दोस्तो, सबको मेरा नमस्कार! मेरा नाम राज है। मैं आर्मी में जॉब करता हूँ। मेरी हाइट 174 सेमी, छाती 80-85, बॉडी पूरी तरह फिट। मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ।
आज मैं आपको एक बिल्कुल सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे साथ बीती है। मामा जी की शादी में आई एक दूर की रिश्तेदार लड़की ने खूब सेक्स करवाया।
ये घटना दो साल पहले की है। तब मैं 28 साल का था, आर्मी में पोस्टेड था लेकिन छुट्टी पर घर आया था। मामा जी की बेटी की शादी थी, जो लखनऊ के पास एक गांव में हो रही थी। पूरा परिवार इकट्ठा हुआ था। मैं अपनी फिट बॉडी और यूनिफॉर्म में तो हमेशा ही लोगों का ध्यान खींचता हूं, लेकिन इस बार कुछ खास था।
शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। मैं सुबह-सुबह पहुंचा, मामा जी ने गले लगाया। ‘राज बेटा, तू आ गया! आर्मी का जवान देखकर तो सब खुश हो जाएंगे।’ मैं मुस्कुराया और सामान रखने चला गया।
शाम को मेहमानों का आना शुरू हो गया। संगीत का प्रोग्राम था। लड़कियां-औरतें नाच रही थीं। मैं किनारे पर खड़ा चाय पी रहा था कि अचानक एक लड़की की नजर मुझ पर पड़ी।
वो दूर की रिश्तेदार थी, नाम था काजल। लगभग 22 साल की, गोरी चिट्टी, लंबे बाल, फिगर 34-26-36 का। साड़ी में लिपटी हुई, कमर नंगी, नाभि दिख रही थी। वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई। मैंने भी सलाम किया। काजल पास आई, ‘भैया जी, आप आर्मी में हो ना? कितने स्मार्ट लग रहे हो।
उसकी आंखों में चमक थी। हम बात करने लगे। काजल दिल्ली में पढ़ाई कर रही थी, फैमिली से दूर। ‘शादी में आकर बोर हो रही हूं, लेकिन आप जैसे किसी को देखा तो मजा आ गया।’
बातों-बातों में काजल ने अपना नंबर दे दिया। ‘भैया, बाद में चैट करेंगे।’ रात को संगीत खत्म हुआ। मैं अपने कमरे में लेटा था कि फोन आया। काजल का मैसेज: ‘भैया, सो गए? आज आपकी बॉडी देखकर दिल धड़क गया।’ मैं हंस पड़ा। जवाब दिया, ‘अभी जाग रहा हूं। तू इतनी बोल्ड कैसे?’ काजल ने लिखा, ‘दिल जो मांगे। कल मिलेंगे?’ मैंने हामी भर ली।
अगला दिन बारात का था। सुबह से ही हलचल। मामा की बेटी, जिसका नाम प्रिया था,
प्रिया, मामा की बेटी, 24 साल की, फिगर 32-28-34, सांवली लेकिन सेक्सी। शादी की तैयारियों में व्यस्त। लेकिन काजल से बात चल रही थी। दोपहर को काजल ने मैसेज किया, ‘भैया, पीछे के बगीचे में आ जाओ।’ मैं गया। काजल वहां खड़ी थी, साड़ी में। ‘भैया, मैं आपसे मोहित हूं।
आपकी फिट बॉडी, वो मसल्स… मुझे छूना है।’ वो सीधे प्रोपोज कर रही थी। मैं चौंका, लेकिन आर्मी वाला जोश आ गया। ‘काजल, ये शादी का माहौल है।’ लेकिन वो पास आई, मेरा हाथ पकड़ा, छाती पर रखा। ‘फील करो मेरा दिल।’
हम छिपकर किस करने लगे। काजल की जीभ मेरे मुंह में। उसके होंठ नरम। मैंने साड़ी का आंचल सरकाया, उसके बूब्स दबाए। 34 के, सॉफ्ट। ब्रा के ऊपर से निप्पल्स सख्त। काजल सिसकारी, ‘आह राज भैया, जोर से दबाओ।’ लेकिन कोई आ गया, हम अलग हुए। ‘रात को मिलेंगे, प्रिया दीदी के कमरे के पास।’ काजल बोली।
