राज 22 साल का जवान लड़का था। उसकी उम्र के हिसाब से उसका शरीर काफी मर्दाना था। कंधे चौड़े, छाती पर हल्की मांसपेशियां और नीचे एक मोटा लंड जो हमेशा हिलता रहता था। वो मुंबई के एक छोटे से इलाके में रहता था। उसके घर के ठीक सामने शालिनी चाची रहती थीं।
शालिनी 38 साल की थीं। शादीशुदा लेकिन पति ज्यादातर विदेश में रहता था। उनका शरीर अभी भी जवान औरतों जैसा था। गोरा रंग, भरे हुए स्तन, चौड़ी कमर और गोल-गोल नितंब। उनके बाल कंधों तक आते थे और जब वो चलती थीं तो उनकी गांड हिलती हुई लगती थी।
एक दिन राज बालकनी में खड़ा था। शालिनी चाची स्कूटर लेकर निकल रही थीं। स्कूटर अचानक रुक गया। चाची बार-बार स्टार्ट करने की कोशिश कर रही थीं। राज नीचे गया।
“चाची, क्या हुआ?”
“अरे राज, ये स्कूटर नहीं चल रहा। मैंने सीखा ही नहीं ठीक से।”
“मैं सिखा दूंगा चाची।”
शालिनी चाची ने राज को देखा। उनके मन में कुछ ख्याल आया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है बेटा, सिखा दो।”
राज ने स्कूटर पकड़ा। शालिनी चाची उसके पीछे बैठ गईं। उनकी छाती राज की पीठ से सट गई। राज को महसूस हुआ कि चाची के स्तन काफी नरम और भरे हुए हैं।
“चाची, हैंडल पकड़िए।”
शालिनी ने हैंडल पकड़ा। उनकी सांस राज की गर्दन पर पड़ रही थी। राज ने स्कूटर स्टार्ट किया और धीरे-धीरे चलाया। शालिनी चाची की जांघें राज की जांघों से रगड़ खा रही थीं।
“चाची, गियर कैसे बदलते हैं देखिए।”
राज ने शालिनी का हाथ पकड़कर गियर दिखाया। शालिनी चाची का शरीर राज से और ज्यादा सट गया। उनकी सांसें तेज हो गईं।
“राज, तुम बहुत अच्छे से सिखा रहे हो।”
“चाची, आप सीख रही हैं तो अच्छा लग रहा है।”
स्कूटर चलाते-चलाते राज को महसूस हुआ कि शालिनी चाची की एक जांघ उसकी जांघ पर दबाव डाल रही है। चाची की सांसें और तेज हो गई थीं।
“चाची, अब आप खुद चलाएं।”
शालिनी ने स्कूटर संभाला। राज पीछे बैठ गया। अब शालिनी चाची की गांड राज के लंड से सट रही थी। राज का लंड खड़ा हो गया। शालिनी चाची को भी महसूस हुआ।
“राज, तुम्हारा… वो…”
“चाची, माफ करना।”
“कोई बात नहीं बेटा।”
शालिनी चाची ने स्कूटर रोक दिया। दोनों चुप रहे। फिर शालिनी ने कहा, “राज, कल शाम को मेरे घर आना। स्कूटर की और प्रैक्टिस करनी है।”
“ठीक है चाची।”
रात को राज अपने कमरे में लेटा था। उसे शालिनी चाची की याद आ रही थी। उनकी गांड, उनके स्तन, उनकी सांसें। राज ने अपना लंड निकाला और हिलाने लगा।
“चाची… शालिनी…”
राज ने फोन उठाया। शालिनी चाची का नंबर था। उसने मैसेज किया।
“चाची, आज स्कूटर चलाना बहुत अच्छा लगा।”
शालिनी चाची ने तुरंत रिप्लाई किया।
“हां राज, मुझे भी अच्छा लगा।”
“चाची, आप बहुत सुंदर लग रही थीं।”
“अरे राज, क्या कह रहे हो।”
“सच चाची। आपकी बॉडी बहुत हॉट है।”
शालिनी चाची ने कुछ देर रिप्लाई नहीं किया। फिर मैसेज आया।
“राज, तुम भी तो बहुत हैंडसम हो।”
“चाची, आपकी गांड बहुत सुंदर है।”
“राज!”
“चाची, सच में। जब आप स्कूटर चला रही थीं तो आपकी गांड मेरे लंड से सट रही थी।”
“राज, तुम बहुत बदमाश हो।”
“चाची, आपकी चूत कैसी है?”
“राज, शर्म करो।”
“चाची, बताओ ना।”
“मेरी चूत गीली हो रही है राज।”
“चाची, मेरे लंड में दर्द हो रहा है।”
“क्यों राज?”
