देव और प्रिया दीदी की चुदाई भरी रात

(Dev Aur Priya Didi Ki Chudai Bhari Night)

नागपुर शहर की गलियों में रहने वाला देव एक साधारण सा युवक था। उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था, खासकर जब बात उसकी गर्लफ्रेंड कोमल की आती। कोमल एक खुशमिजाज लड़की थी, जो देव से बेहद प्यार करती थी।

एक दिन कोमल ने देव को अपनी बड़ी बहन प्रिया से मिलवाने का फैसला किया। प्रिया 29 साल की शादीशुदा औरत थी, जिसका फिगर 34-30-36 का था। वह बेहद हॉट और आकर्षक लगती थी।

उसके बाल लंबे और काले थे, आंखें बड़ी-बड़ी और होंठ गुलाबी। प्रिया का बच्चा हाल ही में पैदा हुआ था, और वह अभी भी अपनी जवानी की चमक बरकरार रखे हुए थी।

कोमल ने देव से कहा, ‘देव, आज मैं तुम्हें अपनी दीदी प्रिया से मिलवाती हूं। वह घर पर अकेली है क्योंकि मम्मी-पापा और बाकी सब बाहर घूमने गए हैं। तुम आ जाओ ना, थोड़ी देर साथ बैठेंगे।

देव ने खुशी से हामी भर ली। वह सोच रहा था कि प्रिया दीदी कैसी होंगी। शाम को वह कोमल के घर पहुंचा। कोमल ने दरवाजा खोला और उसे अंदर ले गई। वहां प्रिया अपने बच्चे को गोद में लिए बैठी थी। बच्चा रो रहा था, और प्रिया उसे दूध पिला रही थी।

‘हाय दीदी, ये देव है मेरा बॉयफ्रेंड।’ कोमल ने मुस्कुराते हुए कहा। प्रिया ने देव की तरफ देखा और मुस्कुराई। ‘हैलो देव, आओ बैठो। कोमल ने तुम्हारी बहुत तारीफ की है।’ प्रिया की आवाज मीठी थी।

देव ने सोफे पर बैठते हुए कहा, ‘नमस्ते दीदी, आपका बच्चा कितना प्यारा है।’ प्रिया ने बच्चे को अपनी गोद में समेटा और कहा, ‘हां, लेकिन ये दूध पीने में परेशानी करता है। मेरे निप्पल दर्द कर रहे हैं।

जबकि बोल रही थी, प्रिया ने अपनी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका दिया, और देव को उसके एक निप्पल की झलक मिल गई। वह गुलाबी और उभरा हुआ था, दूध की बूंदें उस पर चमक रही थीं।

देव का दिल धड़कने लगा। वह कभी सोच भी नहीं सकता था कि प्रिया दीदी इतनी बोल्ड होंगी। कोमल ने कहा, ‘देव, तुम दीदी से बात करो, मैं चाय बनाती हूं।’ कोमल किचन चली गई, और देव और प्रिया अकेले रह गए।

प्रिया बच्चे को दूध पिलाते हुए बोली, ‘देव, तुम्हें कोई परेशानी तो नहीं अगर मैं ऐसे ही बैठी हूं?’ देव ने नजरें फेरते हुए कहा, ‘नहीं दीदी, बिल्कुल नहीं। बल्कि आपका बच्चा कितना लकी है।

प्रिया हंस पड़ी, ‘लकी? हाहा, ये तो सही से दूध भी नहीं पीता। मेरे निप्पल पर दांत लगा देता है। दर्द हो जाता है।’ वह अपनी उंगलियों से निप्पल को छुआ और थोड़ा दबाया। दूध की एक बूंद बाहर आ गई।

देव का लंड टाइट होने लगा। वह घबरा गया लेकिन अपनी इच्छा दबा नहीं सका। ‘दीदी, अगर आपको दर्द हो रहा है तो… मैं… मतलब… क्या मैं मदद कर सकता हूं?’ प्रिया ने आश्चर्य से देखा, ‘कैसी मदद?’ देव ने हिम्मत जुटाई, ‘मैं आपके निप्पल चूस सकता हूं।

शायद दर्द कम हो जाए।’ प्रिया का चेहरा लाल हो गया, लेकिन उसकी आंखों में एक चमक थी। ‘देव, तुम्हें शर्म नहीं आती? मैं शादीशुदा हूं, बच्चे की मां हूं।’ लेकिन वह मुस्कुरा रही थी।

