खाला की लड़की को ठंडी की रातों में चोदा -1

(Khala Ki Ladki Ko Thandi Ki Raaton Me Choda -1)

मेरा नाम अबरार है। मैं मुरादाबाद का रहने वाला हूं, एक पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखता हूं। लंबाई में पांच फुट नौ इंच का हूं और कानून की पढ़ाई कर रहा हूं। मेरी जिंदगी में कई किस्से हैं, लेकिन आज मैं अपनी पहली सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूं।

यह 2024 की बात है, जब मैंने अपनी खाला की बेटी, अपनी कजिन अलिया को बहकाया। अलिया मेरी खाला की इकलौती बेटी थी, उम्र में मुझसे छोटी, लेकिन उसकी खूबसूरती ने मुझे हमेशा आकर्षित किया था।

अलिया गोरी थी, ठीक अपनी मां की तरह। उसकी लंबाई पांच फुट थी, सुनहरे बाल, बड़ी-बड़ी आंखें और एक प्यारा सा चेहरा। उसका फिगर 32-26-34 का था, जो किसी भी लड़के को दीवाना बना सकता था।

मैं तो खासतौर पर उसके पीछे वाले हिस्से का शौकीन था। मुझे गांड का शौक था, और अलिया की गांड इतनी मुलायम और गोल थी कि देखते ही मन डोल जाता था।

हमारा परिवार अमीर था। मेरी नानी का घर बड़ा था, जहां रिश्तेदारों के घर एक के बाद एक सटे हुए थे। अलिया का घर भी उसी इलाके में था। मैं अक्सर परिवार के साथ नानी के घर जाता रहता था। वहां कजिन्स मिलते-जुलते, मस्ती करते। अलिया भी अक्सर आती-जाती रहती।

एक बार नानी के घर पर फैमिली गेदरिंग हुई। सब कजिन्स इकट्ठे थे। हम हंस-बोल रहे थे, मजाक कर रहे थे। तभी मेरी नजर अलिया पर पड़ी। वह फोन पर किसी से मैसेज कर रही थी, इतनी गौर से कि कुछ सुनाई भी नहीं दे रहा था। मैंने मजाक में पूछा, ‘क्या बात है अलिया, इतना गहरा सोच रही है? किसे मैसेज कर रही है?’

वह चौंकी, फोन नीचे रखा और बोली, ‘कुछ नहीं भैया, स्कूल की दोस्त को।’ लेकिन उसकी आंखों में कुछ छिपा सा लग रहा था। मुझे शक हो गया। मैंने सोचा, इसकी पड़ताल करनी पड़ेगी। मैं पांच दिनों के लिए नानी के घर रुकने वाला था, तो मौका मिलेगा।

रिश्तेदारों को बहकाना आसान नहीं होता, जैसा कहानियों में दिखाते हैं। लेकिन अलिया पर मेरी नजर थी। अगले कुछ दिनों में मैंने ध्यान दिया। एक दिन मैंने देखा कि अलिया किसी लड़के से बात कर रही थी। उसका नाम उस्मान था। वह हैंडसम था, लेकिन अलिया जैसी लड़की के लिए कम ही लगता था।

पांच दिन बाद मैं घर लौट आया। लेकिन अलिया का नंबर मेरे पास था। मैंने उसे मैसेज किया, ‘हाय अलिया, कैसी हो?’

उसने जवाब दिया, ‘हाय भैया, सब ठीक। तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही?’

हमारी बातें चलती रहीं। फिर मैंने पूछा, ‘कोई बॉयफ्रेंड तो नहीं है ना?’

वह नाराज हो गई, ‘भैया, क्या बात कर रहे हो? मैं तो तुम्हारी छोटी बहन हूं।’

मैंने माफी मांगी, ‘सॉरी अलिया, मजाक कर रहा था।’ और बात खत्म हो गई। लेकिन मन में कुछ खटक रहा था।

समय बीतता गया। गर्मियों में कजिन्स ने पिकनिक प्लान किया। रविवार को नानी के घर पर इकट्ठा होना था। मैं सुपरवाइजर था। अलिया वहां आई, लेकिन थोड़ी उदास लग रही थी। शायद पुराने मैसेज की वजह से। मैंने फिर माफी मांगी, ‘अलिया, वो मैसेज के लिए सॉरी। मैंने मजाक में कहा था।’

उसने मुस्कुरा कर कहा, ‘कोई बात नहीं भैया। भूल जाओ।’

शनिवार की रात थी। बड़ों ने सो लिया था। अलिया फोन पर व्यस्त थी। हमारी नजरें मिलीं, वह मुस्कुराई। फिर वह अपनी एक और कजिन आलिशा से फुसफुसाई और बोली, ‘चलो, पास की दुकान पर कुछ सामान ले आते हैं।’

मैंने सोचा, कुछ तो गड़बड़ है। मैं चुपके से उनके पीछे-पीछे गया। एक कोने में छिप गया।

अलिया ने फोन पर कॉल किया। शायद उस्मान को। पांच मिनट बाद एक लड़का बाइक पर आया। उसने अलिया को एक शॉपर थमाया, हाथ मिलाया और चला गया। मैंने पहचान लिया, यही उस्मान था। जब वे लौटीं, तो शॉपर को छिपा लिया।

