विक्की एक किशोर लड़का था, उम्र महज अठारह साल की। वह अपनी कॉलोनी में रहता था और आसपास की दुकानों पर अक्सर घूमता रहता था। एक दिन वह अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार गया।
वहां एक छोटी सी किराने की दुकान थी, जिसे एक 45 साल की औरत चलाती थी। उसका नाम सोनम था। सोनम आंटी का शरीर भरा-भरा और आकर्षक था। उसके बड़े-बड़े स्तन, चौड़ी कमर और गोल-गोल नितंब किसी को भी अपनी ओर खींच लेते थे।
वह साड़ी पहनती थी जो उसके शरीर को और भी उभार देती थी। विक्की को सोनम आंटी हमेशा से पसंद थी। वह दुकान पर आता तो आंटी की मुस्कान और बातें उसे गुदगुदा देतीं।
आज विक्की दुकान पर पहुंचा। दुकान पर ग्राहक कम थे। सोनम आंटी काउंटर के पीछे बैठी सामान संभाल रही थी। विक्की ने कहा, ‘आंटी, मुझे कुछ बिस्किट और चिप्स चाहिए।’
सोनम ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘अरे विक्की बेटा, आ गए। आज क्या लेंगे? मैं अभी निकालती हूं।’ विक्की ने सामान लिया और पैसे दिए। लेकिन उसके मन में कुछ और चल रहा था। वह आंटी के शरीर को घूर रहा था। सोनम ने नोटिस किया और हंस पड़ी, ‘क्या हुआ बेटा, आज कुछ उदास लग रहे हो। कुछ परेशानी है क्या?’
विक्की ने शरमाते हुए कहा, ‘नहीं आंटी, बस थोड़ा गर्मी लग रही है। क्या मैं आपके बाथरूम में मुंह धो लूं?’ सोनम ने सोचा और कहा, ‘हां बेटा, पीछे जाओ। दरवाजा खुला ही है।’ विक्की पीछे गया। बाथरूम छोटा सा था लेकिन साफ-सुथरा।
वह अंदर गया और दरवाजा बंद करने की बजाय थोड़ा खुला छोड़ दिया। सोनम आंटी कुछ देर बाद पीछे आईं। उन्होंने देखा कि विक्की अंदर है। ‘बेटा, सब ठीक है न?’ उन्होंने पूछा। विक्की ने कहा, ‘आंटी, आप भी आ जाइए न। मुझे आपकी मदद चाहिए।’
सोनम हैरान हुईं लेकिन उत्सुकता से अंदर आ गईं। दरवाजा बंद कर दिया। विक्की ने अचानक आंटी को दीवार से सटा लिया। ‘आंटी, आप कितनी हॉट हो। मुझे आप पर क्रश है लंबे समय से।’ सोनम ने चौंककर कहा,
अरे विक्की, क्या कर रहे हो। मैं तो तुम्हारी आंटी हूं। बाहर लोग हैं।’ लेकिन विक्की रुका नहीं। उसने आंटी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए। सोनम पहले तो हिचकिचाईं लेकिन फिर जवाब देने लगीं। उनका चुंबन गहरा होता गया। विक्की की जीभ आंटी के मुंह में घुस गई और दोनों की लार मिलने लगी।
सोनम की सांसें तेज हो गईं। उन्होंने विक्की को धक्का दिया लेकिन कमजोर सा। ‘बेटा, ये गलत है। अगर मेरा पति आ गया तो?’ विक्की ने कहा, ‘आंटी, बस थोड़ी देर। कोई नहीं आएगा।’ वह आंटी की साड़ी के आंचल को खींचने लगा।
सोनम के बड़े स्तन बाहर आ गए। विक्की ने ब्लाउज के हुक खोले और ब्रा को ऊपर सरका दिया। आंटी के भूरे रंग के निप्पल सख्त हो चुके थे। विक्की ने एक निप्पल मुंह में ले लिया और चूसने लगा। सोनम सिसकारी भरने लगी, ‘आह विक्की, धीरे। दर्द हो रहा है।’
विक्की ने दूसरा स्तन भी चूसा। आंटी के हाथ विक्की के पैंट पर चले गए। उन्होंने विक्की का लंड बाहर निकाला जो पूरी तरह खड़ा हो चुका था। ‘वाह बेटा, कितना बड़ा है तेरा लंड।’ सोनम ने कहा और उसे सहलाने लगीं।
