लंड की प्यासी प्रिंसिपल मैडम

(Lund Ki Pyasi Principal Madam)

Adult Hindi Stories के प्रिय पाठकों को एक बार फिर से आशिक राहुल का नमस्कार।

लंबे समय से मुझे कोई भी चुदाई कहानी लिखने का समय नहीं मिला। मैं जीवन में नियमित रोजगार के लिए सरकारी नौकरी पाने हेतु कड़ी मेहनत में व्यस्त था। आप सभी के प्यार से मुझे एक अच्छी सरकारी नौकरी भी मिल चुकी है।

अब मैं अपनी इस नई जिंदगी के अनुभवों को आप सबके साथ शेयर करने जा रहा हूं। ये कहानी मेरी सच्ची घटना पर आधारित है, जहां स्कूल की प्रिंसीपल मैडम की प्यासी चूत को मैंने चोदा और उनकी चाहत पूरी की। दोस्तों, ये हॉट टीचर मैम की चुदाई की कहानी है, जो आपको उत्तेजित कर देगी। तो चलिए शुरू करते हैं।

मेरा नाम राहुल है। उम्र 28 साल। मैंने बीएड किया है और हमेशा से ही टीचिंग में इंटरेस्ट था। लेकिन सरकारी नौकरी मिलना आसान नहीं था। सालों की मेहनत के बाद आखिरकार मुझे एक सरकारी स्कूल में सोशल साइंस का टीचर बनने का मौका मिला।

स्कूल का नाम था सरस्वती विद्या मंदिर, जो शहर के बाहरी इलाके में था। वहां का माहौल शांत था, ज्यादातर बच्चे गांवों से आते थे। मैंने पहला दिन बहुत उत्साह से शुरू किया।

स्कूल पहुंचते ही प्रिंसीपल ऑफिस में बुलावा आया। मैं घुसा तो सामने एक खूबसूरत महिला बैठी थी। वो प्रिंसीपल मैडम थीं, नाम था डॉ. अनीता शर्मा। उम्र लगभग 35-36 साल। लंबे काले बाल बंधे हुए, चश्मा लगाए, साड़ी पहने जो उनके कर्वी फिगर को हाइलाइट कर रही थी।

उनकी कमर पतली थी, लेकिन हिप्स चौड़े और भरे हुए। ब्लाउज में उनके स्तन उभरे हुए थे, जैसे किसी को आमंत्रित कर रहे हों। मैंने सोचा, वाह, ये मैडम तो आग हैं।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘वेलकम राहुल जी। उम्मीद है आप यहां खुश रहेंगे। हमारा स्कूल छोटा है लेकिन अनुशासन पर जोर देते हैं।’

मैंने जवाब दिया, ‘धन्यवाद मैडम। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि स्कूल का नाम रोशन हो।’ उनकी आवाज मीठी और आत्मविश्वास से भरी थी। बातचीत में पता चला कि वो डॉक्टरेट होल्डर हैं और पति एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं, लेकिन व्यस्त रहते हैं।

मैडम अकेले ही स्कूल संभालती थीं। मैंने उनके बारे में और जानने की कोशिश की, लेकिन पहली मुलाकात में ज्यादा बात न हुई।

अगले कुछ दिनों में मैंने क्लास लेनी शुरू की। बच्चे अच्छे थे, लेकिन कुछ डिसिप्लिन इश्यूज थे। मैंने सख्ती से हैंडल किया। एक हफ्ते बाद मैडम ने मुझे बुलाया। बोलीं, ‘राहुल जी, आपके क्लास के बच्चों का परफॉर्मेंस अच्छा हो रहा है।

अच्छा काम कर रहे हो।’ मैं खुश हो गया। बोला, ‘थैंक यू मैडम। आपका मार्गदर्शन चाहिए।’ वो मुस्कुराईं और बोलीं, ‘चलिए, शाम को स्टाफ रूम में डिस्कस करेंगे।’

शाम को स्टाफ रूम में हम मिले। चाय पीते हुए बातें हुईं। मैडम ने अपने स्कूल के विजन के बारे में बताया। धीरे-धीरे पर्सनल बातें होने लगीं। पता चला कि वो शादीशुदा हैं लेकिन बच्चे नहीं हैं। पति अक्सर आउट ऑफ टाउन रहते हैं।

मैडम थोड़ी उदास लगीं। मैंने कहा, ‘मैडम, अगर कोई परेशानी हो तो बताइए। मैं मदद कर सकता हूं।’ वो बोलीं, ‘राहुल, तुम अच्छे हो। बस, कभी-कभी अकेलापन लगता है।’ उनकी आंखों में एक चमक थी। मैंने महसूस किया कि वो मुझसे प्रभावित हैं।

