नौकरी दोबारा पाने के लिए मैं चुद गई

(Service Dobara Pane Ke Liye Main Chud Gayi)

जयश्री, जिसे सब जया कहते थे, एक 33 साल की शादीशुदा औरत थी। अब वो डॉक्टर बनने की राह पर थी। उसका कद 5 फुट 7 इंच था। शादी से पहले उसका फिगर 36-32-38 था, लेकिन अब चूचियां 38D हो गईं, भरी-भरी और रसीली।

कमर 34 इंच की पतली, और गांड 40 इंच की गोल-मोटी जो साड़ी में लहराती रहती। गोरा चेहरा, बड़ी-बड़ी आंखें और रसीले होठ जो किसी को भी मदहोश कर दें।

शादी के एक साल बाद जया की सास ने उसे इतना तंग किया कि वो ससुराल छोड़कर मायके चली गई। सास ढोंगी थी, हर बात पर संस्कारों का लेक्चर देती। पति संदीप सरकारी अध्यापक था।

संदीप ने बहुत मनाया, लेकिन जया अड़ी रही। उसने शर्त रखी कि नया घर बने तब लौटेगी। शादी से पहले जया अच्छी डॉक्टर थी, लेकिन ससुर के कहने पर नौकरी छोड़ दी। अब दोबारा नौकरी चाहिए थी।

इसके लिए योग्यता प्रमाण-पत्र और अद्यतन प्रशिक्षण का सर्टिफिकेट जरूरी था।

जया ने पुराने सीनियर डॉक्टर पटेल से संपर्क किया। डॉ. पटेल 42 साल के थे, 5 फुट 10 इंच कद, हल्का पेट, कम बाल। वो ठरकी थे, नर्सों और डॉक्टरों को फुसलाते रहते। शादी से पहले पटेल जया के पीछे पड़े थे, लेकिन जया ने मना कर दिया। अब मजबूरी थी। जया उनके क्लिनिक पहुंची।

“डॉ. पटेल जी, नमस्ते। मुझे दोबारा प्रैक्टिस में लौटना है। सर्टिफिकेट और ट्रेनिंग की जरूरत है।” जया ने कहा।

डॉ. पटेल ने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे जयश्री, इतने साल बाद? कोई बात नहीं। मैं 6 महीने का इंटेंसिव ट्रेनिंग कोर्स करा दूंगा। हर शाम आना। लेकिन पूरी मेहनत करनी पड़ेगी।

उनकी आंखों में चमक थी। जया समझ गई कि कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मजबूरी थी।

पहला हफ्ता मेडिकल डिस्कशन और प्रैक्टिकल पर बीता। केस स्टडीज, नई दवाओं की जानकारी। जया नोट्स लेती। तीसरा हफ्ता आया। शाम 8 बजे प्राइवेट क्लिनिक खाली था। डॉ. पटेल ने दरवाजा बंद किया।

“जयश्री, अब असली ट्रेनिंग शुरू।” उन्होंने जया के कंधे पर हाथ रखा। साड़ी का पल्लू सरकाया। ब्लाउज के हुक खोले। ब्रा उतार दी। 36 इंच की चूचियां बाहर आ गईं। पटेल ने मसलना शुरू किया। निप्पल दबाए। एक चूची मुंह में लेकर चूसी।

“आह्ह्ह… डॉ. पटेल… ये क्या कर रहे हैं?” जया सिहर उठी।

“चुप रहो। ये ट्रेनिंग का हिस्सा है। रिलैक्स करो।” पटेल ने कहा और दूसरी चूची चूसी।

पटेल ने जया को टेबल पर लिटा दिया। साड़ी ऊपर सरका दी। पैंटी उतार ली। जया की चूत घुँघराले बालों से ढकी थी। पटेल घुटनों पर बैठे। जीभ से चूत चाटने लगे। क्लिटोरिस चूसा। दो उंगलियां अंदर डाल दीं।

“इस्स्स… उम्म्म्म… आहह… अह्ह्ह्ह… इस्स्स… उह्ह्ह…” जया कराहने लगी।

“अच्छा लग रहा है ना? ट्रेनिंग जारी रखो।” पटेल हंसे।

फिर पटेल ने अपना लंड निकाला। 7 इंच लंबा, मोटा, काला, नसों वाला, चमकदार सिरा। संदीप का तो छोटा-पतला था। “चूसो इसे।” पटेल ने कहा।

जया पहली बार किसी और का लंड मुंह में ले रही थी। गर्म और भारी लगा। सिरा चाटा आधा मुंह में लेकर चूसा “उम्म्म्म… उम्मह्ह…”

पटेल ने बाल पकड़े गले तक ठेल दिया “हाँ… अच्छे से चूसो… ट्रेनिंग शुरू हो गई।” 10 मिनट चुसवाया जया की आंखों में आंसू आ गए, लेकिन जारी रखा।