देव ने कहा, ‘दीदी, बस दर्द मिटाने के लिए। प्लीज।’ प्रिया ने एक नजर किचन की तरफ देखी और धीरे से कहा, ‘ठीक है, लेकिन चुपचाप। कोमल को पता नहीं चलना चाहिए।’

प्रिया ने बच्चे को एक तरफ रख दिया, जो अब सो गया था। उसने अपनी ब्लाउज की बटन खोली और दोनों मम्मे बाहर निकाल दिए। वे भरे-भरे और सफेद थे। निप्पल पर दूध की बूंदें चमक रही थीं।

देव ने झुककर पहले एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। दूध मीठा था, और प्रिया की सांसें तेज हो गईं। ‘आह… देव… धीरे… हां, ऐसे ही।’ प्रिया ने कहा। देव ने जोर से चूसा, और प्रिया की चूत में गीलापन महसूस होने लगा।

देव ने अपना हाथ प्रिया के दूसरे मम्मे पर रखा और उसे दबाने लगा। ‘दीदी, आपके मम्मे कितने सॉफ्ट हैं।’ देव ने मुंह से निकालकर कहा। प्रिया ने सांस लेते हुए बोली, ‘देव, तुम्हें अच्छा लग रहा है? मेरे पति तो महीनों से छुए भी नहीं।’

तभी कोमल चाय लेकर आई। देव ने जल्दी से प्रिया का ब्लाउज ठीक किया। कोमल ने कुछ संदेह से देखा लेकिन कुछ कहा नहीं। चाय पीने के बाद कोमल ने कहा, ‘देव, अब तुम जाओ। मम्मी-पापा शाम को लौटेंगे।

लेकिन प्रिया ने कहा, ‘कोमल, तुम सब भी बाहर चले जाओ ना। मैं अकेली हूं, देव थोड़ी देर रुक जाए।’ कोमल ने हंसकर कहा, ‘ठीक है दीदी। देव, तुम्हें कोई दिक्कत तो नहीं?’ देव ने ना में सिर हिलाया। कोमल और उसके माता-पिता घर से निकल गए, और अब देव और प्रिया पूरी तरह अकेले थे।

दरवाजा बंद होते ही प्रिया ने देव को खींच लिया। ‘देव, अब कोई नहीं है। आओ, मेरे निप्पल का दर्द अभी भी है।’ वह बेडरूम में चली गई। देव उसके पीछे-पीछे गया। प्रिया ने साड़ी उतार दी और केवल पेटीकोट में खड़ी हो गई।

उसके मम्मे बाहर लटक रहे थे। देव ने अपना शर्ट उतारा और प्रिया को किस करने लगा। उसके होंठ नरम थे। ‘दीदी, आप कितनी हॉट हो।’ देव ने कहा। प्रिया ने उसके पैंट की चेन खोली और लंड बाहर निकाला। ‘वाह देव, कितना बड़ा है। मेरे पति का आधा भी नहीं।’ वह लंड को सहलाने लगी।

देव ने प्रिया को बेड पर लिटाया और उसके पेटीकोट ऊपर सरका दिया। उसकी चूत साफ थी, गीली चमक रही थी। ‘दीदी, आपकी चूत कितनी सुंदर है।’ देव ने कहा। प्रिया ने शरमाते हुए कहा, ‘देव, छू लो।

मुझे तुम्हारी जरूरत है।’ देव ने अपनी एक उंगली चूत में डाली। वह गर्म और गीली थी। प्रिया कराही, ‘आह… देव… हां… और अंदर।’ देव ने दो उंगलियां डाल दीं, फिर तीन। प्रिया की कमर उभरने लगी। ‘ओह देव… मुझे चोदो… प्लीज।’ वह बोली। लेकिन देव ने कहा, ‘पहले आपकी गांड। मैं आपकी गांड मारना चाहता हूं।’

प्रिया चौंकी, ‘गांड? देव, वो तो कभी नहीं किया। दर्द होगा।’ लेकिन देव ने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गांड गोल और सफेद थी। देव ने थूक लगाया और अपना लंड सिरा गांड पर रखा। ‘रिलैक्स दीदी।’ वह धीरे से दबाने लगा।

