फेसबुक से मिली लड़की को होटल में चोदा

(Facebook Se Mili Ladki Ko Hotel Mein Choda)

मैंने कभी सोचा नहीं था कि फेसबुक जैसी साइट मेरी जिंदगी को इतना उत्तेजक बना देगी। मेरा नाम राहुल है, 28 साल का, मुंबई में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता हूं। दिनभर ऑफिस में कंप्यूटर के सामने बैठा रहता हूं, और शाम को घर लौटकर फेसबुक पर स्क्रॉल करता रहता हूं।

एक दिन, मेरी पोस्ट पर एक कमेंट आया। नाम था नेहा, 24 साल की, दिल्ली से। उसकी प्रोफाइल फोटो देखते ही दिल धड़क गया। लंबे बाल, बड़ी-बड़ी आंखें, और एक मुस्कान जो सीधे दिल में उतर जाती थी। हमारी चैट शुरू हुई। पहले तो हल्की-फुल्की बातें, लेकिन धीरे-धीरे वो गहरी हो गईं।

नेहा ने बताया कि वो ग्रेजुएट है, और दिल्ली में एक कॉल सेंटर में जॉब करती है। लेकिन उसकी जिंदगी बोरिंग है, कोई एक्साइटमेंट नहीं। मैंने अपनी स्टोरीज शेयर कीं, पार्टीज, ट्रिप्स। वो इंप्रेस हो गई। एक हफ्ते में हम रोज चैट करने लगे। रात को लेट नाइट मैसेजेस, जो कभी-कभी फ्लर्टी हो जाते। ‘तुम्हारी स्माइल कितनी क्यूट है,’ मैंने लिखा। ‘तुम्हारी बॉडी तो कमाल की लगती है,’ उसने रिप्लाई किया।

धीरे-धीरे बात सेक्स पर आ गई। वो खुलकर बात करती, अपनी फैंटसीज शेयर करती। ‘मैं हमेशा सोचती हूं किसी स्ट्रॉन्ग गाय से मिलने की, जो मुझे होल्ड करके चोदे।’ उसके मैसेज पढ़कर मेरा लंड खड़ा हो जाता। मैंने अपनी फोटोज भेजीं, वो मेरी मसल्स की तारीफ करती।

एक दिन, वो बोली, ‘मैं मुंबई आ रही हूं, दोस्त की शादी में। मिलोगे?’ मेरा दिल जोरों से धड़का। ‘हां, क्यों नहीं। कहां मिलें?’ ‘होटल में, प्राइवेटली,’ उसने कहा। मैंने तुरंत एक अच्छा होटल बुक किया, साउथ मुंबई में, सी व्यू वाला। नेक्स्ट वीकेंड था। मैं एक्साइटेड था, लेकिन नर्वस भी। क्या वो वैसी ही होगी जैसी फोटोज में? या कैटफिश तो नहीं?

शनिवार शाम को, मैं होटल के लॉबी में इंतजार कर रहा था। ब्लैक शर्ट, जींस, परफ्यूम लगाया। घड़ी देखी, 7 बजे। तभी एलिवेटर से वो निकली। वाह! नेहा रियल लाइफ में और भी हॉट थी। रेड ड्रेस पहने, जो उसके कर्व्स को हाइलाइट कर रही थी। ब्रेस्ट्स उभरे हुए, कमर पतली, और गांड गोल। बाल खुले, लिपस्टिक लगाए। वो मुस्कुराई, ‘राहुल?’ मैंने हां कहा और उसे हग किया। उसकी बॉडी सॉफ्ट लगी, ब्रेस्ट्स मेरे चेस्ट से दबे। ‘चलो, रूम में चलें,’ मैंने कहा।

रूम में एंटर होते ही, हम दोनों अकेले थे। एसी चल रहा था, लाइट्स डिम। मैंने वाइन का बोतल ऑर्डर किया। हम सोफे पर बैठे, चैट करने लगे। लेकिन टेंशन हवा में था। नेहा ने अपना ग्लास उठाया, ‘चीयर्स, फेसबुक फ्रेंड।’ हम हंसे। वाइन पीते-पीते, हम करीब आए। मेरा हाथ उसकी जांघ पर रखा। वो शरमाई नहीं, बल्कि मुस्कुराई। ‘तुम्हारी चैट्स याद हैं?’ उसने कहा। ‘हां, अब रियल में करना है,’ मैंने व्हिस्पर किया।