धीरे-धीरे हमारी दोस्ती बढ़ी। स्कूल के बाद कभी-कभी साथ चाय पीते। मैडम बहुत पढ़ी-लिखी थीं, लेकिन घरेलू जिंदगी में कुछ कमी महसूस करतीं। एक दिन स्कूल की मीटिंग के बाद मैडम बोलीं, ‘राहुल, आज रेन हो रही है। तुम्हारा घर दूर है ना? मेरे साथ चलो, मैं ड्रॉप कर दूंगी।

मैं सहमत हो गया। कार में बैठे तो मैडम की परफ्यूम की खुशबू से मेरा दिल धड़कने लगा। रास्ते में बातें हुईं। मैडम ने कहा, ‘तुम्हारी उम्र में मैं भी टीचिंग में नई थी। लेकिन अब सब रूटीन हो गया।’ मैंने कहा, ‘मैडम, आप अभी भी जवान लगती हैं।’ वो हंस पड़ीं और बोलीं, ‘फ्लर्ट मत करो राहुल।’

मेरा घर पहुंचे तो मैडम बोलीं, ‘चाय पियोगे?’ मैं अंदर गया। उनका घर साफ-सुथरा था। चाय बनाते हुए मैडम किचन में थीं। मैं पीछे से गया और बोला, ‘मैडम, मदद करूं?’ वो मुड़ीं तो उनका पल्लू सरक गया।

ब्लाउज में क्लीवेज दिखा। मेरी नजरें ठहर गईं। मैडम ने नोटिस किया लेकिन कुछ न कहा। चाय पीते हुए बातें हुईं। मैडम बोलीं, ‘राहुल, तुम्हें कोई गर्लफ्रेंड है?’ मैंने कहा, ‘नहीं मैडम। अभी सिंगल हूं।’ वो बोलीं, ‘अच्छा, तो सेटल हो जाओ।’ लेकिन उनकी आंखों में कुछ और था।

अगले दिन स्कूल में मैडम ने मुझे अपने केबिन में बुलाया। बोलीं, ‘राहुल, एक प्रोजेक्ट है। तुम्हें मेरे साथ काम करना होगा। शाम को रहना।’ मैं रुका। शाम को केबिन में हम अकेले थे।

फाइल्स देखते हुए मैडम का हाथ मेरे हाथ पर लगा। मुझे करंट सा लगा। मैडम शरमाईं लेकिन हाथ न हटाया। मैंने हिम्मत की और कहा, ‘मैडम, आप बहुत खूबसूरत हैं।’ वो बोलीं, ‘राहुल, ये गलत है। मैं तुम्हारी बॉस हूं।’ लेकिन उनकी सांसें तेज हो रही थीं।

मैंने उनका हाथ पकड़ा। मैडम ने विरोध न किया। मैंने उन्हें करीब खींचा और होंठ चूम लिए। मैडम पहले चौंकीं लेकिन फिर जवाब दिया। उनका किस गर्म था।

जीभ अंदर डालते ही वो चूसने लगीं। मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने उनका ब्लाउज खोला। मैडम बोलीं, ‘राहुल, यहां नहीं। स्कूल बंद हो चुका है लेकिन रिस्क है।’ मैंने कहा, ‘मैडम, कोई नहीं आएगा।’

हम केबिन के सोफे पर गिर पड़े। मैंने ब्रा उतारी। उनके गुलाबी निप्पल्स सख्त थे। मैंने चूसा। मैडम सिसकारी भरने लगीं, ‘आह राहुल, चूसो। कितने दिनों से ये चाहत थी।’ मैंने जोर से चूसा। उनके स्तन नरम और बड़े थे।

एक हाथ से दबाया, दूसरे को चाटा। मैडम मेरे बाल नोच रही थीं। फिर मैंने साड़ी उतारी। पेटीकोट में उनकी चूत गीली लग रही थी। पैंटी उतारी तो साफ शेव्ड चूत दिखी। गुलाबी होंठ फूले हुए। मैंने उंगली डाली। मैडम चीखीं, ‘हां राहुल, अंदर।’

मैंने चूत चाटनी शुरू की। उनका रस मीठा था। जीभ अंदर-बाहर। मैडम की कमर उभर रही थी। बोलीं, ‘राहुल, तेरी जीभ कमाल है। चाटो ज्यादा।’ मैंने क्लिटोरिस चूसा। मैडम कांपने लगीं। ‘आ रही हूं राहुल!’ उनकी चूत से रस बहा। मैंने सब चाट लिया।

अब मैडम ने मेरा पैंट उतारा। मेरा 7 इंच का मोटा लंड बाहर आया। मैडम बोलीं, ‘वाह, कितना बड़ा। मेरे पति का छोटा है।’ वो लंड पकड़कर सहलाने लगीं। फिर मुंह में लिया। चूसने लगीं। उनका मुंह गर्म था। मैं बोला, ‘मैडम, स्लो।’ लेकिन वो तेज चूस रही थीं।