“चाची, आपकी याद में।”
“राज, तुम्हारा लंड कितना बड़ा है?”
“चाची, 8 इंच।”
“राज, मेरी चूत में डालोगे?”
“चाची, हां।”
“राज, कल शाम को आ जाना।”
“चाची, ठीक है।”
दोनों ने रात भर सेक्स्टिंग की। शालिनी चाची ने अपनी नंगी तस्वीर भेजी। उनके स्तन, उनकी चूत, उनकी गांड। राज ने भी अपना लंड की फोटो भेजी।
“चाची, आपकी चूत बहुत सुंदर है।”
“राज, तुम्हारा लंड बहुत मोटा है।”
“चाची, कल आपकी चूत चाटूंगा।”
“राज, मेरी गांड भी चाटना।”
“चाची, हां।”
“राज, मेरे स्तन चूसना।”
“चाची, आपके निप्पल चबाऊंगा।”
“राज, मेरी चूत में उंगली डालना।”
“चाची, आपकी चूत का पानी पीऊंगा।”
“राज, मेरे मुंह में अपना लंड डालना।”
“चाची, आपका मुंह चोदूंगा।”
“राज, मेरी गांड मारना।”
“चाची, आपकी गांड फाड़ दूंगा।”
“राज, मेरी चूत फाड़ देना।”
“चाची, आपका पानी निकाल दूंगा।”
“राज, मैं तुम्हारा लंड चूसूंगी।”
“चाची, आपका दूध पीऊंगा।”
“राज, मेरे स्तन दबाना।”
“चाची, आपकी जांघें चाटूंगा।”
“राज, मेरी चूत सूंघना।”
“चाची, आपकी चूत की खुशबू बहुत अच्छी है।”
“राज, कल मिलते हैं।”
“चाची, हां।”
दूसरे दिन शाम को राज शालिनी चाची के घर गया। शालिनी ने दरवाजा खोला। वे नहाकर आई थीं। बाल गीले थे। शरीर पर हल्की खुशबू थी।
“आओ राज।”
“चाची, आप बहुत सुंदर लग रही हैं।”
“धन्यवाद राज।”
शालिनी चाची ने राज को सोफे पर बैठाया। फिर उनके पास बैठ गईं।
“राज, कल रात की बातें याद हैं?”
“हां चाची।”
“राज, तुम सच में मुझे चोदोगे?”
“चाची, हां।”
शालिनी चाची ने राज के पास आकर बैठी। उनकी सांस राज की सांस से मिल रही थी।
“राज, मुझे चूमो।”
राज ने शालिनी चाची के होंठों पर अपने होंठ रखे। दोनों गहरी चूमी करने लगे। शालिनी चाची की जीभ राज के मुंह में घुस गई। राज ने भी अपनी जीभ निकाली।
“राज, तुम्हारी जीभ बहुत अच्छी है।”
“चाची, आपकी जीभ भी।”
राज ने शालिनी चाची के स्तन दबाए। शालिनी चाची की सांस तेज हो गई।
“राज, मेरे स्तन चूसो।”
राज ने शालिनी चाची की ब्लाउज खोली। उनके स्तन बाहर आ गए। निप्पल खड़े थे। राज ने एक निप्पल मुंह में लिया।
“आह… राज…”
राज ने निप्पल चूसा। फिर काटा। शालिनी चाची का शरीर कांपने लगा।
“राज, और जोर से चूसो।”
राज ने दूसरे स्तन को भी चूसा। शालिनी चाची के स्तन लाल हो गए।
“चाची, आपके स्तन बहुत स्वादिष्ट हैं।”
“राज, अब मेरी चूत चाटो।”
शालिनी चाची ने साड़ी ऊपर उठाई। उनकी चूत दिखाई दी। बाल नहीं थे। चिकनी चूत। राज ने चूत के पास मुंह लगाया।
“चाची, आपकी चूत बहुत सुंदर है।”
“राज, चाटो।”
राज ने शालिनी चाची की चूत चाटनी शुरू की। जीभ से चूत के होठों को चाटा। फिर चूत के अंदर जीभ डाली।
“आह… राज…”
शालिनी चाची की चूत से पानी निकल रहा था। राज ने पानी पिया।
“चाची, आपका पानी बहुत स्वादिष्ट है।”
“राज, मेरी चूत चूसो।”
राज ने शालिनी चाची की चूत चूसनी शुरू की। शालिनी चाची का शरीर हिलने लगा।
“राज, उंगली डालो।”
राज ने एक उंगली शालिनी चाची की चूत में डाली। चूत बहुत गीली थी।
“चाची, आपकी चूत बहुत तंग है।”
