देसी भाभी को रातभर चोदा

(Desi Bhabhi Ko Ratbhar Choda)

कार्तिक गुजरात के वडोदरा शहर का एक साधारण युवक था। उम्र महज २५ साल की, लेकिन उसकी जिंदगी में अभी तक कोई बड़ी रोमांचक घटना नहीं घटी थी। खासकर जब बात सेक्स की हो, तो कार्तिक की जिंदगी बिल्कुल सादी थी।

वह कभी-कभी दोस्तों की कहानियां सुनता और मन ही मन सोचता कि काश मेरी भी ऐसी कोई कहानी हो। लेकिन किस्मत ने एक दिन उसे ऐसा मौका दिया, जो उसकी जिंदगी बदलने वाला था। यह उसकी पहली सेक्स कहानी थी, जो आज भी उसके दिमाग में ताजा है।

एक शाम का समय था। कार्तिक ईवा मॉल में घूमने गया था। मॉल की चमक-दमक और भीड़-भाड़ उसे हमेशा आकर्षित करती थी। वह पार्किंग में अपनी बाइक खड़ी करके अंदर घुसा।

पिंग का मन था, लेकिन अकेले होने से बोरियत महसूस हो रही थी। तभी पार्किंग एरिया में एक स्कूटी पर फंसी हुई एक औरत की नजर पड़ी। वह स्कूटी स्टार्ट करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बैटरी डेड हो चुकी थी। कार्तिक ने सोचा, क्यों न मदद कर दूं। वह पास गया और बोला,

“भाभी जी, क्या समस्या है? स्कूटी स्टार्ट नहीं हो रही?”

उस औरत ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया। “हां भाई, बैटरी डेड हो गई लगती है। मैं यहां अकेली हूं, कोई मदद नहीं मिल रही।”

कार्तिक ने तुरंत अपनी बाइक का जंपर वायर निकाला और स्कूटी को स्टार्ट कर दिया। वह औरत जैनब थी। अमीर घराने से ताल्लुक रखने वाली, २८ साल की जवान विधवा जैसी दिखने वाली। नहीं, वह विधवा नहीं थी, लेकिन उसकी शादी हाल ही में हुई थी।

जैनब का फिगर कमाल का था – ३४-३२-३४। उसके बड़े-बड़े स्तन, गोल-मटोल चेहरा, लाल-लाल गाल और आकर्षक गांड देखकर कोई भी पुरुष घूम जाए। वह साड़ी पहने थी, जो उसके शरीर को और भी उभार रही थी। बाल खुले हुए, हल्का मेकअप, और आंखों में एक अजीब सी चमक।

“धन्यवाद भाई। तुम्हारा नाम क्या है?” जैनब ने पूछा, जबकि स्कूटी स्टार्ट हो चुकी थी।

“कार्तिक। और आप?”

“जैनब। चलो, अब अंदर चलते हैं। मैं शॉपिंग करने आई हूं, तुम भी साथ चलो न।”

कार्तिक खुश हो गया। दोनों मॉल के अंदर घुसे। जैनब ने कई दुकानों में घूमकर कपड़े, जूते और परफ्यूम खरीदे। कार्तिक उसके साथ था, बैग्स कैरी कर रहा था। बातें होती रहीं। जैनब ने बताया कि वह अमीर परिवार से है, पति विदेश में जॉब करते हैं।

कार्तिक ने अपना परिचय दिया – साधारण नौकरी, सिंगल लाइफ। शॉपिंग के बाद पार्किंग में पहुंचे। जैनब ने अपना नंबर दिया। “कभी फोन करना, दोस्ती निभानी चाहिए।”

कार्तिक घर लौटा। रात के १० बजे व्हाट्सएप पर मैसेज आया। जैनब का था। “हाय कार्तिक, आजकी शाम अच्छी रही। थैंक्स मदद के लिए।”

कार्तिक ने रिप्लाई किया, “हाय जैनब दीदी, खुशी हुई। आपकी शॉपिंग कैसे चली?”

बातें बढ़ीं। जैनब ने बताया कि उसकी शादी चार महीने पहले हुई है। पति कुवैत में हैं, महीनों से घर नहीं आए। “अकेलापन बहुत सताता है कार्तिक। तुम्हें पता है न?”

