पड़ोस में आई भाभी को चोदा

(Pados Mein Aayi Bhabhi Ko Choda)

दोस्तो, मेरा नाम मानव है। मैं Adult Hindi Stories की हर कहानी का पाठक हूं। मैंने लगभग हर देसी सेक्स कहानी पढ़ी हुई है क्योंकि मुझे पहले से ही पढ़ना पसंद था तो कहानियां पढ़ने में भी इंटरेस्ट आता था। इसलिए मुझे लगा कि अपनी कहानी भी मैं आप सबके साथ शेयर करूं।

ये कहानी है मेरी जिंदगी की एक सच्ची घटना पर आधारित। हमारा इलाका एक रिहायशी मोहल्ला है जहां ज्यादातर परिवार रहते हैं। मेरा घर बीच में है और सामने वाले घर में कभी कोई किराएदार नहीं आया था। एक दिन अचानक वहां एक छोटा सा परिवार किराए पर आया।

उनका सामान उतारते हुए मैंने देखा कि एक युवा जोड़ा है। पति लगभग 30 साल का था नाम सूरज और उसकी पत्नी शायद 28 की होगी नाम काजल। काजल को देखते ही मेरी नजरें ठहर गईं। वो बेहद हॉट लग रही थी। लंबे काले बाल कंधों पर लहरा रहे थे।

साड़ी पहने हुए थी जो उसके कर्वी फिगर को और उभार रही थी। उसकी कमर पतली थी लेकिन गांड गोल और भरी हुई। चोली में उसके बड़े-बड़े स्तन उभरे हुए थे जैसे किसी को बुला रहे हों। मैंने सोचा ये भाभी तो आग लगाने वाली है।

मैंने सोचा मदद करूं। मैं बाहर निकला और बोला भैया कोई मदद चाहिए तो बताना। सूरज ने मुस्कुराते हुए कहा हां भाई कुछ भारी सामान है ऊपर चढ़ाना है। मैंने तुरंत मदद की। काजल ने भी धन्यवाद कहा। उसकी आवाज मीठी थी।

मैंने देखा उसके होंठ गुलाबी और मोटे थे। सामान रखते हुए मैंने चुपके से उसके स्तनों की ओर देखा। वो झुक रही थी तो चोली से थोड़ा सा गहरा क्लीवेज दिख रहा था। मेरा लंड थोड़ा सा खड़ा हो गया।

अगले दिन से उनका हमसे आना-जाना शुरू हो गया। मां ने उन्हें खाने पर बुलाया। सूरज जॉब करता था एक प्राइवेट कंपनी में। काजल घर संभालती थी। वो पढ़ी-लिखी थी लेकिन शादी के बाद जॉब छोड़ दिया। हम बातें करने लगे।

काजल बहुत फ्रेंडली थी। वो हंसती थी तो उसके दांत चमकते थे। मैं अकेला रहता था क्योंकि मां-बाप गांव चले गए थे। मैं प्राइवेट ट्यूशन देता था बच्चों को।

एक दिन शाम को काजल मेरे घर आई। बोली मानव भाई मेरे पति को फोन नहीं लग रहा। क्या आप चेक कर सकते हो। मैंने उसका फोन लिया। सिग्नल कम था। मैंने अपना फोन दिया। वो फोन करने लगी। तभी बारिश शुरू हो गई।

सूरज ने कहा वो देर से आएगा। काजल चिंतित थी। मैंने कहा भाभी आप यहीं रुक जाओ। बारिश रुकने दो। वो मान गई। हम चाय पीने लगे। बातें करते हुए मैंने देखा काजल थोड़ी उदास लग रही थी। मैंने पूछा क्या बात है भाभी।

वो बोली कुछ नहीं मानव बस ऐसे ही। मैंने हिम्मत करके कहा अगर कुछ परेशानी हो तो बताओ। मैं मदद कर सकता हूं। वो मुस्कुराई और बोली तुम अच्छे हो मानव।

