अबरार शेख दिल्ली से है लेकिन नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब में रहता है। जब उसका बड़ा भाई मुस्तफा सना के साथ इंगेज हुआ तो अबरार घर आया था। पहली बार उसने सना को देखा तो मन में एक तीखी सी चिंगारी दौड़ गई।
सना गोरी, लंबी और भरे-पूरे शरीर वाली थी। उसकी आँखों में एक नरम-सी चमक थी और होंठ इतने मोटे थे कि देखकर मन करता था कि चूम लिए जाएँ। अबरार शर्मीला था इसलिए ज्यादा बात नहीं कर पाया, पर मन में सना की छवि बस गई।
शादी के बाद अबरार सऊदी लौट गया। रातों-रात चैटिंग और वीडियो कॉल शुरू हो गई। एक रात अबरार ने बचपन की एक पुरानी बात सुनाई—जब वह आठ साल का था तो गलती से बाथरूम में माँ को नंगी देख लिया था। सना हैरान रह गई, पर चैटिंग आगे बढ़ी।
अबरार ने पूछा, “भाभी, स्कूल में टाइटैनिक फिल्म देखी थी ना? उस न्यूड सीन को याद है?” सना ने हँसते हुए हाँ कहा। फिर अबरार ने सीधा सवाल किया, “भाभी, आपकी सुहागरात कैसी थी?”
सना ने पहले तो शर्मा कर मना किया, पर अबरार के बार-बार पूछने पर धीरे-धीरे खुलकर बताने लगी। “अबरार, घुंगट हटाने के बाद भैया ने मुझे चूमा। फिर उन्होंने मेरी साड़ी का पल्लू खींचा और ब्लाउज के हुक खोले। मैं काँप रही थी।
उन्होंने मेरी ब्रा उतारी तो मेरे स्तन बाहर आ गए। भैया ने एक-एक कर दोनों चूचियों को चूसा। फिर पेटीकोट की नाड़ खींचकर उसे नीचे सरका दिया। मैं पूरी तरह नंगी हो गई थी।”
अबरार की साँसें तेज हो गईं। “फिर क्या हुआ भाभी?”
“उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटाया। मेरी जाँघें खोलीं और अपना लंड मेरी चूत पर रखा। पहले तो सिर्फ रगड़ रहे थे। फिर धीरे-धीरे अंदर घुसाया। दर्द हुआ, पर साथ में मिठास भी थी। उन्होंने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।
हर धक्के के साथ मेरा शरीर हिल रहा था। मेरे स्तन उछल रहे थे। भैया ने मेरी कमर पकड़कर जोर से ठोका। मैं चीख रही थी, पर आवाज बाहर नहीं जा रही थी।”
अबरार ने लिखा, “भाभी, आपकी चूत कितनी गीली थी?”
“बहुत गीली। भैया का लंड फिसलता हुआ अंदर-बाहर हो रहा था। हर बार जब वे बाहर निकालते तो चूत से चिपचिपा रस निकलता। फिर जोर से धक्का मारते। मैंने पहली बार महसूस किया कि चोदने में कितना मजा आता है।”
अबरार ने आगे पूछा, “भाभी, कितनी देर चली वह चुदाई?”
“शायद आधा घंटा। भैया ने तीन बार झाड़ा। पहली बार मेरी चूत के अंदर ही। गरम-गरम वीर्य भर दिया। फिर थोड़ी देर बाद फिर से खड़ा हो गया और इस बार मेरे मुँह में डाल दिया। मैंने पहली बार लंड चूसा। स्वाद अजीब था, पर मजा आया।
तीसरी बार उन्होंने मेरी गांड में डालने की कोशिश की, पर दर्द बहुत था, इसलिए सिर्फ रगड़कर झाड़ दिया।”
अबरार का लंड खड़ा हो चुका था। उसने लिखा, “भाभी, मैं आपसे प्यार करता हूँ। आपकी पहली रात की बात सुनकर मुझे बहुत ईर्ष्या हो रही है।”
सना ने जवाब दिया, “अबरार, तुम छोटे हो। यह गलत है।”
“भाभी, उम्र से क्या फर्क पड़ता है? मैं आपको खुश रख सकता हूँ।”
चैटिंग रात भर चली। अबरार ने सना को अपनी कल्पनाओं के बारे में बताया—कैसे वह सना को नंगा करके चाटना चाहता है, कैसे उसकी चूत चूसना चाहता है, कैसे गांड में उंगली डालकर चोदना चाहता है। सना शर्मा रही थी, पर चैटिंग बंद नहीं कर रही थी।
अगली रात अबरार ने और विस्तार से पूछा। “भाभी, जब भैया ने पहली बार आपकी चूत चाटी थी तो कैसा लगा?”
“अबरार, शादी के दूसरे दिन सुबह भैया ने मेरी टाँगें फैलाईं और मुंह लगा दिया। उनकी जीभ मेरी चूत के अंदर घुस रही थी। मैं पागल हो रही थी। पहली बार किसी ने वहाँ चूमा था।”
“भाभी, क्या आपने भी भैया का लंड चूसा?”
