मेरा नाम राहुल है। मैं एक साधारण सा आदमी हूं लेकिन मेरी जिंदगी में सेक्स का मजा हमेशा खूब रहा है। पिछली कहानी में मैंने अपनी बीवी सोनाली और उसकी दोस्त रीना को चोदा था। वो दोनों औरतें बहुत खुश थीं।
रीना तो अक्सर बहाने बनाकर हमारे घर आ जाती। कभी सोनाली से मिलने के बहाने तो कभी कुछ और। वो मुझे फ्लर्ट करती रहती। कभी मेरे हाथ को अपनी चूत पर रख देती या अपने बूब्स दिखा देती।
सोनाली के सामने ही मुझे किस कर लेती। सोनाली को ये सब पसंद था। वो भी हंसती और कहती कि रीना तेरी भी तो जरूरत है भाई।
अब ये कहानी उस दिन की है जब सोनाली के मम्मी-पापा मुंबई चले गए थे। वो दो दिन की शादी के लिए गए थे। घर पर सिर्फ मैं सोनाली और उसकी बड़ी बहन वैशाली थी। वैशाली दीदी सोनाली से दो साल बड़ी है।
वो शादीशुदा है लेकिन उसका पति कहीं बाहर नौकरी करता है। इसलिए वो अक्सर मायके आ जाती है। वैशाली दीदी बहुत सुंदर है। उसके बूब्स सोनाली से भी बड़े हैं। कमर पतली और गांड गोल। लेकिन वो थोड़ी शर्मीली है।
उस दिन दोपहर का खाना खाने के बाद मैं अपने कमरे में आराम कर रहा था। सोनाली और वैशाली दीदी हॉल में बातें कर रही थीं। वैशाली दीदी ने कहा कि उसकी पीठ में दर्द हो रहा है। वो डॉक्टर से दवा लेने जा रही है।
सोनाली ने कहा ठीक है दीदी जाओ। मैं बर्तन धो लेती हूं। वैशाली दीदी चली गईं। मैंने सोचा ये अच्छा मौका है। मैंने रीना को फोन किया और कहा आ जाओ। घर पर कोई नहीं है। वो तुरंत आ गई।
सोनाली किचन में बर्तन धो रही थी। मैंने दरवाजा खोला और रीना को अंदर खींच लिया। जैसे ही वो आई मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया। मेरे होंठ उसके होंठों पर चिपक गए।
मेरी जीभ उसके मुंह में घुस गई। वो भी गर्म हो गई। मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए। पहले ब्लाउज खोला फिर ब्रा। उसके बूब्स बाहर आ गए। मैंने उन्हें चूसना शुरू कर दिया। रीना की सांसें तेज हो गईं। वो बोली राहुल क्या कर रहे हो। सोनाली तो घर पर है। मैंने कहा चुप। वो भी तो मजे लेगी।
तभी सोनाली किचन से आई। उसने हमें देखा और मुस्कुराई। बोली अरे वाह। रीना तू आ गई। अब तो मजा आएगा। राहुल दोनों को चोद दे। वैशाली दीदी तो बाहर गई हैं।
कुछ देर लगेगी। चलो बेडरूम में चलते हैं। हम तीनों बेडरूम में गए। सोनाली ने अपने सारे कपड़े उतार दिए। वो नंगी होकर बेड पर लेट गई। उसकी चूत पहले से ही गीली थी। मैंने कहा रीना सोनाली की चूत चाट। सोनाली तू रीना की चाट। 69 पोजीशन में। फिर मैं दोनों को चाटूंगा और चोदूंगा।
दोनों औरतें बेड पर लेट गईं। रीना ने सोनाली के ऊपर चढ़कर अपनी चूत उसके मुंह पर रख दी। सोनाली ने रीना की चूत चाटना शुरू कर दिया। रीना ने भी सोनाली की चूत पर जीभ फेरी। दोनों की चूतों से रस बहने लगा।
मैं खड़ा होकर देख रहा था। मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था। मैंने पैंट उतार दी। अब मैं नंगा था। मैं बेड पर गया और दोनों की चूतों को देखने लगा।
सबसे पहले मैंने सोनाली की चूत चाटी। उसका रस मीठा था। मैंने जीभ अंदर डाल दी। सोनाली सिसकारी भरने लगी। रीना की चूत में उंगली डाल दी। वो भी तड़पने लगी। दोनों एक-दूसरे को चाट रही थीं।
कमरे में चूत चाटने की आवाजें गूंज रही थीं। तभी मुझे लगा कि कोई खिड़की से देख रहा है। मैंने सिर उठाया। वैशाली दीदी खिड़की से झांक रही थीं। लेकिन मैं रुका नहीं। सोनाली की चूत चाटता रहा।
मैंने सोचा वैशाली दीदी को भी मजा देना चाहिए। लेकिन पहले रीना को चोदता हूं। मैंने रीना को डॉगी स्टाइल में बिठा दिया। उसकी गांड ऊपर की। मैंने अपना लंड उसके चूत के चेड़ पर रखा और धक्का मार दिया।
