अभय और अनामिका की कहानी एक ऐसी प्रेम और वासना भरी रात की है जहाँ दो जवान क्लासमेट्स ने अपनी सीमाओं को तोड़ दिया।
अभय कॉलेज का एक हैंडसम लड़का था लंबा कदकाठी तेज आँखें और मजबूत शरीर। अनामिका उसकी 19 साल की खूबसूरत सहेली थी गोरी चिट्टी त्वचा लंबे काले बाल भरे हुए होंठ और कसी हुई फिगर।
उसके स्तन गोलमटोल और उभरे हुए थे कमर पतली और कूल्हे चौड़े। दोनों अक्सर साथ पढ़ाई करते थे और घूमने जाते थे लेकिन आज की शाम कुछ खास थी।
अभय के घर पर शाम को दोनों पहुँचे। माता पिता बाहर गए हुए थे घर खाली था। टेबल पर किताबें फैला दीं और पढ़ाई शुरू की।
अनामिका ने एक चैप्टर समझाने को कहा अभय ने उसके पास बैठकर समझाया। उसकी खुशबू अभय को मदहोश कर रही थी। अचानक अनामिका ने पूछा तू कभी गर्लफ्रेंड बनाता है क्या।
अभय हँसा और बोला अभी तक नहीं लेकिन तू होती तो अच्छा होता। अनामिका शरमाई और बोली सच में। अभय ने उसकी आँखों में देखा और धीरे से उसके हाथ पकड़ा। अनामिका ने कुछ नहीं कहा बस मुस्कुराई।
अभय का दिल धड़कने लगा उसने हिम्मत जुटाई और अनामिका के स्तनों पर हाथ रख दिया। अनामिका चौंकी लेकिन पीछे नहीं हटी। अभय ने धीरे धीरे सहलाना शुरू किया उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसके निप्पल सख्त हो गए।
अनामिका की साँसें तेज हो गईं। अभय ने कहा अनुमति दे तो और करूँ। अनामिका ने सिर हिलाया हाँ में। अभय ने उसके ब्लाउज के हुक खोले और ब्रा ऊपर सरका दी। उसके गोल स्तन बाहर आ गए गुलाबी निप्पल तन चुके थे।
अभय ने एक को मुँह में लिया चूसने लगा जीभ से घुमाया। अनामिका कराही बोली आह अभय।
अभय ने दूसरे स्तन को भी चूसा चाटा काटा हल्का सा। अनामिका के हाथ अभय के बालों में फिरने लगे। अभय ने उसके गले पर किस किया चूमने लगा। फिर होंठों पर आ गया दोनों के होंठ मिले लंबा किस। जीभें लड़ने लगीं।
अभय ने अनामिका का सलवार उतारना चाहा वो बोली रुको शर्मा रही हूँ। अभय ने प्यार से कहा डर मत मैं तेरा हूँ। अनामिका ने आँखें बंद कर ली। अभय ने सलवार नीचे सरका दी पैंटी भी उतार दी।
अनामिका की चूत साफ शेव्ड थी गीली हो चुकी थी। अभय ने उँगली डाली अंदर बाहर किया अनामिका तड़पी आह उह्ह।
दोनों नंगे हो गए अभय का लंड सीधा खड़ा था मोटा लंबा। अनामिका ने देखा और डर गई बोली इतना बड़ा कैसे। अभय हँसा और बोला प्यार से ले लेगी। उसने अनामिका को बिस्तर पर लिटाया पैर फैलाए।
चूत पर जीभ रखी चाटने लगा क्लिट को चूसा। अनामिका चिल्लाई अभय बस करो मर जाऊँगी। अभय ने नाभि चाटी फिर नीचे आया। लंड को चूत पर रगड़ा फिर धीरे से अंदर डालने लगा।
अनामिका दर्द से कराही ये दर्द हो रहा। अभय ने रुका प्यार से किस किया बोला सह ले थोड़ी देर में मजा आएगा।
धीरे धीरे लंड पूरा अंदर चला गया। अभय ने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किए। अनामिका का दर्द कम हुआ आनंद आने लगा। वो बोली तेज करो अभय। अभय ने रफ्तार बढ़ाई चोदने लगा जोर जोर से।
अनामिका की चीखें गूँजने लगीं। स्तन उछल रहे थे अभय ने पकड़ लिए चूसे। दोनों पसीने से तर। अभय बोला आने वाला हूँ। अनामिका बोली अंदर ही डाल दो।
कुछ देर बाद अनामिका बोली कितना अच्छा लगा। अभय ने गले लगाया फिर से किस किया। दोनों नहाने चले गए। बाथरूम में पानी के नीचे अभय ने फिर से उसके स्तन दबाए। अनामिका ने लंड पकड़ा सहलाया। बोली अब मुँह में लूँ।
अभय खुश हुआ। अनामिका घुटनों पर बैठी लंड चूसने लगी जीभ से चाटी गले तक लिया। अभय कराहा बोला वाह। फिर अभय ने उसे दीवार से सटा दिया पीछे से चोदना शुरू।
गांड पर थप्पड़ मारे अनामिका चिल्लाई हाँ मारो लंड चूत में तेज तेज। फिर वीर्य बाहर निकाला गांड पर गिराया।
नहा धोकर बाहर आए किताबें खोलीं लेकिन मन कहाँ। अनामिका बोली फिर से करो। अभय ने बिठाया लंड पर चढ़ा दिया।
अनामिका ऊपर नीचे होने लगी। स्तन अभय के मुँह में। दोनों चोदते रहे। रात भर ऐसे ही।
सुबह तक कई बार चुदाई। अभय ने चूत चाटी गांड चाटी सब किया। अनामिका की चूत लाल हो गई लेकिन आनंद ही आनंद……………..