काम वाली आंटी को चोदा

(Kaam Bali Aunty Ko Choda)

राहुल ने हविया की कर्ज चुकाने के बाद उसे अपनी बहन के घर पर बुलाया। हविया ने दरवाजा खोला, उसकी साड़ी थोड़ी ढीली थी और उसकी गोरी छाती का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था।

“आप आ गए साहब,” हविया ने मुस्कुराते हुए कहा।

“हाँ, तुम्हारा कर्ज मैंने चुका दिया है। अब तुम मेरी हो,” राहुल ने उसके कंधे पर हाथ रखा।

हविया ने दरवाजा बंद किया और राहुल को अंदर ले गई। वहाँ कोई नहीं था, सिर्फ दोनों थे। हविया ने राहुल के सामने घुटने टेक दिए और उसके पैंट का जिप खोला।

उसका लंड बाहर निकला, मोटा और सख्त। हविया ने उसे मुंह में लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी, उसकी होंठ लंड को कसकर पकड़ रहे थे।

“आह… हविया…” राहुल ने उसके बालों में हाथ डाला।

हविया ने लंड को गले तक लिया, उसकी लार लंड पर बह रही थी। वह चूसती रही, कभी तेज, कभी धीरे। राहुल का लंड उसके मुंह में फूल रहा था।

कुछ देर बाद हविया ने लंड बाहर निकाला और कहा, “अब मुझे चोदो साहब।”

राहुल ने उसे उठाया और सोफे पर लिटा दिया। उसने हविया की साड़ी ऊपर उठाई, उसकी चड्डी उतारी। हविया की चूत गीली थी, उसके बाल काले और घने थे।

राहुल ने अपना लंड हविया की चूत पर रखा और धीरे से अंदर घुसाया। हविया चीख पड़ी, “आह… बड़ा है साहब!”

राहुल ने जोर से धक्का मारा, उसका लंड हविया की चूत में पूरा घुस गया। वह तेजी से चोदने लगा, हविया की चूत से आवाजें आ रही थीं।

“हाँ… और जोर से…” हविया ने राहुल को अपनी जांघों से कस लिया।

राहुल ने हविया की साड़ी और ऊपर उठाई, उसकी नंगी छाती दिख रही थी। उसने हविया के स्तनों को मुंह में लिया और चूसने लगा, साथ ही लंड से चोदता रहा।

हविया का शरीर काँप रहा था, उसकी चूत राहुल के लंड को कस रही थी। राहुल ने और तेजी से चोदा, हविया चीख रही थी।

“मैं झड़ रही हूँ साहब!” हविया ने कहा।

राहुल ने और जोर से धक्के मारे, हविया का पानी निकल आया। राहुल भी झड़ने लगा, उसने हविया की चूत में अपना वीर्य छोड़ा।

दोनों थककर सोफे पर लेट गए। हविया ने राहुल को चूमा, “अब आप मेरे पति हो साहब।”

राहुल ने हविया को गले लगाया, “हाँ, अब तुम मेरी रखैल हो।”

उस दिन के बाद से राहुल और हविया नियमित रूप से मिलने लगे। हविया की बहन के घर पर वे दोनों घंटों तक सेक्स करते। हविया राहुल को हर तरह से खुश करती, मुंह से, चूत से, और गांड से भी।

एक दिन हविया ने राहुल से कहा, “आज मेरी गांड मारो साहब।”

राहुल ने हविया को कुर्सी पर झुकाया, उसकी गांड को चाटा, फिर अपना लंड उसकी गांड में घुसाया। हविया दर्द से चीखी, लेकिन राहुल ने जोर से चोदना शुरू कर दिया।

हविया की गांड लाल हो गई, राहुल का लंड उसमें घुसता निकलता रहा। हविया ने खुद अपनी गांड को फैलाया, “और गहराई तक साहब!”

राहुल ने हविया की गांड में भी वीर्य छोड़ा। हविया खुश होकर राहुल के लंड को चाटने लगी।

इस तरह राहुल और हविया के बीच एक गहरा रिश्ता बन गया। हविया अब राहुल की पूरी तरह से थी, और राहुल हविया को हर दिन चोदता।

हविया की बहन को भी शक होने लगा था, लेकिन हविया ने उसे मना लिया। अब राहुल हविया की बहन के घर पर ही रात गुजारने लगा।

रात को दोनों नंगे होकर बिस्तर पर लेटते, राहुल हविया की चूत चाटता, हविया राहुल का लंड चूसती। फिर राहुल हविया को चोदता, कभी ऊपर से, कभी पीछे से।

हविया की चूत हमेशा राहुल के लंड के लिए तैयार रहती। राहुल हविया को हर जगह चोदता – रसोई में, बाथरूम में, और यहाँ तक कि छत पर भी।

एक बार छत पर हविया ने राहुल को चोदा, वह ऊपर बैठकर राहुल के लंड पर उछल रही थी। राहुल हविया की छाती को दबा रहा था।

हविया की चूत से पानी निकल रहा था, राहुल का लंड उसमें फिसल रहा था। हविया चीख रही थी, “मैं मर जाऊँगी साहब!”

राहुल ने हविया को पलटा और पीछे से चोदा। हविया की गांड लाल हो गई, राहुल ने उसे थप्पड़ मारे।

“हाँ… मारो मुझे साहब!” हविया ने कहा।

राहुल ने हविया को थप्पड़ मारते हुए चोदा, हविया का शरीर लाल हो गया। फिर दोनों एक साथ झड़ गए।

इस तरह उनके सेक्स सेशन लंबे और तीव्र होते गए। हविया राहुल को हर नई चीज सिखाती, और राहुल हविया को हर तरह से चोदता।

हविया की बहन के घर में अब सिर्फ सेक्स की गंध थी। राहुल और हविया दोनों नशे में थे एक दूसरे के।

एक दिन हविया ने राहुल से कहा, “मुझे अपनी दोस्तों के साथ भी चोदो साहब।”

राहुल ने हविया की दोस्तों को बुलाया, और उन सबको चोदा। हविया देखती रही, और खुद भी शामिल हुई।

उस रात चारों औरतें राहुल के लंड पर लड़ीं। राहुल ने सबको चोदा, हविया को सबसे ज्यादा।

इस तरह राहुल और हविया का रिश्ता और गहरा होता गया। हविया अब राहुल की गुलाम थी, और राहुल हविया का मालिक।