प्रिया चिल्लाई, ‘आह… दर्द… रुको।’ लेकिन देव रुका नहीं। धीरे-धीरे लंड अंदर घुस गया। प्रिया की गांड टाइट थी, लेकिन गर्म। देव ने धक्का मारना शुरू किया। ‘दीदी, कितनी टाइट है आपकी गांड।’ प्रिया दर्द से रो रही थी लेकिन सुख भी मिल रहा था। ‘देव… तेज… चोदो मेरी गांड।’

देव ने तेजी से पेलना शुरू किया। प्रिया की गांड फटने लगी, लेकिन वह चिल्ला रही थी सुख से। ‘हां देव… फाड़ दो… आह…।’ कमरे में थप्पड़ की आवाजें गूंज रही थीं। देव ने प्रिया के बाल पकड़े और जोर-जोर से धक्के मारे।

आखिरकार, देव झड़ गया। उसका गर्म वीर्य प्रिया की गांड में भर गया। प्रिया भी orgasam पर पहुंच गई। ‘देव… मैं आ गई…।’ दोनों पसीने से तर थे।

लेकिन ये खत्म कहां था। देव का लंड फिर खड़ा हो गया। अब उसने प्रिया को सीधा किया और चूत में लंड डाला। ‘दीदी, अब आपकी चूत की बारी।’ प्रिया ने पैर फैलाए, ‘हां देव, चोदो मुझे। भर दो अपनी माल।

देव ने चूत में घुसेड़ा। चूत गीली थी, आसानी से लंड अंदर चला गया। वह तेजी से चोदने लगा। प्रिया के मम्मे उछल रहे थे। ‘आह… देव… कितना अच्छा लग रहा है… मेरे पति कभी ऐसा नहीं करते।’ देव ने कहा, ‘दीदी, आप प्रेग्नेंट हो, फिर भी इतनी टाइट।’ प्रिया ने बताया, ‘हां, लेकिन मैं पिल्स लेती हूं। बच्चा हो गया है, अब और नहीं। लेकिन तुम्हारे साथ मजा आ रहा है।’

वे घंटों चुदाई करते रहे। कभी मिशनरी पोजिशन, कभी डॉगी स्टाइल। देव ने प्रिया की चूत में फिर झड़ दिया। प्रिया ने कहा, ‘देव, अब मेरी बारी।’ वह नीचे उतरी और देव के लंड को मुंह में ले लिया।

ब्लोजॉब देते हुए वह चूसने लगी। ‘मम्म… देव… तुम्हारा लंड स्वादिष्ट है।’ देव ने उसके सिर पकड़कर मुंह में धक्के मारे। आखिरकार, वह मुंह में झड़ गया। प्रिया ने सारा वीर्य निगल लिया।

दोनों थककर लेट गए। प्रिया ने कहा, ‘देव, ये हमारा राज रहेगा। लेकिन जब भी मन करे, आ जाना। मैं तुम्हें चोदने दूंगी।’ देव ने मुस्कुराकर कहा, ‘हां दीदी, रोज आऊंगा।’ वे सो गए सुबह उठे तो नहाने गए बाथरूम में फिर चुदाई शुरू हो गई प्रिया ने दीवार से सटकर गांड दी, और देव ने पीछे से चोदा पानी के छींटों के साथ उनकी कराहें गूंजीं।

बाद में पता चला कि कोमल को सब मालूम था। एक दिन कोमल ने कहा, ‘देव, मैं जानती हूं तुम दीदी को चोदते हो। लेकिन मुझे बुरा नहीं लगता बल्कि मैं भी जुड़ना चाहती हूं।’ और फिर तीनों ने साथ में सेक्स किया। कोमल और प्रिया दोनों देव के लंड पर सवार हो गईं। बहनों की चुदाई का सिलसिला चल पड़ा।

ये कहानी अभी खत्म नहीं हुई। भविष्य में और भी उन्मादी रातें आने वाली हैं, जहां देव दोनों बहनों को एक साथ संभालेगा। प्रिया का बच्चा बड़ा हो रहा है, लेकिन उसकी भूख कभी कम नहीं होती।

देव हर रात उनके घर जाता, और चुदाई का दौर चलता रहता। कभी प्रिया अकेली, कभी कोमल के साथ। वे नई-नई पोजिशन ट्राई करते,प्रिया कहती, ‘देव, तुम मेरी जिंदगी बदल दिए। अब मैं बिना तुम्हारे नहीं रह सकती…………….