सूने घर में बॉय फ्रेंड के संग धकापेल चुदाई

(Sune Ghar Mein Boy Friend Ke Sang Dhakapel Chudayi)

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम नेहा है. मेरी उम्र 28 साल है. मैं एक शादीशुदा महिला हूँ।

मैं एडल्ट हिन्दी स्टोरीज़ की बहुत बड़ी फैन हूँ. मैंने एडल्ट हिन्दी स्टोरीज़ साइट पर बहुत सारी कहानियां पढ़ी हैं।

आज मैं आप सभी के साथ मेरी सेक्स कहानी सूने घर में बीएफ के संग धकापेल चुदाई की दास्ताँ शेयर कर रही हूँ।

उम्मीद है आप सभी को मेरी ये सेक्स कहानी पसंद आएगी।

मेरा पति बाहर गया हुआ था, शायद किसी बिजनेस ट्रिप पर। घर में मैं अकेली थी, और वो खालीपन मुझे बेचैन कर रहा था। मेरी चूत में एक अजीब सी गुदगुदी हो रही थी, जैसे कोई आग सुलग रही हो।

मैंने सोचा, क्यों न अपने बॉयफ्रेंड को बुला लूं? वो हमेशा तैयार रहता है मेरी इस भूख को शांत करने के लिए। मैंने फोन उठाया और उसे मैसेज किया, ‘आ जाओ जल्दी, घर सूना है। चूत गीली हो रही है।’

वो कुछ ही मिनटों में पहुँच गया। दरवाजा खोलते ही उसकी आँखें चमक उठीं। मैंने एक पतली सी नाइट गाउन पहना था, जो मेरे बड़े-बड़े स्तनों को मुश्किल से ढक रहा था। नीचे कुछ नहीं पहना था, चूत बिल्कुल नंगी। वो अंदर आया और दरवाजा बंद करते ही मुझे दीवार से सटा दिया।

उसके होंठ मेरे होंठों पर चिपक गए। हम दोनों जोर-जोर से चूमने लगे। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई, और मैंने उसकी जीभ को चूसना शुरू कर दिया।

उसके हाथ मेरे गाउन को ऊपर सरका रहे थे। उसने मेरे स्तनों को पकड़ लिया और जोर से दबाया। मेरे निप्पल्स सख्त हो चुके थे। वो उन्हें उँगलियों से मसलने लगा। मैं सिसकारियाँ ले रही थी, ‘आह… राजू… चूस ले इन्हें।’ वो झुक गया और मेरे एक स्तन को मुँह में भर लिया।

जोर-जोर से चूसने लगा, जैसे कोई भूखा शेर दूध पी रहा हो। दूध तो था नहीं, लेकिन वो इतना जोर से चूस रहा था कि दर्द और मजा दोनों हो रहे थे।

मैंने उसके पैंट की चेन खींची और हाथ अंदर डाल दिया। उसका लंड पहले से ही सख्त हो चुका था। मैंने उसे बाहर निकाला। वो मोटा, लंबा लंड था, शायद 8 इंच का। प्रीकम से गीला, सिरा चमक रहा था। मैंने उसे हिलाना शुरू कर दिया।

वो मेरी चूत की ओर हाथ बढ़ाया। उँगलियाँ चूत पर रगड़ने लगा। मेरी चूत इतनी गीली थी कि आवाज आ रही थी, चपचप।

‘नेहा, तेरी चूत कितनी गरम है आज,’ वो बोला और दो उँगलियाँ अंदर डाल दी। मैं चीख पड़ी, ‘आह… हाँ… और गहराई तक।’ वो उँगलियों को अंदर-बाहर करने लगा। मेरी चूत से रस बह रहा था। मैं उसके लंड को मुट्ठी में कसकर पकड़ रही थी, ऊपर-नीचे कर रही थी। हम दोनों साँसें तेज कर रहे थे।

अचानक वो मुझे गोद में उठा लिया और बेडरूम की ओर चला। बेड पर पटक दिया। गाउन पूरी तरह उतार दिया। मैं पैर फैलाए नंगी लेटी थी। वो अपनी शर्ट और पैंट उतार रहा था। उसका नंगा बदन देखकर मेरी चूत और भी तरसने लगी। वो बेड पर चढ़ा और मेरे ऊपर झुक गया। लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा। ‘डाल दे राजू… चोद मुझे।’

वो मुस्कुराया और लंड का सिरा चूत पर सेट किया। एक झटके में पूरा अंदर धकेल दिया। आह… कितना मोटा था। मेरी चूत फटने लगी। दर्द हुआ लेकिन मजा ज्यादा। वो धीरे-धीरे हिलाने लगा। हर धक्के के साथ लंड चूत की दीवारों को रगड़ रहा था। मैंने उसके कंधों को नाखूनों से चीर लिया। ‘जोर से… फाड़ दे मेरी चूत।’

