जवान कुंवारी भानजी की चुदाई

(Jawan Kuwari Bhanji Ki Chudai)

सभी दोस्तों को नमस्कार!

मानव कुमार 25 साल का एक युवक राजस्थान के एक छोटे से गाँव से आता है। वह अपनी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा है जिसमें उसकी 19 साल की कुंवारी भानजी सलोनी शामिल है।

सलोनी गोरी चमड़ी वाली, लंबे काले बालों वाली, गुलाब की पंखुड़ियों जैसी होंठों पर तिल वाली, भरे हुए गुलाबी गालों वाली, लंबी गर्दन वाली, कसी हुई छातियों वाली, गहरी नाभि वाली, पतली कमर वाली, गोल उभरी हुई गांड वाली और मोटी चिकनी जांघों वाली सुंदर लड़की है।

कोविड लॉकडाउन के दौरान मानव अपनी बड़ी बहन के घर गया। बहन की उम्र करीब 40 साल थी और उसका पति शहर से बाहर फँसा हुआ था। रात में बहन सोने की गोलियाँ खाकर सो जाती थी। मानव और सलोनी एक ही कमरे में सोते थे।

एक रात मानव ने सलोनी के दूध में सोने की गोली कुचलकर मिला दी। सलोनी दूध पीकर गहरी नींद में चली गई। मानव पहले अपनी सोई हुई बहन के पास गया। उसने बहन की पेटीकोट ऊपर उठाई, उसकी चूत चाटी और उंगलियाँ डाली। बहन बेहोश पड़ी रही।

फिर मानव सलोनी के पास लौटा। उसने सलोनी के होंठों पर किस किया, उसकी टी-शर्ट और लेगिंग्स उतार दीं। पैंटी भी उतारकर उसे पूरी तरह नंगी कर दिया। मानव ने सलोनी की कुंवारी चूत चाटी, फिर सरसों का तेल लगाकर धीरे-धीरे अपनी लंड डालने की कोशिश की।

कई कोशिशों के बाद लंड अंदर घुसा। सलोनी दर्द से चीख उठी लेकिन फिर मानव को गले लगाकर चिपक गई।

मानव उसकी छातियाँ चूसता हुआ जोर-जोर से चोदने लगा और अंत में उसकी चूत में झड़ गया। थोड़ी देर आराम करने के बाद उसने फिर सलोनी को चाट-चाटकर जगाया। सलोनी चुपचाप पड़ी रही।

मानव ने उसकी गांड में भी तेल लगाकर उंगली डाली लेकिन गुदा मैथुन का खतरा देखते हुए वापस उसकी चूत में ही लंड डालकर दूसरी बार चोदा और फिर झड़ गया।

सुबह सलोनी मुस्कुराते हुए मानव को देखकर बोली कि अभी भी दर्द हो रहा है। मानव ने उसे किस किया और कहा कि रात को फिर तैयार रहना।

मानव बचपन से ही सलोनी को देखता आ रहा था। जब सलोनी छोटी थी तो वह उसे गोद में उठाकर घुमाता था। अब जब वह 19 साल की हो चुकी थी तो उसकी छातियाँ फूल चुकी थीं, कमर पतली हो गई थी और गांड गोल-गोल उभर आई थी।

लॉकडाउन के दौरान जब मानव बहन के घर पहुँचा तो पहली ही रात सलोनी ने उसे चाय दी। उसकी उंगलियाँ छूने से मानव का लंड खड़ा हो गया।

रात को जब बहन सोने की गोली खाकर सो गई तो मानव ने सलोनी को देखा। वह एक तरफ करवट लेकर सो रही थी। उसकी लेगिंग्स में गांड साफ दिख रही थी। मानव ने सोचा कि आज मौका है।

उसने रसोई में जाकर सलोनी के दूध में गोली मिला दी। सलोनी ने दूध पी लिया और 15 मिनट में गहरी नींद में चली गई।

मानव पहले बहन के कमरे में गया। बहन की साड़ी ऊपर उठी हुई थी। उसने पेटीकोट भी ऊपर किया और बहन की चूत देखी। बाल नहीं थे, चिकनी चूत थी। मानव ने जीभ से चाटा। बहन हिली भी नहीं। मानव ने दो उंगलियाँ डालीं और अंदर-बाहर किया।

