राज उन्नीस साल का था। उसके माता-पिता नहीं थे, इसलिए वह चाचा-चाची के साथ संयुक्त परिवार में रहता था। चाचा नौकरी करते थे और चाची घर संभालती थीं। चाची की उम्र अठ्ठाईस साल थी, लेकिन उनका शरीर अभी भी किशोर जैसा ताज़ा लगता था।
उनकी छाती ३४ इंच की, कमर २८ इंच की और नितम्ब ३६ इंच के थे। राज अक्सर चाची को नहाते हुए देखता। चाची नल के पास खड़ी होकर बाल्टी भरतीं और पानी अपने शरीर पर डालतीं।
राज छत पर चढ़कर छिपकर देखता। चाची का शरीर पानी से चमकता, उनके स्तन लहराते, और राज अपनी जांघों के बीच हाथ डालकर हस्तमैथुन करता।
एक दिन चाची ने राज को अलमारी ठीक करने के लिए बुलाया। जब राज कमरे में गया, चाची केवल पेटीकोट पहने थीं। उनकी छाती पर सिर्फ पतला दुपट्टा था। चाची ने राज के गाल पर चूम लिया और कहा, “बेटा, जल्दी ठीक कर दो।”
राज की निगाहें चाची के स्तनों पर अटक गईं। चाची का दुपट्टा हिल रहा था और राज को उनके गुलाबी निप्पल दिख रहे थे। राज ने ठीक करने का बहाना किया, लेकिन मन में सोच लिया कि आज या कल वह चाची को चोदेगा।
कुछ दिनों बाद परिवार एक शादी में जाने का फैसला किया। चाचा, चाची के माता-पिता और बाकी रिश्तेदार सब तैयार हो गए। राज ने कहा कि उसे बुखार है, इसलिए वह नहीं जा सकता।
चाची ने भी कहा कि वह राज की देखभाल के लिए घर पर रहेगी। चाचा ने मना किया, लेकिन चाची ने जिद की। रात को सब चले गए।
घर में सिर्फ राज और चाची रह गए। चाची ने राज को दवा दी और कहा, “आज रात तुम मेरे बिस्तर पर सो जाओ, अकेले मत सोना।” चाची ने एक पतली लाल लंगेरी पहनी। राज को चाची का शरीर देखकर और भी उत्तेजना हुई।
चाची बिस्तर पर लेटीं और राज उनके पास लेट गया। राज ने जानबूझकर तकिया गिरा दिया और चाची के ऊपर आधा चढ़ गया।
चाची की सांसें तेज हो गईं। राज ने देखा कि चाची उनकी जांघों के बीच उभरे हुए लिंग को घूर रही हैं।
राज ने अपनी पैंट उतार दी। अब वह पूरी तरह नंगा था। उसका लिंग सात इंच सात मिलीमीटर का खड़ा हो चुका था। चाची की आँखें फटी की फटी रह गईं। राज ने पूछा, “चाची, तुम्हें बच्चा क्यों नहीं हुआ?” चाची ने आँखें नीची कर लीं और कहा, “तुम्हारे चाचा को कोई दिलचस्पी नहीं, उनका लिंग कभी खड़ा नहीं होता।
राज ने कहा, “मैं तुम्हें गर्भवती कर दूंगा।” चाची ने पहले मना किया, लेकिन जब राज ने अपना लिंग हाथ में लेकर हिलाना शुरू किया, चाची की सांसें भारी हो गईं।
चाची ने राज के लिंग को हाथ में लिया। राज ने चाची का पेटीकोट उतार दिया। चाची पूरी तरह नंगी हो गईं। उनके स्तन बड़े और भरे हुए थे, निप्पल सख्त हो चुके थे। राज ने चाची को चूमना शुरू किया।
चाची ने राज के लिंग को मुँह में लिया और पाँच मिनट तक चूसा। राज का लिंग चाची के गले तक जाता। चाची की लार लिंग पर बह रही थी।
राज ने चाची की जांघें फैलाईं और उनकी चूत चाटी। चाची की चूत अभी कुंवारी थी। राज ने दो उँगलियाँ अंदर डालीं। चाची चीख पड़ीं। राज ने चाची के स्तनों को चूसा और निप्पलों को काटा।