“हाँ। उन्होंने मेरा सिर पकड़कर मुँह में डाला। मैं गला दबाकर चूस रही थी। वे जोर-जोर से कूल्हे आगे-पीछे कर रहे थे।”
अबरार ने लिखा, “भाभी, अगर मैं आपकी चूत चाटूँ तो कैसा लगेगा?”
सना ने कोई जवाब नहीं दिया। अबरार ने आगे बढ़ाया, “भाभी, मैं आपकी गांड चाटना चाहता हूँ। आपकी गांड की दरार में जीभ फिराना चाहता हूँ।”
सना ने अंत में लिखा, “अबरार, तुम बहुत गंदे हो।”
“गंदा होना अच्छा है भाभी, जब आपसे जुड़ा हो।”
दो महीने बाद अबरार की छुट्टियाँ लगीं। वह दिल्ली आया। घर में सब सो चुके थे। अबरार ने सना को मैसेज किया, “भाभी, छत पर आ जाओ।”
सना काँपते दिल के साथ छत पर गई। अबरार ने उसे दीवार से लगाकर चूम लिया। सना ने विरोध किया, पर अबरार ने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा और ब्लाउज के बटन खोले। सना के स्तन बाहर आ गए। अबरार ने एक चूची मुँह में ली और जोर से चूसने लगा। सना की साँसें तेज हो गईं।
अबरार ने सना को घुटनों के बल बिठाया और अपना लंड निकालकर उसके मुँह में ठूँस दिया। सना ने अनिच्छा से चूसना शुरू किया। अबरार ने सना का सिर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारे। सना का मुँह भर गया।
फिर अबरार ने सना को खड़ा किया, साड़ी ऊपर उठाई और पैंटी को एक तरफ सरकाया। उसने दो उँगलियाँ सना की चूत में डालीं। चूत पूरी तरह गीली थी। अबरार ने उँगलियाँ निकालकर चाटीं और फिर अपना लंड सना की चूत पर रखा। एक जोरदार धक्के में पूरा लंड अंदर घुस गया।
सना चीख पड़ी। अबरार ने उसका मुँह बंद करके जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के के साथ सना का शरीर हिल रहा था। अबरार ने सना की गांड पर थप्पड़ मारे। सना की चूत से चिपचिपा रस निकल रहा था।
अबरार ने सना को पीठ के बल लिटाया, टाँगें कंधों पर रखीं और फिर से चोदने लगा। इस बार और गहराई से। सना का गर्भाशय टकरा रहा था। अबरार ने सना के स्तनों को मसलते हुए चोदा।
“भाभी, आपकी चूत कितनी टाइट है। भैया ने कितना चोदा है फिर भी इतनी टाइट?”
सना सिसक रही थी, “अबरार, धीरे…”
“नहीं भाभी, जोर से चोदूँगा।”
अबरार ने सना को कुत्ते की तरह घुटनों के बल कराया। गांड ऊपर उठाई और पीछे से लंड घुसाया। सना की गांड के दोनों टुकड़े अलग हो रहे थे। अबरार ने सना की कमर पकड़कर जोर-जोर से ठोका।
“भाभी, अब मैं आपकी गांड मारूँगा।”
“नहीं अबरार, दर्द होगा।”
अबरार ने थूक लगाकर सना की गांड में उंगली डाली। फिर धीरे-धीरे लंड घुसाने लगा। सना चीख रही थी। आधा लंड अंदर घुसा तो अबरार ने जोर मारा। पूरा लंड गांड में घुस गया। सना बेहोश होने लगी।
अबरार ने सना की गांड मारी। हर धक्के के साथ सना की गांड फूल रही थी। अबरार ने सना की पीठ पर झुककर उसके स्तन दबाए और जोर-जोर से चोदा।
“भाभी, अब मैं झाड़ने वाला हूँ।”
“अंदर मत झाड़ना।”
अबरार ने सना की गांड में ही झाड़ दिया। गरम-गरम वीर्य भर दिया। सना का शरीर काँप रहा था।
अबरार ने लंड निकाला। सना की गांड से वीर्य बह रहा था। अबरार ने सना को घुमाया और उसकी चूत चाटने लगा। सना का क्लिटोरिस फूल चुका था। अबरार ने उसे चूसा। सना झड़ गई।
दोनों थककर छत पर लेट गए। अबरार ने सना को चूमते हुए कहा, “भाभी, अब आप मेरी हो।”
सना ने आँखें बंद करके सिर हिलाया।
अगली रात अबरार ने सना को बाथरूम में घुसकर चोदा। सना नहा रही थी। अबरार ने पीछे से आकर सना की गांड में लंड डाल दिया। सना चीख पड़ी। अबरार ने सना की गर्दन पकड़कर जोर-जोर से चोदा। पानी की बौछार में दोनों भीग रहे थे। अबरार ने सना के स्तन मसलते हुए चोदा।
