नमस्ते दोस्तों, मैं हूँ राहुल शर्मा, लखनऊ का रहने वाला हूँ। उम्र तीस साल है और आज मैं आपको अपनी छोटी साली के साथ हुई एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे सुनकर आपका खून खौल जाएगा। ये कहानी है मेरी बीवी मुस्कान और उसकी छोटी बहन आलिया के साथ मेरे गहरे रिश्तों की जो हमारी एक प्लानिंग का नतीजा थी
मैंने मुस्कान से चौबीस साल की उम्र में शादी की थी। मुस्कान बहुत ही गोरी चिट्टी है, उसका रंग दूध जैसा सफेद है और बदन इतना भरा हुआ कि देखते ही बनता है। उसके स्तन बहुत बड़े और उभरे हुए हैं, कमर से नीचे का हिस्सा इतना मोटा और गोल कि हर आदमी की नज़र वहीं जाकर अटक जाती है।
लेकिन सबसे खास बात ये कि वो बिस्तर पर बिल्कुल बेशर्म है, कोई हिचक नहीं, कोई शर्म नहीं। हर नई चीज़ करने को तैयार रहती है और मुझे भी अपनी हर इच्छा पूरी करने देती है
मुस्कान की एक छोटी बहन है आलिया, जो उस समय उन्नीस साल की थी। आलिया पाँच फुट की नन्ही सी परी है, लेकिन उसके स्तन इतने बड़े कि उसके छोटे से बदन पर अजीब लगते हैं। उसकी गोल-मटोल गांड देखने लायक होती है और उसका चेहरा जापानी गुड़िया जैसा प्यारा है।
वो बहुत ही बोल्ड और मॉडर्न लड़की है, हमेशा मेरे साथ गंदी-गंदी बातें करती रहती थी और मुझे छेड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ती थी। मैं भी अंदर ही अंदर उसकी तरफ आकर्षित होता जा रहा था
एक दिन हम मुस्कान के मायके गए। उनके यहाँ जागरण का कार्यक्रम था और हम दो दिन वहाँ रुकने वाले थे। सुबह के नौ बजे थे जब हम पहुँचे। दरवाज़ा खटखटाया तो आलिया ने खोला। मैं उसे देखकर अवाक्क रह गया। वो सिर्फ एक छोटा सा तौलिया लपेटे हुए थी, जो उसके बड़े-बड़े स्तनों को मुश्किल से ढक पा रहा था।
तौलिया का नीचे का हिस्सा उसकी जांघों को पूरी तरह नंगा छोड़ रहा था और मैं देख सकता था कि उसके नीचे कुछ नहीं पहना है। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया, इतना जोर से कि पैंट में जगह नहीं मिल रही थी
आलिया ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “भैया, आप तो मुझे देखकर पागल हो गए लगते हैं। अंदर आओ, बहुत भूख लगी होगी आपको।”
मुस्कान ने मजाक में कहा, “अरे, तुम्हें तो ये छोटी साली ही पसंद है। मैं तो घर पर ही रह जाऊं, तुम आलिया को ले जाओ अपने साथ।”
मैं हँस दिया, लेकिन अंदर ही अंदर मेरा मन बेचैन हो रहा था। आलिया जानबूझकर अपना तौलिया थोड़ा-थोड़ा खिसकाती रही, जिससे मुझे उसके स्तनों का किनारा दिख जाता था। हम कमरे में गए और फिर नाश्ता किया। हमारे कमरे आलिया के कमरे के बिल्कुल सटे हुए थे और बाथरूम शेयर्ड था
थोड़ी देर बाद आलिया ने कहा, “भैया, भाभी, मैं बाथरूम चली जाऊं थोड़ी देर में फ्रेश हो जाऊं। आप लोग आराम करो।”
वो बाथरूम में चली गई और मुस्कान ने मुझसे कहा, “सुनो, हमारे पास थोड़ा टाइम है चलो कमरा बंद कर लेते हैं, कुछ देर मस्ती करते हैं।”
मैंने तुरंत कमरे का ताला लगा दिया और मुस्कान को बिस्तर पर पटक दिया। उसकी सलवार कमीज़ उतार दी, अंदर कोई ब्रा नहीं थी, सिर्फ एक छोटी सी कमीज़ थी। उसके बड़े-बड़े स्तन उछलकर बाहर आ गए।