धीरे-धीरे हमारी दोस्ती गहरी होती गई। मैं उनके घर जाता रहता। सूरज अच्छा आदमी था लेकिन व्यस्त रहता। काजल अकेलेपन से परेशान लगती। एक दिन मैं उनके घर गया तो काजल अकेली थी। वो किचन में कुछ बना रही थी।

मैंने कहा भाभी क्या मदद करूं। वो बोली हां मानव ये सब्जी काट दो। मैं काटने लगा। वो मेरे पास आई और बोली ऐसे काटते हैं। उसका हाथ मेरे हाथ पर लगा। मुझे करंट सा लगा।

उसकी सांसें मेरे कान के पास महसूस हुईं। मेरा लंड तन गया। वो शायद महसूस कर गई लेकिन कुछ न बोली।

रात को सोते हुए मैं काजल के बारे में सोचने लगा। उसके स्तन छूने का मन करने लगा। उसकी चूत में अपना लंड डालने का ख्याल आया। मैंने हस्तमैथुन किया कल्पना करते हुए। अगले दिन फिर मौका मिला। सूरज बाहर गया था।

काजल ने मुझे बुलाया। बोली मानव अलमारी का ताला खराब हो गया है। देखो ना। मैं गया तो अलमारी ऊपर थी। मुझे चढ़ना पड़ा। काजल नीचे खड़ी थी। मैं चढ़ा तो उसकी साड़ी का पल्लू सरक गया। उसके स्तन दिखने लगे। ब्लाउज में ब्रा के ऊपर निप्पल्स उभरे हुए थे।

मैंका लंड पूरी तरह खड़ा हो गया। वो हंस पड़ी और बोली मानव नीचे आओ। मैं नीचे उतरा तो पैंट में उभार दिख रहा था। काजल ने देखा और शरमाई। लेकिन उसकी आंखों में चमक थी।

धीरे-धीरे हमारी नजदीकियां बढ़ीं। एक दिन काजल ने कहा मानव मेरे साथ घूमने चलो। सूरज ट्रिप पर गया है। मैं खुश हो गया। हम पार्क गए। वहां बेंच पर बैठे। काजल बोली मानव तुम्हें कोई गर्लफ्रेंड है। मैंने कहा नहीं भाभी।

वो बोली अच्छा तो मैं तुम्हारी पहली हो सकती हूं। मैं चौंक गया। बोला क्या मतलब। वो बोली कुछ नहीं मजाक कर रही हूं। लेकिन उसकी आंखें कुछ और कह रही थीं।

घर लौटे तो काजल बोली मानव अंदर आओ चाय पियोगे। मैं अंदर गया। वो चाय बना रही थी। मैं पीछे से उसके पास गया। उसकी कमर पकड़ ली। वो चौंकी लेकिन न हटी। मैंने कहा भाभी मैं तुम्हें बहुत चाहता हूं। वो बोली मानव ये गलत है।

लेकिन मैंने उसके होंठ चूम लिए। वो पहले विरोध की लेकिन फिर जवाब दिया। हमारा पहला किस हो गया। उसके होंठ नरम थे। मैंने जीभ डाली तो वो चूसने लगी। मेरा हाथ उसके स्तनों पर गया।

हम किचन से हॉल में आए। काजल बोली मानव कमरे में चलो। हम बेडरूम में गए। मैंने उसकी साड़ी खींच दी। वो ब्लाउज में खड़ी थी। स्तन ऊपर नीचे हो रहे थे। मैंने ब्लाउज खोला। ब्रा में बड़े स्तन। मैंने ब्रा उतारी। गुलाबी निप्पल्स सख्त। मैंने चूसा।

काजल बोली आह मानव चूसो। मैंने जोर से चूसा। उसकी चीख निकली। फिर पेटीकोट उतारा। चूत पर पैंटी थी गीली। मैंने पैंटी उतारी। चूत साफ शेव्ड थी। गुलाबी होंठ। मैंने उंगली डाली।

