दोस्तो, मेरा नाम राहुल है, मैं जयपुर का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 25 साल है, कद 5 फुट 9 इंच है। देखने में ठीक होने के कारण लड़कियां वैसे भी मुझ पर फिदा हैं। लेकिन देसी भाभी चुदाई का जो मजा देती है, उसकी बात ही कुछ और होती है।
आज मैं आपको अपनी वो सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूं, जो एक गलत नंबर के फोन से शुरू हुई और एक धुंआधार चूत चुदाई तक पहुंच गई। ये कहानी है मेरी भाभी की, जो पहले एक अनजान औरत थीं, लेकिन किस्मत ने उन्हें मेरी जिंदगी में बाभी बना दिया। तो चलिए, शुरू से शुरू करते हैं।
ये बात दो साल पहले की है। मैं जयपुर में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। दिन भर ऑफिस में काम, शाम को घर आकर फोन पर दोस्तों से गपशप। एक शाम, मैं बेड पर लेटा टीवी देख रहा था कि मेरा फोन बजा। नंबर अनजान था, लेकिन मैंने उठा लिया। ‘हैलो?’ मैंने कहा।
दूसरी तरफ से एक मीठी, थोड़ी घबराई हुई आवाज आई, ‘हैलो, क्या ये रवि भैया का नंबर है?’ मैंने सोचा, शायद कोई गलत नंबर। लेकिन आवाज इतनी आकर्षक थी कि मैंने झूठ बोल दिया, ‘हां, बोलिए।
वो बोलीं, रवि भैया, मैं मोनिका बोल रही हूं। कल वाली मीटिंग के बारे में बात करनी थी।’ मैं हंस पड़ा, लेकिन खुद को संभाला। ‘अरे मोनिका, हां बोलो, क्या बात है?’ मैंने बनावटी तरीके से कहा।
वो बातें करने लगीं। मोनिका किसी लोकल बिजनेस मीटिंग के बारे में बता रही थीं, लेकिन मैं तो बस उनकी आवाज सुन रहा था। आवाज में एक देसी ठाठ था, जैसे कोई भाभी जी बोल रही हों। हमारी बातें चलीं, और धीरे-धीरे पता चला कि ये गलत नंबर था।
लेकिन तब तक हम हंसते-हंसते दोस्त बन चुके थे। ‘सॉरी राहुल, गलत नंबर लग गया,’ वो हंसकर बोलीं। ‘कोई बात नहीं मोनिका दीदी, अब ये नंबर तुम्हारा है,’ मैंने मजाक में कहा।
उस रात से हमारी फोन पर बातें शुरू हो गईं। रोज शाम को कॉल आती, कभी हंसी-मजाक, कभी जिंदगी की बातें। मोनिका 28 साल की थीं, जयपुर ही की रहने वाली। वो एक स्कूल टीचर थीं। शादीशुदा नहीं थीं, लेकिन घर की जिम्मेदारियां संभालती थीं।
उनकी आवाज में एक उदासी थी, जो मुझे खींचती थी। एक दिन उन्होंने बताया कि उनका बॉयफ्रेंड उन्हें छोड़ गया है। मैंने सांत्वना दी, और बातें गहरी होती गईं।
कुछ दिनों बाद, मोनिका ने कहा, ‘राहुल, मिलते हैं क्या? फोन पर तो बस बातें हो रही हैं।’ मेरा दिल धड़क गया। हमने जयपुर के एक कैफे में मिलने का प्लान बनाया। जब मैं वहां पहुंचा, तो मोनिका पहले से बैठी थीं। वाह! क्या लग रही थीं। साड़ी पहने, बाल खुले, चेहरा चमकदार।
देसी भाभी जैसी, लेकिन सिंगल। हमने कॉफी पी, बातें कीं। उनकी आंखों में चमक थी, और मेरी नजरें उनके क्लीवेज पर ठहर गईं।
मिलने के बाद हमारी दोस्ती और गहरी हो गई। वीकेंड पर घूमने जाते, मूवी देखते। मोनिका खुलने लगीं। एक रात फोन पर उन्होंने कहा, ‘राहुल, मुझे तुम्हारी कमी महसूस होती है।’ मैंने कहा, ‘तो आ जाओ मेरे फ्लैट पर।
वो हिचकिचाईं, लेकिन अगले दिन आ गईं। हमने डिनर किया, वाइन पी। फिर बातें सेक्स पर आ गईं। ‘तुम्हें क्या पसंद है?’ मैंने पूछा। वो शरमाईं, ‘तुम्हें पता नहीं? देसी स्टाइल।’ मेरा लंड खड़ा हो गया।
उस रात हमने पहली बार किस किया। मोनिका के होंठ नरम थे, जीभ घुसाकर चूसा। उसके हाथ मेरी शर्ट उतारने लगे। मैंने उनकी साड़ी खींची, ब्लाउज खोला। उनके स्तन बाहर आ गए – बड़े, गोल, भूरे निप्पल्स। मैंने चूसे, काटा।
मोनिका सिसकारी भरने लगी, ‘आह राहुल, चूसो इन्हें।’ मैंने उनकी पेटीकोट ऊपर किया, चूत पर हाथ फेरा। गीली थी। उंगली डाली, अंदर-बाहर किया। वो चीखी, ‘फक मी राहुल!’ लेकिन हम रुके, क्योंकि ये पहली बार था।
फिर भी, हमारी चुदाई की भूख बढ़ गई। हर मिलने पर किसिंग, टचिंग। लेकिन पूरी चुदाई नहीं। तब तक मेरी जिंदगी में ट्विस्ट आया। मेरे बड़े भाई अजय की शादी की बात चल रही थी। अजय 28 का था, जॉब करता था।