पूरा लंड अंदर चला गया। रीना चीखी अरे राहुल धीरे। लेकिन मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। वैशाली दीदी को देखते हुए चोद रहा था। वो शॉक हो गईं लेकिन देखती रहीं।
चोदते हुए मैंने सोनाली से कहा और चूत ला। तेरी चूत भी चोदूंगा। सोनाली बोली अरे मेरी चूत तो तेरी है। रीना की भी है। फिर और क्या चाहिए। मैंने कहा बस चूत चाहिए। सोनाली हंसकर बोली ठीक है।
मैंने रीना की चूत से लंड निकाला। सोनाली के मुंह में डाल दिया। वो चूसने लगी। मैंने झटके दिए और वीर्य निकाल दिया। सोनाली ने सब निगल लिया। वैशाली दीदी सब देख रही थीं।
मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने सोनाली को लिटाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया। जोर-जोर से चोदने लगा। चोदते हुए बोला वैशाली दीदी की चूत भी अच्छी होगी। उनके बूब्स तो बड़े हैं। चूत भी टाइट होगी। रीना बोली हां राहुल।
वैशाली दीदी को भी चोद ले। मैं तो कुछ दिनों में नागपुर जा रही हूं। तुझे उनकी चूत मिल जाएगी। सोनाली भी बोली हां। दीदी को बोलूंगी। वैशाली दीदी ने सब सुन लिया। वो शॉक हो गईं।
मैंने सोनाली की चूत से लंड निकाला। रीना के मुंह में डाल दिया। फिर वीर्य निकाल दिया। रीना ने निगल लिया और जीभ से साफ किया। हम थोड़ी देर आराम किए। रीना कपड़े पहनकर चली गई।
मेरा लंड फिर सोनाली के लिए खड़ा हो गया। मैंने सोनाली को चोदना शुरू किया। चोदते हुए वैशाली दीदी के बूब्स की तारीफ की। बोला उनके बूब्स देखकर तो लंड खड़ा हो जाता है। चूत कितनी टाइट होगी। सोनाली बोली हां। मैं दीदी से बात कर लूंगी।
तभी वैशाली दीदी घर आईं। वो सीधे कमरे में आ गईं। हमें नंगे देखा। राहुल सोनाली को चोद रहा था। वैशाली दीदी चिल्लाई अरे ये क्या कर रहे हो। सोनाली बोली दीदी चुप। आओ पास। वैशाली दीदी नजदीक आईं।
सोनाली नंगी थी। बोली दीदी तुम्हारा पति तो घर नहीं आता। तुम्हें सेक्स की जरूरत तो होती होगी। राहुल का लंड बड़ा है। कड़ा है। एक बार आजमा लो। कोई हर्ज नहीं। मजा आएगा।
वैशाली दीदी बोली लेकिन मम्मी-पापा को पता चला तो। सोनाली बोली अरे कुछ नहीं होगा। दो दिन तो वो बाहर हैं। राहुल तुझे चोदना चाहता है। तू भी खुश हो जा। वैशाली दीदी शर्मा गईं। मैंने सोनाली की चूत से लंड निकाला।
वैशाली दीदी को दिखाया। बोला देखो दीदी। कितना बड़ा है। वैशाली दीदी एक मिनट सोचीं। फिर हाथ बढ़ाया। लंड पकड़ा और सहलाने लगीं। सोनाली ने उनका सिर नीचे दबा दिया। मैंने लंड वैशाली दीदी के मुंह में डाल दिया। वो चूसने लगीं। गहराई तक।
दस मिनट चूसा। मैंने वीर्य निकाल दिया। वैशाली दीदी ने निगल लिया। सोनाली ने मेरे लंड को जीभ से साफ किया। सोनाली ने वैशाली दीदी के कपड़े उतारने शुरू किए।
वैशाली दीदी बड़ी हैं लेकिन जवान लगती हैं। दूध जैसी गोरी स्किन। बूब्स बड़े रसीले। कोई देखे तो तुरंत वीर्य निकाल दे। चूत बिल्कुल साफ। बिना बालों की। जैसे बुन। मैंने वैशाली दीदी को बेड पर लिटाया। उनकी चूत चाटने लगा। रस पीने लगा।
वैशाली दीदी की चूत से नमकीन रस बहने लगा। मैंने सब चाट लिया। सोनाली वैशाली दीदी के बूब्स चूस रही थी। वैशाली दीदी गर्म हो गईं। बोलीं सोनाली जोर से चूस। राहुल लंड डाल दे। चूत जल रही है।
मैंने लंड वैशाली दीदी की चूत पर रखा। सिर घुसा दिया। वो तड़पीं। मैंने और धक्का दिया। चूत टाइट थी। वैशाली दीदी चीखीं दर्द हो रहा है। धीरे। सोनाली ने अपने बूब्स वैशाली दीदी के मुंह में ठूंस दिए। मैंने जोर से चोदना शुरू किया।
वैशाली दीदी का शरीर कांपने लगा। वो सिसकारियां भर रही थीं। दो मिनट बाद मैंने चूत में वीर्य डाल दिया। वैशाली दीदी मुस्कुराईं। हम तीनों ने कई बार सेक्स किया। जिंदगी खुशहाल हो गई।