मैंने रोका। मैडम को लिटाया। लंड चूत पर रगड़ा। बोलीं, ‘डालो राहुल, चोदो मुझे। प्यासी हूं मैं।’ मैंने धक्का दिया। चूत टाइट थी। मैडम चीखीं, ‘आह, दर्द हो रहा लेकिन मजा आ रहा।

धीरे-धीरे अंदर पूरा गया। फिर पेलना शुरू किया। स्लिप स्लिप आवाज। मैडम के स्तन उछल रहे थे। मैंने पकड़ लिए। निप्पल चूसे। मैडम बोलीं, ‘तेज राहुल, जोर से चोदो।’ मैंने स्पीड बढ़ाई। कमरा उनकी सिसकियों से गूंज रहा था। ‘हां, चोदो प्रिंसीपल को।

मैडम का ऑर्गेज्म आया। चूत सिकुड़ी, मेरा भी वीर्य निकला। चूत में भर दिया। हम हांफते लेटे रहे। मैडम बोलीं, ‘राहुल, ये कमाल था। कभी ऐसा मजा न हुआ।’ मैंने कहा, ‘मैडम, अब रोज करेंगे।’ वो हंस पड़ीं।

इसके बाद हमारी चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया। स्कूल के बाद केबिन में, कभी स्टोर रूम में। एक दिन मैडम ने कहा, ‘राहुल, आज घर चलो। पति आउट ऑफ स्टेशन है।’ मैं उनके घर गया। डोर बंद होते ही मैडम ने मुझे किस किया।

बोलीं, ‘आज पूरी रात तेरी हूं।’ हम बेडरूम में गए। मैडम नंगी हो गईं। उनका बॉडी परफेक्ट था। मैंने उन्हें बेड पर लिटाया। स्तनों को चूसा। फिर चूत में जीभ डाली। मैडम कराह रही थीं, ‘राहुल, तेरी जीभ से पागल हो जाऊंगी। चाटो गहराई तक।’

फिर मैंने डॉगी स्टाइल में चोदा। मैडम की गांड ऊपर की। लंड चूत में डाला। जोरदार धक्के। मैडम चिल्लाईं, ‘हां, पीछे से चोदो। गांड मारो अगर चाहो’ मैंने चूत ही पेली हाथ से गांड सहलाई मैडम का रस टपक रहा था।

फिर पोजिशन चेंज। मैडम ऊपर बैठीं लंड पर उछलने लगीं। उनके स्तन हिल रहे थे। मैंने पकड़ लिए बोला, ‘मैडम, कितनी हॉट हो।’ वो बोलीं, ‘तेरा लंड कमाल है। चोदता रह।’

रात भर चुदाई चली। सुबह तक थक गए। मैडम बोलीं, ‘राहुल, तू मेरा प्रेमी बन गया। पति को कभी पता न चले।’ मैंने वादा किया।

स्कूल में एक नई टीचर आई, नाम रीता। वो भी हॉट थी। लेकिन मैडम को जलन हुई। एक दिन मैडम ने मुझे बुलाया और बोलीं, ‘राहुल, रीता से दूर रहो। तू मेरा है।’ मैंने कहा, ‘मैडम, सिर्फ आप।’ लेकिन रीता ने फ्लर्ट किया।

\मैडम को पता चला तो गुस्सा आईं। शाम को केबिन में बोलीं, ‘दिखाऊंगी तुझे।’ उन्होंने डोर लॉक किया। मैडम ने अपना साड़ी ऊपर चढ़ाई और बोलीं, ‘अभी चोद। सजा है तेरी।’ मैंने लंड निकाला और चूत में डाल दिया खड़े-खड़े चोदा। मैडम दीवार से टेक लगाकर कराह रही थीं। ‘हां, जोर से। रीता को भूल जा।’

धीरे-धीरे रीता भी इनवॉल्व हो गई। एक दिन मैडम ने कहा, ‘रीता को भी बुलाओ। थ्रीसम ट्राई करें।’ मैं चौंका। लेकिन सहमत हो गया। शाम को स्टोर रूम में हम तीनों। मैडम और रीता दोनों नंगी। मैडम ने रीता के स्तन चूसे रीता मेरे लंड को।

फिर मैंने मैडम को चोदा, रीता चूत चाट रही थी। मैडम बोलीं, ‘रीता, चूस उसकी गेंदें।’ फिर रीता की चूत में लंड डाला। मैडम मेरी पीठ सहला रही थीं। थ्रीसम कमाल था दोनों की चीखें वीर्य दोनों पर गिराया।

लेकिन ये राज न रहा। पति को शक हुआ। मैडम ने कहा, ‘राहुल, सावधान रहो’ हमने मिलना कम कर दिया। लेकिन चाहत बनी रही।

दोस्तो ये थी मेरी कहानी। अगर पसंद आई तो कमेंट करो।