विक्की ने आंटी की साड़ी खींची और पेटीकोट खोल दिया। आंटी की चूत पर घने बाल थे। विक्की ने उंगली डाली तो आंटी गीली हो चुकी थी। ‘आंटी, आप कितनी वेट हो।’ विक्की ने कहा। सोनम ने शरमाते हुए कहा, ‘चुप बेटा, ये सब तेरी वजह से।’
विक्की घुटनों पर बैठ गया और आंटी की चूत पर जीभ फेरने लगा। सोनम की टांगें कांपने लगीं। ‘ओह विक्की, क्या कर रहे हो। कभी किसी ने ऐसा नहीं किया।’ विक्की ने चूत चाटी और क्लिटोरिस को चूसा।
सोनम चिल्लाई, ‘आह्ह्ह, बस अब और नहीं सहन होता।’ विक्की ने अपना लंड आंटी की चूत पर रगड़ा। ‘आंटी, मैं अंदर डालूं?’ सोनम ने सिर हिलाया, ‘हां बेटा, डाल दे। चोद मुझे।’
विक्की ने धक्का दिया और लंड पूरी तरह अंदर चला गया। सोनम की चूत टाइट थी लेकिन गीली होने से आसानी से घुस गया। विक्की ने तेजी से धक्के मारने शुरू किए। ‘आंटी, आपकी चूत कितनी अच्छी है।’ सोनम ने कहा, ‘हां बेटा, तेरी चुदाई तो कमाल है।
मेरे पति तो कभी ऐसा नहीं करते।’ दोनों की सांसें तेज थीं। बाथरूम में चपचप की आवाज गूंज रही थी। विक्की ने आंटी को दीवार से सटाकर पीछे से चोदा। सोनम के नितंब हिल रहे थे। ‘आह विक्की, तेज चोद।’
कुछ देर बाद विक्की ने आंटी को नीचे बिठा दिया। ‘आंटी, अब मुंह में लो।’ सोनम ने लंड मुंह में लिया और चूसने लगीं। उनका मुंह गर्म था। विक्की के लंड पर लार टपक रही थी। ‘आंटी, अच्छा लग रहा है।
सोनम ने तेज चूसा और गले तक लिया। विक्की सिहर उठा। फिर उसने आंटी को खड़ा किया और फिर से चूत में डाला। इस बार और तेज धक्के। सोनम की चीखें निकल रही थीं, ‘हां बेटा, चोद मुझे जोर से। तेरी चुदाई से मैं पागल हो जाऊंगी।’
अचानक बाहर से आवाज आई। सोनम का पति आ गया था। ‘सोनम, कहां हो तुम?’ सोनम घबरा गईं। ‘विक्की, रुक जा। मेरा पति आ गया।’ लेकिन विक्की रुका नहीं। वह और तेज चोदने लगा। ‘आंटी, बस थोड़ा और।
सोनम ने कहा, ‘नहीं बेटा, बाहर चले जाओ।’ विक्की ने जल्दी से लंड बाहर निकाला और आंटी को साड़ी ठीक करने को कहा। वह खुद पैंट पहन ली। सोनम ने दरवाजा खोला और बाहर निकलीं। पति ने पूछा, ‘क्या कर रही थीं?’ सोनम ने कहा, ‘बस सामान रख रही थी।’
विक्की छिपा हुआ था। पति दुकान संभालने लगा। विक्की को मौका मिला तो वह चुपके से बाहर निकल गया। लेकिन उसका मन शांत नहीं हुआ। अगले दिन वह फिर आया। सोनम ने देखा तो मुस्कुराईं।
बेटा, कल का क्या?’ विक्की ने कहा, ‘आंटी, आज फिर।’ सोनम ने कहा, ‘पति घर पर है। शाम को आना।’ विक्की शाम को आया। दुकान बंद हो चुकी थी। सोनम ने उसे अंदर बुलाया। ‘आज कोई इंटरप्शन नहीं।’
दोनों बाथरूम में गए। विक्की ने आंटी को नंगा कर दिया। सोनम का शरीर चमक रहा था। विक्की ने उसके स्तनों को दबाया। ‘आंटी, आपके मम्मे कितने सॉफ्ट हैं।’ सोनम ने विक्की के कपड़े उतारे।
उसका लंड फिर खड़ा था। सोनम ने झुककर चूसा। ‘बेटा, तेरा लंड तो लोहा जैसा है।’ विक्की ने आंटी को बिठाया और चूत चाटी। सोनम की चूत से रस बह रहा था। ‘आह विक्की, तेरी जीभ जादू कर रही है।’