वो बोली हां मानव। मैंने चाटना शुरू किया। काजल की चूत का रस मीठा था। वो मेरे सिर को दबा रही थी। आह आह कर रही थी।

फिर काजल ने मेरा पैंट उतारा। मेरा लंड बाहर आया। 8 इंच का मोटा। वो बोली वाह मानव कितना बड़ा है। सूरज का आधा भी नहीं। मैं खुश हो गया। वो लंड को पकड़ लिया। चूसने लगी। मुंह में पूरा न गया लेकिन जो गया वो चूस रही थी।

मैं बोला भाभी स्लो। लेकिन वो तेज चूस रही थी। मेरा वीर्य आने वाला था। मैंने रोका। फिर मैंने काजल को लिटाया। लंड चूत पर रगड़ा। वो बोली डालो मानव। मैंने धक्का दिया। चूत टाइट थी। वो चीखी दर्द से। लेकिन फिर बोली चोदो। मैंने धीरे-धीरे पेलना शुरू किया।

काजल की चूत गीली हो गई। स्लिप स्लिप आवाज आ रही थी। वो बोली तेज मानव। मैंने स्पीड बढ़ाई। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने पकड़ लिए। निप्पल चूसे। काजल चिल्लाई आ रही हूं। उसकी चूत सिकुड़ गई। मेरा भी वीर्य निकला। चूत में भर दिया।

हम लेटे रहे। काजल बोली मानव ये बहुत अच्छा था। सूरज कभी ऐसा नहीं करता। मैं बोला भाभी अब रोज करेंगे। वो हंस पड़ी।

इसके बाद हमारी चुदाई रोज हो गई। सूरज जब घर न हो तो काजल मुझे बुलाती। एक दिन हम बाथरूम में चुदाई करने लगे। काजल नंगा हो गई। मैंने उसके बाल पकड़े और डॉगी स्टाइल में चोदा।

उसकी गांड मारते हुए लंड अंदर बाहर। वो बोली हां मानव गांड मारो। नहीं चूत में। मैंने चूत में डाला। जोरदार धक्के। पानी बह रहा था।

हम दोनों गीले हो गए। चुदाई के बाद शावर लिया। एक दूसरे को साबुन लगाया। मैंने उसके स्तनों पर साबुन रगड़ा। वो मेरे लंड पर। फिर चुदाई।

एक और दिन काजल ने कहा मानव कुछ नया ट्राई करें। मैंने कहा क्या। वो बोली मेरी गांड में डालो। मैं चौंका। बोला दर्द होगा। वो बोली ट्राई करो। मैंने ऑयल लगाया। धीरे से उंगली डाली।

वो सिसकी। फिर लंड का सिरा वो बोली आह! आह!आह!। धीरे धीरे पूरा अंदर। गांड टाइट थी। मैंने पेला काजल बोली मजा आ रहा है। मैंने जोर से चोदा,  फिर वीर्य गांड में डाल दिया वो थक गई।

हमारी कहानी यूं ही चलती रही। मोहल्ले में कोई शक न किया। काजल की चाहत पूरी हो रही थी। मेरा भी। सूरज को कभी पता न चला।

लेकिन एक दिन ट्विस्ट आया। सूरज को प्रमोशन मिला। वो शहर बदलने वाला था। काजल उदास हो गई। मैंने कहा भाभी चिंता मत करो। हम मिलते रहेंगे लेकिन वो बोली नहीं मानव अब मुश्किल होगा।

हमने आखिरी रात चुदाई की। वो बोली मानव मुझे याद रखना, मैं बोला हमेशा आपकी याद आएगी। वे दोनों चले गए।

दोस्तो ये थी मेरी कहानी। अगर पसंद आई तो कमेंट करो।