मैंने उन्हें मुँह में लेकर चूसना शुरू किया और मुस्कान कमर के नीचे की चीजें उतारने लगी। उसने मेरी पैंट उतारी और मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। हम 69 की पोज़िशन में आ गए
हम इतने मस्त हो गए कि भूल गए कि बाथरूम में आलिया है। मुस्कान मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चुत चाट रहा था। दोनों इतनी जोर-जोर से आवाज़ें कर रहे थे कि सारा मोहल्ला सुन सकता था। लेकिन हमें किसी बात की परवाह नहीं थी।
तभी मेरी नज़र बाथरूम के दरवाज़े की तरफ गई। आलिया वहाँ नंगी खड़ी थी, पूरी तरह गीली, और अपनी चुत पर उंगली फेर रही थी। उसकी चुत बिल्कुल साफ-सुथरी थी, कोई बाल नहीं, और गुलाबी रंग की चमक रही थी
मेरी आँखें उससे मिलीं। मैंने मुस्कान की चुत और जोर से चाटना शुरू कर दिया और मुस्कान भी मेरे लंड को और गहरा मुँह में लेने लगी। आलिया समझ गई कि ये सब जानबूझकर हो रहा है। वो धीरे-धीरे बिस्तर की तरफ बढ़ी और उसकी नंगी देह देखकर मेरा लंड और सख्त हो गया।
उसका बदन बिल्कुल सफेद था, जैसे चांदनी रात हो। उसके स्तन बहुत बड़े थे, गोल और उभरे हुए, जिन पर गुलाबी निप्पल इस तरह खड़े थे जैसे मुझे बुला रहे हों। उसकी गांड इतनी गोल और मजबूत थी कि देखकर ही भूख लग जाए। उसकी जांघें मोटी थीं और पूरा शरीर बेहद गोरा था
मैंने मुस्कान के मुँह में जोर से अपना लंड डाला और उसके अंदर ही रस छोड़ दिया। मुस्कान ने सारा रस पी लिया और फिर उठकर बोली, “अरे वाह, तुमने तो बिना बताए ही बीच में ही निकाल दिया।”
आलिया वहाँ नंगी खड़ी थी और कहा, “भाभी, तुमने कम से कम मेरे लिए भी थोड़ा छोड़ दिया होता। मैं तो अंदर से जल रही हूं।”
मुस्कान ने नाटकीय ढंग से हैरानी दिखाई, “अरे आलिया, तुम कब आ गईं? तुमने क्या देख लिया?”
आलिया ने कोई शर्म नहीं दिखाई, बल्कि वो बिस्तर पर चढ़ गई और मुस्कान को पकड़कर जोर से चूमने लगी। मैं देखता रह गया। दोनों बहनें आपस में इस तरह जुबान लड़ा रही थीं जैसे कोई मर्दन किस कर रहा हो। मुस्कान ने अपनी बहन की नंगी पीठ पर हाथ फेरा और फिर मुझसे बोली,
“राहुल, तुम्हें पता है मेरी छोटी बहन हमेशा से तुम पर पागल रही है। अब तुम्हें इसे अपनी बना लेना चाहिए। देखो इसकी चुत कितनी बेकरार है आज मैं तुम दोनों को साथ लाऊंगी, इसलिए इसकी ढीली चुत को भर दो।”
आलिया मेरे पास आई और मेरी गर्दन चूमने लगी। मैंने उसका गला पकड़ा और उसे अपनी तरफ खींच लिया। उसकी आँखों में कामुकता थी, उसके होंठ गीले थे। मैंने उसे जोर से चूमा, हमारी जुबानें आपस में लड़ने लगीं। उसने मेरे मुँह से अपना मुँह नहीं हटाया बल्कि और जोर से चूमने लगी।
मुस्कान ने इस बीच मेरे लंड को फिर से खड़ा कर दिया और फिर वो आलिया की चुत चाटने लगी जबकि मैं आलिया को चूम रहा था। आलिया की चुत इतनी गीली थी कि मुस्कान की जुबान उसके अंदर आसानी से चली जा रही थी और आलिया जोर-जोर से कराह रही थी
कमरे में इतनी गर्मी थी कि पसीने से सब लथपथ थे। मैंने आलिया को उल्टा कर दिया, डॉगी स्टाइल में। उसकी गांड देखते ही बनती थी, गोल और सफेद दो टुकड़ों में बंटी हुई।
मैंने उसकी गांड चाटी, उसके गुदा पर अपनी जीभ फेरी और फिर उसकी चुत में उंगली डाल दी। आलिया चिल्लाई, “भैया, पहली बार है मेरा, धीरे से।”
