होटल में गर्लफ्रेंड की चूत चुदाई

(Fucking My Girlfriend's Pussy in a Hotel)

दो साल पहले की बात है। गोपाल नागपुर का रहने वाला था। वह भारतीय वायु सेना में काम करता था। उस समय वह गुजरात में तैनात था। गोपाल का जीवन काफी व्यस्त था लेकिन उसके पास एक दोस्त था जो उसे नई-नई चीजों से जोड़ता रहता था।

एक दिन उसके दोस्त ने उसे एक लड़की का नंबर दिया। लड़की का नाम था निशा। निशा मुंबई की रहने वाली थी। दोस्त ने बताया कि निशा बहुत खूबसूरत है और बात करने में मजा आएगा। गोपाल ने सोचा क्यों न ट्राई कर लूं।

गोपाल ने निशा को फोन किया। पहली कॉल पर ही दोनों की बातचीत अच्छी लगी। निशा की आवाज इतनी मधुर थी कि गोपाल का दिल धड़कने लगा। वे रोज फोन पर बात करने लगे।

सुबह उठते ही गोपाल का पहला काम होता निशा को गुड मॉर्निंग कहना। शाम को भी वे घंटों बातें करते। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी हो गई। गोपाल को निशा से प्यार हो गया। वह सोचता रहता कि कैसे निशा को अपनी गर्लफ्रेंड बना लूं।

एक दिन गोपाल ने हिम्मत जुटाई और निशा को प्रपोज कर दिया। फोन पर ही उसने कहा, “निशा, मुझे तुमसे बहुत प्यार हो गया है।

क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?” निशा ने हंसते हुए कहा, “गोपाल, हम तो अभी-अभी दोस्त बने हैं। इतनी जल्दी क्या बात है? मैं सोचूंगी।” गोपाल उदास हो गया लेकिन हार नहीं माना।

उस रात गोपाल ने थोड़ा शराब पी ली। नशे में वह फिर निशा को फोन करने लगा। निशा ने फोन उठाया तो बोली, “गोपाल, तुम्हारी आवाज अजीब लग रही है। क्या तुम नशे में हो?” गोपाल ने हां कहकर कहा, “हां निशा, मैं पी रहा हूं।

अगर तुम हां नहीं कहोगी तो मैं ऐसे ही पीता रहूंगा।” निशा चिंतित हो गई। उसने कहा, “अरे, मत पीयो। मैं सोच रही हूं। कल बात करते हैं।” गोपाल ने फोन रख दिया लेकिन उसके मन में निशा की इमेज घूम रही थी।

अगले दिन निशा ने फिर हिचकिचाहट दिखाई। “गोपाल, मैं तैयार नहीं हूं।” लेकिन रात को गोपाल ने फिर नाटक किया। वह बोला, “निशा, अगर तुम हां नहीं कहोगी तो मैं अपनी जान दे दूंगा।

निशा डर गई। उसने जल्दी से कहा, “ठीक है गोपाल, मैं हां कहती हूं। आई लव यू टू।” गोपाल खुश हो गया। अब वे ऑफिशियली गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड थे।

इसके बाद उनकी बातें और इंटिमेट हो गईं। वे फोन पर किस करने लगे। गोपाल कहता, “निशा, कल्पना करो मैं तुम्हारे होंठ चूम रहा हूं।” निशा शरमाते हुए कहती, “गोपाल, तुम्हें शर्म नहीं आती?” लेकिन धीरे-धीरे वे फोन सेक्स करने लगे।

गोपाल अपनी पैंट उतारकर लंड को सहलाता और निशा को बताता। निशा भी अपनी चड्डी में हाथ डालकर बुर को रगड़ती। वे एक-दूसरे को उत्तेजित करते। “निशा, तुम्हारी बुर कितनी गर्म लग रही होगी,” गोपाल कहता।

निशा सिसकारते हुए बोली, “हां गोपाल, मैं भी तुम्हारा लंड पकड़ना चाहती हूं।” उनकी सेक्स चैट्स रात भर चलतीं।

निशा की फिगर 32-26-34 थी। वह बेहद खूबसूरत थी। लंबे बाल, गोरी त्वचा, और आकर्षक आंखें। गोपाल उसे कल्पना में नंगा देखता और मुठ मारता।

जब गोपाल को घर जाने का अवसर मिला, तो उसने निशा से कहा, “मुंबई स्टेशन पर मिलो।” निशा सहमत हो गई। “ठीक है गोपाल, मैं आ जाऊंगी।”