“भाभी, आपकी गांड अब मेरी है।”
“हाँ अबरार, अब तुम्हारी है।”
अबरार ने सना को घुटनों के बल बिठाया और मुँह में लंड डाला। सना ने लंड चूसा। अबरार ने सना के बाल पकड़कर गला दबाकर चोदा। सना का मुँह लार से भर गया।
अबरार ने सना को उठाया और दीवार से टिका कर चोदा। सना की टाँगें अबरार की कमर में लिपटी हुई थीं। अबरार ने सना की चूत में झाड़ दिया।
“भाभी, अब रोज चोदूँगा।”
“हाँ अबरार, रोज चोदना।”
तीसरी रात अबरार ने सना को भाई के कमरे में ही चोदा। मुस्तफा ऑफिस गया हुआ था। अबरार ने सना को बिस्तर पर लिटाया, कपड़े उतारे और पूरा शरीर चाटा। सना के स्तन, पेट, चूत, गांड—हर जगह मुंह लगाया।
“भाभी, आपकी चूत का स्वाद बहुत अच्छा है।”
“चाटो अबरार, और चाटो।”
अबरार ने सना की चूत चाटी, क्लिटोरिस चूसा, और दो उँगलियाँ अंदर डालकर हिलाया। सना झड़ गई।
अबरार ने सना को उल्टा लिटाया, गांड ऊपर उठाई और गांड चाटने लगा। सना की गांड की दरार में जीभ घुसाई। सना पागल हो रही थी।
“अबरार, अब चोदो।”
अबरार ने सना की गांड में लंड डाला। इस बार आसानी से घुस गया। अबरार ने सना की गांड मारी। सना चीख रही थी।
“भाभी, अब आपकी गांड रोज मारूँगा।”
“मारो अबरार, मारो।”
अबरार ने सना की गांड में झाड़ दिया। फिर सना को घुमाया और चूत में डाला। सना की चूत में भी झाड़ दिया।
“भाभी, अब आप गर्भवती हो सकती हैं।”
“होने दो।”
अबरार ने सना को चूमते हुए कहा, “भाभी, आप मेरी जिंदगी हो।”
सना ने अबरार को गले लगाया।
चार दिन बाद अबरार सऊदी लौट गया। रोज रात चैटिंग होती। अबरार सना को नंगी तस्वीरें भेजने को कहता। सना शर्मा कर भेजती। अबरार उन तस्वीरों पर हस्तमैथुन करता।
“भाभी, आपकी चूत की तस्वीर भेजो।”
“अबरार, शर्म आती है।”
“भेजो, वरना जब आऊँगा तो मारूँगा।”
सना ने चूत की तस्वीर भेजी। अबरार ने लिखा, “भाभी, चूत बहुत सुंदर है। कल रात चैट सेक्स करेंगे।”
रात को अबरार ने वीडियो कॉल की। सना ने कपड़े उतारे। अबरार ने भी उतारे। दोनों ने एक-दूसरे को नंगा देखा।
“भाभी, अपनी चूत दिखाओ।”
सना ने टाँगें फैलाईं। अबरार ने लंड हिलाया।
“भाभी, उँगली डालो।”
सना ने उँगली डाली।
“भाभी, जोर से हिलाओ।”
सना ने जोर से हिलाया।
“भाभी, झड़ जाओ।”
सना झड़ गई।
“भाभी, अब मैं झाड़ता हूँ।”
अबरार ने झाड़ दिया।
“भाभी, अब आप मेरी हो।”
“हाँ अबरार, तुम्हारी हूँ।”
छह महीने बाद अबरार फिर दिल्ली आया। इस बार उसने सना को होटल ले जाकर चोदा। होटल के कमरे में सना ने अबरार के सामने साड़ी उतारी। अबरार ने सना को नंगा करके बिस्तर पर लिटाया।
“भाभी, आज पूरी रात चोदूँगा।”
“चोदो अबरार।”
अबरार ने सना की चूत चाटी, फिर लंड डाला। जोर-जोर से चोदा। सना चीख रही थी।
“भाभी, अब गांड मारूँगा।”
“मारो।”
अबरार ने सना की गांड मारी। सना का शरीर काँप रहा था।
“भाभी, अब मुँह में डालूँगा।”
“डालो।”
अबरार ने सना के मुँह में लंड डाला। सना ने चूसा।
“भाभी, अब झाड़ता हूँ।”
अबरार ने सना के मुँह में झाड़ दिया। सना ने सब पी लिया।
“भाभी, स्वाद कैसा लगा?”
“अच्छा लगा।”
अबरार ने सना को गले लगाया।
“भाभी, अब हमेशा के लिए मेरी हो।”
“हाँ अबरार, हमेशा के लिए तुम्हारी हूँ।”
अबरार ने सना को चूमते हुए कहा, “भाभी, आपकी पहली रात की चुदाई सुनकर मुझे बहुत मज़ा आया। अब आपकी हर रात मेरी है।”
सना ने अबरार को गले लगाया और दोनों सो गए।