मैंने उसकी बात नहीं सुनी। मैंने अपना लंड उसकी कोमल गुलाबी चुत में आधा डाला। आलिया ने दर्द से चीखना शुरू कर दिया, उसकी आँखों से आंसू बहने लगे। वो भागने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसकी कमर जोर से पकड़ ली और उसके अंदर अपना लंड धंसाने लगा।
हर बार वो चीखती थी, “भैया रुको, बहुत दर्द हो रहा है।” लेकिन मुस्कान उसके बाल सहलाती रही और कहती रही, “बस थोड़ा और सहन कर ले, फिर मजा आएगा।”
मैंने दस मिनट तक उसकी चुत में अपना लंड मारा। जब मैंने बाहर निकाला तो उसकी चुत से लहू और झाग निकल रहा था। मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ कि मैंने उसकी कुंवारी चुत को फाड़ दिया है। मैंने अपना रस उसके अंदर गहरा छोड़ दिया।
आलिया बिस्तर पर लेट गई, सांस फूल रही थी। मुस्कान ने तौलिया लेकर उसकी चुत साफ की। आलिया धीरे-धीरे संभली और फिर दोनों बहनें हँसने लगीं
तब मुस्कान ने सच बताया, “राहुल, ये सब हमारी प्लानिंग थी। आलिया और मैं लेस्बियन हैं, हम एक-दूसरे को सब कुछ शेयर करते हैं। आलिया चाहती थी कि उसका पहला सेक्स तुम्हारे साथ हो ताकि हमारी फैमिली सीक्रेट पारिवारिक सीक्रेट ही रहे। तुमने तो बहुत अच्छा काम किया।”
मैं हैरान था लेकिन खुश भी। अब मुझे दोनों बहनें बिस्तर पर चाहिए थीं। मुस्कान बाथरूम में चली गई तो मैंने आलिया को देखा। वो ठीक हो चुकी थी और उसकी आँखों में फिर से चमक थी। उसने कहा, “भैया, अब मैं आपके लंड का स्वाद लेना चाहती हूं।”
मैं उसके पास गया और उसने मेरा लंड पकड़ लिया। उसने उसे मुँह में लिया और चूसने लगी। उसकी चूसने की तकनीक इतनी अच्छी थी जैसे वो सालों से कर रही हो।
मैंने उसकी गांड में उंगली डाली, उसने पहले मना किया, “भैया नहीं, वहाँ दर्द होगा।” लेकिन मैंने उससे कहा, “तैयार रहो, बाद में मैं तुम्हारी गांड भी चोदूंगा।”
थोड़ी देर बाद मैंने उसे फिर से चोदा। इस बार वो पूरी तरह तैयार थी। बीस मिनट तक मैंने उसकी चुत मारी और दोनों ने साथ में रस छोड़ा। मेरा लंड उसके अंदर धड़क रहा था और वो बार-बार कह रही थी, “भैया, आप तो मेरे हो गए हो अब।”
तभी मुस्कान बाथरूम से बाहर आई और हँसते हुए बोली, “देखो, अब तो आलिया गर्भवती हो जाएगी। तुम दोनों ने तो खूब मस्ती की।”
आलिया शरमा गई लेकिन बोली, “अब भाभी, आप भी तो हमारे साथ थीं।”
मुस्कान ने कहा, “अरे, अब जल्दी से फ्रेश हो जाओ, जागरण में देरी हो रही है। आलिया, तुम राहुल को शॉवर में ले जाओ, उसे भी नहाने दो।”
आलिया को त्योर चढ़ गया, “हाँ भाभी, मैं ही सब क्यों करूं?” लेकिन वो हँसते-हँसते मेरे पास आई और मुझसे बोली, “चलो भैया, शॉवर में चलते हैं। आज तो पूरा दिन बिगड़ गया है तुम्हारी वजह से।”
मैंने उसे उठाया, उसका निप्पल चूसा और दोनों शॉवर में चले गए। वहाँ भी हमने खूब मस्ती की, पानी में शरीर फिसलता रहा और हम फिर से एक-दूसरे को चूमने लगे। ये सिर्फ शुरुआत थी।
अगले भाग में मैं बताऊंगा कैसे मैंने दोनों बहनों की गांड बाहर खुले में चोदी और उनकी चीख-पुकार से पूरा जंगल गूंज गया। तब तक के लिए इतना ही। आप सब अपनी कल्पनाओं में हमारी इस गंदी मस्ती का मजा लेते रहें। मैं वापस आऊंगा एक नई कहानी के साथ। अलविदा