रात का सन्नाटा कमरे में छाया हुआ था। बिस्तर पर लेटी हुई 19 साल की नेहा की सांसें तेज़ हो रही थीं। उसकी गोरी त्वचा पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं। उसके छोटे स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। उसके निप्पल सख्त हो चुके थे। उसके पैर थोड़े अलग थे। उसके बीचोंबीच एक तंग, गुलाबी चूत थी जो कभी किसी पुरुष के हाथ नहीं लगी थी।
दरवाज़े से 25 साल का राहुल अंदर आया। उसकी आँखें नेहा के नंगे शरीर पर टिकी थीं। उसके हाथ में 8 इंच का मोटा लंड था जो पहले से ही खड़ा हो चुका था। नसें उभरी हुई थीं। सिरा चमक रहा था।
“नेहा, आज तेरी पहली बार है,” राहुल ने धीरे से कहा। “मैं तेरी चूत को फाड़ दूंगा।”
नेहा ने डरते हुए सिर हिलाया। “राहुल… धीरे से… बहुत दर्द होगा।”
राहुल बिस्तर पर चढ़ गया। उसने नेहा की जांघें फैलाईं। उसकी उंगलियां नेहा की चूत के होठों को छूने लगीं। चूत पहले से ही गीली हो रही थी। रस बह रहा था। राहुल ने अपनी उंगली अंदर डाली। नेहा की चूत इतनी तंग थी कि उंगली भी मुश्किल से घुस रही थी।
“आह…” नेहा कराह उठी।
राहुल ने दूसरी उंगली भी डाल दी। उसने अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। नेहा की चूत की दीवारें कस रही थीं। उसका क्लिट सूज रहा था। रस और ज्यादा बहने लगा।
राहुल ने अपनी उंगलियां निकालीं। उसने अपना लंड नेहा की चूत के मुंह पर रखा। सिरा चूत के होठों को छू रहा था। नेहा कांप रही थी।
“अब डालता हूं,” राहुल ने कहा।
उसने जोर लगाया। लंड का सिरा नेहा की चूत में घुसने लगा। चूत की दीवारें खिंच रही थीं। नेहा चीख पड़ी।
“आह्ह्ह… दर्द हो रहा है!”
राहुल ने और जोर लगाया। लंड आधा अंदर घुस चुका था। नेहा की हymen फट रही थी। खून की बूंदें निकल रही थीं। लंड पर लाल निशान दिखने लगे।
“बस… थोड़ा और,” राहुल ने कहा।
उसने एक जोरदार झटका मारा। पूरा 8 इंच का लंड नेहा की चूत में घुस गया। नेहा की चीख पूरे कमरे में गूंजी।
“आह्ह्ह्ह… फट गई… मेरी चूत फट गई!”
राहुल रुका नहीं। उसने बाहर निकाला और फिर जोर से अंदर धकेला। नेहा की चूत खून और रस से लथपथ हो रही थी। हर झटके के साथ लंड और गहराई तक जा रहा था। नेहा का शरीर हिल रहा था। उसके स्तन उछल रहे थे।
राहुल ने नेहा की टांगें अपने कंधों पर रख लीं। अब उसका लंड और गहराई तक जा रहा था। नेहा की चूत पूरी तरह खुल चुकी थी। हर धक्के के साथ चूत की दीवारें लंड को कस रही थीं।
“तेरी चूत कितनी टाइट है,” राहुल ने कहा। “मेरा लंड फंस रहा है।”
नेहा सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रही थी। दर्द और मज़ा दोनों साथ हो रहे थे। उसकी चूत जल रही थी। लेकिन साथ ही एक अजीब सी खुशी भी हो रही थी।
राहुल की रफ्तार बढ़ गई। वह जोर-जोर से चोद रहा था। लंड पूरी तरह बाहर निकलता और फिर पूरी ताकत से अंदर घुसता। नेहा की चूत से चप-चप की आवाजें आ रही थीं। खून और रस मिलकर लंड पर चिपक रहे थे।
“राहुल… और जोर से…” नेहा ने अचानक कहा।
राहुल ने और तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया। नेहा का शरीर बिस्तर पर उछल रहा था। उसके नाखून राहुल की पीठ में गड़ रहे थे।
“मैं झड़ने वाली हूं,” नेहा चीखी।
उसकी चूत अचानक कस गई। रस की बौछार हुई। नेहा का पहला ऑर्गेज्म आ गया। उसका शरीर कांप रहा था।
राहुल ने रुकने का नाम नहीं लिया। वह और तेज़ी से चोद रहा था। नेहा की चूत अब पूरी तरह खुल चुकी थी। लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था।
“अब मेरी बारी,” राहुल ने कहा।
उसने अंतिम जोरदार झटके मारे। लंड नेहा की चूत की गहराई तक गया। फिर उसने जोर से चीखते हुए झड़ना शुरू कर दिया। गरम-गरम वीर्य नेहा की चूत में भरने लगा।
“आह्ह्ह… भर रहा है… तेरे वीर्य से भर रहा है!”