फिर मिशनरी पोजिशन में कंडोम पहना लंड चूत पर रगड़ा धीरे से घुसाया। “आआह्ह्ह… बहुत मोटा है… दर्द हो रहा है!” जया चीखी।

“सह लो। आदत पड़ जाएगी।” पटेल ने धीरे-धीरे ठोके। फिर जोर-जोर से। चूचियां दबाईं, चूसीं। लार से जूठा कर दिया। 25 मिनट बाद चूत में झड़ गए।

अगले दिन क्लिनिक के फ्लैट पर हर पोजिशन आजमाई डॉगी स्टाइल में जया को घोड़ी बनाया। 38 इंच गांड हवा में। पटेल ने गांड फैलाई। “अरे वाह! इतनी मस्त गांड।” चूत चाटी। फिर गांड का छेद चाटा। जीभ अंदर डाली।

“उह्ह्ह… इस्स्स… उफ्फ्फ… इस्स्स… आह्ह्ह्ह… उफ्फ्फ…” जया पहली बार गांड चाट रही थी। संदीप ने कभी नहीं किया।

“अब गांड मारने का समय।” पटेल ने जेल लगाया। उंगली डाली।

“वहां नहीं… प्लीज! दर्द होगा।” जया बोली।

पटेल ने गांड पर थप्पड़ मारा। “ट्रेनिंग में सवाल पूछूंगा। रोगी देखभाल में साक्ष्य-आधारित अभ्यास का उपयोग कैसे करते हो?”

जया विरोध करती रही लेकिन जवाब दिया, “कैथेटर रिमूवल प्रॉम्प्ट से CAUTI कम किया जाता है।”

“सही।” पटेल ने दूसरी उंगली डाली। फिर लंड घुसाया। “आआह्ह्ह… फाड़ रहा है… बाहर निकालो!” जया चीखी।

धीरे-धीरे ठोके। गांड हिलने लगी। “अहाह्ह्ह्ह… इस्स्स्स… अईई… आहह…” जया कराहने लगी। पटेल ने जोरदार धक्के दिए। चूत में हाथ डालकर रगड़ा। आखिर में गांड में झड़ गए।

रोजाना ओरल सेशन। जया लंड और टट्टे चूसती। कभी मुंह में झड़ते तो निगल जाती। “अच्छी लड़की। ट्रेनिंग अच्छी चल रही।” पटेल कहते।

6 महीनों में चुदाई से फिगर बदल गया। चूचियां 38D भारी हो गईं। कमर 34 इंच टाइट। गांड 40 इंच गोल-मोटी। साड़ी में लहराने लगी।

आखिरी महीने थ्रीसम शुरू। पटेल दोस्त डॉक्टर बुलाते। एक बार फ्लैट पर तीनों। डॉ. पटेल और डॉ. शर्मा।

“जयश्री, आज डबल ट्रेनिंग।” पटेल ने कहा। शर्मा ने चूचियां मसलनी शुरू कीं। पटेल ने चूत चाटी।

“डॉ. पटेल… ये क्या? दो आदमी?” जया घबराई।

“चुप। प्रैक्टिकल सीखो।” शर्मा ने लंड मुंह में ठूंस दिया। पटेल ने चूत में घुसाया। ऊपर-नीचे। फिर साइड में। डॉगी में शर्मा गांड मारी।

“आह्ह्ह… उफ्फ्फ… दोनों तरफ… सह नहीं पाऊंगी…” जया चिल्लाई।

वे घंटों चोदते। हर पोजिशन। पटेल एक्सपर्ट थे, देर तक चलते, कई बार झड़वाते। जया थक जाती लेकिन मजा आता।

एक रात फ्लैट पर स्पेशल सेशन। पटेल ने जया को काउगर्ल बनाया। जया ऊपर बैठी लंड पर उछली। “हाँ… ऐसे ही… तेज… आह्ह्ह…”

शर्मा पीछे से गांड में घुसा। डबल पेनेट्रेशन। “अईई… फट जाएगी… लेकिन अच्छा लग रहा… उह्ह्ह…”

वे पढ़ाते जाते। “हाइपरटेंशन में कौन सी दवा?” पटेल ने पूछा धक्का मारते हुए।

“एंजियोटेंसिन… आह्ह… कन्वर्टिंग… इस्स्स…”

“सही।” और जोरदार ठुकाई।

6 महीने पूरे। प्रमाण-पत्र मिला।

जया ने अप्लाई किया डॉक्टर बन गई। मायके में रहकर काम करने लगी। संदीप अभी घर बनाने की कोशिश में। लेकिन जया बदल चुकी थी।

पटेल की चुदाई की आदत लग गई। चुपके-चुपके मुलाकातें जारी। “गलत किया लेकिन मजबूरी थी। चूत और गांड उनकी यादों से भरी रहतीं………….