उस रात मुझे अलिया के साथ कुछ करने का इरादा नहीं था। लेकिन मैंने पास बैठे-बैठे उसे मैसेज किया, ‘सुनो चालाक कजिन, मैंने तुम्हें उस लड़के के साथ देख लिया। हाथ मिलाते हुए की फोटो भी ले ली। और वो शॉपर भी देखा।’

अलिया घबरा गई। तुरंत मैसेज आया, ‘भैया, प्लीज किसी को मत बताना। मैं उस्मान से एक साल से प्यार करती हूं। हम पांच-छह बार मिले हैं।’

मैंने धमकाया, ‘अगर मैंने तुम्हारे मम्मी-पापा को बता दिया, तो क्या होगा? तुम उनकी इकलौती बेटी हो। फैमिली का नाम डुबो रही हो।’

वह बोली, ‘भैया, हमने सिर्फ तीन बार किस किया है। उसके आगे कुछ नहीं। वह बहुत जिद करता है, लेकिन मैं नहीं मानती। प्लीज, सच बताऊंगी तो चुप रहना।’

मैंने कहा, ‘ठीक है, लेकिन बदले में तुम्हें मुझे एक किस देना होगा।’

वह घबरा गई, ‘नहीं भैया, तुम मेरे भाई हो। यह गलत है।’

‘अगर नहीं मानी, तो सबको बता दूंगा। फोटो भी दिखा दूंगा, और शॉपर की बात भी।’

वह मजबूर हो गई, ‘ठीक है, लेकिन सिर्फ एक किस।’

मैंने छत पर जाने का बहाना बनाया, ‘मैं सिगरेट पीने छत पर जा रहा हूं। तुम भी आ जाओ, बात कर लेंगे।’

पंद्रह मिनट बाद वह आई। ‘भैया, पहले फोटो डिलीट करो और वादा करो कि चुप रहोगे।’

मैंने कहा, ‘पहले किस दो।’

वह नजरें फेर ली। मैंने उसके चेहरे को हाथों में लिया। उसकी बॉडी की खुशबू सांसों में समा गई। उसके होंठ नरम थे, शहद जैसे। मैंने किस किया। पहले वह हिचकिचाई, लेकिन पंद्रह मिनट बाद वह भी जवाब देने लगी।

मैंने उसके कमर को सहलाया। मेरा लंड खड़ा हो गया। वह महसूस कर के पीछे हटी, ‘बस भैया, हो गया। अब फोटो डिलीट करो।’

मैंने झूठ बोला, ‘फोटो तो ली ही नहीं। बस तुम्हें दूसरे के साथ देखा तो जलन हो गई।’

वह नाराज होकर चली गई। मैंने मैसेज किया, ‘अलिया, मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं। तुम्हारी खुशबू ने मुझे मदहोश कर दिया।’

पहले तो जवाब नहीं आया, लेकिन बाद में आया, ‘भैया, वो किस बहुत अच्छा लगा। सबसे मजेदार।’

मैंने कहा, ‘फिर आ जाओ।’

‘सब सो जाएं तो।’

रात के चार बजे वह लौटी। मैंने उसे खींच लिया, ‘अलिया, मैं तुमसे सच में प्यार करता हूं। उस्मान से शादी नहीं हो सकती। तुम्हारे माता-पिता कभी नहीं मानेंगे। मैं तुम्हें खुश रखूंगा।’

वह बोली, ‘भैया, मैं भी तुमसे प्यार करती हूं। लेकिन यह राज रखना।’

हमने पैशनेट किस किया। उसकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी। मैंने उसके पैर फैलाए, उसे अपनी गोद में बिठाया। तीस मिनट तक किस करते रहे। मैंने उसकी कमर और 34 इंच की मुलायम गांड को दबाया।

वह गर्म हो गई। मैंने गांड को जोर से मारा। फिर दाहिने बूब पर हाथ रखा, कपड़ों के ऊपर से दबाया। फोम ब्रा में बंद सॉफ्ट ब्रेस्ट को दबाया। वह बोली, ‘आह्ह्ह।’

मैंने गर्दन चूमी, कान चूसा। बूब को रगड़ा। वह तड़पी, ‘भैया, धीरे। दर्द हो रहा है, लेकिन मजा आ रहा है।’

मैंने दोनों बूब मसल लिए। उसे चारपाई पर उठाया, ऊपर लेट गया। किस करते हुए लंड को उसके पैरों के बीच रगड़ा। अपनी शर्ट उतारी, फिर उसकी।

चांदनी में उसका बदन चमक रहा था। पिंक ब्रा में टाइट बूब। मैं भूखे शेर की तरह हमला किया। ब्रा के ऊपर से चाटा, दबाया। उसके कराहने बढ़ गए। वह तड़पने लगी।

ब्रा अनहुक की, उतार दी। सफेद, गोल बूब निकले, गुलाबी निप्पल। एक-एक करके चूसे, चाटे। दूसरे को दबाया। वह जोर से तड़पी, ‘भूख लगी है दूध की। और चूसो।’

अचानक वह कांपने लगी। उसका पहला ऑर्गेज्म आ गया। वह चिल्लाई, ‘आह्ह्ह, कुछ निकल गया।’

यह जारी रहा। लेकिन असली चुदाई अगले भाग में।

यह कहानी का पहला भाग है। अगले भाग में बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी कजिन को चोदा।