नमस्कार दोस्तो,
मेरा नाम मुकेश साहू है.
मैं छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूं और पिछले कुछ सालों से जबलपुर रहकर पढ़ाई कर रहा हूं.
मैं 23 का नौजवान हूं.
मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है.
मैं सेक्स की भूखी औरतों को बड़ी आसानी से खुश कर सकता हूं.
इस बात की जानकारी मुझे कुछ महीनों पहले ही चली जब मैंने लाइफ में पहली बार एक भाभी की रातभर चुदाई की.
मुकेश ने पाँच बजे निधि के घर पहुँचकर घंटी बजाई। दरवाज़ा खुलते ही निधि ने उसे अंदर खींच लिया और तुरंत दरवाज़ा बंद कर दिया।
दोनों एक-दूसरे पर टूट पड़े। मुकेश ने निधि को दीवार से टिका दिया और उसके होंठों को चूसने लगा।
उनकी ज़बानें एक-दूसरे के मुँह में घुस गईं। मुकेश ने उसके भारी स्तनों को ब्लाउज़ के ऊपर से दबाया, जबकि निधि उसके पैंट में खड़े लंड को हाथ से निचोड़ रही थी।
निधि कॉफ़ी बनाने के लिए रसोई में गई, पर मुकेश उसके पीछे-पीछे गया। उसने निधि की कमर से हाथ डालकर पीछे से चिपक गया और अपना खड़ा लंड उसकी गांड पर दबाया।
निधि सिसकारियाँ लेती हुई पीछे धकेलने लगी। मुकेश ने उसे घुमाया, ब्लाउज़ के बटन खोले और उसे उतार फेंका।
अंदर ब्रा नहीं थी। उसके गोल-गोल स्तन बाहर निकल आए, निप्पल पहले से ही सख्त थे।
मुकेश ने एक निप्पल को मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया और दूसरे को उँगलियों से निचोड़ने लगा। निधि की साँसें तेज़ हो गईं।
मुकेश ने निधि की साड़ी और पेटीकोट भी उतार दिए। अब वह सिर्फ़ छोटी काली पैंटी में खड़ी थी, जिसका आगे का हिस्सा गीला हो चुका था।
मुकेश ने भी अपने कपड़े उतार फेंके। उसका मोटा लंड बाहर निकल आया। निधि ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी।
मुकेश ने उसे काउंटर पर बैठाया, पैंटी उतारी और घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत चाटने लगा।
निधि के मुँह से चीख निकली। मुकेश ने उसकी चूत को चाटा और दो उँगलियाँ अंदर डालकर तेज़ी से हिलाने लगा। निधि का पानी उसके ठोड़ी तक बह रहा था।
मुकेश खड़ा हुआ, अपना लंड निधि की चूत पर रखा और एक ही ज़ोरदार झटके में अंदर घुसा दिया।
निधि की चूत ने उसे कस लिया। वह काउंटर पर ही उसे जोर-जोर से चोदने लगा। निधि के स्तन हर धक्के के साथ उछल रहे थे।
बाद में वे बेडरूम में चले गए। मुकेश ने निधि को बिस्तर के किनारे लिटाया, उसकी टाँगें फैलाईं और फिर से अंदर घुस गया।
वह गहरे तक धक्के मार रहा था। निधि ने अपनी टाँगें उसके कमर में लपेट लीं।
मुकेश ने उसे कुत्ते वाली मुद्रा में कर दिया और पीछे से चोदने लगा। निधि चीख-चीखकर चुद रही थी।
मुकेश ने उसकी चूत को रगड़ते हुए उसे झड़वा दिया। निधि का शरीर काँप उठा।
मुकेश ने निधि को पीठ के बल लिटाया और अपने लंड को उसके मुँह में डाल दिया। निधि लंड चूसने लगी।
मुकेश ने उसके मुँह में चोदते हुए आखिर में बाहर निकालकर उसके स्तनों और चेहरे पर गाढ़ा वीर्य छोड़ दिया।
निधि ने मुकेश के लंड को फिर से खड़ा किया और खुद ऊपर चढ़कर उसकी चूत में ले लिया। वह तेज़ी से चुदाई कर रही थी।
दोनों बार-बार झड़ चुके थे, पर रात भर घर के हर कोने में—डाइनिंग टेबल पर, बाथरूम की दीवार से टिककर, लिविंग रूम के फर्श पर—वे चोदते रहे।
जब मुकेश आखिरकार चला, निधि की चूत सूजी हुई थी और वीर्य टपक रहा था।
उसके शरीर पर काटने और चूसने के निशान थे। दोनों पूरी तरह थक चुके थे और मुस्कुरा रहे थे।