ट्रेन तीन घंटे लेट हो गई। रात के नौ बजे गोपाल स्टेशन पहुंचा। निशा घंटों से इंतजार कर रही थी। वह बार-बार फोन करती, “गोपाल, कहां हो? ट्रेन कब आएगी?” गोपाल ने कहा, “बस आ रहा हूं।” जैसे ही गोपाल उतरा, निशा ने उसे गले लगा लिया।

कितनी देर लग गई!” वह बोली। गोपाल ने उसके गाल चूमे। “सॉरी निशा, ट्रेन लेट थी। चलो अब होटल चलते हैं।”

वे टैक्सी में सवार हुए। होटल पहुंचते ही रूम बुक किया। कमरे में घुसते ही गोपाल ने निशा को जोर से गले लगा लिया। उनकी सांसें एक-दूसरे से टकरा रही थीं। गोपाल ने निशा के होंठों पर अपने होंठ रख दिए।

निशा पहले तो हिचकिचाई लेकिन फिर जवाब दिया। वे पांच मिनट तक किस करते रहे। जीभें आपस में लिपट रही थीं।

गोपाल ने चाय ऑर्डर की। निशा उसके लैप पर बैठ गई। चाय पीते हुए वे बातें करने लगे। “निशा, तुम कितनी खूबसूरत हो,” गोपाल ने कहा। निशा शरमाई, “तुम भी तो हैंडसम हो।” चाय खत्म होते ही गोपाल ने निशा को बेड पर लिटा दिया।

वह उसके ऊपर चढ़ गया। फिर से किस करने लगा। हाथों से उसके स्तनों को दबाने लगा। निशा उत्तेजित हो गई। उसने गोपाल के पैंट के ऊपर से लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी।

गोपाल का लंड सख्त हो गया। वह निशा का सूट उतारने लगा। ब्रा के ऊपर से स्तनों को मसलने लगा। निशा सिसकारी भरने लगी, “आह गोपाल…” किस करते हुए गोपाल ने ब्रा के ऊपर से स्तनों को काटा।

फिर सलवार उतार दी। सफेद ब्रा और लाल चड्डी में निशा लेटी थी। निशा ने गोपाल के सारे कपड़े उतार दिए। गोपाल नंगा हो गया। निशा को उसका लंड देखकर डर लगा। “गोपाल, इतना बड़ा?” गोपाल ने उसे गले लगाया और किस किया। ब्रा का हुक खोल दिया।

अब सिर्फ चड्डी बची थी। निशा शरम से लाल हो गई। गोपाल ने अनदेखा किया और स्तनों को चूसने लगा। निशा की शर्म भाग गई। वह गोपाल के लंड से खेलने लगी। गोपाल ने चड्डी उतार दी।

किस करते हुए बुर तक पहुंचा। जीभ से चाटने लगा। निशा आंखें बंद करके मजा लेने लगी। “ओह गोपाल… कितना अच्छा लग रहा है।”

गोपाल ने बुर चाटी। कुछ मिनटों में निशा चरम पर पहुंच गई। उसका रस बहने लगा। गोपाल ने सारा पी लिया। फिर वे 69 पोजीशन में आए। गोपाल निशा की बुर चाट रहा था और निशा उसके लंड को चूस रही थी।

कुछ मिनटों बाद गोपाल झड़ गया। निशा के मुंह में वीर्य आ गया। वह बाथरूम भागी और साफ किया।

वापस आकर वे फिर गले मिले। गोपाल ने स्तनों से खेला। निशा फिर उत्तेजित हो गई। “गोपाल, अब और मत सताओ।” गोपाल को भी घर जाने की जल्दी थी। गांव में रात का कोई ट्रांसपोर्ट नहीं था।

वह निशा के पैर कंधों पर रखे। लंड का सिरा बुर पर लगाया। धक्का दिया लेकिन फिसल गया।

गोपाल ने बैग से तेल निकाला। बुर और लंड पर लगाया। फिर जोर से धक्का मारा। सिरा अंदर चला गया। निशा चीखी, “उम्ह… आह्ह… हाय… यह…” गोपाल ने उसके होंठ सील कर दिए।

दूसरा जोरदार धक्का दिया। आधा लंड अंदर। निशा दर्द से तड़पी लेकिन चीख दबी रही। गोपाल ने स्तनों को दबाया। निशा शांत हुई तो आखिरी धक्का। पूरा लंड अंदर। निशा रोने लगी। आंसू बहने लगे।

कुछ देर बाद निशा सहयोग करने लगी। गोपाल जोर-जोर से चोदने लगा। कुछ मिनटों में निशा फिर चरम पर। लेकिन गोपाल रुका नहीं। जल्द ही दोनों झड़ गए। फिर विभिन्न पोजीशन्स में चुदाई की……………………………