बहन की चूत गीली हो गई। मानव ने बहन की छातियाँ भी दबाईं लेकिन बहन सोती रही।

फिर मानव सलोनी के पास आया। सलोनी की सांसें धीमी थीं। मानव ने उसके होंठों पर किस किया। सलोनी की सांसों की गंध मीठी लगी। मानव ने उसकी टी-शर्ट ऊपर उठाई। काली ब्रा में उसकी छातियाँ बंद थीं।

मानव ने ब्रा का हुक खोला। छातियाँ बाहर निकलीं। गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे। मानव ने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसा।

सलोनी की लेगिंग्स में हाथ डालकर मानव ने उसकी चूत पर हाथ रखा। पैंटी के ऊपर से ही चूत गर्म लग रही थी। मानव ने लेगिंग्स और पैंटी दोनों उतार दीं। सलोनी पूरी तरह नंगी हो गई। उसकी जांघें मोटी थीं, नाभि गहरी थी। मानव ने उसकी जांघें खोलीं। कुंवारी चूत सामने थी।

मानव ने सलोनी की चूत पर मुंह लगाया। जीभ से चाटा। चूत की गंध अलग थी। मानव ने चूत के होठों को चूसा। सलोनी की चूत गीली हो रही थी। मानव ने उंगली डाली।

अंदर बहुत तंग था। मानव ने सरसों का तेल लिया और अपनी लंड पर लगाया। सलोनी की चूत पर भी तेल लगाया।

मानव ने लंड का सिरा चूत के मुंह पर रखा। धीरे से दबाया। लंड अंदर नहीं गया। मानव ने और जोर लगाया। सलोनी की चूत फटने लगी। मानव ने और जोर लगाया।

लंड का आधा हिस्सा अंदर घुस गया। सलोनी की आँखें खुल गईं। उसने दर्द से चीख मारी।

“अंकल… दर्द हो रहा है…” सलोनी ने कहा। मानव ने उसका मुंह बंद किया। “चुप रह, दर्द होगा ही।” मानव ने और जोर लगाया। पूरा लंड अंदर घुस गया। सलोनी की आँखों से आँसू निकल आए। मानव ने उसकी छातियाँ चूसनी शुरू की।

सलोनी दर्द से तड़प रही थी लेकिन मानव को गले लगाकर चिपक गई। मानव ने धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया। सलोनी की चूत खून से गीली हो गई। मानव ने तेजी से चोदना शुरू किया। सलोनी की सांसें तेज हो गईं।

“अंकल… धीरे…” सलोनी ने कहा। मानव ने उसकी बात नहीं मानी। वह जोर-जोर से चोद रहा था। सलोनी की छातियाँ उछल रही थीं। मानव ने एक छाती मुंह में ली और चूसा।

सलोनी का शरीर काँप रहा था। मानव ने उसकी जांघें और खोलीं। लंड और गहराई तक जाने लगा। सलोनी की चूत गर्म हो चुकी थी। मानव को लगा कि वह झड़ने वाला है।

“सलोनी… मैं झड़ने वाला हूँ…” मानव ने कहा। सलोनी ने आँखें बंद कर लीं। मानव ने जोर से धक्का मारा और सलोनी की चूत में झड़ गया। गर्म पानी सलोनी की चूत में भर गया।

मानव थककर सलोनी के ऊपर गिर गया। दोनों की सांसें तेज थीं। मानव ने सलोनी के बालों में हाथ फिराया। सलोनी चुपचाप पड़ी रही।

10 मिनट बाद मानव ने सलोनी को फिर जगाया। उसने सलोनी की चूत चाटनी शुरू की। सलोनी की चूत में मानव का वीर्य लगा था। मानव ने सब चाट लिया। सलोनी की चूत फिर गीली हो गई।

मानव ने सलोनी की गांड में उंगली डाली। सलोनी ने काँपकर कहा, “अंकल… वहाँ मत…” मानव ने गांड में तेल लगाया और उंगली डाली। अंदर बहुत तंग था। मानव ने सोचा कि गांड में लंड डालने से सलोनी को बहुत दर्द होगा।

मानव ने उंगली निकाली और फिर सलोनी की चूत में लंड डाला। सलोनी की चूत अभी भी तंग थी। मानव ने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। सलोनी की आँखें खुल गईं। वह मानव को देख रही थी।