फिर राज ने अपना लिंग चाची के स्तनों के बीच रखा और आगे-पीछे करने लगा। चाची ने अपनी जीभ निकालकर लिंग के सिरे को चाटा।
राज ने चाची की टाँगें अपने कंधों पर रखीं और अपना लिंग चाची की चूत पर रखा। चाची ने कहा, “राज, धीरे…” लेकिन राज ने एक जोरदार झटका मारा। उसका पूरा लिंग चाची की चूत में घुस गया। चाची चीख उठीं।
राज ने चाची को पकड़कर जोर-जोर से चोदना शुरू किया। चाची का दर्द धीरे-धीरे मज़े में बदल गया। चाची राज की पीठ पर नाखून गड़ा रही थीं।
बीस मिनट तक राज ने चाची को चोदा। चाची का शरीर पसीने से तर हो गया। राज ने अपना लिंग बाहर निकाला और चाची के मुँह में झड़ गया। चाची ने राज का वीर्य पी लिया। दोनों नंगे लेट गए और सो गए।
सुबह परिवार वापस आया। चाचा ने दोनों को नंगे देखा। चाची ने सब कुछ बता दिया। चाचा ने कहा, “परिवार का नाम आगे बढ़ना चाहिए।” परिवार ने राज और चाची के रिश्ते को मंजूरी दे दी।
उस दिन से राज रोज चाची को चोदता। चाची सुबह नहाने जातीं, राज उनके साथ जाता। चाची राज का लिंग मुँह में लेकर चूसतीं।
राज चाची को दीवार से टिका कर चोदता। चाची राज के लिंग पर बैठकर ऊपर-नीचे होतीं। राज चाची के स्तनों को चूसता और निप्पलों को काटता।
दोपहर को चाची खाना बनातीं, राज पीछे से आकर चाची की चूत में लिंग घुसा देता। चाची चूल्हे के सामने झुक जातीं और राज पीछे से चोदता। चाची का दूध उबलता रहता और राज चाची की चूत में झड़ जाता।
रात को चाची राज के कमरे में आतीं। राज चाची को चारपाई पर लिटा कर चोदता।
चाची राज के लिंग को दोनों हाथों से पकड़कर हिलातीं। राज चाची की चूत चाटता और उँगलियाँ अंदर डालता। चाची जोर-जोर से चीखतीं।
एक हफ्ते बाद चाची को उल्टी होने लगी। चाची ने राज से कहा, “मैं गर्भवती हो गई हूँ।” राज ने चाची को गले लगाया और कहा, “अब तुम मेरी माँ बनोगी।
चाची ने राज के लिंग को हाथ में लिया और कहा, “अब रोज चोदना।” राज ने चाची को बिस्तर पर लिटाया और फिर से चोदना शुरू किया।
चाची का पेट बढ़ने लगा। राज चाची के बढ़ते पेट को चूमता और चाची को धीरे-धीरे चोदता। चाची राज के लिंग को मुँह में लेकर चूसतीं। राज चाची के स्तनों से दूध निकालकर पीता।
परिवार खुश था। चाचा राज को चाची के कमरे में भेजता। राज चाची को पूरी रात चोदता। चाची गर्भावस्था में भी राज से चुदवातीं। राज चाची की चूत में वीर्य भरता।
नौ महीने बाद चाची ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। राज चाची के स्तनों से दूध पीता और चाची को चोदता। चाची राज से कहतीं, “तुमने मुझे माँ बनाया।” राज चाची को चूमता और फिर से चोदना शुरू करता।
राज और चाची का यह रिश्ता परिवार की मंजूरी से जारी रहा। चाची रोज राज से चुदवातीं और राज चाची को गर्भवती रखता। परिवार का नाम आगे बढ़ता रहा।