फिर विक्की ने आंटी को खड़ा किया और गांड पर हाथ फेरा। ‘आंटी, क्या मैं गांड मार सकता हूं?’ सोनम घबरा गईं, ‘नहीं बेटा, वो तो कभी नहीं किया। दर्द होगा।’ विक्की ने कहा, ‘ट्राई करते हैं। मैं धीरे से करूंगा।
सोनम मान गईं। विक्की ने थूक लगाया और उंगली डाली। सोनम सिसकी, ‘आह, धीरे।’ फिर लंड का सिरा डाला। सोनम चिल्लाई, ‘दर्द हो रहा है।’ विक्की ने धीरे-धीरे अंदर किया। पूरी तरह घुस गया। ‘आंटी, कितनी टाइट है आपकी गांड।’
विक्की ने धक्के मारने शुरू किए। सोनम पहले दर्द में थी लेकिन फिर मजा आने लगा। ‘हां बेटा, अब अच्छा लग रहा है। चोद मेरी गांड।’ विक्की तेज चोदा। दोनों पसीने से तर थे। फिर विक्की ने आंटी को उल्टा किया और चूत में डाला।
आंटी, अब चूत चोदूं।’ सोनम ने कहा, ‘हां, दोनों जगह चोद दे।’ विक्की ने वैरायटी की। कभी चूत, कभी गांड। सोनम के मुंह से अश्लील बातें निकल रही थीं, ‘विक्की, तू तो मेरा राजा है। तेरी चुदाई से मैं तृप्त हो गई।’
कुछ देर बाद विक्की ने कहा, ‘आंटी, मैं झड़ने वाला हूं।’ सोनम ने कहा, ‘मुंह में झाड़ दे।’ विक्की ने लंड मुंह में डाला और स्पर्म निकाल दिया। सोनम ने सब निगल लिया। ‘बेटा, तेरा रस कितना स्वादिष्ट है।
दोनों आराम करने लगे। सोनम ने कहा, ‘विक्की, ये हमारा राज रहेगा। लेकिन तू जब चाहे आना।’ विक्की ने हंसकर कहा, ‘हां आंटी, मैं रोज आऊंगा।’
अगले दिनों में विक्की और सोनम की मुलाकातें बढ़ गईं। कभी दुकान के पीछे, कभी बाथरूम में। एक दिन पति बाहर गया तो दोनों ने पूरा घर इस्तेमाल किया। सोनम ने विक्की को बेड पर लिटाया और ऊपर बैठ गई।
बेटा, अब मैं चोदूंगी तुझे।’ वह लंड पर बैठी और उछलने लगी। उसके स्तन हिल रहे थे। विक्की ने नीचे से धक्के मारे। ‘आंटी, आपकी चुदाई कमाल है।’ सोनम तेज चली। ‘हां बेटा, तेरी चूत… मतलब मेरा लंड।’ दोनों हंसे।
फिर विक्की ने आंटी को डॉगी स्टाइल में किया। गांड ऊपर की और चोदा। सोनम चिल्लाई, ‘जोर से, फाड़ दे मेरी चूत।’ विक्की ने स्पैंक किया। आंटी की गांड लाल हो गई। ‘आंटी, आपकी गांड कितनी सेक्सी है।
सोनम ने कहा, ‘चोद बेटा, कभी न रुको।’ विक्की ने फिर मुंह में लिया। सोनम ने ब्लोजॉब दिया। उसकी जीभ लंड पर घूम रही थी। विक्की ने आंटी के बाल पकड़े और मुंह चोदा। ‘आंटी, तुम्हारा मुंह चूत जैसा है।’
वे दोनों थक गए लेकिन संतुष्ट। सोनम ने कहा, ‘विक्की, तूने मुझे नई जिंदगी दी। मेरे पति तो बूढ़े हो चुके हैं।’ विक्की ने कहा, ‘आंटी, मैं हमेशा आपके लिए हूं।’ उनकी चुदाई की कहानी जारी रही।
विक्की ने आंटी को नई-नई पोजिशन्स सिखाईं। सोनम खुश थी। एक दिन उन्होंने रोल प्ले किया। सोनम ने टीचर बनीं और विक्की स्टूडेंट। ‘बेटा, अगर फेल होना है तो चोदकर पास करा दूंगी।’ विक्की ने कहा, ‘मैम, मैं तो टॉप करना चाहता हूं।’
