, डाल दो, प्लीज।” मैंने धक्का दिया। चूत टाइट थी, सॉफ्ट। पूरी तरह अंदर चला गया। सपना दर्द से चीखी, “आह, दर्द हो रहा है।” बेडशीट पकड़ ली। मैंने तेजी से चोदा। पहले दर्द था, फिर मजा। सपना कूल्हे उठाने लगी, “सर, और जोर से। चोदो मुझे।”

मैंने कहा, “सपना, तुम्हारी चूत कितनी टाइट है। लगता है एक्सपीरियंस्ड हो।” वह बोली, “हां सर, लेकिन कोई इतना अच्छा नहीं चोदा। तुम्हारी तरह नहीं।” मैं गहराई से धक्के मारता, उंगली से चूत सहलाता। सपना चिल्लाई, “ओह, इलेक्ट्रिक शॉक लग रहा है। सर, तुम मेरी चूत फाड़ रहे हो।” मैं हंसा, “मजा दर्द से आता है।” वह मेरे होंठ काटी, गाल चूसे। निशान छोड़ दिया।

एक घंटे बाद मैं झड़ गया, चूत पर। फिर हम शावर में गए। वहां फिर उत्तेजित हो गए। मैंने बाथरूम में चोदा। उस दिन दोपहर 2 बजे तक तीन बार चोदा। सपना सो गई, फिर एग्जाम के लिए गई।

फिर हम इंदौर में साथ रहने लगे। कहानी जारी रहेगी।