राहुल कुमार 25 साल का एक मर्दाना जवान है। उसका शरीर कसावदार, कंधे चौड़े और लंड 7 इंच लंबा तथा ढाई इंच मोटा है। दो साल पहले की बात है।
उसके दोस्त सोहन की 21 साल की बहन पूजा की कुमारी चूत को उसने चोदा था।
सोहन के घर अक्सर आना-जाना होता था। पूजा का फिगर 34-28-36 का था। जब भी वह सामने आती, राहुल का लंड तुरंत खड़ा हो जाता।
पर दोस्त की बहन होने के कारण वह कभी हिम्मत नहीं जुटा पाया।
एक दिन सोहन ने उसे फोन किया कि वह किसी शादी में जा रहा है, घर का कुछ काम निपटाने आ जाए। राहुल तैयार हो गया।
जब वह पहुँचा तो पूजा गुलाबी सूट पहने खड़ी थी। उसका चेहरा चमक रहा था, बाल खुले थे।
राहुल का लंड फटने लगा, पर उसने खुद को काबू में रखा और काम निपटाया।
अचानक मौसम खराब हो गया। बारिश और आँधी शुरू हो गई। सोहन के माता-पिता ने कहा कि रात यहीं रुक जाओ।
पूजा, उसकी माँ और राहुल तीनों हॉल में अलग-अलग सो गए। बिजली चली गई। सिर्फ मोबाइल की टॉर्च जल रही थी।
आधी रात को राहुल को प्यास लगी। उठकर पानी पीने गया। देखा कि पूजा की माँ अपनी जगह खाली है।
थोड़ी देर बाद माता-पिता के कमरे से तेज़ सिसकियाँ और चीखें सुनाई दीं। माँ कह रही थी, “कितने दिन बाद आए हो, आज तो मुझे मार डालो।” दोनों जोर-जोर से चोद रहे थे।
आवाज़ सुनकर राहुल का लंड खड़ा हो गया। उसने बाहर निकालकर हस्तमैथुन शुरू कर दिया।
पर मन में पूजा का ख्याल आया। वह चुपके से पूजा के पास गया।
पूजा गहरी नींद में थी। राहुल ने पहले उसके स्तनों को हाथ लगाया।
फिर होंठों को छुआ। उसके बाद सलवार के ऊपर से उसकी चूत को सहलाया। कोई हरकत नहीं हुई।
हिम्मत बढ़ाकर उसने सलवार की नाड़ी खोली। सलवार आधे घुटनों तक उतार दी।
पैंटी को साइड में खिसकाया। उँगलियाँ सीधी उसकी नंगी, बाल रहित चूत में घुसा दीं।
पूजा की आँखें खुल गईं। “कौन है?” उसने डरी हुई आवाज़ में पूछा।
“मैं हूँ, राहुल,” उसने काँपते स्वर में कहा।
“अम्मी को बुलाती हूँ!” पूजा गुस्से में बोली।
“मत बोलना, प्लीज। मैं तुमसे प्यार करता हूँ,” राहुल ने हाथ जोड़कर कहा।
वह पूजा की जाँघों को सहलाने लगा। फिर उसके स्तनों को जोर से दबाने लगा।
पूजा बार-बार कहती रही, “यह गलत है,” पर शरीर का विरोध कम होने लगा।
राहुल ने उसके होंठों पर अपना मुँह रख दिया। शुरू में पूजा ने मुँह फेरा, पर फिर धीरे-धीरे चूमने लगी।
सलवार पूरी उतार दी। पैंटी निकाल दी। ब्लाउज ऊपर खिसकाकर दोनों स्तन बाहर निकाल लिए।
पूजा के गुलाबी निप्पल कड़े हो चुके थे। राहुल ने एक को मुँह में लिया और चूसने लगा।
“आआह…” पूजा की साँस फटी।
“मेरा लंड चूसो,” राहुल ने कहा।
“नहीं, वो नहीं कर सकती,” पूजा ने मना कर दिया।
राहुल ने बात आगे नहीं बढ़ाई। उसने पूजा की टाँगें खोलीं। उसकी कुमारी चूत बहुत तंग थी।
उसने थूक लगाकर लंड की नोक चूत के मुँह पर रखी और एक जोरदार झटका मारा।
“आआआह… मर गई!” पूजा चीख पड़ी।
राहुल ने तुरंत उसके मुँह पर अपना मुँह रख दिया। दूसरा झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। पूजा की आँखों से आँसू निकल आए।
“बहुत दर्द हो रहा है, निकालो,” वह रोने लगी।
राहुल ने धीरे-धीरे आगे-पीछे करना शुरू किया। बीस-बाईस मिनट बाद पूजा की चूत गीली हो चुकी थी।
दर्द की जगह अब सुख के स्वर निकलने लगे।
“आआह… ऊँह… मर गई रे… मम्मी… फाड़ दी मेरी चूत!” वह बड़बड़ा रही थी।
राहुल ने उसे कुत्ते वाली मुद्रा में कर दिया। घुटनों के बल खड़ा करके पीछे से चोदने लगा।
पूजा की गोल-सुथरी गांड उसके सामने लहरा रही थी।
“कहाँ गिराऊँ?” राहुल ने पूछा जब उसका लंड फड़कने लगा।
“मेरे स्तनों पर,” पूजा ने साँस लेते हुए कहा।
राहुल ने लंड बाहर निकाला और पूजा के दोनों स्तनों पर गाढ़ा, गर्म वीर्य छोड़ दिया।
पूजा ने रूमाल से साफ किया और दोनों चुपचाप सो गए।
उस रात के बाद से जब भी मौका मिलता, राहुल पूजा की कुंवारी चूत को चोदता।
आज भी दोनों गुपचुप तरीके से मिलते और चोदते हैं।
कहानी कैसी लगी? अपनी राय जरूर बताना।