हैलो फ्रेंड्स, मैं एडल्ट हिन्दी स्टोरीज़ का बहुत ही बड़ा फैन हूँ और मैं हर रोज इसकी कहानियाँ पढ़ता हूँ और मुठ मारता हूँ.
जब मैंने इस की कहानियाँ पढ़ीं तो मैंने भी सोचा क्यों न मैं भी अपनी एडल्ट हिन्दी स्टोरी शेयर करूँ, यह मेरी पहली कहानी है!
मैं अपने बारे में बताता हूँ. मैं 5 फीट 9 इंच और औसत शरीर का लड़का हूँ. मेरा नाम राज है और मैं बी.ए. का स्टूडेंट हूँ. यह घटना पिछले वर्ष की है जब मैं 20 साल का था और मैं पढ़ाई के लिए अपनी दीदी के घर में रहता था.
मैं बता दूँ कि मेरी दीदी की शादी हरियाणा में हुई है, उसके घर में 5 लोग रहते हैं. दीदी की एक ननद है, जिसका नाम प्रिया है. वो दिखने में बहुत ही मस्त है वो एकदम गोरी और स्मार्ट है और वो तब 12वीं की छात्रा थी. मैं अपनी स्टडी के लिए अपनी दीदी के घर पर ही रहता था। मेरी हमेशा से ही चुदाई में बहुत अधिक ही रूचि थी और हमेशा ही सेक्स की कहानियों की किताब पढ़ता था और मुठ मारता रहता था.
प्रिया की उम्र करीब 19 साल की थी, लेकिन वो इतनी मासूम लगती थी जैसे अभी अभी बड़ी हुई हो। उसकी स्किन एकदम दूध जैसी गोरी थी, लंबे काले बाल जो कमर तक लहराते थे, और आंखें ऐसी कि देखते ही दिल धड़क जाए।
उसका फिगर 34-28-36 का कुछ ऐसा था, जो स्कूल यूनिफॉर्म में भी छुप न सके। मैं जब भी उसे देखता, मेरा लंड तन जाता। घर में सब अपनी अपनी जिंदगी में बिजी रहते, लेकिन प्रिया और मैं अक्सर एक ही रूम में पढ़ते, क्योंकि जगह कम थी।
एक दिन शाम को, दीदी और जीजू बाहर गए थे, और घर में सिर्फ मैं, प्रिया और एक नौकरानी थी। नौकरानी ने खाना बना दिया और सो गई। प्रिया अपनी पढ़ाई कर रही थी, और मैं बगल में अखबार पढ़ रहा था। अचानक प्रिया ने कहा, “भैया, ये मैथ्स का सवाल समझ नहीं आ रहा। थोड़ा हेल्प कर दो ना।” मैंने हामी भरी और उसके पास बैठ गया। उसकी बॉडी की खुशबू आ रही थी, शैंपू की, जो मुझे मदहोश कर रही थी।
मैंने सवाल देखा, लेकिन मेरा ध्यान प्रिया की चूचियों पर था, जो कुर्ते में से उभरी हुई थीं। मैंने जानबूझकर हाथ छुआ उसके हाथ से, और वो शर्मा गई। “भैया, क्या कर रहे हो?” उसने धीरे से कहा। मैंने हंसकर कहा, “कुछ नहीं, बस सवाल देख रहा हूँ।” लेकिन अंदर से मैं जल रहा था। रात को सोते समय, मैंने सोचा आज कुछ तो करना पड़ेगा।
अगले दिन सुबह, प्रिया स्कूल गई, और मैं घर पर ही था। शाम को वो लौटी, थकी हुई लग रही थी। मैंने चाय बनाई और उसके लिए रख दी। “प्रिया, थक गई हो? मसाज कर दूँ?” मैंने मजाक में कहा। वो हंस पड़ी, “हाँ भैया, पैर दुख रहे हैं।”
मैंने मौका देखा और उसके पैरों पर हाथ फेरने लगा। धीरे धीरे हाथ ऊपर की तरफ गया, जांघों तक। प्रिया ने विरोध नहीं किया, बस आंखें बंद कर लीं। मेरा लंड खड़ा हो गया।
