नेहा 51 साल की शादीशुदा औरत थी। दो बच्चे थे, पति नौकरी करता था और दोनों एक ही सोसायटी में रहते थे।
गौरव पति का ऑफिस का साथी और करीबी दोस्त था। गौरव भी शादीशुदा था, उसकी एक बेटी थी।
दोनों के बीच पहले से ही हल्की-फुल्की छेड़छाड़ चलती थी। गौरव कभी-कभी नेहा की गाल पर चूम लेता था।
एक शाम नेहा ने बेहद सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी। गौरव पति से ऑफिस का काम बताने आया।
नेहा ने चाय बनाने का ऑफर किया। गौरव उसके पीछे किचन में चला गया।
उसने नेहा की तारीफ की, “आज तो तुम बहुत हॉट लग रही हो।” नेहा मुस्कुराई लेकिन पति पास होने की वजह से पीछे हट गई। गौरव ने देखा पति फोन पर बात कर रहा था।
गौरव ने नेहा को दीवार से सटाकर उसके होठों पर जबरदस्त किस किया।
दोनों की साँसें तेज हो गईं। अचानक पति के हिलने की आवाज आई तो वे अलग हो गए। लेकिन जैसे ही खतरा टला, गौरव ने फिर नेहा को चूम लिया।
कुछ दिन बाद गौरव की पत्नी इमरजेंसी में बाहर चली गई। गौरव डिनर के लिए नेहा के घर आया।
तीनों कंबल ओढ़कर मूवी देख रहे थे। पति शराब पी रहा था। गौरव ने नेहा को इशारा किया कि वह उसके पास बैठ जाए।
कंबल के अंदर गौरव ने नेहा की जांघों को सहलाना शुरू किया।
फिर उसने सलवार के ऊपर से ही नेहा की चूत को छू लिया। नेहा ने हाथ से रोकने की कोशिश की लेकिन गौरव ने फुसफुसाकर कहा, “तुम्हारा पति शराब में डूबा है।”
गौरव ने सलवार और पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया। नेहा की चूत पहले से ही गीली थी। गौरव ने नेहा का हाथ पकड़कर अपनी मोटी और लंबी लंड पर रख दिया। नेहा ने सहमे हुए हाथ से उसे पकड़ा।
गौरव ने नेहा की सलवार और पैंटी को थोड़ा नीचे खिसका दिया ताकि वह आराम से उंगलियाँ अंदर डाल सके।
नेहा ने देखा कि पति सो चुका था। गौरव ने नेहा को बेडरूम में ले जाने का इशारा किया। दोनों ने दरवाजा बंद किया और तुरंत कपड़े उतारने लगे।
गौरव ने नेहा की सलवार उतारी, फिर गुलाबी नेट पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत चाटने लगा।
नेहा की साँसें तेज हो गईं। गौरव ने पैंटी भी उतार दी, नेहा की कुर्ता और ब्रा फेंक दी।
गौरव ने नेहा के स्तन चूसते हुए अपनी पूरी लंड एक ही धक्के में नेहा की चूत में घुसा दी।
“आह…” नेहा चीख पड़ी। गौरव जोर-जोर से चोदने लगा। चूत से “फच-फच” की आवाजें आने लगीं।
नेहा को दो बार झड़ चुका था जब गौरव ने अंदर ही झड़कर नेहा की चूत भर दी।
पाँच मिनट बाद दोनों ने कपड़े पहने। नेहा ने अपनी गंदी पैंटी से बहता हुआ वीर्य पोंछा।
वापस लिविंग रूम में पति अभी भी सो रहा था। नेहा ने उसे जगाया और डिनर परोसा।
कंबल के अंदर गौरव ने फिर नेहा की चूत में उँगलियाँ डाल दीं। नेहा भी कभी-कभी गौरव की लंड को सहला देती। पति सोने चला गया।
नेहा ने बाहर से कमरे का ताला लगा दिया, लाइटें कम कर दीं और सोफे पर गौरव के साथ फिर से चुदाई शुरू कर दी।
गौरव ने नेहा को मिशनरी पोजीशन में लिटाया, जोर-जोर से चोदा और फिर अंदर झड़ गया।
नेहा को इस बार तीन बार चरम सुख मिला। दोनों थककर लेट गए। नेहा ने दोनों को साफ किया।
गौरव रात भर रुक गया क्योंकि अगला दिन छुट्टी थी। बच्चों और पति के कमरों के बाहर ताले लगा दिए गए।
आधी रात को तीसरा सेशन शुरू हुआ। गौरव ने नेहा की नाइट सूट के अंदर हाथ डालकर उसकी चूत सहलाई।
नेहा ने गौरव की लंड चूसी, फिर उस पर चढ़कर घोड़ी बनकर चुदने लगी।
गौरव ने नेहा को कुत्ते वाली मुद्रा में कर दिया और जोर-जोर से धक्के मारे।
नेहा दो बार और झड़ चुकी थी जब गौरव ने तीसरी बार उसकी चूत भर दी।
दोनों नंगे लेटे रहे। नेहा ने पहले से गंदी पड़ी पैंटी से बिस्तर और दोनों के शरीर साफ किए।
सुबह गौरव ने नेहा को चूमकर अलविदा कहा और चला गया।
नेहा ने दागदार चादर और भीगे हुए अंडरगारमेंट्स वॉशिंग मशीन में डाल दिए और थककर सो गई………………….