“राज, दो उंगली डालो।”
राज ने दो उंगली डाली। शालिनी चाची चीखने लगी।
“आह… राज…”
राज ने उंगलियां अंदर-बाहर करने लगे। शालिनी चाची का पानी निकल रहा था।
“राज, अब अपना लंड निकालो।”
राज ने अपना लंड निकाला। शालिनी चाची ने लंड पकड़ा।
“राज, लंड बहुत मोटा है।”
“चाची, चूसो।”
शालिनी चाची ने राज के लंड को मुंह में लिया। लंड का सिरा चूसा।
“चाची, और अंदर लो।”
शालिनी चाची ने पूरा लंड मुंह में लिया। गला तक लंड गया।
“आह… चाची…”
शालिनी चाची ने राज के लंड को चूसना शुरू किया। जीभ से लंड के नीचे वाले हिस्से को चाटा।
“चाची, बहुत अच्छा लग रहा है।”
शालिनी चाची ने लंड को और जोर से चूसा। राज का लंड हिलने लगा।
“चाची, रुक जाओ। मैं झड़ जाऊंगा।”
शालिनी चाची ने लंड मुंह से निकाला।
“राज, अब मेरी चूत में डालो।”
राज ने शालिनी चाची को सोफे पर लिटाया। उनकी जांघें खोलीं। लंड को चूत के पास लगाया।
“चाची, डालूं?”
“हां राज, डाल दो।”
राज ने लंड चूत में डाला। चूत बहुत तंग थी।
“आह… राज…”
राज ने पूरा लंड अंदर डाला। शालिनी चाची चीख पड़ी।
“राज, बहुत बड़ा है।”
“चाची, आपकी चूत बहुत तंग है।”
राज ने शालिनी चाची की चूत चोदना शुरू किया। जोर-जोर से धक्के लगाए।
“आह… आह… राज…”
शालिनी चाची के स्तन हिल रहे थे। राज ने स्तन दबाए।
“चाची, आपके स्तन बहुत अच्छे लग रहे हैं।”
“राज, और जोर से चोदो।”
राज ने और जोर से चोदना शुरू किया। शालिनी चाची की चूत से आवाज आ रही थी।
“प्लच… प्लच… प्लच…”
“आह… राज… मैं झड़ने वाली हूं।”
शालिनी चाची का शरीर कांपने लगा। उनकी चूत से पानी निकला।
“राज, मैं झड़ गई।”
“चाची, अब मेरी बारी।”
राज ने शालिनी चाची को घुटनों के बल कराया। उनकी गांड ऊपर उठाई। लंड को गांड के पास लगाया।
“चाची, गांड मारूं?”
“हां राज, मारो।”
राज ने लंड गांड में डाला। गांड बहुत तंग थी।
“आह… राज…”
राज ने शालिनी चाची की गांड मारना शुरू किया। जोर-जोर से धक्के लगाए।
“आह… आह… राज…”
शालिनी चाची की गांड लाल हो गई। राज ने गांड पर थप्पड़ मारे।
“चाची, आपकी गांड बहुत सुंदर है।”
“राज, और जोर से मारो।”
राज ने और जोर से गांड मारी। शालिनी चाची चीख रही थी।
“आह… राज…”
राज ने शालिनी चाची को पीठ के बल लिटाया। उनकी जांघें कंधों पर रखीं। लंड को चूत में डाला।
“चाची, अब आपकी चूत फिर चोदूंगा।”
“हां राज, चोदो।”
राज ने शालिनी चाची की चूत चोदना शुरू किया। बहुत जोर से।
“आह… आह… राज…”
शालिनी चाची के स्तन हिल रहे थे। राज ने स्तन चूसे।
“चाची, आपके स्तन बहुत स्वादिष्ट हैं।”
“राज, मेरे निप्पल काटो।”
राज ने शालिनी चाची के निप्पल काटे। शालिनी चाची का शरीर कांपने लगा।
“आह… राज…”
राज ने शालिनी चाची की चूत में अपना पानी छोड़ा।
“चाची, मैं झड़ रहा हूं।”
“राज, मेरी चूत में झड़ो।”
राज का पानी शालिनी चाची की चूत में भर गया। दोनों थककर लेट गए।
“चाची, बहुत मजा आया।”
“राज, मुझे भी।”
“चाची, फिर मिलेंगे?”
“हां राज, कल फिर आना।”
“चाची, ठीक है।”
दोनों ने कपड़े पहने। राज चला गया। शालिनी चाची मुस्कुरा रही थीं।।