“अंकल… फिर…” सलोनी ने कहा। मानव ने सलोनी को किस किया। “हाँ… रात भर चोदूँगा…” मानव ने कहा।

मानव ने सलोनी की छातियाँ दबाईं। सलोनी की निप्पल सख्त हो चुकी थीं। मानव ने निप्पल चूसे। सलोनी ने मानव की पीठ पर नाखून गड़ाए।

मानव ने तेजी से चोदना शुरू किया। सलोनी की चूत से आवाजें आ रही थीं। मानव ने सलोनी की जांघें उठाईं और और गहराई तक लंड डाला।

सलोनी का शरीर पसीने से तर हो गया। मानव ने सलोनी के होंठ चूसे। सलोनी ने मानव की जीभ चूसी। दोनों की जीभें आपस में लड़ रही थीं।

मानव को फिर झड़ने का अहसास हुआ। “सलोनी… फिर झड़ने वाला हूँ…” मानव ने कहा। सलोनी ने मानव को और कसकर पकड़ लिया।

मानव ने जोर से धक्का मारा और सलोनी की चूत में फिर झड़ गया। सलोनी की चूत में वीर्य भर गया। मानव ने लंड निकाला। सलोनी की चूत से वीर्य निकल रहा था।

मानव ने सलोनी को गले लगाया। सलोनी ने मानव की छाती पर सिर रखा। दोनों सो गए।

सुबह जब सलोनी उठी तो उसकी चूत में दर्द हो रहा था। मानव ने उसे देखा और मुस्कुराया। सलोनी ने भी मुस्कुराकर मानव को देखा।

“अंकल… अभी भी दर्द हो रहा है…” सलोनी ने कहा। मानव ने सलोनी को किस किया। “रात को फिर तैयार रहना…” मानव ने कहा।

सलोनी ने सिर हिलाकर हाँ कहा। मानव ने सलोनी की छाती दबाई। सलोनी ने मानव का लंड हाथ में लिया।

“अंकल… रात को फिर…” सलोनी ने कहा। मानव ने सलोनी को गले लगाया। “हाँ… पूरी रात…” मानव ने कहा।

दोनों ने नाश्ता किया। बहन अभी भी सो रही थी। मानव ने सलोनी को रसोई में चूम लिया। सलोनी ने मानव का लंड दबाया।

“सलोनी… तू बहुत अच्छी है…” मानव ने कहा। सलोनी ने मानव को गले लगाया। “अंकल… मुझे अच्छा लगता है…” सलोनी ने कहा।

दोपहर में मानव ने सलोनी को फिर चूम लिया। सलोनी ने मानव की जांघ पर हाथ रखा।

“रात का इंतजार कर रही हूँ…” सलोनी ने कहा। मानव ने सलोनी की गांड दबाई। “मैं भी…” मानव ने कहा।

शाम को बहन उठी। मानव ने बहन को चाय दी। बहन ने गोली खाई और फिर सो गई।

रात को मानव ने सलोनी को फिर दूध दिया। सलोनी ने पी लिया। 15 मिनट में सलोनी सो गई।

मानव ने सलोनी की टी-शर्ट उतारी। छातियाँ बाहर निकलीं। मानव ने निप्पल चूसे। सलोनी सोती रही।

मानव ने सलोनी की लेगिंग्स उतारी। चूत सामने थी। मानव ने चूत चाटी। सलोनी की चूत गीली हो गई।

मानव ने लंड निकाला और सलोनी की चूत में डाला। सलोनी की आँखें खुल गईं। “अंकल… फिर…” सलोनी ने कहा।

मानव ने सलोनी को चोदा। सलोनी ने मानव को गले लगाया। दोनों की सांसें तेज थीं।

“सलोनी… तू मेरी है…” मानव ने कहा। सलोनी ने मानव को किस किया। “हाँ… अंकल…” सलोनी ने कहा।

मानव ने सलोनी की चूत में झड़ दिया। सलोनी ने मानव को कसकर पकड़ लिया।

दोनों सो गए। सुबह सलोनी ने मानव को मुस्कुराकर देखा। “अंकल… दर्द हो रहा है…” सलोनी ने कहा।

मानव ने सलोनी को किस किया। “रात को फिर…” मानव ने कहा। सलोनी ने सिर हिलाया।