शाम को बारात निकली। रात भर जश्न। मैं थककर कमरे में आया। रात 2 बजे काजल का मैसेज: ‘आ जाओ, प्रिया दीदी भी आ रही है।’ प्रिया? मैं हैरान। लेकिन गया। दुल्हन का कमरा खाली था, प्रिया हनीमून पर नहीं गई अभी। नहीं, शादी हो चुकी, लेकिन जश्न चल रहा। प्रिया काजल के साथ थी।
प्रिया लाल साड़ी में, घूंघट हटाया। ‘राज भैया, काजल ने बताया सब। मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं। शादी हो गई लेकिन पति से पहले तुम्हें चखना चाहती हूं।’
दोनों लड़कियां मेरे सामने। काजल ने मेरी शर्ट उतारी। मेरी फिट छाती देखकर चाटने लगी। प्रिया पीछे से गले लगी, गांड मेरी कमर से रगड़ी। ‘भैया, आपका लंड कितना बड़ा होगा?’ मैंने पैंट खोली। मेरा 8 इंच का लंड बाहर।
दोनों की आंखें फैल गईं। काजल ने पकड़ा, सहलाया। ‘वाह, आर्मी वाला माल।’ प्रिया घुटनों पर, लंड चूसा। मुंह में लिया, ऊपर-नीचे। सलाइवा टपक रहा। काजल मेरे बॉल्स चाट रही थी।
मैंने प्रिया को उठाया, साड़ी खींची। उसकी चूत पर हाथ फेरा। गीली पैंटी। ‘प्रिया, तू तैयार है।’ ‘हां भैया, चोदो मुझे पहले।’ मैंने बेड पर लिटाया। पैंटी उतारी। प्रिया की चूत बालों वाली, गुलाबी। मैंने जीभ डाली, चाटा। क्लिट चूसा। प्रिया चीखी, ‘ओह रवि! कमाल!’ काजल नंगी हो गई। उसके गोरे बूब्स उछल रहे। वो प्रिया के निप्पल्स चूस रही थी।
मेरा लंड प्रिया की चूत पर। धक्का! अंदर गया आधा। प्रिया वर्जिन जैसी टाइट। ‘आह! दर्द!’ लेकिन मैंने पूरा ठूंस दिया। पेलना शुरू। धीरे-धीरे जोर से, प्रिया की चीखें: ‘फाड़ दो भैया! चोदो!’ काजल मेरे पीछे, उंगली से मेरी गांड छू रही। 10 मिनट चुदाई। प्रिया झड़ी, चूत का रस बहा। मैं बाहर निकाला, काजल के मुंह में डाला। काजल निगल गई।
अब काजल की बारी। वो डॉगी स्टाइल में घुटने टेक ली। गांड ऊपर। मैंने पीछे से लंड डाला। काजल की चूत साफ, टाइट। ‘आह राज, गहरा डालो !’ मैंने कमर पकड़ी, थप्पड़ मारे गांड पर। गांड लाल हो गई। प्रिया नीचे लेटी, काजल की चूत चाट रही थी। मैं पेलता रहा, काजल की गांड हिल रही। ‘जोर से! फक मी!’ स्पीड बढ़ाई। काजल कमिंग, चूत सिकुड़ी, मैं भी झड़ा, स्पर्म चूत में भर दिया।
लेकिन रात लंबी थी। दोनों लड़कियां थकने का नाम न ले रहीं। प्रिया ऊपर चढ़ी, काउगर्ल मे। मेरे लंड पर बैठी, उछलने लगी। उसके बूब्स मेरे मुंह में थे। मैं चूसे काजल प्रिया की गांड चाट रही थी। प्रिया चिल्लाई, ‘दोनों छेद भरो!’ मैंने प्रिया की गांड में उंगली डाली। वो पागल हो गई।
काजल प्रिया के ऊपर 69 पोजीशन मे, दोनों चूत चाट रही। मैंने काजल की गांड में लंड डाला। लुब्रिकेंट से ग्रीस किया। काजल चीखी, ‘पहली बार! धीरे!’ लेकिन अंदर चला गया। टाइट गांड, मजा आया। मैंने पेला, प्रिया नीचे से मेरे बॉल्स चूस रही थी काजल झड़ी, स्पर्म गांड में भर दिया।
सुबह तक चुदाई चली। हम तीनों नंगे लेटे। ‘ प्रिया बोली भैया, ये शादी की सबसे अच्छी रात थी। काजल ने कहा, ‘फिर मिलेंगे। मैं आर्मी में लोट आया लेकिन वो यादें ताज़ा थी बार बार वो ही सब याद आता था।
फिर अब मै जब भी छुट्टी पर घर आता तो काजल से मिलने जरूर जता था और काजल की खूब चुदाई करता था मैंने काजल को चुडाककड बना दिया था। आगे ऐसी ही सच्ची कहानी आपके लिए लाता रहूंगा।