राहुल का लंड फड़क रहा था। हर फड़क के साथ और वीर्य निकल रहा था। नेहा की चूत में इतना वीर्य भर गया कि बाहर निकलने लगा।
राहुल ने अपना लंड निकाला। नेहा की चूत खुली हुई थी। लाल हो चुकी थी। वीर्य और खून का मिश्रण बाहर निकल रहा था।
नेहा सांस ले रही थी। उसकी चूत जल रही थी। लेकिन साथ ही संतुष्टि भी महसूस हो रही थी।
“कैसा लगा?” राहुल ने पूछा।
“दर्द तो हुआ… लेकिन मज़ा भी आया,” नेहा ने कहा।
राहुल ने फिर से अपना लंड नेहा की चूत पर रखा।
“अभी खत्म नहीं हुआ,” उसने कहा।
और रात अभी लंबी थी।
राहुल ने नेहा को पेट के बल लिटा दिया। उसने नेहा की गांड ऊपर उठाई। नेहा की चूत अभी भी खुली हुई थी। वीर्य अभी भी निकल रहा था।
राहुल ने अपना लंड फिर से नेहा की चूत में डाला। इस बार आसानी से घुस गया। नेहा कराह उठी।
“आह… अभी भी दर्द हो रहा है।”
राहुल ने नेहा की कमर पकड़ ली। उसने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। नेहा की गांड के साथ लंड टकरा रहा था। चप-चप की आवाजें फिर शुरू हो गईं।
नेहा का चेहरा तकिये में दबा हुआ था। वह कराह रही थी। हर झटके के साथ उसकी चूत और ज्यादा खुल रही थी।
राहुल ने नेहा के बाल पकड़ लिए। उसने नेहा का सिर पीछे खींचा।
“देख, तेरी चूत अब मेरे लंड की गुलाम हो गई है,” राहुल ने कहा।
नेहा कुछ बोल नहीं पा रही थी। वह सिर्फ कराह रही थी।
राहुल ने रफ्तार और बढ़ा दी। नेहा की चूत से रस निकल रहा था। लंड पर चिपक रहा था।
“मैं फिर झड़ रही हूं,” नेहा ने कहा।
उसकी चूत फिर कस गई। दूसरा ऑर्गेज्म आ गया। नेहा का शरीर हिल रहा था।
राहुल ने फिर से झड़ना शुरू कर दिया। उसने नेहा की चूत में और वीर्य भर दिया।
राहुल ने नेहा को उठाया। उसने नेहा को दीवार से टिकाया। नेहा की टांगें राहुल की कमर में लिपटी हुई थीं।
राहुल ने नेहा को उठाकर अपने लंड पर बैठा लिया। नेहा की चूत में लंड घुस गया।
“आह…” नेहा कराह उठी।
राहुल ने नेहा को ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया। नेहा की चूत लंड पर फिसल रही थी। हर बार पूरा लंड अंदर घुस रहा था।
नेहा ने राहुल की गर्दन पकड़ ली। वह चूम रही थी। राहुल ने नेहा के स्तन चूसना शुरू कर दिया। निप्पल को काट रहा था।
“राहुल… मुझे और चोदो,” नेहा ने कहा।
राहुल ने नेहा को बिस्तर पर लिटा दिया। वह फिर से जोर-जोर से चोदने लगा।
नेहा की चूत अब पूरी तरह खुल चुकी थी। लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था।
“मैं फिर झड़ने वाली हूं,” नेहा ने कहा।
तीसरा ऑर्गेज्म आ गया। नेहा का शरीर कांप रहा था।
राहुल ने भी झड़ना शुरू कर दिया। उसने नेहा की चूत में तीसरी बार वीर्य भरा।
सुबह होने पर नेहा की चूत सूजी हुई थी। लाल हो चुकी थी। वीर्य अभी भी निकल रहा था।
राहुल ने नेहा को चूमा।
“अब तेरी चूत मेरी है,” उसने कहा।
नेहा ने सिर हिलाया।
“हां… अब ये तेरी चूत है।”