“प्रिया, तुम्हें पता है, तुम बहुत सुंदर हो।” मैंने कहा। वो शरमाई, “भैया, ऐसा मत कहो।” लेकिन मैं रुक न सका। मैंने उसे गले लगा लिया। उसके होंठ मेरे होंठों से सट गए। वो पहले तो हिचकिचाई, लेकिन फिर जवाब देने लगी। हमारा पहला किस बहुत ही पैशनेट था।
मेरी जीभ उसके मुंह में घुस गई, और वो चूसने लगी। मेरा हाथ उसकी चूचियों पर चला गया, जो सॉफ्ट थीं। मैंने कुर्ता ऊपर किया और ब्रा हटा दी। उसके गुलाबी निप्पल्स खड़े थे। मैंने जोर जोर से चूसना शुरू किया। प्रिया सिसकारियां लेने लगी, “आह भैया… क्या कर रहे हो…” लेकिन वो रुकने न कह रही थी।
मैंने उसे बेड पर लिटा दिया। उसकी सलवार उतार दी। उसकी चूत पर पैंटी थी, जो गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी हटाई, और देखा कि उसकी चूत बिल्कुल साफ थी, बाल भी कम। वो वर्जिन थी, सिल बंद। “प्रिया, आज मैं तेरी सील तोड़ दूंगा।” मैंने कहा। वो डर गई, “भैया, दर्द होगा ना?” मैंने कहा, “पहले मजा दूंगा।”
मैंने अपनी जीभ चूत पर लगाई। चाटने लगा, क्लिट को चूसा। प्रिया चिल्लाने लगी, “ओह भैया… कितना अच्छा लग रहा है…” उसका रस बहने लगा। मैंने दो उंगलियां डाली, धीरे से। वो तड़पी, लेकिन मजा ले रही थी। अब मेरा लंड तड़प रहा था। मैंने पैंट उतारी, मेरा 6 इंच का लंड बाहर आ गया, जो सीधा खड़ा था। प्रिया ने देखा और चौंकी, “भैया, इतना बड़ा?”
मैंने कहा, “हाँ, अब ये तेरी चूत में जाएगा।” मैंने उसके ऊपर चढ़ गया। लंड का सिरा चूत पर रगड़ा। वो गीली थी, लेकिन टाइट। धीरे से दबाया, सिल टूट गई। खून निकला, प्रिया चीखी, “आह! दर्द हो रहा है भैया!” मैं रुका, फिर धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा। दर्द कम हुआ, और वो भी हिलने लगी। “फास्ट भैया… चोदो मुझे…” वो बोली। मैंने स्पीड बढ़ाई, जोर जोर से ठोकने लगा। चूत की चाप चाप आवाज आने लगी।
हम दोनों पसीने से तर थे। मैंने उसके पैर कंधे पर रखे और गहराई से चोदा। प्रिया की चूचियां उछल रही थीं। “हाँ भैया… और जोर से… तेरी भाभी की बहन की चूत फाड़ दो…” वो चिल्ला रही थी। मैंने 15 मिनट तक चोदा, फिर झड़ गया। गर्म वीर्य उसकी चूत में भर दिया। वो भी ऑर्गेज्म पर पहुंच गई, बॉडी कांपने लगी।
हम लेटे रहे, गले मिले। “प्रिया ने कहा भैया, ये तो कमाल था। फिर करना । मैंने हंसकर कहा, “हाँ, रोज करेंगे।”
लेकिन ये तो शुरुआत थी। अगले दिनों में हम और एडवेंचर्स करने लगे। एक दिन दीदी जीजू के साथ बाहर गए, घर खाली था। मैंने प्रिया को बुलाया। वो आई, सीधे मेरे रूम में। मैंने उसे नंगा कर दिया। उसकी बॉडी चमक रही थी। मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया। गांड ऊपर की, चूत खुली। लंड सीधा अंदर। वो चीखी, “भैया, गांड मत मारना।” लेकिन मैं चूत में ही पेल रहा था। जोरदार धक्के दिए, हाथ से चूचियां मसला।
