जिस्म की भूख गैर मर्द के लंड से मिटी

(Jism Ki bhookh Gair Mard Ne Mitayi)

मेरा नाम कोमल है। उम्र 30 साल। रांची, झारखंड में रहती हूँ। 16 साल की उम्र में मेरी शादी 36 साल के सरकारी अधिकारी से हो गई थी।

उस समय मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं पता था।

शादी की पहली रात को मेरे पति ने मुझे नंगा करके सिर्फ चार-पाँच मिनट तक लंड अंदर डाला, झड़ गए और सो गए।

यही रूटीन हर रात चलता रहा। तीन बच्चे भी इसी छोटी-छोटी चुदाई से पैदा हो गए।

जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ी, खासकर 27 साल के बाद, मेरा शरीर बदलने लगा। मेरे स्तन 36 इंच के हो गए, गोल-गोल और भारी।

मेरी गांड भी मोटी और उभरी हुई हो गई। हर तरफ से पुरुष मुझे घूरते, लेकिन मैं डरती थी कि कहीं कोई अफेयर का स्कैंडल न हो जाए।

पति की उम्र बढ़ने के साथ उनकी ताकत भी कम हो गई।

अब वे रात को लंड डालकर दो मिनट में ही झड़ जाते और सो जाते। मेरी भूख कभी पूरी नहीं होती थी।

जब अकेली होती तो अपनी उंगलियों से चूत रगड़ती, लेकिन असली लंड के बिना कोई मजा नहीं आता था।

मैं चाहती थी कोई अनजान, साफ-सुथरा और तगड़ा मर्द जो मुझे बिना रुकावट चोदे।

एक दिन गलती से फोन पर अनजान नंबर डायल हो गया। आवाज आई – “हेलो, कौन?” मैंने भी हेलो कहा। बात आगे बढ़ी।

उसका नाम अंकित था, उम्र 28 साल, दिल्ली का बिजनेसमैन। पहले बातें सामान्य रहीं, फिर धीरे-धीरे गहरी होने लगीं।

चार महीने बाद हम फोन सेक्स करने लगे। वह अपनी 9 इंच की मोटी लंड की तारीफ करता, मैं अपनी गीली चूत की। दोनों हाथों से मस्ती करते।

फिर अंकित ने छुट्टी लेकर रांची में होटल बुक किया। मैं डरी हुई थी कि कहीं कोई देख न ले, लेकिन शरीर की भूख ने जीत लिया।

मैंने चूत के बाल साफ करवाए, पूरा शरीर वैक्स कराया। काला साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट पहना, अंदर ब्रा और पैंटी कुछ नहीं।

11 बजे सुबह होटल पहुंची। दो कमरों का सूट था। अंकित ने मुझे गले लगाया। बाहर की मेज-कुर्सी और अंदर बड़ा बिस्तर।

उसने मेरी साड़ी ऊपर उठाई, जांघों पर हाथ फेरा, नाभि दबाई और ब्लाउज के ऊपर से मेरे भारी स्तनों को जोर से दबाया।

मैं बाथरूम गई, ब्रा-पैंटी उतारकर सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में बाहर आई।

अंकित ने मेरी चूत में उंगली डाली। चूत पहले से ही गीली थी। मैंने उसके 9 इंच के लंड को मुंह में लिया।

पति का लंड सिर्फ 3 इंच का था, यह तो बहुत बड़ा और मोटा था। मैं चूसने लगी।

फिर उसने मुझे घोड़ी बनाया। एक ही जोरदार झटके में लंड अंदर घुसा दिया।

दर्द हुआ, फिर मजे की लहर दौड़ गई। वह मेरे बाल खींचता, जोर-जोर से चोदता रहा।

मैं पहले चरम सीमा पर पहुंची, फिर उसने अंदर झड़ दिया।

दूसरे राउंड में उसने फिर मेरी चूत चाटी, मिशनरी पोजीशन में चोदा, फिर मैं उसके ऊपर चढ़कर घुड़सवारी की। दोनों साथ झड़े।

सेक्स के बाद मुझे थोड़ा ग्लानि हुई, लेकिन अंकित ने मुझे तारीफ की और ऑटो में बैठा दिया।

उसके बाद भी हम संपर्क में रहे। अंकित अब शादीशुदा है, लेकिन जब भी मन करता है रांची आता है और मुझे चोदता है।