कार्तिक ने सहानुभूति दिखाई। “हां दीदी, समझता हूं। लेकिन आप इतनी खूबसूरत हो, सब ठीक हो जाएगा।”

जैनब हंस पड़ी। “खूबसूरत? तारीफ कर रहे हो? चलो, कल मिलते हैं। मेरे घर आ जाओ।”

कार्तिक का दिल धड़क गया। अगली शाम वह जैनब के आलीशान घर पहुंचा। बंगला जैसा घर, स्विमिंग पूल, बड़ा गार्डन। जैनब ने दरवाजा खोला। वह लाल साड़ी में थी, जिससे उसके कर्व्स साफ दिख रहे थे। “आ गए कार्तिक? अंदर आओ।”

दोनों लिविंग रूम में बैठे। चाय पी, बातें कीं। जैनब ने अपना दुख साझा किया – पति की अनुपस्थिति, शारीरिक जरूरतें। कार्तिक सुनता रहा। अचानक जैनब ने कहा, “चलो, बेडरूम में चलें। वहां आराम से बात करेंगे।”

कार्तिक का मन जोरों पर था। बेडरूम में घुसे। कमरा लग्जरी था – किंग साइज बेड, मिरर वार्डरोब, डिम लाइट्स। जैनब ने दरवाजा बंद किया और कार्तिक को गले लगा लिया। “कार्तिक, मुझे तुम्हारी जरूरत है।”

कार्तिक ने भी उसे जोर से हग किया। उसके स्तनों का स्पर्श महसूस हुआ। फिर दोनों के होंठ मिल गए। जोरदार चुम्बन। कार्तिक ने जैनब की साड़ी की ब्लाउज खींचा। उसके बड़े स्तन बाहर आ गए। काले ब्रा में लिपटे हुए। “जैनब, तुम कितनी हॉट हो।” कार्तिक ने कहा।

जैनब सांसें तेज कर रही थी। “कार्तिक, मुझे छूओ। पूरा।”

कार्तिक ने ब्रा उतार दी। उसके गुलाबी निप्पल्स खड़े हो गए। वह उन्हें चूसने लगा। जैनब कराहने लगी। “आह… कार्तिक… और जोर से।”

फिर दोनों शावर में गए। गर्म पानी के नीचे नंगे हो गए। कार्तिक ने जैनब के शरीर पर साबुन लगाया। उसके गांड को मसला, चूत को फिंगर किया। जैनब ने उसके लंड को पकड़ा। “वाह, कितना सा है।”

शावर से बाहर निकले। तौलिए में लिपटे बेड पर आए। कार्तिक ने जैनब को बेड पर धकेला। वह उसके ऊपर चढ़ गया। दोनों नंगे। जैनब की चूत गीली थी। कार्तिक ने एक दुपट्टा लिया और जैनब की आंखें बांध दीं। “अब सरप्राइज है।”

जैनब हंस पड़ी। “क्या कर रहे हो कार्तिक?”

फिर उसके हाथ बांध दिए। कार्तिक ने किचन से न्यूट्रेला चॉकलेट स्प्रे लाया। जैनब के स्तनों पर स्प्रे किया। फिर चाटने लगा। चॉकलेट का स्वाद और जैनब की त्वचा का मिश्रण कमाल का। जैनब तड़पने लगी। “आह… कार्तिक… यह क्या कर रहे हो… मजा आ रहा है।”

कार्तिक नीचे गया। जैनब की चूत पर चॉकलेट स्प्रे किया। फिर जीभ से चाटा। जैनब चिल्लाई। “ओह गॉड… कार्तिक… चूत चाट रहे हो… और तेज…”

वह चिल्लाती रही। कार्तिक ने १० मिनट तक चाटा। जैनब का शरीर कांप रहा था। फिर दुपट्टा हटाया। जैनब की आंखों में वासना। “अब मेरी बारी।” लेकिन कार्तिक ने फिर चॉकलेट लगाया और उसके निप्पल्स चूसे। जैनब कराह रही थी। “चूसो… दांत से काटो…”

अब कार्तिक ने कंडोम पहना। अपना लंड जैनब की चूत पर रगड़ा। “तैयार हो जैनब?”

“हां… डालो… चोदो मुझे।”

कार्तिक ने धक्का दिया। जैनब की चूत टाइट थी। दर्द हुआ। “आह… दर्द हो रहा है… धीरे।”

लेकिन कार्तिक ने जोर से अंदर-बाहर किया। जैनब नशे में थी। चिल्लाई। “चोदो… जोर से… आंसू आ रहे हैं… लेकिन मजा आ रहा।”

१५ मिनट तक पिस्टन की तरह चोदा। जैनब के आंसू बह रहे थे, लेकिन मुंह से “और… और…” निकल रहा था। फिर दोनों थक गए आराम किया।

जैनब ने कार्तिक को अपने ऊपर लिटाया। उसके लंड को हाथ में लिया। “अब मैं संभालूंगी।” प्यार से हिलाने लगी। लंड फिर खड़ा हो गया। “वाह, कितना मजबूत हैं।”

फिर डॉगी स्टाइल में। जैनब घुटनों पर। कार्तिक पीछे से लंड डाला। “आह… गांड हिल रही है… चोदो।”

जोरदार धक्के। जैनब झड़ने लगी। “आ रहा है… ऑर्गेज्म…” कार्तिक भी झड़ गया। फिर आराम किया।
“हां जैनब… तुम्हारी चूत की भूख मिटाऊंगा।”

पूरी रात ऐसे ही। जैनब की चीखें गूंजती रहीं। सुबह तक दोनों थक चुके थे।