सोनम ने डेस्क पर लेटकर चूत खोली। विक्की ने चोदा। ‘हां मैम, आपकी चुदाई से मैं टॉपर बन जाऊंगा।’ सोनम हंसी, ‘चोद बेटा, जोर से।’ फिर विक्की ने आंटी की गांड में डाला। ‘मैम, ये एक्स्ट्रा क्रेडिट है।’ सोनम सिसकी, ‘हां, ले ले।’ वे दोनों मजा लेते रहे। पति कभी शक नहीं किया। विक्की और सोनम का रिश्ता गहरा होता गया। वे एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाते थे।
एक शाम फिर बाथरूम में। विक्की ने आंटी को दीवार पर सटाया। ‘आंटी, आज एनल से शुरू करें।’ सोनम ने कहा, ‘ठीक है बेटा, लेकिन लुब्रिकेंट लगाना।’ विक्की ने थूक से काम चलाया। लंड गांड में घुसा।
सोनम दर्द में मुस्कुराई, ‘धीरे, अब ठीक है।’ विक्की ने धक्के मारे। आंटी की गांड ढीली हो गई थी अब। ‘आंटी, कितना मजा आ रहा है।’ सोनम ने पीछे मुड़कर कहा, ‘मुझे भी बेटा। अब चूत में।’
विक्की ने स्विच किया। चूत गीली थी। तेज चुदाई। ‘आह विक्की, मैं कमिंग हूं।’ सोनम का शरीर कांप गया। विक्की भी झड़ा स्पर्म चूत में डाला। ‘आंटी, अंदर ही छोड़ दिया।’ सोनम ने कहा, ‘कोई बात नहीं, प्रेग्नेंट नहीं होऊंगी इस उम्र में।
दोनों नहा लिए। विक्की ने आंटी के शरीर को साबुन लगाया। उसके हाथ स्तनों पर घुले। ‘आंटी, आपके बॉडी पार्ट्स परफेक्ट हैं।’ सोनम ने विक्की का लंड धोया। ‘तेरा भी बेटा।’
वे बाहर आए। सोनम ने चाय बनाई। बातें कीं। ‘विक्की, तू कॉलेज जाता है न?’ विक्की ने कहा, ‘हां आंटी, लेकिन तुम्हारे बारे में सोचता रहता हूं।’ सोनम शरमाईं। फिर रात हो गई। विक्की चला गया।
लेकिन अगले दिन फिर आया। इस बार दुकान पर ग्राहक थे। विक्की इंतजार किया। जब अकेले हुए तो पीछे ले गया। ‘आंटी, क्विक चुदाई।’ सोनम ने कहा, ‘हां बेटा, लेकिन तेज।’
विक्की ने पैंट नीचे की और लंड डाला। चूत में घुसा। सोनम काउंटर पकड़कर खड़ी थी। ‘आह, विक्की, अच्छा।’ विक्की ने कहा, ‘आंटी, आपकी चूत हमेशा तैयार रहती है।’ कुछ मिनट में दोनों झड़े। विक्की ने बाहर निकाला और स्पर्म आंटी की साड़ी पर गिरा। सोनम ने साफ किया। ‘जा बेटा, कल आना।’ विक्की मुस्कुराया।
उनकी कहानी ऐसे ही चलती रही। विक्की ने आंटी को नई किंक्स सिखाए। एक दिन बॉन्डेज ट्राई किया। सोनम के हाथ बांधे और चोदा। ‘आंटी, कैसा लग रहा?’ सोनम ने कहा, ‘मजा आ रहा बेटा, लेकिन ढीला कर।’ विक्की ने फिर चोदा। सोनम जवान हो गईं लगतीं। विक्की का कॉन्फिडेंस बढ़ा।
एक दिन पति को शक हुआ। लेकिन सोनम ने संभाल लिया। विक्की और सोनम सतर्क हो गए। लेकिन चुदाई न रुकी। बाथरूम उनका फेवरेट स्पॉट था। वहां की यादें ताजा। विक्की ने कहा,
आंटी, पहली बार की तरह आज फिर।’ सोनम ने हंसकर कहा, ‘हां बेटा, लेकिन इंटरप्शन न हो।’ वे फिर शुरू हुए। चुंबन, चूसना, चोदना। सब कुछ। सोनम की चूत, गांड, मुंह – सब विक्की का।
विक्की ने आंटी को किस्से सुनाए। सोनम ने अपनी जवानी के दोनों करीब आए। चुदाई के अलावा प्यार भी लेकिन मुख्य तो सेक्स था।
एक लंबे सेशन में विक्की ने तीन बार चोदा। पहले चूत, फिर गांड, फिर मुंह। सोनम थक गई ‘बेटा, तू सुपरमैन है।’ विक्की ने कहा, ‘आप मेरी गॉडेस।’ वे सो गए सुबह विक्की चला गया…………