मैंने उसके होंठों पर किस किया। सॉफ्ट, वेट। उसकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी। किस गहरा होता गया। मेरा हाथ उसकी ड्रेस के ऊपर से ब्रेस्ट्स पर गया। वो साइज 34 का लग रहा था, फर्म। मैंने निप्पल्स को रगड़ा, वो सिसकारी। ‘आह राहुल,’ वो बोली। मैंने ड्रेस का स्ट्रैप नीचे सरकाया। ब्रा ब्लैक लेस वाली। मैंने ब्रा खींची, ब्रेस्ट्स बाहर। पिंक निप्पल्स, हार्ड। मैंने चूसा, चाटा। नेहा के हाथ मेरे बालों में। ‘चूसो और जोर से,’ वो बोली।

मैंने उसे बेड पर धकेला। ड्रेस पूरी निकाल दी। अंडरवियर पैंटी वाली, गीली लग रही। मैंने पैंटी नीचे की। उसकी चूत साफ शेव्ड, गुलाबी। क्लिट उभरा हुआ। मैंने उंगली डाली, वेट थी। ‘तुम कितनी गर्म हो,’ मैंने कहा। नेहा ने मेरी शर्ट उतारी, जींस खोली। मेरा लंड बाहर आया, 7 इंच का, हार्ड। वो हंसकर बोली, ‘वाह, बड़ा है।’ उसने पकड़ा, सहलाया। फिर मुंह में लिया। ब्लोजॉब शुरू। जीभ से चाटा, चूसा। मैं ग्रोन्ड। ‘हां नेहा, ऐसे ही।’

मैंने उसे उल्टा किया, 69 पोजिशन। मैं उसकी चूत चाट रहा था, क्लिट को चूस। वो मेरे लंड को गले तक ले रही। जूस टपक रहा था उसकी चूत से। मैंने दो उंगलियां डाली, अंदर-बाहर। वो चिल्लाई, ‘फक मी नाउ!’ मैंने कंडोम पहना, मिशनरी में घुसा। टाइट चूत, गर्म। धीरे-धीरे पेलने लगा। नेहा की आंखें बंद, मुंह से आहें। ‘जोर से चोदो राहुल!’ मैंने स्पीड बढ़ाई। बेड हिल रहा। उसके ब्रेस्ट्स उछल रहे। मैंने निप्पल्स पिंच किए।

पोजिशन चेंज। डॉगी स्टाइल। उसकी गांड ऊपर। मैं पीछे से घुसा, जोरदार ठोके। हाथ से गांड पर थप्पड़ मारा। नेहा चिल्लाई, ‘हां, और!’ मैंने बाल पकड़े, खींचे। चूत की दीवारें लंड को दबा रही। स्वेट आ गया दोनों को। ‘कमिंग!’ वो बोली। मैंने और तेज। उसका ऑर्गेज्म आया, चूत सिकुड़ गई। मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया, कंडोम में झड़ गया।

हम लेटे रहे, सांसें तेज। नेहा ने कहा, ‘अद्भुत था।’ लेकिन रात अभी बाकी थी। वाइन खत्म हुई, हम फिर शुरू हो गए। इस बार बाथरूम में। शावर के नीचे, मैंने उसे वॉल पर सटाया। लंड फिर घुसा। पानी बह रहा, स्लिपरी बॉडीज। नेहा की चूत फिर गीली। मैंने लिफ्ट किया उसे, लेग्स रैप। ऊपर-नीचे। उसके नाखून मेरी पीठ पर। ‘चोदो मुझे हमेशा,’ वो बोली।

रूम सर्विस आया, लेकिन हम इग्नोर। बेड पर वापस, काउगर्ल पोजिशन। नेहा ऊपर, मेरे लंड पर उछल रही। ब्रेस्ट्स मेरे मुंह के पास। मैं चूसा। उसके हिप्स घूम रहे। मैंने नीचे से ठोके। फिर रिवर्स काउगर्ल, उसकी गांड दिख रही। मैंने उंगली गांड में डाली, डबल पेनेट्रेशन। नेहा पागल हो गई। ‘अहहह!’ चीखी। दूसरा ऑर्गेज्म। मैंने भी झड़ दिया।

सुबह तक हमने 4 राउंड किए। हर बार नया पोजिशन, नई उत्तेजना। नेहा की बॉडी एडिक्टिंग थी। चूत टाइट, ब्रेस्ट्स सॉफ्ट। हमने फोटोज भी लिए, न्यूड। ‘फेसबुक पर शेयर न करना,’ वो हंसी। चेकआउट टाइम, हम किस करके अलग हुए। ‘अगली बार फिर,’ मैंने कहा। नेहा मुस्कुराई, ‘डेफिनिटली।’