फिर मैंने उसे 69 पोजिशन में लिटाया। मैं उसकी चूत चाट रहा था, वो मेरा लंड चूस रही थी। उसका पहला ब्लोजॉब था, लेकिन कमाल का। जीभ से चाटती, मुंह में लेती। मैं झड़ने वाला था, लेकिन रुका। फिर मिशनरी में चोदा। इस बार कंडोम नहीं, सीधा अंदर। प्रिया ने कहा, “भैया, प्रेग्नेंट हो जाऊंगी।” मैंने कहा, “चिंता मत कर, पिल ले लेना।”
हमने पूरे घर में चुदाई की। किचन में, बाथरूम में। बाथरूम में तो मजा आ गया। पानी के नीचे, मैंने उसे दीवार से सटाकर चोदा। उसकी चूत फिसलन भरी। “वो बोली आह… भैया… पानी में और अच्छा लग रहा…” मैंने उसके बाल पकड़े और जोर से ठोका।
एक बार तो रिस्क लिया। दीदी घर पर थी, लेकिन सो रही थी। रात को प्रिया मेरे रूम में चुपके से घुस आई। मैंने कंबल के नीचे लंड दिया। वो ऊपर बैठी, उछलने लगी। धीरे धीरे, लेकिन मजा दोगुना। कोई आवाज न हो, इसलिए मुंह बंद। लेकिन आनंद इतना कि कंट्रोल न हुआ। मैंने चूत में ही झाड़ दिया।
प्रिया अब एक्सपर्ट हो गई थी। वो खुद आइडियाज देती। एक दिन उसने कहा, “भैया, मेरी गांड मारो।” मैं चौंका, लेकिन तैयार। लूब लगाया, उंगली से खोला। फिर लंड डाला टाइट था, उसे दर्द हुआ लेकिन वो सह गई। धीरे धीरे स्पीड बढ़ाई गांड चोदते हुए चूत में उंगली डाली। वो पागल हो गई, “हाँ… दोनों तरफ… फाड़ दो मुझे…”
हमारे सेशन लंबे हो गए। कभी 30 मिनट, कभी घंटा। मैंने उसे नई पोजिशन्स सिखाईं। रिवर्स काउगर्ल, स्पूनिंग। हर बार नया मजा। प्रिया की चूत अब ढीली हो गई थी, लेकिन टाइटनेस बरकरार, वो स्कूल में भी सोचती रहती, शाम को चुदाई का इंतजार।
एक दिन, जीजू ने शक किया। “राज, प्रिया के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करते हो।” मैंने हंसकर टाल दिया। लेकिन सावधानी बरतने लगे। फिर भी चुदाई जारी रही। गर्मियों में, AC रूम में नंगे लेटे चुदते। सर्दियों में, कंबल में।
प्रिया के 19वें बर्थडे पर, मैंने सरप्राइज दिया। केक के बाद, चुदाई का। मैंने उसे आंखें बंद बांध लिया, फिर बॉडी पर चॉकलेट लगाई, चाटा चूत पर आइस क्रीम, चूसा वो तड़पी, “भैया, मार डालोगे…” फिर चोदा, तीन राउंड। पहला चूत में, दूसरा मुंह में, तीसरा गांड में। वो थक गई,
ये रिश्ता छुपा रहा। मैंने पढ़ाई पूरी की, लेकिन प्रिया से चुदाई कभी न रुकी। अब भी कभी मिलते हैं, तो यादें ताजा हो जातीं।
फ्रेंड्स, ये थी मेरी पहली एडल्ट हिन्दी स्टोरी। उम्मीद है पसंद आई। कमेंट्स में बताओ, और मुठ मारो।
धन्यवाद!!