वो तेज हो गया। धक-धक की आवाजें आने लगीं। बेड हिल रहा था। मेरे स्तन उछल-उछल रहे थे। वो एक हाथ से उन्हें पकड़कर मसल रहा था। चुदाई की रफ्तार बढ़ती जा रही थी। मेरी चूत से रस छलक रहा था, उसके लंड पर चिपक रहा था। ‘नेहा… तेरी चूत कितनी टाइट है… शादीशुदा होकर भी।’ मैं हँसी, ‘तेरे लिए ही तो रखती हूँ।’

कुछ मिनटों में मैं झड़ने लगी। चूत सिकुड़ने लगी, लंड को कस रही थी। ‘आ रहा है… आह…’ मैं चीखी। वो भी रुका नहीं, और जोर-जोर से पेलता रहा। मेरा ऑर्गेज्म खत्म होते ही वो बोला, ‘मैं भी… बाहर निकालूँ?’ मैंने कहा, ‘नहीं, अंदर ही झाड़।’ वो आखिरी धक्का मारा और गरम वीर्य चूत में छोड़ दिया। लंड फड़फड़ा रहा था, स्पर्म भर रहा था।

वो लंड बाहर निकाला। चूत से सफेद रस बह रहा था। हम दोनों हाँफ रहे थे। लेकिन ये तो बस शुरुआत थी। थोड़ी देर आराम करने के बाद, मैंने कहा, ‘फिर से चोद।’ वो हँसा और मुझे डॉगी स्टाइल में उल्टा कर दिया। मेरी गांड ऊपर की, वो पीछे से लंड फिर से चूत में डाल दिया। इस बार और गहराई तक।

धकापेल चुदाई शुरू हो गई। उसके हाथ मेरी कमर पकड़े, जोर-जोर से टकरा रहा था। गांड पर थप्पड़ पड़ रहे थे। लाल हो गई। ‘हाँ राजू… मार… चोद मजा आ रहा है।’ लंड चूत को चीर रहा था। हर धक्के से गर्भाशय तक पहुँच रहा। मैं सिर नीचा करके सिसकार रही थी। उसके अंडकोष मेरी चूत पर टकरा रहे थे, चटाक-चटाक।

वो बाल पकड़कर खींचने लगा। जैसे कोई जानवर। मैं और उत्तेजित हो गई। चूत फिर से गीली हो गई। वो तेज चुदाई कर रहा था, पसीना टपक रहा था।

‘तेरी गांड भी चोदूँ?’ मैंने हामी भरी। लेकिन पहले चूत ही पूरी कर ली। मैं फिर झड़ी। चूत काँप रही थी,वो भी अंदर ही झाड़ दिया। स्पर्म चूत में भर गया, बाहर बहने लगा।

अब तीसरी बार। मैं काउगर्ल पोजीशन में ऊपर चढ़ गई। । उसके लंड पर बैठ गई। लंड चूत में पूरा समा गया, मैं ऊपर-नीचे होने लगी।

उसके हाथ मेरे स्तनों पर थे, मैं जोर-जोर से कूद रही थी। लंड चूत के अंदर घूम रहा था। ‘आह… कितना अच्छा लग रहा है।’ वो नीचे से धक्के मार रहा था। हम दोनों की साँसें मिल रही थीं।

मैंने स्पीड बढ़ाई। चूत लंड को निचोड़ रही थी। उसके चेहरे पर मजा साफ दिख रहा था। ‘नेहा… तू कमाल की है।’ मैं मुस्कुराई और और तेज हो गई। ऑर्गेज्म आया, मैं चीख पड़ी। वो भी मेरी चूत में ही झाड़ दिया। अब चूत स्पर्म से भरी हुई थी।

हर बार नई पोजीशन, नया मजा। चूत थक गई थी, लेकिन भूख नहीं मिट रही। लंड भी थोड़ा नरम हो जाता, लेकिन फिर सख्त था। स्पर्म बार-बार अंदर जा रहा था। चूत ओवरफ्लो हो रही थी, हम पसीने से तर थे, लेकिन खुश बहुत थे।

रात भर यही चुदाई चलती रही, सुबह तक गिनती भूल गए। घर सूना था, लेकिन अब भरा हुआ लग रहा था। प्रेमी के लंड ने सब भर दिया।

दोस्तो, ये थी मेरी हार्डकोर चुदाई की कहानी। उम्मीद है आपको बहुत पसंद आई होगी।

धन्यवाद!!