फैमिली ने लड़की ढूंढी, और नाम आया – मोनिका का! मैं स्तब्ध रह गया। मोनिका ने बताया, ‘राहुल, मेरी शादी तय हो गई है। तुम्हारे भाई से।’ मैंने कहा, ‘क्या? लेकिन हम…’ वो बोलीं, ‘ये फैमिली प्रेशर है। लेकिन तुम्हें भूलूंगी नहीं।’
शादी हो गई। मोनिका अब मेरी भाभी थीं। घर में सब खुश, लेकिन मेरी आंखों में मोनिका की चूत चुदाई का ख्याल घूमता। शादी के बाद मोनिका घर आईं। पहली रात, जब सब सो गए, मोनिका मेरे कमरे में आईं। ‘राहुल, मुझे तुम्हारी जरूरत है,’ वो फुसफुसाईं।
मैंने उन्हें खींच लिया, किस किया। उनकी साड़ी उतारी, नंगी कर दिया। उनके स्तन दबाए, चूत में उंगली डाली। मोनिका ने मेरा लंड पकड़ा, ‘वाह, कितना बड़ा है।’
मैंने मोनिका को बेड पर लिटाया। उनके पैर फैलाए, चूत पर जीभ लगाई। चाटा, चूसा। मोनिका की चीखें दबाईं, ‘आह भाई साहब, चाटो मेरी चूत।’ मेरा लंड फटने को था। मैंने कंडोम पहना, और धक्का मारा।
मोनिका की चूत टाइट थी, लेकिन गीली। लंड अंदर घुसा, वो चीखी, ‘फाड़ दो इसे!’ मैंने जोर-जोर से चोदा। पेला, ठोक दिया। मोनिका के स्तन उछल रहे थे। 10 मिनट बाद, मैं झड़ गया। मोनिका भी ऑर्गेज्म पर पहुंची, चूत सिकुड़ गई।
ये हमारी पहली भाभी चुदाई थी। उसके बाद, हर मौके पर हम चोदते। सुबह जब भाई ऑफिस जाता, मोनिका मेरे कमरे में आ जाती। एक दिन, किचन में। मोनिका सब्जी काट रही थीं। मैं पीछे से आया, साड़ी ऊपर की, चूत में लंड घुसेड़ दिया। मोनिका झुक गई, ‘आह देवर जी, चोदो अपनी भाभी को।
मैंने जोरदार धक्के मारे। उनकी गांड थपथपाई। चूत गीली, लंड सरक रहा था। मोनिका ने मुड़कर किस किया, मैंने उनके बाल खींचे। आखिर में, मैंने उनकी चूत में ही झाड़ दिया – रिस्की लेकिन मजा दोगुना।
एक वीकेंड, फैमिली बाहर गई। घर पर सिर्फ हम। मोनिका ने कहा, ‘आज धुंआधार चुदाई करेंगे।’ मैंने उन्हें लिविंग रूम में नंगा किया। सोफे पर लिटाया, पैर ऊपर उठाए। चूत चाटी, फिर लंड डाला। मोनिका चिल्लाई, ‘चोदो जोर से!’ मैंने पेला, 20 मिनट तक। पोजिशन बदली – डॉगी स्टाइल।
मोनिका की गांड ऊपर, मैं पीछे से ठोका। उनके स्तन लटक रहे थे, मैंने पकड़े। मोनिका ने कहा, ‘अब गांड मारो।’ मैंने सलiva लगाया, लंड घुसेड़ा। मोनिका दर्द से चीखी, लेकिन मजा ले रही थी। गांड टाइट, लंड दुख रहा था, लेकिन चोदा।
फिर बाथरूम में। मोनिका शावर ले रही थीं। मैं अंदर घुसा, उन्हें दीवार से सटाया। चूत में लंड डाला, पानी गिर रहा था। मोनिका के बाल भीगे, चेहरा लाल। मैंने चूसे उनके निप्पल्स, चोदा। मोनिका ने मेरी पीठ में नाखून गाड़े। ‘कम इनसाइड मी!’ वो बोली। मैंने चूत भर दी स्पर्म से।
हमारी चुदाई रुकने का नाम नहीं ले रही। एक दिन, पार्क में। रात को घूमने गए। झाड़ियों के पीछे, मोनिका ने मेरी पैंट उतारी, लंड चूसा। ब्लोजॉब इतना जबरदस्त – मुंह में पूरा लिया, जीभ घुमाई। मैंने उनके मुंह में झाड़ दिया। मोनिका ने निगल लिया, ‘तुम्हारा स्वाद अच्छा है देवर जी।’
लेकिन खतरा भी था। एक बार भाई ने शक किया। मोनिका के फोन पर मेरा मैसेज देख लिया। झगड़ा हुआ। लेकिन मोनिका ने संभाला। उसके बाद हम सावधान हो गए। लेकिन चुदाई जारी। बेडरूम में, जब भाई सोता, मोनिका चुपके आती। क्विक फक – लंड चूत में, 5 मिनट में झड़ना।
धीरे-धीरे मोनिका प्रेग्नेंट हो गईं। पता चला भाई का बच्चा। लेकिन हम जानते थे, शायद मेरा। लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। चुदाई जारी रही, सॉफ्टली। मोनिका के पेट पर हाथ फेरते हुए चोदते। उनके स्तन और बड़े हो गए, दूध आने लगा। मैं चूसता, मोनिका हंसती।
आज भी हमारी रिलेशनशिप वैसी ही है। भाभी बनकर मोनिका ने मुझे देसी चुदाई का असली मजा दिया। गलत नंबर से शुरू हुई ये कहानी, आज भी धुंआधार चल रही है। दोस्तो, अगर आपको ऐसी भाभी मिले, तो चोदना मत भूलना।